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PoJK Election: PML-N का दबदबा कायम, विधानसभा में बहुमत के करीब पहुंची पार्टी; चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। अब तक घोषित परिणामों में PML-N ने 45 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटें हासिल कर ली हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को अब तक 9 सीटों पर जीत मिली है।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदान प्रतिशत और कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ कुछ अन्य समूहों ने भी सवाल उठाए हैं। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन, हिंसा और अव्यवस्था की खबरों के बीच चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ी।

PML-N ने हासिल किया बहुमत

PoJK विधानसभा की 45 सीटों में से अब तक सामने आए नतीजों में PML-N का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा है। मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों के परिणामों में पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि PPP को 4 सीटें मिली थीं।

इसके बाद शरणार्थी सीटों के परिणाम में PML-N ने 12 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की और दो सीटें PPP के खाते में गईं।

मुजफ्फराबाद डिवीजन की घोषित सीटों में भी PML-N को बढ़त मिली। यहां पार्टी ने चार सीटें जीतीं, जबकि PPP ने तीन सीटों पर कब्जा किया।

इन परिणामों को जोड़ने पर PML-N बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है। बाकी सीटों पर मतदान और परिणाम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

PoJK में इस बार चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत को लेकर भी विवाद देखने को मिला। पहले चरण में मतदान अपेक्षाकृत कम रहने के बाद आधिकारिक आंकड़ों में वृद्धि को लेकर सवाल उठाए गए।

कुछ स्थानों से कथित तौर पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं की तस्वीरें और शिकायतें सामने आने का दावा किया गया। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए PML-N पर निशाना साधा।

हालांकि, चुनाव में धांधली से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में होना बाकी है।

कई इलाकों में बेहद कम मतदान का दावा

दूसरे चरण में भी कुछ मतदान केंद्रों पर बेहद कम मतदान होने की बात सामने आई। कुछ केंद्रों पर मतदान नहीं होने या बेहद कम वोट पड़ने के दावे किए गए।

इसी बीच मतदान प्रतिशत के आधिकारिक आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे इन सवालों ने PoJK में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों पर भी आरोप

चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध करने वालों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, शरणार्थी सीट के एक चुनाव परिणाम को लेकर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

नारोवाल क्षेत्र में आने वाली शरणार्थी सीट पर जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट से जुड़े उम्मीदवार के चुनाव लड़ने की बात सामने आई थी। परिणाम आने के बाद कथित तौर पर उसके समर्थकों ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया।

मतगणना के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में बहस

विरोध के दौरान पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। बताया गया कि मतगणना के बाद रिटर्निंग ऑफिसर को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया।

इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई। पुलिस की ओर से सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी।

PoJK चुनाव ने फिर उठाए पाकिस्तान पर सवाल

PoJK में चुनाव के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और वहां चुनावी प्रक्रिया को लेकर पुराने सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

खास तौर पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों के राजनीतिक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों ने पाकिस्तान की सुरक्षा और राजनीति के बीच संबंधों पर बहस तेज कर दी है।

हालांकि, किसी भी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को आधिकारिक जांच और स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष माना जा सकता है।

PML-N की सरकार बनना लगभग तय

अब तक के परिणामों में बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी PML-N के लिए सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी के 23 सीटों तक पहुंचने के बाद विधानसभा में उसका बहुमत स्थापित हो चुका है।

वहीं, बाकी सीटों पर मतदान और परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी दलों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। चुनाव के दौरान लगे आरोपों और विवादों के बीच नई सरकार के सामने क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता कायम करने और चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवालों का जवाब देने की चुनौती भी रहेगी।

Australia Test Schedule: ऑस्ट्रेलिया खेलेगी टेस्ट मैचों की लंबी सीरीज, भारत के खिलाफ होगी पांच मुकाबलों की टक्कर

नई दिल्ली: क्रिकेट के सबसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को लेकर ऑस्ट्रेलिया का आगामी कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम करीब 20 टेस्ट मैच खेलने की तैयारी में है। इस दौरान टीम को भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसी टीमों के खिलाफ मैदान में उतरना होगा।

ऑस्ट्रेलिया का यह टेस्ट अभियान अगस्त 2026 से अगस्त 2027 के बीच जारी रहेगा। इस पूरे कार्यक्रम में भारतीय टीम के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज सबसे ज्यादा चर्चा में है।

भारत के खिलाफ भारत में होगी 5 टेस्ट की सीरीज

ऑस्ट्रेलिया की टीम जनवरी 2027 से भारत के दौरे पर आएगी। दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे।

भारतीय परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट खेलना किसी भी विदेशी टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह दौरा आसान नहीं रहने वाला है।

पांच मैचों की पूरी टेस्ट सीरीज होने की वजह से दोनों टीमों के खिलाड़ियों की फिटनेस, स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी और लंबे समय तक दबाव झेलने की क्षमता की भी कड़ी परीक्षा होगी।

टेस्ट क्रिकेट की 150वीं वर्षगांठ पर होगा खास मुकाबला

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मार्च 2027 में घरेलू मैदान पर एक विशेष टेस्ट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला टेस्ट क्रिकेट के 150 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट का ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। ऐसे में इस विशेष मुकाबले को क्रिकेट इतिहास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट कार्यक्रम

ऑस्ट्रेलिया के आगामी टेस्ट कार्यक्रम में कई बड़ी सीरीज शामिल हैं।

विपक्षी टीमटेस्ट मैचस्थान
बांग्लादेश2 टेस्टऑस्ट्रेलिया
दक्षिण अफ्रीका3 टेस्टदक्षिण अफ्रीका
न्यूजीलैंड4 टेस्टऑस्ट्रेलिया
भारत5 टेस्टभारत
इंग्लैंड1 टेस्टऑस्ट्रेलिया
इंग्लैंड5 टेस्टइंग्लैंड

इस तरह ऑस्ट्रेलिया को अगले 12 महीनों में कुल 20 टेस्ट मुकाबले खेलने हैं।

भारत दौरा क्यों होगा अहम?

ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा इस पूरे कार्यक्रम का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है। भारत में टेस्ट मैचों के दौरान पिच और मौसम की परिस्थितियां विदेशी टीमों के लिए अलग तरह की चुनौती पेश करती हैं।

पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को भारतीय स्पिन गेंदबाजों के सामने अपनी बल्लेबाजी की मजबूती साबित करनी होगी। वहीं भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना होगा।

लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, इसलिए क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस दौरे पर अभी से रहेगी।

इंग्लैंड दौरा भी होगा बेहद व्यस्त

भारत दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड जाएगी। इससे पहले दोनों टीमें ऑस्ट्रेलिया में एक विशेष टेस्ट मैच में भी आमने-सामने होंगी।

लगातार इतने टेस्ट मैच खेलने के कारण ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट भी टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती होगी।

टेस्ट क्रिकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया का बड़ा कार्यक्रम

टी20 क्रिकेट के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच ऑस्ट्रेलिया का इतना व्यस्त टेस्ट कार्यक्रम यह दिखाता है कि टीम लंबे फॉर्मेट को अभी भी काफी महत्व दे रही है।

अगले एक साल में 20 टेस्ट मैच खेलने के दौरान ऑस्ट्रेलिया को अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करनी होगी। खासकर भारत और इंग्लैंड के दौरे टीम के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं।

Shashikala Birth Anniversary: अमीर घर में जन्मीं शशिकला ने देखे गरीबी के दिन, कभी घरों में किया काम; फिर फिल्मों ने बदल दी जिंदगी

हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा शशिकला ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने फिल्मों में खास पहचान बनाई, लेकिन उनका निजी जीवन संघर्षों से भरा रहा।

शशिकला का जन्म एक संपन्न परिवार में हुआ था। बचपन में उन्होंने आर्थिक सुख-सुविधाएं देखीं, लेकिन परिवार की स्थिति अचानक ऐसी बदली कि उन्हें मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। परिवार की मदद करने के लिए उन्होंने मुंबई में दूसरे लोगों के घरों में घरेलू काम तक किया। इसके बाद फिल्मों में कदम रखने के साथ उनकी जिंदगी ने पूरी तरह नया मोड़ लिया।

महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ था जन्म

शशिकला का जन्म 4 अगस्त 1932 को महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ था। वह एक बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत परिवार से संबंध रखती थीं। परिवार के पास किसी चीज की कमी नहीं थी और उनका बचपन आराम से बीता।

लेकिन जब शशिकला करीब छह साल की थीं, तब परिवार को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उनके पिता का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ और परिवार की आर्थिक स्थिति अचानक कमजोर हो गई।

इस बदलाव ने शशिकला के जीवन पर गहरा असर डाला।

मुंबई में परिवार चलाने के लिए किया घरेलू काम

आर्थिक परेशानियों के बाद शशिकला का परिवार मुंबई आ गया। यहां हालात पहले जैसे नहीं थे। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शशिकला ने भी कम उम्र में जिम्मेदारियां उठानी शुरू कर दीं।

बताया जाता है कि उन्होंने लोगों के घरों में घरेलू काम किया और झाड़ू-पोछा तक लगाया। एक समय जिस लड़की ने संपन्न परिवार में बचपन बिताया था, उसे परिवार की आर्थिक मदद के लिए इस तरह के काम करने पड़े।

हालांकि यही संघर्ष आगे चलकर उनके लिए एक नई राह लेकर आया।

13 साल की उम्र में फिल्मों में रखा कदम

शशिकला ने बहुत कम उम्र में फिल्मी दुनिया का रुख कर लिया था। करीब 13 साल की उम्र में उन्हें 1945 की फिल्म ‘जीनत’ में काम करने का अवसर मिला।

फिल्म में वह एक कव्वाली वाले दृश्य में नजर आई थीं। इस फिल्म में काम करने के लिए उन्हें करीब 25 रुपये मेहनताना मिला था।

उस दौर में 25 रुपये उनके लिए बड़ी रकम मानी जाती थी। फिल्म में उन्हें मौका मिलने के पीछे नूरजहां के परिवार से जुड़े लोगों की भूमिका भी बताई जाती है।

फिल्मों में सहायक और चरित्र भूमिकाओं से बनाई पहचान

शशिकला ने धीरे-धीरे फिल्मों में अपना मुकाम बनाया। समय के साथ वह हिंदी सिनेमा में सहायक भूमिकाओं और खासकर नकारात्मक एवं चरित्र किरदारों के लिए पहचानी जाने लगीं।

उनकी अदाकारी में एक अलग तरह की सहजता थी, जिसकी वजह से दर्शक उनके किरदारों को लंबे समय तक याद रखते थे।

अपने करियर में उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘चोरी-चोरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘बादशाह’, ‘परदेसी बाबू’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आईं।

टीवी पर भी किया काम

बड़े पर्दे के साथ शशिकला ने टेलीविजन पर भी अभिनय किया। उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में काम किया और छोटे पर्दे के दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाई।

उनके टीवी कामों में ‘अपनापन’, ‘किसे अपना कहें’, ‘सोनपरी’, ‘दिल देके देखो’ और ‘आह’ जैसे शोज का नाम लिया जाता है।

कैंसर से जूझने के बाद 2021 में हुआ निधन

लंबे समय तक हिंदी सिनेमा का हिस्सा रहीं शशिकला का निधन 4 अप्रैल 2021 को मुंबई में हुआ था। वह कैंसर से जूझ रही थीं।

उन्होंने अपनी जिंदगी में बेहद अलग-अलग दौर देखे—एक संपन्न परिवार में बचपन, फिर आर्थिक संकट और घरेलू काम करने की मजबूरी और आखिरकार फिल्मों के जरिए एक सफल अभिनेत्री के रूप में पहचान।

शशिकला की जिंदगी इस बात की मिसाल रही कि मुश्किल हालात के बावजूद इंसान अपनी प्रतिभा और मेहनत से अपनी राह बदल सकता है।

Sarthak Ranjan DPL 2026 Team: DPL 2026 में इस टीम के कप्तान हैं पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन, पहले मैच में ठोके 64 रन

दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन भी अपना दम दिखा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले सार्थक इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

सार्थक को नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने अपनी टीम में शामिल किया है और वह मौजूदा सीजन में टीम की कमान संभाल रहे हैं। टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट फैंस की नजरें बनी हुई हैं।

किस टीम से खेल रहे हैं सार्थक रंजन?

सार्थक रंजन नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की ओर से DPL 2026 में खेल रहे हैं। टीम ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी भी दी है।

सीजन में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स का पहला मुकाबला 3 अगस्त को सेंट्रल दिल्ली किंग्स के खिलाफ हुआ। इस मैच में कप्तान सार्थक ने बल्ले से शानदार शुरुआत की और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

39 गेंदों पर 64 रन की तूफानी पारी

सेंट्रल दिल्ली किंग्स के खिलाफ सार्थक ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 39 गेंदों में 64 रन बनाए। अपनी पारी के दौरान सार्थक ने 7 चौके और 3 छक्के लगाए।

उनका स्ट्राइक रेट 164.10 रहा। सार्थक की तेज पारी की बदौलत नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 209 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

कप्तान की इस पारी ने सीजन की शुरुआत में ही उनके इरादे साफ कर दिए।

पिछले DPL सीजन में भी किया था शानदार प्रदर्शन

सार्थक रंजन के लिए DPL का पिछला सीजन भी काफी अच्छा रहा था। 2025 के टूर्नामेंट में उन्होंने 9 पारियों में 449 रन बनाए थे।

इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 56.12 और स्ट्राइक रेट 146.73 रहा था। रन बनाने के मामले में वह पूरे सीजन के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे।

ऐसे में 2026 के पहले मुकाबले में 64 रन की पारी ने एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता की झलक दिखा दी।

IPL 2026 में KKR ने 30 लाख में खरीदा था

सार्थक रंजन को 2026 के आईपीएल सीजन के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 30 लाख रुपये में अपने साथ जोड़ा था। हालांकि उन्हें टूर्नामेंट में टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने का मौका नहीं मिला।

DPL में उनकी मौजूदा भूमिका उनके लिए खुद को साबित करने का एक और बड़ा मंच है।

17 लाख रुपये में हुए थे रिटेन

दिल्ली प्रीमियर लीग में सार्थक रंजन की टीम ने उन्हें RTM का इस्तेमाल करते हुए 17 लाख रुपये की कीमत पर रिटेन किया था।

टीम ने उन पर भरोसा कायम रखते हुए न केवल उन्हें अपने साथ बरकरार रखा, बल्कि कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

कैसा रहा है सार्थक रंजन का घरेलू क्रिकेट करियर?

सार्थक दिल्ली की घरेलू टीम के लिए क्रिकेट खेलते हैं। अब तक उनके नाम:

  • 2 फर्स्ट क्लास मैच
  • 7 लिस्ट-ए मैच
  • 5 टी20 मैच

दर्ज हैं।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 3 पारियों में उन्होंने कुल 28 रन बनाए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 20 रन रहा है।

लिस्ट-ए क्रिकेट की 7 पारियों में उनके नाम 143 रन हैं, जबकि उनका औसत 20.42 रहा है।

टी20 क्रिकेट की 5 पारियों में सार्थक ने कुल 66 रन बनाए हैं।

DPL 2026 में नजरें सार्थक पर

सार्थक रंजन के लिए DPL 2026 अहम टूर्नामेंट है। कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उन्हें टीम के लिए लगातार रन बनाने होंगे। पहले मैच में 64 रन की पारी के बाद अब नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के आगामी मुकाबलों में भी उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी।

Arbaaz Khan Birthday:सलमान खान का भाई और मलाइका का पति कहे जाने से परेशान होते थे अरबाज खान, खुद बताई थी वजह

 बॉलीवुड अभिनेता, निर्माता और निर्देशक अरबाज खान आज अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब तीन दशक से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय अरबाज ने अभिनय के अलावा प्रोडक्शन और निर्देशन में भी अपनी पहचान बनाई है। हालांकि उनके करियर से ज्यादा उनकी निजी और पारिवारिक पहचान अक्सर चर्चा में रही है।

कभी उन्हें सलमान खान के छोटे भाई के तौर पर पहचाना गया तो कभी मलाइका अरोड़ा के पति के रूप में। अरबाज ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि करियर के शुरुआती दौर में इस तरह की पहचान उनके लिए थोड़ी परेशान करने वाली होती थी।

परिवार की पहचान से अलग खुद का नाम बनाना चाहते थे

अरबाज खान का जन्म 4 अगस्त 1967 को मुंबई में पटकथा लेखक सलीम खान और सलमा खान के घर हुआ था। वह सलमान खान के छोटे और सोहेल खान के बड़े भाई हैं।

फिल्मी परिवार से आने के कारण उनके लिए इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान जरूर रहा होगा, लेकिन अपनी अलग पहचान स्थापित करना उनके लिए एक चुनौती भी थी।

एक पुराने इंटरव्यू में अरबाज ने बताया था कि जब लोग उन्हें लगातार सलमान खान के भाई, मलाइका अरोड़ा के पति या सलीम खान के बेटे के तौर पर पहचानते थे, तो उन्हें शुरुआत में काफी उलझन महसूस होती थी।

‘शुरुआत में इन चीजों से परेशान रहता था’

अरबाज के मुताबिक, करियर के शुरुआती समय में वह अपनी पहचान को लेकर इन बातों से परेशान रहते थे। उन्हें लगता था कि लोग उनके काम की बजाय उनके परिवार और रिश्तों के आधार पर उन्हें पहचान रहे हैं।

हालांकि वक्त बीतने के साथ उनका नजरिया बदल गया। अरबाज ने कहा था कि बाद में उन्हें समझ आया कि इन बातों को लेकर परेशान होना बेवजह था और उन्होंने इन चीजों को ज्यादा महत्व देना बंद कर दिया।

यानी समय के साथ अरबाज ने अपनी पारिवारिक पहचान को लेकर होने वाली चर्चाओं को स्वीकार कर लिया और अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया।

1996 में फिल्म ‘दार’ से शुरू हुआ एक्टिंग करियर

अरबाज खान ने बड़े पर्दे पर बतौर अभिनेता 1996 में फिल्म ‘दार’ से शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई थी। इस किरदार के लिए उन्हें दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

उनके अभिनय को पहचान तब मिली जब उन्हें इस भूमिका के लिए फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इसके बाद अरबाज ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और कई फिल्मों का हिस्सा बने। ‘डरना जरूरी है’, ‘हैलो ब्रदर’, ‘गर्व’ और ‘दबंग’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आए।

एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन और डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया

अरबाज खान ने सिर्फ अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने फिल्म निर्माण में भी कदम रखा और ‘दबंग’, ‘दबंग 2’, ‘डॉली की डोली’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों के प्रोडक्शन से जुड़े रहे।

वहीं उन्होंने ‘दबंग 2’ का निर्देशन भी किया। इस तरह अरबाज ने अभिनेता के साथ-साथ निर्माता और निर्देशक के रूप में भी बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई।

मलाइका अरोड़ा से हुई थी पहली शादी

अरबाज खान की निजी जिंदगी भी लंबे समय तक सुर्खियों में रही। उन्होंने 1998 में मलाइका अरोड़ा से शादी की थी। शादी के बाद दोनों एक बेटे अरहान खान के माता-पिता बने।

हालांकि करीब 19 साल साथ रहने के बाद दोनों ने 2017 में तलाक ले लिया। अलग होने के बाद भी दोनों अपने बेटे की परवरिश को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में रहे।

शूरा खान से की दूसरी शादी

पहली शादी टूटने के बाद अरबाज खान ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए दिसंबर 2023 में शूरा खान से दूसरी शादी की।

दोनों की उम्र में करीब 23 साल का अंतर बताया जाता है। शादी के बाद यह जोड़ी अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आती रही है।

अक्टूबर 2025 में अरबाज और शूरा ने अपनी बेटी सिपारा खान का स्वागत किया।

आज अपनी अलग पहचान बना चुके हैं अरबाज

अरबाज खान का करियर इस बात का उदाहरण है कि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लगातार काम करना पड़ता है।

एक दौर में सलमान खान के भाई और मलाइका अरोड़ा के पति के रूप में पहचाने जाने वाले अरबाज आज अभिनेता के साथ निर्माता, निर्देशक और प्रोडक्शन से जुड़े व्यक्ति के तौर पर भी अपनी पहचान रखते हैं।