
लखनऊ। आस्था जब जनसेवा से जुड़ती है, तो वह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास और भावनाओं को साकार करने का माध्यम बन जाती है। सरोजनीनगर में संचालित राम रथ यात्रा इसी भावना का उदाहरण बनकर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित इस सेवा अभियान के अंतर्गत 65वीं राम रथ यात्रा के माध्यम से 60 श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचे और प्रभु श्रीराम के दर्शन कर भावविभोर हो उठे। इस बार ग्राम पान खेड़ा, शिवरी और खुशहालगंज मंडल के श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं की लंबे समय से संजोई अभिलाषा पूरी हुई। अपने आराध्य के सम्मुख पहुंचने की खुशी, मंदिर में दर्शन की अनुभूति और मन में उपजे आत्मिक संतोष ने इस यात्रा को उनके लिए यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं ने इस पहल के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निःशुल्क यात्रा की सुविधा से उन लोगों को भी प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है, जिनके लिए स्वयं अयोध्या पहुंचने की व्यवस्था करना कठिन होता है।
65वीं यात्रा, लगभग 9 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

27 सितंबर 2022 को शुरू हुई राम रथ यात्रा अब सरोजनीनगर में धार्मिक आस्था और जनसेवा की एक निरंतर पहल के रूप में आगे बढ़ रही है। इस अभियान के माध्यम से अब तक लगभग 9 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। 65वीं यात्रा के साथ यह सिलसिला आगे बढ़ा है, जो क्षेत्र के अलग-अलग गांवों और मंडलों के श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रहा है।
इस पहल की विशेषता यह है कि श्रद्धालुओं को अयोध्या आने-जाने के लिए निःशुल्क यात्रा, भोजन और प्रभु श्रीराम के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इससे आर्थिक या व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण अपनी धार्मिक यात्रा पूरी नहीं कर पाने वाले लोगों को भी अपने आराध्य के दर्शन का अवसर मिलता है।
आस्था को सुविधा से जोड़ने की पहल

राम रथ यात्रा का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को अयोध्या पहुंचाना नहीं, बल्कि उनकी आस्था को साकार करने में सहयोग देना भी है। यात्रा की व्यवस्था से लेकर भोजन तक की सुविधा श्रद्धालुओं के लिए इस अनुभव को सहज बनाती है। सरोजनीनगर के विभिन्न गांवों के लोगों को इस माध्यम से रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं, विश्वास और वर्षों से संजोई इच्छा की पूर्ति का अवसर है। रामलला के दर्शन के बाद उनके चेहरों पर दिखाई देने वाली प्रसन्नता और इस सुविधा के लिए व्यक्त किया गया आभार इस पहल के मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
जनसेवा के साथ जुड़ रही श्रद्धा की डोर

डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित राम रथ यात्रा के माध्यम से सरोजनीनगर के श्रद्धालुओं को निरंतर अयोध्या धाम की यात्रा का अवसर मिल रहा है। 65वीं यात्रा में 60 श्रद्धालुओं के रामलला के दर्शन करने और अब तक लगभग 9 हजार लोगों के इस सुविधा का लाभ उठाने का आंकड़ा इस अभियान के निरंतर विस्तार को दर्शाता है।
राम रथ यात्रा के जरिए सरोजनीनगर से अयोध्या तक आस्था की डोर मजबूत हो रही है। प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच पूरी हुई यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, संतोष और कृतज्ञता का अनुभव बनी, वहीं निःशुल्क यात्रा, भोजन और दर्शन की सुविधा ने जनसेवा के उस भाव को रेखांकित किया, जिसमें लोगों की आस्था और उनकी जरूरतों को महत्व दिया जाता है।


































