Home Blog Page 55

Healthy Cooking Oil: Coconut vs Avocado Oil, क्या नारियल और एवोकाडो ऑयल हैं ज्यादा हेल्दी? जानें कौन सा बेहतर

आज के समय में लोग सिर्फ खाने की क्वालिटी ही नहीं, बल्कि खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल को लेकर भी काफी सजग हो गए हैं। सोशल मीडिया पर नारियल तेल और एवोकाडो ऑयल को हेल्दी कुकिंग ऑयल के तौर पर खूब प्रमोट किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये तेल वास्तव में सरसों, मूंगफली या दूसरे आम कुकिंग ऑयल से बेहतर हैं?

इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। किसी एक तेल को सभी लोगों के लिए सबसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। तेल का चुनाव उसकी फैटी एसिड प्रोफाइल, खाना पकाने के तरीके, कुल डाइट और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर करना ज्यादा सही रहता है।

हर तेल की होती है अलग न्यूट्रिशन प्रोफाइल

खाने के तेल में मुख्य अंतर उनके फैट के प्रकार और अनुपात को लेकर होता है। कुछ तेलों में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जबकि कुछ में मोनोअनसैचुरेटेड या पॉलीअनसैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है।

इसलिए सिर्फ यह देखकर तेल चुनना कि वह “नेचुरल” या “प्रीमियम” है, पर्याप्त नहीं है। आपकी पूरी डाइट और तेल की कुल मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

नारियल तेल कितना हेल्दी है?

नारियल तेल में सैचुरेटेड फैट की मात्रा दूसरे कई प्लांट ऑयल्स की तुलना में काफी अधिक होती है। इसकी खासियत यह है कि यह खाना पकाने में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और इसमें एक अलग स्वाद और खुशबू भी होती है।

कुछ अध्ययनों में नारियल तेल के सेवन को HDL यानी “अच्छे” कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी से जोड़ा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नारियल तेल हर व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, इसलिए जिन लोगों का LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या जिन्हें हृदय रोग का जोखिम है, उनके लिए इसकी मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

एवोकाडो ऑयल की क्या खासियत है?

एवोकाडो ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इस तरह के फैट को संतुलित डाइट के हिस्से के तौर पर हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

इसमें विटामिन E और कुछ एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड भी पाए जाते हैं। इसका स्वाद अपेक्षाकृत हल्का होता है, इसलिए इसे सलाद, ड्रेसिंग और अलग-अलग तरह की कुकिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि, एवोकाडो ऑयल की कीमत कई सामान्य कुकिंग ऑयल की तुलना में ज्यादा हो सकती है। इसलिए इसे खरीदना हर परिवार के लिए जरूरी नहीं है।

क्या सरसों और मूंगफली का तेल खराब है?

बिल्कुल नहीं। सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, सूरजमुखी और राइस ब्रान जैसे तेल भी संतुलित मात्रा में इस्तेमाल किए जाएं तो डाइट में जरूरी फैटी एसिड उपलब्ध करा सकते हैं।

इसलिए केवल इसलिए किसी सामान्य कुकिंग ऑयल को अनहेल्दी नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह नारियल या एवोकाडो ऑयल जितना ट्रेंडिंग नहीं है।

कई लोगों के लिए स्थानीय रूप से आसानी से उपलब्ध और बजट में आने वाला तेल ही बेहतर व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।

एक ही तेल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं

डाइट में अलग-अलग तरह के फैट का संतुलन रखना महत्वपूर्ण है। इसलिए कुछ लोग अपनी जरूरत और खाना पकाने के तरीके के अनुसार अलग-अलग तेलों का इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर कुछ दिनों में तेल बदलना ही चाहिए। ज्यादा जरूरी यह है कि कुल तेल का सेवन सीमित रहे और आपकी पूरी डाइट संतुलित हो।

तेल कितना इस्तेमाल करते हैं, यह ज्यादा जरूरी

किसी भी तेल को हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है। नारियल तेल, एवोकाडो ऑयल या सामान्य कुकिंग ऑयल—सभी में कैलोरी काफी अधिक होती है।

इसलिए खाना बनाते समय तेल की मात्रा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। ज्यादा तेल का इस्तेमाल लंबे समय में अतिरिक्त कैलोरी का कारण बन सकता है।

बार-बार तेल गर्म करके इस्तेमाल करने से बचें

एक ही तेल को बार-बार गर्म करके खाना बनाने या तलने में इस्तेमाल करना अच्छी आदत नहीं है। बार-बार गर्म करने से तेल में ऑक्सीडेशन और अवांछित कंपाउंड बनने की संभावना बढ़ सकती है।

इसलिए इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म करने के बजाय जरूरत के मुताबिक ताजा तेल का इस्तेमाल करना बेहतर है।

तो कौन सा तेल सबसे अच्छा है?

इसका कोई एक जवाब नहीं है। अगर आप सामान्य रूप से स्वस्थ हैं, तो अपनी डाइट, बजट और खाना पकाने के तरीके के अनुसार नारियल, एवोकाडो, सरसों, मूंगफली, तिल या दूसरे उपयुक्त तेलों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपने लिए तेल चुनने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

नारियल और एवोकाडो ऑयल को सिर्फ ट्रेंड के कारण “सबसे हेल्दी” मानना सही नहीं है। दोनों की अपनी अलग पोषण संबंधी विशेषताएं हैं, लेकिन आम कुकिंग ऑयल भी संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं।

Pradeep Rawat Dies:‘गजनी’ के विलेन प्रदीप रावत का निधन, 74 साल की उम्र में ली आखिरी सांस; इंडस्ट्री में शोक

 हिंदी, तेलुगू और तमिल सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का निधन हो गया है। उन्होंने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है।

प्रदीप रावत को खासतौर पर निगेटिव और दमदार किरदारों के लिए जाना जाता था। आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ में उनके खतरनाक विलेन वाले किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई थी। इसके अलावा ‘लगान’ में देवा सिंह सोढ़ी की भूमिका भी उनके यादगार किरदारों में शामिल रही।

यशपाल शर्मा ने दी निधन की जानकारी

अभिनेता प्रदीप रावत के निधन की जानकारी अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने प्रदीप रावत को याद करते हुए उनकी फिल्मों के चर्चित किरदारों का जिक्र किया और उनके निधन पर दुख जताया।

खबर सामने आने के बाद इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों ने भी अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। अभिनेता ब्रिजेंद्र काला ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं अभिनेत्री जया भट्टाचार्य ने भी उनके निधन पर दुख जताया।

‘महाभारत’ से मिली थी शुरुआती पहचान

प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने फिल्मों के अलावा टेलीविजन की दुनिया में भी लंबे समय तक काम किया।

उन्हें शुरुआती दौर में बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ से बड़ी पहचान मिली। इस सीरियल में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करते हुए अपनी खास जगह बनाई।

विलेन के किरदारों से बनाई अलग पहचान

प्रदीप रावत को सिनेमा में खलनायक की भूमिकाओं के लिए खास तौर पर याद किया जाएगा। उन्होंने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन निगेटिव रोल में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को काफी पसंद आई।

तेलुगू सिनेमा में उन्होंने ‘Sye’ से अपनी पारी शुरू की थी। फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और उन्हें बेस्ट विलेन की कैटेगरी में फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

तेलुगू फिल्मों में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे। साल 2023 में वह ‘Waltair Veerayya’ में नजर आए थे, जबकि 2026 में उनकी फिल्म ‘Gaayapadda Simham’ में उपस्थिति दर्ज हुई।

हिंदी फिल्मों में भी किया लंबा काम

प्रदीप रावत ने हिंदी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत 1985 में आई ‘एतबार’ से की थी। इसमें उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई थी।

इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। उनके फिल्मी करियर में ‘मेरी जंग’, ‘समुंदर’, ‘काश’, ‘इंसाफ’, ‘अग्निपथ’, ‘बागी’, ‘कायदा कानून’, ‘कोहरा’, ‘इंसानियत’, ‘कोयला’ और ‘दीवार’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

साल 2001 में आई आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘लगान’ में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

इसके बाद वह ‘शबरी’, ‘ग्रैंड मस्ती’, ‘सिंह इज ब्लिंग’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। हाल के वर्षों में उन्होंने ‘छावा’ जैसी फिल्म में भी काम किया।

‘गजनी’ के विलेन के तौर पर खूब मिली लोकप्रियता

प्रदीप रावत के करियर की सबसे चर्चित भूमिकाओं में से एक आमिर खान और असिन स्टारर ‘गजनी’ का किरदार था। साल 2008 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने विलेन की भूमिका निभाई थी।

फिल्म में उनकी दमदार एक्टिंग और खलनायक के किरदार को काफी पसंद किया गया। ‘गजनी’ ने उनकी लोकप्रियता को हिंदी दर्शकों के बीच और मजबूत कर दिया।

कई भाषाओं के सिनेमा में किया काम

प्रदीप रावत की अभिनय यात्रा सिर्फ हिंदी और तेलुगू सिनेमा तक सीमित नहीं रही। उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया।

इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी, ओड़िया, बंगाली, नेपाली और मराठी भाषा की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी दिखाई। अलग-अलग भाषाओं और इंडस्ट्री में काम करने की वजह से उनका फिल्मी सफर काफी विविध रहा।

टीवी पर भी छोड़ी अपनी छाप

फिल्मों के साथ प्रदीप रावत ने टेलीविजन पर भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘महाभारत’, ‘तहकीकात’, ‘चंद्रकांता’, ‘युग’, ‘गुल सनोबर’ और ‘मिशन फतेह’ जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स में वह नजर आए।

उनके निधन से भारतीय मनोरंजन जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने करीब चार दशकों से ज्यादा समय तक अलग-अलग भाषाओं और माध्यमों में अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया।

परिवार में पत्नी और दो बच्चे

प्रदीप रावत की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी कल्याणी रावत से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। अभिनेता के निधन की खबर के बाद उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है।

प्रदीप रावत अपने दमदार विलेन किरदारों, खासकर ‘गजनी’, ‘लगान’ और ‘महाभारत’ में निभाई भूमिकाओं के लिए लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।

PoJK Election 2026:PoJK चुनाव पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, कहा- ‘गोलियों और दमन से जनता की आवाज दबा रहा’

 पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चुनावी प्रक्रिया के बीच तनाव और विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। मुजफ्फराबाद की दो विधानसभा सीटों पर मंगलवार, 4 अगस्त को दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इन सीटों पर पहले 2 अगस्त को मतदान होना था, लेकिन सड़कें बंद होने, विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के चलते वोटिंग नहीं हो सकी थी।

इस बीच भारत ने PoJK में हो रही चुनावी प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। भारत ने इन चुनावों को महज एक औपचारिक कवायद बताया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान विरोध की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग, संचार प्रतिबंध और धमकी का सहारा ले रहा है।

भारत ने PoJK चुनाव को बताया दिखावा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने PoJK में हो रही चुनावी प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां होने वाले तथाकथित स्थानीय चुनाव जमीनी स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं रखते।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि क्षेत्र में जारी जन-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ टकराव के बीच चुनावी प्रक्रिया को सामान्य लोकतांत्रिक गतिविधि के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से चुनावी प्रक्रिया के जरिए सामान्य स्थिति और वैधता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों के बीच असंतोष और विरोध की स्थिति बनी हुई है।

‘गोलियों और दमन से दबाई जा रही आवाज’

रणधीर जायसवाल ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था ने जनता की नाराजगी का सामना करने के लिए बल प्रयोग, संचार व्यवस्था पर रोक और धमकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया है।

भारत की ओर से यह भी दावा किया गया कि जून 2026 से PoJK में जारी दमन अभियान के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की मौत हुई है। भारत ने इस मामले में पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए जाने की बात कही है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी पाकिस्तान के मानवाधिकार संबंधी दावों को लेकर जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखने की अपील की है।

मुजफ्फराबाद की दो सीटों पर दोबारा मतदान

PoJK में मंगलवार को जिन सीटों पर मतदान कराया जा रहा है, उनमें मुजफ्फराबाद-1 और मुजफ्फराबाद-2 शामिल हैं।

मुजफ्फराबाद-1 के सभी मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है, जबकि मुजफ्फराबाद-2 के 52 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जा रहा है। मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू हुई।

इन सीटों पर पहले 2 अगस्त को वोटिंग निर्धारित थी। हालांकि, उस दिन कई इलाकों में सड़क अवरोध, विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।

बाग में भी विरोध प्रदर्शन की खबर

PoJK के बाग इलाके में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इसी बीच मुजफ्फराबाद से कथित तौर पर सादे कपड़ों में मौजूद फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों की गोलीबारी से जुड़ी तस्वीरें भी सामने आने का दावा किया गया है। इन घटनाओं को लेकर इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

कहोरी पुल पर प्रदर्शन और आगजनी

इससे एक दिन पहले सोमवार, 3 अगस्त की शाम मुजफ्फराबाद के कहोरी पुल इलाके में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आगजनी की घटना सामने आई।

PoJK में चुनावी प्रक्रिया के बीच जारी विरोध प्रदर्शन अब पाकिस्तान सरकार के लिए भी चुनौती बनते दिखाई दे रहे हैं। वहीं भारत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद इस पूरे घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।

PoJK में क्यों बढ़ा तनाव?

PoJK में चुनावी प्रक्रिया के दौरान विरोध, सड़क बंद किए जाने और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की घटनाओं ने मतदान को प्रभावित किया है। भारत ने इसी स्थिति को आधार बनाकर पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि मुजफ्फराबाद की दोनों सीटों पर दोबारा मतदान कितनी शांतिपूर्ण तरीके से पूरा होता है और चुनाव के बाद पाकिस्तान की सरकार इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर क्या कदम उठाती है।

Pakistan Cricket Team:PCB ने माइकल स्मिथ को बनाया पाकिस्तान का नया बैटिंग कोच, 2 साल का मिला कॉन्ट्रैक्ट

 पाकिस्तान क्रिकेट टीम में एक बार फिर कोचिंग स्टाफ को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर माइकल स्मिथ को पुरुष क्रिकेट टीम का नया बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया है। स्मिथ को अगले दो साल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

माइकल स्मिथ जल्द ही पाकिस्तान टीम के साथ जुड़ेंगे। उनका पहला बड़ा असाइनमेंट इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज होगी, जो 19 अगस्त से शुरू होने वाली है।

रेड और व्हाइट बॉल दोनों फॉर्मेट में संभालेंगे जिम्मेदारी

माइकल स्मिथ पाकिस्तान टीम के साथ सिर्फ टेस्ट क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेंगे। वह रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट में बल्लेबाजों के साथ काम करेंगे।

PCB को उम्मीद होगी कि स्मिथ के अनुभव से पाकिस्तान के बल्लेबाजी विभाग को मजबूती मिलेगी। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में टीम की हालिया बल्लेबाजी चिंता का विषय रही है।

कौन हैं माइकल स्मिथ?

46 वर्षीय माइकल स्मिथ दक्षिण अफ्रीका से ताल्लुक रखते हैं। बतौर खिलाड़ी उन्होंने 2003 से 2013 के बीच प्रोफेशनल क्रिकेट खेला।

अपने क्रिकेट करियर के दौरान स्मिथ ने 89 फर्स्ट-क्लास, 72 लिस्ट-ए और 16 टी20 मुकाबले खेले। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखा और अलग-अलग टीमों के साथ काम किया।

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में भी उन्हें काम करने का अनुभव है। वह इस्लामाबाद यूनाइटेड और कराची किंग्स के कोचिंग सेटअप का हिस्सा रह चुके हैं। मौजूदा सीजन की शुरुआत में वह मुल्तान सुल्तांस के सहायक कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं।

इसके अलावा स्मिथ ने ऑस्ट्रेलिया की होबार्ट हरिकेंस और क्रिकेट तस्मानिया के साथ बल्लेबाजी कोच के रूप में काम किया है। दक्षिण अफ्रीका में वह KZN Inland और Eastern Province के लिए कोचिंग कंसल्टेंट भी रह चुके हैं।

पिछले कुछ वर्षों में कई बैटिंग कोच बदले

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच पद पर पिछले कुछ वर्षों में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। बीते तीन साल में यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ, एंड्रयू पुटिक और शफीक जैसे नाम इस जिम्मेदारी से जुड़े रहे हैं।

बार-बार बदलाव के बावजूद टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है। विदेशी परिस्थितियों में टीम का रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाने वाला है।

लगातार 8 विदेशी टेस्ट हार चुका है पाकिस्तान

पाकिस्तान को विदेश में लगातार 8 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ तारोबा में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी टीम मुश्किल में नजर आई।

पाकिस्तान के सामने जीत के लिए सिर्फ 211 रन का लक्ष्य था, लेकिन टीम इसे हासिल करने में नाकाम रही। इस हार के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान पर लंबे समय बाद सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।

WTC पॉइंट्स टेबल में भी पाकिस्तान पिछड़ा

पाकिस्तान की परेशानी सिर्फ टेस्ट मैचों तक सीमित नहीं है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की मौजूदा स्थिति में टीम नौवें स्थान पर है।

2027 WTC फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए पाकिस्तान को आने वाले मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टीम के लिए अब हर टेस्ट मैच बेहद अहम हो गया है।

बाबर आजम को फिर मिली टेस्ट कप्तानी

वेस्टइंडीज सीरीज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट में एक और बड़ा बदलाव हुआ था। PCB ने शान मसूद की जगह बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी थी।

अब माइकल स्मिथ की नियुक्ति के बाद पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट को उम्मीद होगी कि बल्लेबाजी विभाग के प्रदर्शन में सुधार आएगा। खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम को लगातार मिल रही हार के सिलसिले को रोकना स्मिथ के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा।

आने वाले दो वर्षों में स्मिथ का काम पाकिस्तान के बल्लेबाजों को तकनीकी रूप से मजबूत करने के साथ-साथ टीम को विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना भी होगा।

Hrithik Roshan Net Worth: 20 साल में बेतहाशा बढ़ी दौलत, सलमान-अक्षय को पीछे छोड़ बने दूसरे सबसे अमीर एक्टर

मुंबई: बॉलीवुड के ‘ग्रीक गॉड’ कहे जाने वाले ऋतिक रोशन ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल से ज्यादा का सफर पूरा कर लिया है। एक्टिंग, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस के अलावा ऋतिक अपनी शानदार लाइफस्टाइल और बिजनेस इन्वेस्टमेंट को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं।

रिपोर्टेड अनुमानों के मुताबिक, पिछले करीब दो दशकों में ऋतिक रोशन की संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दावा किया जाता है कि 2006 में उनकी नेटवर्थ करीब 10 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 3,100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

अगर इन आंकड़ों की तुलना की जाए तो 20 साल में उनकी संपत्ति करीब 310 गुना बढ़ी है। प्रतिशत में यह बढ़ोतरी लगभग 30,900% बैठती है।

पहली फिल्म ने ही बना दिया था सुपरस्टार

ऋतिक रोशन का फिल्मी परिवार से पुराना रिश्ता रहा है। उनके नाना जे. ओमप्रकाश फिल्म निर्माता थे, जबकि उनके पिता राकेश रोशन अभिनेता और निर्देशक के तौर पर हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बना चुके हैं।

ऋतिक ने बतौर बाल कलाकार भी फिल्मों में काम किया था। हालांकि उन्हें बतौर लीड एक्टर बड़ी पहचान साल 2000 में आई फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से मिली। फिल्म का निर्देशन उनके पिता राकेश रोशन ने किया था और इसमें अमीषा पटेल उनके साथ नजर आई थीं।

फिल्म को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी और ऋतिक रातोंरात बड़े स्टार बन गए। फिल्म ने अलग-अलग श्रेणियों में बड़ी संख्या में पुरस्कार अपने नाम किए थे और इसकी उपलब्धि का जिक्र गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी किया गया।

2006 में करीब 10 करोड़ थी नेटवर्थ!

ऋतिक रोशन ने अपने फिल्मी करियर में लगातार सफल फिल्मों के साथ अपनी कमाई के दूसरे रास्ते भी विकसित किए। उपलब्ध रिपोर्टेड आंकड़ों के मुताबिक, 2006 में उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 10 करोड़ रुपये थी।

इसके बाद उनकी नेटवर्थ में तेजी से वृद्धि हुई।

  • 2006: करीब 10 करोड़ रुपये
  • 2012: करीब 300 करोड़ रुपये
  • 2015: करीब 600 करोड़ रुपये
  • 2019: करीब 2,100 करोड़ रुपये
  • अब: करीब 3,100 करोड़ रुपये

इस तरह रिपोर्टेड आंकड़ों के आधार पर 2006 से अब तक उनकी संपत्ति में करीब 310 गुना वृद्धि हुई है।

अक्षय, सलमान और अजय से भी आगे?

ऋतिक रोशन की संपत्ति को लेकर सामने आने वाले अनुमानों के मुताबिक वह बॉलीवुड के सबसे अमीर सितारों में शामिल हैं। इन रिपोर्टेड आंकड़ों के आधार पर उनकी संपत्ति अक्षय कुमार, सलमान खान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों से भी ज्यादा बताई जाती है।

यही वजह है कि कई रिपोर्ट्स उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का दूसरा सबसे अमीर अभिनेता बताती हैं। हालांकि सेलिब्रिटीज की वास्तविक नेटवर्थ सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं होती, इसलिए ऐसे आंकड़ों को अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए।

अब एक फिल्म के लिए लेते हैं 85-100 करोड़!

ऋतिक की कमाई का सबसे बड़ा जरिया फिल्मों से मिलने वाली फीस भी है। करियर के शुरुआती दौर में उनकी फिल्म फीस कुछ करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती थी।

समय के साथ स्टारडम बढ़ने के साथ उनकी फीस में भी बड़ा इजाफा हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वह किसी फिल्म के लिए करीब 85 से 100 करोड़ रुपये तक चार्ज कर सकते हैं।

उनकी पिछली रिलीज ‘वॉर 2’ के लिए भी करीब 100 करोड़ रुपये फीस लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

HRX भी है कमाई का बड़ा जरिया

ऋतिक रोशन ने एक्टिंग के साथ बिजनेस की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है। उनका फिटनेस और लाइफस्टाइल ब्रांड HRX काफी लोकप्रिय है। इसकी शुरुआत 2013 में Myntra के साथ साझेदारी के जरिए हुई थी।

रिपोर्टेड आंकड़ों के अनुसार HRX की वैल्यू अब करीब 7,300 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और इसका सालाना रेवेन्यू लगभग 1,000 करोड़ रुपये बताया जाता है।

इसके अलावा ऋतिक ने Curefoods और Cult.fit जैसे कारोबारों के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी निवेश किया है।

जुहू में करीब 100 करोड़ का आलीशान घर

ऋतिक रोशन की लग्जरी प्रॉपर्टीज भी उनकी संपत्ति का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। मुंबई के जुहू इलाके में उनका एक शानदार स्काई विला है, जिसकी कीमत रिपोर्ट्स में करीब 100 करोड़ रुपये बताई जाती है।

इसके अलावा उनके पास लोनावला में एक फार्महाउस भी है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 33 करोड़ रुपये बताई जाती है।

विज्ञापनों से भी करोड़ों की कमाई

फिल्मों और बिजनेस के अलावा ऋतिक रोशन ब्रांड एंडोर्समेंट से भी बड़ी रकम कमाते हैं। वह कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए ऋतिक करीब 10 से 12 करोड़ रुपये तक फीस ले सकते हैं। विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन से उनकी सालाना कमाई का अनुमान करीब 70-80 करोड़ रुपये तक लगाया जाता है।

ऋतिक रोशन का अगला प्रोजेक्ट क्या है?

वर्कफ्रंट की बात करें तो ऋतिक रोशन हाल ही में ‘वॉर 2’ में नजर आए थे। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उम्मीदें थीं, हालांकि बॉक्स ऑफिस पर इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

अब ऋतिक की नजर अपनी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी ‘कृष 4’ पर है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के निर्देशन की जिम्मेदारी भी ऋतिक रोशन संभालने वाले हैं।

फिल्मों में लंबे सफर के साथ एक्टिंग, ब्रांड और बिजनेस को मिलाकर ऋतिक ने अपनी कमाई का एक बड़ा साम्राज्य तैयार किया है। हालांकि उनकी नेटवर्थ, ब्रांड वैल्यू और फीस से जुड़े आंकड़े अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग हो सकते हैं।