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Iran-US Conflict: अमेरिका के सामने झुकने से ईरान का इनकार, ट्रंप के दावे को किया खारिज; होर्मुज पर बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने अमेरिका से आगे सैन्य कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है। हालांकि, तेहरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि उसने अमेरिका के सामने किसी तरह की गुहार नहीं लगाई है और देश किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरानी अधिकारियों के हवाले से सामने आए बयान में ट्रंप के दावे को गलत बताया गया है। उनका कहना है कि ईरान की सैन्य तैयारियां पूरी हैं और जरूरत पड़ने पर देश अपनी सुरक्षा के लिए जवाब देने में सक्षम है। तेहरान की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि अमेरिका के साथ मौजूदा तनाव के बीच वह अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।

ट्रंप ने क्या दावा किया था?

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य कार्रवाई करने की स्थिति में है, लेकिन उनकी ओर से हमले को फिलहाल रोकने का फैसला किया गया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने उनसे तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई को रोकने की अपील की थी।

ट्रंप ने कहा था कि इस फैसले के पीछे संभावित समझौते की उम्मीद है। उन्होंने संकेत दिया कि किसी समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करना शामिल हो सकता है।

हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। तेहरान का कहना है कि जब तक अमेरिका की ओर से उसके खिलाफ आक्रामक गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक वह अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा करता रहेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रुख

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम मुद्दा बना हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण काफी सख्त हुआ है। यहां से गुजरने वाले जहाजों को कई मामलों में अनुमति और अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका की धमकियों और सैन्य दबाव के सामने पीछे नहीं हटेगा। तेहरान का कहना है कि अपनी रक्षा के लिए उसके पास मौजूद सभी विकल्प खुले हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का तनाव बढ़ने पर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका रहती है। यही कारण है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस क्षेत्र को लेकर चल रही तनातनी पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

ईरान ने अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर युद्धविराम या संघर्ष खत्म करने से जुड़े समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। तेहरान का दावा है कि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की कार्रवाई जारी रही है।

ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि अमेरिका ने समुद्री दबाव बढ़ाने के साथ आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य कदमों के जरिए तेहरान पर दबाव बनाए रखा है। ईरानी सरकार का कहना है कि इन परिस्थितियों में अमेरिका से हमले रोकने की अपील करने का सवाल ही नहीं उठता।

बातचीत के बीच बढ़ा तनाव

एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बयानबाजी जारी है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर किसी संभावित समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य तरीके से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी समझौते तक पहुंचना बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

हालांकि, दोनों देशों के बयानों में अंतर साफ दिखाई दे रहा है। ट्रंप जहां समझौते की दिशा में बढ़ने और हमले रोकने की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए अपनी सैन्य तैयारियों और जवाबी कार्रवाई की क्षमता पर जोर दे रहा है।

ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच किसी समझौते या नए टकराव का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

Health News:साल में 3 बार हेल्थ चेकअप से कम हो सकता है अस्पताल का खर्च, स्टडी में सामने आई अहम बात

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, अनियमित खान-पान और लगातार बढ़ता तनाव लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। खासकर नौकरीपेशा लोगों में हार्ट डिजीज, डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से देखने को मिल रही हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में सामने आया है कि जो कर्मचारी नियमित रूप से साल में तीन बार स्वास्थ्य जांच कराते हैं, उनमें अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम देखी गई है।

अगर आप भी ऑफिस या किसी अन्य जगह नौकरी करते हैं, तो काम की व्यस्तता के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना, रिपोर्ट को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना काफी महत्वपूर्ण है। समय रहते किसी स्वास्थ्य समस्या का पता चल जाने पर आगे की देखभाल और उपचार में आसानी हो सकती है।

केवल हेल्थ चेकअप कराना पर्याप्त नहीं

रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि कई लोग स्वास्थ्य जांच तो करा लेते हैं, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर से सलाह लेने या जरूरी कदम उठाने में लापरवाही करते हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट के आधार पर कोई फॉलो-अप नहीं लेते।

ऐसी स्थिति में शुरुआती स्तर पर सामने आई समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए हेल्थ चेकअप कराने के साथ रिपोर्ट को डॉक्टर को दिखाना, आवश्यक जांच या उपचार कराना और नियमित फॉलो-अप रखना भी उतना ही जरूरी है।

नौकरीपेशा लोगों में बढ़ रहा हार्ट और डायबिटीज का खतरा

ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी, नींद पूरी न होना, तनाव और असंतुलित खान-पान जैसी आदतें स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। कम उम्र में भी हृदय संबंधी समस्याओं के मामले देखने को मिल रहे हैं।

इसी तरह डायबिटीज का खतरा भी बढ़ रहा है। लंबे समय तक खराब लाइफस्टाइल जारी रहने से वजन, ब्लड शुगर और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

उम्र के साथ बदलती हैं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां

रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग आयु वर्ग के कर्मचारियों में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी अलग तरह की हो सकती हैं। युवा कर्मचारियों में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव अधिक देखने को मिल सकता है।

वहीं 30 से 40 वर्ष की उम्र के कर्मचारियों में काम का दबाव, लगातार थकान और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अधिक उम्र के कर्मचारियों में पहले से मौजूद या लंबे समय से चली आ रही बीमारियों की निगरानी और नियमित स्वास्थ्य जांच अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

कर्मचारियों की सेहत पर कंपनियों को भी देना होगा ध्यान

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को कर्मचारियों के स्वास्थ्य को केवल हेल्थ चेकअप तक सीमित नहीं रखना चाहिए। स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरी सलाह, फॉलो-अप और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी वेलनेस प्रोग्राम का हिस्सा होना चाहिए।

कर्मचारियों को स्वस्थ रखने के लिए कंपनियां नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग के साथ तनाव प्रबंधन, बेहतर खान-पान, शारीरिक गतिविधि और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को भी बढ़ावा दे सकती हैं।

कुल मिलाकर, नियमित हेल्थ चेकअप किसी बीमारी से बचने की गारंटी नहीं देता, लेकिन कई स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान में मदद कर सकता है। इसलिए जांच के साथ डॉक्टर की सलाह, उचित उपचार, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।

India Women Squad: एशिया कप के लिए BCCI ने चुनी 15 खिलाड़ियों की टीम, हरमनप्रीत कौर कप्तान

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। 15 सदस्यीय टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है।

एशिया कप के लिए चुनी गई टीम में ज्यादातर वही खिलाड़ी शामिल हैं, जो हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा थीं। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली और ऋचा घोष जैसे प्रमुख खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं ने दोबारा भरोसा जताया है।

विकेटकीपिंग विभाग में ऋचा घोष के साथ जी कमलिनी को शामिल किया गया है। वहीं, श्रेयंका पाटिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। टीम में युवा ऑलराउंडर और गेंदबाजों का भी अच्छा संतुलन देखने को मिल रहा है।

हरमनप्रीत कौर ही संभालेंगी कप्तानी

टी20 वर्ल्ड कप के बाद हरमनप्रीत कौर की कप्तानी को लेकर सवाल उठे थे और नेतृत्व में बदलाव की चर्चा भी हुई थी। हालांकि, चयनकर्ताओं ने फिलहाल उन पर भरोसा कायम रखा है। एशिया कप में भारतीय टीम की अगुआई हरमनप्रीत कौर ही करेंगी और स्मृति मंधाना उनकी डिप्टी होंगी।

टीम में कप्तान के साथ स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसे अनुभवी बल्लेबाज मौजूद हैं। इससे भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एशिया कप के बाद एशियन गेम्स की चुनौती

महिला एशिया कप 2026 के मैचों का पूरा कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। टूर्नामेंट को लेकर अगस्त के आखिरी सप्ताह से सितंबर के मध्य तक आयोजन की संभावना जताई जा रही है।

एशिया कप के बाद भारतीय महिला टीम के सामने एशियन गेम्स की चुनौती भी होगी। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के मुकाबले सितंबर में खेले जाने हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के लिए आने वाले कुछ सप्ताह काफी व्यस्त रहने वाले हैं।

एशिया कप में भारत का शानदार रिकॉर्ड

महिला एशिया कप के इतिहास में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। अब तक हुए 9 संस्करणों में भारत ने 7 बार खिताब अपने नाम किया है। खास बात यह है कि टीम इंडिया हर संस्करण के फाइनल तक पहुंचने में सफल रही है।

अब हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम एक बार फिर एशिया कप का खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का भी अच्छा मिश्रण है।

महिला एशिया कप 2026 के लिए भारत की पूरी टीम

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह, एन श्री चरणी और नंदनी शर्मा।

भारतीय टीम अब एशिया कप में अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखने और एक बार फिर ट्रॉफी अपने नाम करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।

Pakistan News: पुलिस स्टेशन के पास जोरदार ब्लास्ट, खैबर पख्तूनख्वा में 14 लोगों की मौत; जांच जारी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रविवार (2 अगस्त 2026) को एक जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। धमाका स्वात जिले में पुलिस को निशाना बनाकर किए जाने की आशंका है। शुरुआती जांच में इसे आत्मघाती हमला माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। धमाके के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत एवं बचाव दल ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

पुलिस स्टेशन के प्रवेश द्वार पर हुआ विस्फोट

स्वात जिले के अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस स्टेशन के एंट्री गेट पर एक संदिग्ध व्यक्ति को सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की। तलाशी के दौरान संदिग्ध ने कथित तौर पर अपने पास मौजूद विस्फोटक में धमाका कर दिया। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया और जांच शुरू कर दी।

धमाके के बाद घायलों को सैदु शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल समेत आसपास के अस्पतालों में ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

प्रदर्शन के बीच धमाके से मची भगदड़

धमाका ऐसे समय हुआ जब स्वात घाटी में हाल के दिनों में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। यह प्रदर्शन पास के काबल चौक पर आयोजित किया गया था।

स्थानीय आदिवासी परिषद ‘स्वात अमन जिरगा’ की ओर से आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी इलाके में शांति और सुरक्षा की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे और हाथों में पोस्टर एवं प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे।

पुलिस स्टेशन के पास हुए विस्फोट की आवाज सुनते ही प्रदर्शन स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया।

आत्मघाती हमले की आशंका, जांच जारी

शुरुआती जांच में अधिकारियों को यह घटना आत्मघाती हमले जैसी लग रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।

अभी तक किसी भी आतंकी संगठन या अन्य गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

इलाके में पहले से बिगड़े हैं सुरक्षा हालात

खैबर पख्तूनख्वा के इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। हाल के दिनों में आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता देखने को मिली है।

ताजा धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद हैं। घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि मृतकों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटाने का काम जारी है।

Jiah Khan Case: 14 साल बाद बरी होने पर बोले सूरज पंचोली, ‘इतने लंबे वक्त तक केस का बोझ उठाया’

जिया खान मामले में अभिनेता सूरज पंचोली को अदालत से बरी हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन इस केस को लेकर उनसे जुड़े सवाल अब भी उठते रहे हैं। करीब 14 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए पहली बार अपने दर्द और उस दौर के अनुभवों पर खुलकर बात की है।

सूरज पंचोली ने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेगुनाही साबित करने में 14 साल लग गए। उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी तरह की राय बनाने या सवाल उठाने से पहले मामले से जुड़े तथ्यों और अदालत के रिकॉर्ड को ठीक से देखा जाए।

सूरज पंचोली ने कहा- फैसला सबूत और कानून के आधार पर हुआ

अभिनेता ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह मामला तथ्यों, सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अदालत में चला। उनके मुताबिक, अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी किया है और कानूनी प्रक्रिया के दौरान उठाए गए सवालों पर न्यायिक स्तर पर फैसला हो चुका है।

उन्होंने यह भी कहा कि मामले से संबंधित अदालत के रिकॉर्ड और ट्रायल की कार्यवाही उपलब्ध हैं। उनका मानना है कि अगर कोई व्यक्ति इस मामले को लेकर अपनी राय बनाना चाहता है तो उसे पहले वास्तविक तथ्यों और अदालती दस्तावेजों को समझना चाहिए।

‘मैं उस समय सिर्फ 20 साल का था’

सूरज ने अपने जीवन के उस दौर को भी याद किया जब यह घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी उम्र महज 20 साल थी और वह जिया खान को करीब चार महीने से ही जानते थे।

अभिनेता के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वह यह समझ पाने की स्थिति में नहीं थे कि कोई व्यक्ति अपने भीतर किन परिस्थितियों और भावनाओं से गुजर रहा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद जो घटनाएं हुईं, उन्होंने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।

‘मेरी जिंदगी के 20 और 30 की उम्र का बड़ा हिस्सा चला गया’

सूरज पंचोली ने कहा कि अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उन्हें 14 साल तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि यह वही समय था जब वह अपने करियर और जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन केस का दबाव लगातार उनके साथ रहा।

उन्होंने बताया कि इस मामले ने उनकी जिंदगी के 20 और 30 की उम्र के महत्वपूर्ण वर्षों का बड़ा हिस्सा प्रभावित किया। उनके मुताबिक, इस दौरान मानसिक और भावनात्मक तौर पर उन्होंने क्या झेला, इसकी पूरी जानकारी सिर्फ उन्हें है।

सूरज ने कहा कि उन्होंने न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा और अदालत में अपनी बात रखने का इंतजार किया। 14 साल बाद जब उन्हें इस मामले में बरी किया गया, तो उन्हें लगा कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए उनकी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अदालत से बरी होने के बाद भी लोग उन्हें दोषी मानते हैं और लगातार सवाल उठाते हैं, तो वह यह नहीं समझ पा रहे कि इसके बाद वह और क्या कर सकते हैं।

जिया की प्राइवेसी का सम्मान करने की बताई वजह

सूरज पंचोली ने यह भी बताया कि उन्होंने इतने वर्षों तक जिया खान से जुड़े मामले पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा बात क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद चुप रहने का फैसला किया था।

अभिनेता के मुताबिक, जिया ने अपनी निजी जिंदगी और परेशानियों से जुड़ी जो बातें उनके साथ साझा की थीं, उन्होंने उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया। तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने उनकी निजी बातों और प्राइवेसी का सम्मान बनाए रखा।

सूरज ने कहा कि उन्होंने जिस तरह जिया की निजी बातों को सार्वजनिक करने से परहेज किया, उसी तरह वह अपने लिए भी सम्मान और निष्पक्षता की उम्मीद रखते हैं।

करीब 14 साल तक चले इस मामले ने सूरज पंचोली की निजी जिंदगी और करियर को काफी प्रभावित किया। अब अदालत से बरी होने के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने पक्ष और इतने लंबे समय तक झेले गए मानसिक दबाव को सामने रखा है।