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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ से किया सम्मानित, युवाओं से राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान

नई दिल्ली/लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर अजीत डोभाल ने राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखते हुए देशवासियों, विशेषकर युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने कहा कि हर भारतीय, विशेषकर युवाओं को लोकमान्य तिलक के राष्ट्र निर्माण के विचारों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक ने देश के युवाओं और आम जनता में नई चेतना, आत्मविश्वास और पौरुष का संचार किया था।उन्होंने युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा यह निश्चय करे कि वह भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाकर रहेगा। डोभाल ने कहा कि जब तक समाज में राष्ट्रभाव नहीं जागेगा, तब तक राष्ट्र निर्माण, राष्ट्र विकास और राष्ट्र सुरक्षा का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, “अगर कोई रास्ता राष्ट्रहित में नहीं है, तो वह मेरे हित में भी नहीं है। चाहे उसमें मेरा निजी लाभ हो, मेरे वर्ग, गांव या जाति का फायदा हो, लेकिन यदि वह राष्ट्रहित के अनुकूल नहीं है, तो वह मेरे हित में भी नहीं हो सकता।”अजीत डोभाल ने कहा कि आज भी भारत को बाहरी और आंतरिक दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत की तेज़ी से बढ़ती शक्ति और विकास कई देशों तथा विभिन्न हित समूहों के लिए चुनौती है, इसलिए इन चुनौतियों का मजबूती से सामना करना होगा।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे हर निर्णय और हर कार्य में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसा नेतृत्व और अनुकूल वातावरण मिला है, जिसके बल पर भारत स्वयं को और अधिक शक्तिशाली बना सकता है।अपने संबोधन में डोभाल ने केंद्रीय गृह मंत्री की देशहित के प्रति प्रतिबद्धता, दृढ़ता और स्पष्ट दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और अमित शाह ने देश के लिए जो कार्य किए हैं, वे भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लखनऊ : मोहनलालगंज तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन ; एसडीएम आकाश सिंह व एसीपी आर.के. सिंह ने सुनीं फरियादियों की शिकायतें

लखनऊ : मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी आकाश सिंह और एसीपी आर.के. सिंह ने आमजन की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

वहीं, प्रशासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी के समाधान दिवस में नहीं पहुंचने की चर्चा भी रही। नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर फरियादियों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठे। हालांकि, मौजूद अधिकारियों ने शिकायतों की सुनवाई जारी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का जनसेवा अभियान जारी : गोलोकवासी मां तारा सिंह की पुण्य स्मृति में 177वां जनसुनवाई शिविर 2 अगस्त को ; जनसुनवाई में समस्याओं के समाधान से लेकर पुरस्कार, अटूट प्यार एवं सम्मान तक

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा अपनी गोलोकवासी माता स्वर्गीय श्रीमती तारा सिंह की पुण्य स्मृति में संचालित जनसेवा अभियान “आपका विधायक-आपके द्वार” के अंतर्गत 177वें जनसुनवाई शिविर का आयोजन 2 अगस्त 2026 (रविवार) को ग्राम मुंशी खेड़ा, मंडल सरोजनीनगर दक्षिण द्वितीय में किया जाएगा। शिविर का आयोजन प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक होगा।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू किया गया “आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान क्षेत्रवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शी जनसुनवाई और जनसेवा के उद्देश्य से लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित होने वाले 177वें शिविर में आमजन अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, जिनके त्वरित निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।

शिविर के दौरान विजन प्लस के सहयोग से विशेष निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नेत्र परीक्षण किया जाएगा तथा चयनित 50 जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क पावर वाले चश्मे वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत “गाँव की शान” पहल के तहत इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले दो मेधावी छात्र एवं दो मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यूथ क्लब की स्थापना की जाएगी तथा उन्हें स्पोर्ट्स किट का वितरण भी किया जाएगा।

डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि उनकी गोलोकवासी माता स्वर्गीय श्रीमती तारा सिंह से मिले सेवा, संवेदनशीलता और समाजहित के संस्कार ही इस अभियान की प्रेरणा हैं। इसी भावना के साथ यह जनसेवा अभियान निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

#टीम_राजेश्वर ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जनसेवा, सम्मान और समाजहित को समर्पित इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं तथा कार्यक्रम को सफल बनाएं।

‘रामायण’ के ट्रेलर से प्रभावित हुए रामानंद सागर के पोते, भारतीय संस्कृति को ग्लोबल पहचान मिलने की जताई उम्मीद

निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। शानदार विजुअल इफेक्ट्स, दमदार स्टारकास्ट और भव्य प्रस्तुति की वजह से फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अब मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने भी फिल्म के ट्रेलर की सराहना करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

ट्रेलर ने किया प्रभावित

शिव सागर ने कहा कि ट्रेलर देखने के बाद उनकी राय पहले से काफी बदल गई है। उनके मुताबिक, शुरुआती प्रोमो देखने के बाद उन्हें विजुअल इफेक्ट्स को लेकर कुछ सवाल थे, लेकिन पूरा ट्रेलर देखने के बाद फिल्म का स्तर और प्रस्तुति काफी प्रभावशाली लगी।

उन्होंने कहा कि फिल्म की भव्यता, तकनीकी गुणवत्ता और कलाकारों का चयन काफी मजबूत नजर आता है, जिससे यह बड़े पर्दे पर एक अलग अनुभव देने वाली फिल्म साबित हो सकती है।

यश और साई पल्लवी की तारीफ

शिव सागर ने खास तौर पर रावण के किरदार में अभिनेता यश की तारीफ की। उनका कहना है कि यश का लुक और स्क्रीन प्रेजेंस इस भूमिका के लिए बेहद प्रभावशाली दिखाई देता है।

वहीं, माता सीता के किरदार में साई पल्लवी को भी उन्होंने उपयुक्त बताया। उनके अनुसार, साई पल्लवी की संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा और स्क्रीन पर उनकी सहज मौजूदगी इस किरदार को और प्रभावी बनाती है।

वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनी फिल्म

शिव सागर का मानना है कि फिल्म को केवल भारतीय दर्शकों के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह फिल्म भारतीय पौराणिक कथाओं, संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने में सफल रहती है, तो इससे भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान और मजबूती मिलेगी।

विजुअल्स और डिजाइन की भी सराहना

उन्होंने फिल्म में दिखाए गए कई विजुअल एलिमेंट्स की भी प्रशंसा की। विशेष रूप से पुष्पक विमान की डिजाइन और प्रस्तुति उन्हें काफी पसंद आई। इसके अलावा शूर्पणखा के किरदार की एंट्री और उसके दृश्यांकन को भी उन्होंने आकर्षक बताया।

दमदार स्टारकास्ट

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभाते नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है और इसका निर्माण नमित मल्होत्रा के बैनर तले किया गया है।

दो भागों में होगी रिलीज

‘रामायण’ को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में आएगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज होगा। फिल्म को IMAX सहित बड़े फॉर्मेट में दुनिया भर में प्रदर्शित करने की तैयारी की जा रही है।

फिल्म से बड़ी उम्मीदें

भव्य निर्माण, लोकप्रिय स्टारकास्ट और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की वजह से ‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है और माना जा रहा है कि रिलीज के बाद यह बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है।

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BRICS समिट में शामिल होने भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, गलवान के बाद पहली यात्रा पर टिकी नजरें

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह दौरा होता है, तो वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। ऐसे में इस संभावित दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सितंबर में हो सकता है भारत दौरा

जानकारी के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने की संभावना है। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए शी जिनपिंग के भारत आने की चर्चा है। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में यह एक अहम अवसर माना जा रहा है।

गलवान के बाद बदले थे रिश्ते

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद कई वर्षों तक सीमा पर सैन्य गतिरोध बना रहा और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तथा सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत का दौर चलता रहा।

कूटनीतिक बातचीत तेज होने के संकेत

संभावित यात्रा से पहले भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक संपर्क बढ़ने की संभावना है। दोनों देशों के अधिकारी विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर सीमा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा कर सकते हैं।

सीमा विवाद पर भी होगी चर्चा

आने वाले समय में भारत-चीन सीमा मामलों से जुड़े संयुक्त तंत्र (WMCC) की बैठक होने की भी संभावना है। इसके बाद सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर आगे बढ़ सकता है। इन बैठकों का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में प्रगति करना होगा।

छह साल बाद हो सकती है भारत यात्रा

यदि यह दौरा तय होता है, तो शी जिनपिंग करीब छह वर्ष बाद भारत आएंगे। उनकी पिछली भारत यात्रा वर्ष 2019 में हुई थी। इसके बाद गलवान घटना के कारण दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। ऐसे में यह संभावित यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और संवाद को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

द्विपक्षीय बैठक पर रहेंगी नजरें

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना पर भी नजर रहेगी। यदि ऐसी बैठक होती है तो सीमा विवाद, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच बढ़ेगा सहयोग?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच संवाद बढ़ना महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग और चर्चा आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है।