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BRICS समिट में शामिल होने भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग, गलवान के बाद पहली यात्रा पर टिकी नजरें

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह दौरा होता है, तो वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। ऐसे में इस संभावित दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सितंबर में हो सकता है भारत दौरा

जानकारी के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने की संभावना है। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए शी जिनपिंग के भारत आने की चर्चा है। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में यह एक अहम अवसर माना जा रहा है।

गलवान के बाद बदले थे रिश्ते

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद कई वर्षों तक सीमा पर सैन्य गतिरोध बना रहा और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तथा सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत का दौर चलता रहा।

कूटनीतिक बातचीत तेज होने के संकेत

संभावित यात्रा से पहले भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक संपर्क बढ़ने की संभावना है। दोनों देशों के अधिकारी विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर सीमा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा कर सकते हैं।

सीमा विवाद पर भी होगी चर्चा

आने वाले समय में भारत-चीन सीमा मामलों से जुड़े संयुक्त तंत्र (WMCC) की बैठक होने की भी संभावना है। इसके बाद सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर आगे बढ़ सकता है। इन बैठकों का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में प्रगति करना होगा।

छह साल बाद हो सकती है भारत यात्रा

यदि यह दौरा तय होता है, तो शी जिनपिंग करीब छह वर्ष बाद भारत आएंगे। उनकी पिछली भारत यात्रा वर्ष 2019 में हुई थी। इसके बाद गलवान घटना के कारण दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया था। ऐसे में यह संभावित यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और संवाद को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

द्विपक्षीय बैठक पर रहेंगी नजरें

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना पर भी नजर रहेगी। यदि ऐसी बैठक होती है तो सीमा विवाद, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच बढ़ेगा सहयोग?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच संवाद बढ़ना महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग और चर्चा आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है।

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