नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। अब तक घोषित परिणामों में PML-N ने 45 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटें हासिल कर ली हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को अब तक 9 सीटों पर जीत मिली है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदान प्रतिशत और कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ कुछ अन्य समूहों ने भी सवाल उठाए हैं। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन, हिंसा और अव्यवस्था की खबरों के बीच चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
PML-N ने हासिल किया बहुमत
PoJK विधानसभा की 45 सीटों में से अब तक सामने आए नतीजों में PML-N का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा है। मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों के परिणामों में पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि PPP को 4 सीटें मिली थीं।
इसके बाद शरणार्थी सीटों के परिणाम में PML-N ने 12 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की और दो सीटें PPP के खाते में गईं।
मुजफ्फराबाद डिवीजन की घोषित सीटों में भी PML-N को बढ़त मिली। यहां पार्टी ने चार सीटें जीतीं, जबकि PPP ने तीन सीटों पर कब्जा किया।
इन परिणामों को जोड़ने पर PML-N बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है। बाकी सीटों पर मतदान और परिणाम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल
PoJK में इस बार चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत को लेकर भी विवाद देखने को मिला। पहले चरण में मतदान अपेक्षाकृत कम रहने के बाद आधिकारिक आंकड़ों में वृद्धि को लेकर सवाल उठाए गए।
कुछ स्थानों से कथित तौर पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं की तस्वीरें और शिकायतें सामने आने का दावा किया गया। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए PML-N पर निशाना साधा।
हालांकि, चुनाव में धांधली से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में होना बाकी है।
कई इलाकों में बेहद कम मतदान का दावा
दूसरे चरण में भी कुछ मतदान केंद्रों पर बेहद कम मतदान होने की बात सामने आई। कुछ केंद्रों पर मतदान नहीं होने या बेहद कम वोट पड़ने के दावे किए गए।
इसी बीच मतदान प्रतिशत के आधिकारिक आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे इन सवालों ने PoJK में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों पर भी आरोप
चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध करने वालों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, शरणार्थी सीट के एक चुनाव परिणाम को लेकर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
नारोवाल क्षेत्र में आने वाली शरणार्थी सीट पर जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट से जुड़े उम्मीदवार के चुनाव लड़ने की बात सामने आई थी। परिणाम आने के बाद कथित तौर पर उसके समर्थकों ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया।
मतगणना के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में बहस
विरोध के दौरान पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बहस की स्थिति भी बनी। बताया गया कि मतगणना के बाद रिटर्निंग ऑफिसर को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई। पुलिस की ओर से सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी।
PoJK चुनाव ने फिर उठाए पाकिस्तान पर सवाल
PoJK में चुनाव के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और वहां चुनावी प्रक्रिया को लेकर पुराने सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
खास तौर पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों के राजनीतिक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों ने पाकिस्तान की सुरक्षा और राजनीति के बीच संबंधों पर बहस तेज कर दी है।
हालांकि, किसी भी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को आधिकारिक जांच और स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष माना जा सकता है।
PML-N की सरकार बनना लगभग तय
अब तक के परिणामों में बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी PML-N के लिए सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी के 23 सीटों तक पहुंचने के बाद विधानसभा में उसका बहुमत स्थापित हो चुका है।
वहीं, बाकी सीटों पर मतदान और परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी दलों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। चुनाव के दौरान लगे आरोपों और विवादों के बीच नई सरकार के सामने क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता कायम करने और चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवालों का जवाब देने की चुनौती भी रहेगी।


































