पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) और बलूचिस्तान में हाल के दिनों में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन और सुरक्षा अभियानों के बीच पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों और मानवाधिकारों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनों के बीच सेना का बयान
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि बलूचिस्तान की सुरक्षा स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि सेना आम लोगों के साथ संवाद बनाए रखने की पक्षधर है और देश का प्रशासन संविधान तथा कानून के अनुसार चल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को सैन्य शासन वाला देश बताना सही नहीं है और सभी नागरिकों के लिए कानून का समान रूप से पालन किया जाता है।
लापता लोगों के मुद्दे पर प्रतिक्रिया
बलूचिस्तान में लंबे समय से लापता लोगों और कथित जबरन गायब किए जाने के मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेना के प्रवक्ता ने कहा कि कई मामलों में प्राप्त आवेदनों में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो सुरक्षा अभियानों के दौरान मारे जा चुके हैं। उनका दावा है कि सुरक्षा बल केवल आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं।
आतंकवाद पर सख्त रुख
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है। सेना का कहना है कि हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और सुरक्षा बल कार्रवाई करते रहेंगे।
छह मजदूरों के शव मिलने से बढ़ी चिंता
बलूचिस्तान में हाल ही में छह मजदूरों के शव मिलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन मजदूरों का कुछ दिन पहले अज्ञात हथियारबंद लोगों ने अपहरण कर लिया था। बाद में उनके शव बरामद किए गए, जिन पर गोली लगने के निशान मिले।
अपहरण की घटना की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सात मजदूरों को एक वाहन से अगवा किया गया था, जिनमें से एक की मौके पर ही हत्या कर दी गई थी। बाकी लोगों के शव बाद में अलग स्थान से बरामद हुए। घटना की जांच जारी है और अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
क्षेत्र में बनी हुई है अस्थिरता
PoJK और बलूचिस्तान में लगातार हो रहे प्रदर्शन, सुरक्षा अभियान और हिंसा की घटनाओं के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।


































