पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चुनावी प्रक्रिया के बीच तनाव और विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। मुजफ्फराबाद की दो विधानसभा सीटों पर मंगलवार, 4 अगस्त को दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इन सीटों पर पहले 2 अगस्त को मतदान होना था, लेकिन सड़कें बंद होने, विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के चलते वोटिंग नहीं हो सकी थी।
इस बीच भारत ने PoJK में हो रही चुनावी प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। भारत ने इन चुनावों को महज एक औपचारिक कवायद बताया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान विरोध की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग, संचार प्रतिबंध और धमकी का सहारा ले रहा है।
भारत ने PoJK चुनाव को बताया दिखावा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने PoJK में हो रही चुनावी प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां होने वाले तथाकथित स्थानीय चुनाव जमीनी स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं रखते।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि क्षेत्र में जारी जन-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ टकराव के बीच चुनावी प्रक्रिया को सामान्य लोकतांत्रिक गतिविधि के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से चुनावी प्रक्रिया के जरिए सामान्य स्थिति और वैधता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों के बीच असंतोष और विरोध की स्थिति बनी हुई है।
‘गोलियों और दमन से दबाई जा रही आवाज’
रणधीर जायसवाल ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था ने जनता की नाराजगी का सामना करने के लिए बल प्रयोग, संचार व्यवस्था पर रोक और धमकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया है।
भारत की ओर से यह भी दावा किया गया कि जून 2026 से PoJK में जारी दमन अभियान के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की मौत हुई है। भारत ने इस मामले में पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए जाने की बात कही है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी पाकिस्तान के मानवाधिकार संबंधी दावों को लेकर जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखने की अपील की है।
मुजफ्फराबाद की दो सीटों पर दोबारा मतदान
PoJK में मंगलवार को जिन सीटों पर मतदान कराया जा रहा है, उनमें मुजफ्फराबाद-1 और मुजफ्फराबाद-2 शामिल हैं।
मुजफ्फराबाद-1 के सभी मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है, जबकि मुजफ्फराबाद-2 के 52 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जा रहा है। मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू हुई।
इन सीटों पर पहले 2 अगस्त को वोटिंग निर्धारित थी। हालांकि, उस दिन कई इलाकों में सड़क अवरोध, विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।
बाग में भी विरोध प्रदर्शन की खबर
PoJK के बाग इलाके में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच मुजफ्फराबाद से कथित तौर पर सादे कपड़ों में मौजूद फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों की गोलीबारी से जुड़ी तस्वीरें भी सामने आने का दावा किया गया है। इन घटनाओं को लेकर इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
कहोरी पुल पर प्रदर्शन और आगजनी
इससे एक दिन पहले सोमवार, 3 अगस्त की शाम मुजफ्फराबाद के कहोरी पुल इलाके में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आगजनी की घटना सामने आई।
PoJK में चुनावी प्रक्रिया के बीच जारी विरोध प्रदर्शन अब पाकिस्तान सरकार के लिए भी चुनौती बनते दिखाई दे रहे हैं। वहीं भारत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद इस पूरे घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
PoJK में क्यों बढ़ा तनाव?
PoJK में चुनावी प्रक्रिया के दौरान विरोध, सड़क बंद किए जाने और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की घटनाओं ने मतदान को प्रभावित किया है। भारत ने इसी स्थिति को आधार बनाकर पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि मुजफ्फराबाद की दोनों सीटों पर दोबारा मतदान कितनी शांतिपूर्ण तरीके से पूरा होता है और चुनाव के बाद पाकिस्तान की सरकार इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर क्या कदम उठाती है।


































