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Diabetes Diet: अचार, पापड़ और चटनी कितनी सुरक्षित? जानें क्या बढ़ा सकता है Blood Sugar

डायबिटीज में खान-पान को लेकर ज्यादातर लोगों का ध्यान चीनी, मिठाई, चावल, रोटी और ब्रेड जैसी चीजों पर रहता है. लेकिन रोज की थाली में स्वाद बढ़ाने के लिए खाए जाने वाले अचार, पापड़ और चटनी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इन चीजों को पूरी तरह से अच्छा या खराब कहना सही नहीं होगा. डायबिटीज में इनका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इन्हें किस सामग्री से तैयार किया गया है, इनमें चीनी और नमक की मात्रा कितनी है और इन्हें कितनी मात्रा में खाया जा रहा है.

क्या अचार, पापड़ और चटनी Blood Sugar बढ़ा सकते हैं?

डायबिटीज एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन चीजों का ब्लड शुगर पर प्रभाव एक जैसा नहीं होता. कुछ विकल्प कम कार्बोहाइड्रेट वाले हो सकते हैं, जबकि कुछ में छिपी हुई चीनी या ज्यादा कार्ब्स हो सकते हैं.

उदाहरण के लिए, बिना अतिरिक्त चीनी वाला नींबू या आम का अचार बहुत थोड़ी मात्रा में लिया जाए तो इसका ब्लड शुगर पर असर सीमित हो सकता है. इसी तरह ताजी धनिया या पुदीने की चटनी, खासकर कम कार्ब वाली सामग्री से तैयार की गई हो, तो इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.

दूसरी ओर, मीठी चटनी, ज्यादा चीनी वाला अचार या ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट वाले पापड़ ब्लड शुगर मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकते हैं.

डायबिटीज में कौन सी चटनी बेहतर हो सकती है?

चटनी चुनते समय उसकी सामग्री पर ध्यान देना सबसे जरूरी है. धनिया, पुदीना, हरी सब्जियों, नारियल या तिल से तैयार की गई चटनी बेहतर विकल्प हो सकती है, लेकिन इसमें डाली जाने वाली मात्रा और अन्य सामग्री भी महत्वपूर्ण है.

चटनी में अगर ज्यादा चीनी, गुड़ या मीठी सॉस डाली गई है, तो यह डायबिटीज वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प नहीं हो सकता.

दही के साथ तैयार की गई चटनी में प्रोटीन और फैट होने के कारण भोजन के पाचन की गति प्रभावित हो सकती है. हालांकि, कुल डाइट और व्यक्ति की ब्लड शुगर स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है.

पापड़: तला हुआ या भुना हुआ?

डायबिटीज में पापड़ खाते समय उसका तरीका और मात्रा दोनों महत्वपूर्ण हैं.

तले हुए पापड़ में अतिरिक्त तेल और कैलोरी बढ़ जाती है. इसलिए रोजाना तला हुआ पापड़ खाने की बजाय कभी-कभार भुना हुआ पापड़ सीमित मात्रा में लेना बेहतर विकल्प हो सकता है.

यह भी ध्यान रखें कि पापड़ पूरी तरह कार्ब-फ्री नहीं होते. उड़द, मूंग या दूसरी दालों से बने पापड़ में कार्बोहाइड्रेट मौजूद हो सकते हैं, इसलिए मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है.

अचार खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

अचार में अक्सर नमक और तेल की मात्रा अधिक होती है. कुछ बाजार में मिलने वाले अचार में अतिरिक्त चीनी भी हो सकती है.

इसलिए डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को अचार की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

घर पर तैयार अचार में चीनी और नमक को नियंत्रित करना आसान हो सकता है. फिर भी इसे कम मात्रा में ही लेना बेहतर है.

डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाने का सही तरीका

अगर आपको ये चीजें पसंद हैं तो इन्हें पूरी तरह डाइट से हटाना जरूरी नहीं है. कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इन्हें सीमित मात्रा में लिया जा सकता है:

  • ताजी और घर पर बनी चटनी को प्राथमिकता दें.
  • मीठी चटनी और अतिरिक्त चीनी वाले विकल्पों से बचें.
  • तले हुए पापड़ की जगह भुना पापड़ चुनें.
  • अचार की मात्रा बहुत कम रखें.
  • पैकेट वाले अचार और चटनी का लेबल देखकर शुगर और सोडियम की मात्रा जांचें.
  • सिर्फ इन चीजों के बजाय पूरी थाली में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और सब्जियों का संतुलन रखें.

क्या डायबिटीज में इन्हें पूरी तरह छोड़ना जरूरी है?

हर डायबिटीज मरीज को अचार, पापड़ और चटनी पूरी तरह छोड़ने की जरूरत हो, ऐसा जरूरी नहीं है. लेकिन इनका सेवन कम मात्रा और सही विकल्प के साथ करना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

खासकर यदि किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है.

Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है. डायबिटीज की दवाएं, डाइट या उपचार अपने स्तर पर बदलने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें.

Coal India Open 2026: क्षितिज कौल का जलवा, दूसरे राउंड के बाद बढ़त पर काबिज

कोलकाता, 12 अगस्त 2026: कोलकाता के टॉलीगंज क्लब में चल रहे Coal India Open 2026 में दिल्ली के 25 वर्षीय गोल्फर क्षितिज नवीद कौल ने दूसरे दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल कर ली है. हालांकि, भारी बारिश के चलते राउंड पूरा नहीं हो सका और मुकाबले को गुरुवार तक के लिए रोकना पड़ा.

क्षितिज ने दूसरे दौर में 4-अंडर 66 का कार्ड खेला. पहले राउंड में उनके 64 के स्कोर के साथ उनका कुल स्कोर 10-अंडर 130 हो गया है. वह फिलहाल क्लब हाउस में एक शॉट की बढ़त के साथ सबसे आगे हैं.

5 बर्डी और 1 बोगी के साथ शानदार राउंड

दिन की शुरुआत क्षितिज ने लीड से दो शॉट पीछे रहकर की थी. उन्होंने शुरुआती पांच होल पर पार स्कोर किया, इसके बाद छठे और सातवें होल पर लगातार बर्डी हासिल की.

इसके बाद उन्होंने दूसरे नौ होल में तीन और बर्डी लगाईं. हालांकि, 18वें होल पर उन्हें दिन की एकमात्र बोगी का सामना करना पड़ा. इस तरह उन्होंने 4-अंडर 66 का स्कोर पूरा किया.

दोपहर करीब 1 बजे तेज बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा. 132 खिलाड़ियों में से लगभग आधे अपना दूसरा दौर पूरा नहीं कर पाए थे. कोर्स पर पानी जमा होने के कारण आयोजकों ने शाम 3:45 बजे बुधवार का खेल आधिकारिक तौर पर स्थगित कर दिया.

अब बाकी दूसरा दौर गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू होगा.

अक्षय शर्मा एक शॉट पीछे

चंडीगढ़ के अक्षय शर्मा ने दूसरे दौर में 5-अंडर 65 का कार्ड खेलकर अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया. उनका कुल स्कोर 9-अंडर 131 है और वह क्षितिज से सिर्फ एक शॉट पीछे हैं.

अक्षय ने पहले दौर के बाद संयुक्त नौवें स्थान से छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया.

ओम प्रकाश चौहान और सप्तक तलवार संयुक्त तीसरे

पहले दौर के बाद शीर्ष पर रहे महू के ओम प्रकाश चौहान दूसरे दौर में 70 का इवन-पार स्कोर कर सके. पहले दौर में 62 के शानदार प्रदर्शन के बाद उनका कुल स्कोर 8-अंडर 132 है.

ओम प्रकाश के साथ सप्तक तलवार भी संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं. मौजूदा DP World PGTI रैंकिंग में शीर्ष पर चल रहे सप्तक ने दूसरे दौर में 65 का स्कोर बनाया और कुल 8-अंडर 132 पर पहुंच गए.

खराब मौसम के बावजूद क्षितिज ने रखा धैर्य

दूसरे दौर की परिस्थितियां पहले दिन की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण थीं. इसके बावजूद क्षितिज ने शुरुआत में बर्डी के मौके नहीं मिलने के बावजूद धैर्य बनाए रखा.

उन्होंने कहा कि कोर्स थोड़ा लंबा खेल रहा था और मौसम की परिस्थितियां भी मुश्किल थीं. शुरुआत में कुछ बर्डी के अवसर मिले, लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा सके. इसके बावजूद वह अपनी रणनीति पर टिके रहे और खुद को खिताब की दौड़ में बनाए रखने से खुश हैं.

छठे होल पर करीब 20 फीट का पुट लगाकर उन्होंने पहली बर्डी हासिल की. 10वें होल पर वह ईगल के करीब पहुंचे, लेकिन आखिर में बर्डी से संतोष करना पड़ा. 14वें होल पर एक महत्वपूर्ण अप-एंड-डाउन ने भी उनकी लय बनाए रखने में मदद की.

श्रीनगर में अच्छे प्रदर्शन का मिला फायदा

क्षितिज ने पिछले सप्ताह श्रीनगर में खेले गए J&K Open के प्रदर्शन को भी अपने मौजूदा आत्मविश्वास की वजह बताया. वहां अच्छे खेल के बाद उन्होंने कोलकाता में भी अपनी लय बरकरार रखी है.

उन्होंने कहा कि कश्मीर में खेलना हमेशा अच्छा अनुभव रहता है और पिछले सप्ताह उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. उसी सकारात्मक लय को वह इस सप्ताह भी आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

अजीतेश संधू और शौर्य भट्टाचार्य का खेल भी प्रभावित

पहले दौर में 63 का शानदार स्कोर बनाकर दूसरे स्थान पर रहने वाले अजीतेश संधू बुधवार को सिर्फ तीन होल ही खेल सके. उनका कुल स्कोर फिलहाल 7-अंडर है.

वहीं, पहले दिन 6-अंडर 64 के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर रहने वाले शौर्य भट्टाचार्य ने दूसरे दौर की शुरुआत ही की थी कि बारिश के कारण खेल रोक दिया गया.

फिलहाल अनुमानित कट 1-ओवर के आसपास है. दूसरे दौर के बाकी मुकाबले गुरुवार सुबह पूरे होने के बाद लीडरबोर्ड की स्थिति और स्पष्ट होगी.

Travel Tips: कम बजट में चाहिए Switzerland जैसी खूबसूरती? भारत की ये 4 जगहें हैं परफेक्ट

स्विट्जरलैंड की खूबसूरती हर किसी को आकर्षित करती है। बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे मैदान, खूबसूरत झीलें और रंग-बिरंगे फूलों से सजे नजारे किसी सपने से कम नहीं लगते। हालांकि, विदेश यात्रा में फ्लाइट, होटल, खाना और घूमने-फिरने का खर्च काफी बढ़ सकता है।

अगर आपका बजट सीमित है, तो भारत में भी कई ऐसी जगहें हैं जहां आपको पहाड़ों, हरियाली, बर्फ और खूबसूरत वादियों के बीच यूरोप जैसी फील मिल सकती है। आइए जानते हैं ऐसी ही 4 खूबसूरत जगहों के बारे में।

1. खज्जियार, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित खज्जियार को अक्सर ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। यहां हरे-भरे मैदान, देवदार के घने जंगल और खूबसूरत पहाड़ी नजारे पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं।

खज्जियार झील और इसके आसपास का प्राकृतिक वातावरण बेहद मनमोहक है। अगर आपको प्रकृति के बीच शांत समय बिताना और खूबसूरत तस्वीरें लेना पसंद है, तो खज्जियार आपके लिए शानदार डेस्टिनेशन हो सकता है।

2. युमथांग वैली, सिक्किम

सिक्किम की युमथांग वैली को ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ भी कहा जाता है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, नदियां और रंग-बिरंगे फूलों से सजे मैदान देखने को मिलते हैं।

खास मौसम में पूरी घाटी फूलों के अलग-अलग रंगों से भर जाती है। प्राकृतिक खूबसूरती और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह काफी खास हो सकती है।

3. गुलमर्ग, जम्मू-कश्मीर

कश्मीर के खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र में स्थित गुलमर्ग भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां के विशाल घास के मैदान, बर्फीले पहाड़ और ठंडी हवाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

सर्दियों में गुलमर्ग बर्फ की चादर से ढक जाता है, जबकि गर्मियों में यहां हरियाली और खूबसूरत पहाड़ी नजारे देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि गुलमर्ग को देखकर कई लोगों को यूरोप की पहाड़ी जगहों की याद आती है।

4. मुनस्यारी, उत्तराखंड

अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत पहाड़ी जगह पर घूमना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का मुनस्यारी अच्छा विकल्प हो सकता है। यह जगह अपने शांत वातावरण और हिमालय के शानदार नजारों के लिए जानी जाती है।

मुनस्यारी में आपको पहाड़ों की खूबसूरती के साथ प्रकृति के करीब रहने का अनुभव मिलता है। अगर आप ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां घूमने के साथ-साथ सुकून के कुछ पल भी मिलें, तो मुनस्यारी को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

कम बजट में लें यूरोप जैसी फील

स्विट्जरलैंड की यात्रा भले ही महंगी हो सकती है, लेकिन भारत में भी प्राकृतिक खूबसूरती की कोई कमी नहीं है। खज्जियार, युमथांग वैली, गुलमर्ग और मुनस्यारी चारों जगहें अपने अलग-अलग प्राकृतिक आकर्षण के लिए जानी जाती हैं।

अगर आपका बजट कम है और आप पहाड़ों, हरियाली, बर्फ और खूबसूरत वादियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो विदेश जाने से पहले इन भारतीय डेस्टिनेशन को जरूर एक्सप्लोर कर सकते हैं।

Mirzapur The Movie: Gen-Z के विरोध प्रदर्शन पर अली फजल बोले- लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का हक

फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसकी स्टारकास्ट प्रमोशन में व्यस्त है। इसी सिलसिले में अली फजल, दिव्येंदु और जितेंद्र कुमार फिल्म के प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने फिल्म और अपने किरदारों से जुड़े कई अनुभव साझा किए।

इसी दौरान अली फजल ने Gen-Z के प्रदर्शनों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना और आवाज उठाना हर व्यक्ति का अधिकार है। उनके मुताबिक, समाज में उठने वाली ऐसी आवाजों को सुना जाना भी जरूरी है।

Gen-Z के प्रदर्शन पर क्या बोले अली फजल?

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अली फजल ने Gen-Z के प्रदर्शनों पर बात की। उन्होंने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोगों को अपनी बात रखने और अपनी आवाज उठाने का अधिकार है।

एक्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज में अलग-अलग मुद्दों को लेकर उठने वाली आवाजों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें सुना जाना चाहिए।

बड़े पर्दे पर लौट रही ‘मिर्जापुर’ की कहानी

वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ की जबरदस्त लोकप्रियता के बाद अब इसकी कहानी फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर पहुंचने जा रही है। फिल्म में पुराने किरदारों के साथ नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे।

अली फजल ने फिल्म के कंटेंट के बारे में बात करते हुए बताया कि इसमें परिवार और युवाओं से जुड़े पहलुओं के साथ गुस्सा, प्यार, एक्शन और बदले की कहानी देखने को मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कहानी में समाज के भीतर मौजूद गुस्से को भी जगह दी गई है। अपने किरदार के प्रभाव पर बात करते हुए अली फजल ने कहा कि किसी किरदार को लंबे समय तक निभाने के बाद उसका कुछ हिस्सा कलाकार के व्यक्तित्व में भी रह जाता है। हालांकि, वह निजी जीवन और किरदार के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं।

ब्रह्मा मिश्रा को याद कर भावुक हुए दिव्येंदु

‘मुन्ना भैया’ के किरदार से लोकप्रिय हुए दिव्येंदु ने फिल्म के बारे में बताया कि इसकी कहानी का कनेक्शन ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन से भी जुड़ा हुआ है। फिल्म में पुराने किरदारों के साथ कुछ नए किरदारों को भी शामिल किया गया है।

बातचीत के दौरान दिव्येंदु दिवंगत अभिनेता ब्रह्मा मिश्रा को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि टीम उन्हें बहुत याद करती है और शूटिंग के दौरान भी उनकी कमी महसूस हुई।

दिव्येंदु के लिए अपने पुराने किरदार में दोबारा उतरना भी आसान नहीं था। हालांकि, शूटिंग शुरू होने के बाद धीरे-धीरे वह फिर उसी किरदार के अंदाज में ढल गए।

जितेंद्र कुमार को अली फजल ने सिखाई बंदूक चलाना

फिल्म में नजर आने वाले जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह कहानी पहले सीजन से आगे निकलकर एक अलग दुनिया तैयार करती है। उन्होंने अपने किरदार के अनुभव को शानदार बताया।

मजाकिया अंदाज में जितेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि फिल्म के लिए बंदूक चलाना उन्हें अली फजल ने सिखाया।

रवि किशन निभाएंगे विलेन का रोल

फिल्म में अभिनेता रवि किशन भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। अली फजल ने बताया कि रवि किशन फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे हैं।

उन्होंने रवि किशन की तारीफ करते हुए कहा कि अभिनेता लगातार कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं और फिल्म में उनका किरदार भी काफी महत्वपूर्ण है।

4 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म

‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता को देखते हुए ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। फिल्म में पुराने चेहरों के साथ नए किरदार और नया सिनेमाई अनुभव देखने को मिलेगा।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

20 KM की तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब : डॉ. राजेश्वर सिंह के आह्वान पर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा सरोजनीनगर

लखनऊ, 12 अगस्त 2026। “हर हाथ में तिरंगा, हर दिल में हिंदुस्तान” के उद्घोष के साथ बुधवार को सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में 20 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। भीषण गर्मी के बावजूद यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों, युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यात्रा में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आर.पी. सिंह की मौजूदगी ने विशेष रूप से युवाओं में जोश बढ़ाया।

यात्रा एचपी पेट्रोल पंप, अशोक लीलैंड गेट नंबर-2 से शुरू होकर वृंदावन योजना, तेलीबाग स्थित सार्वजनिक पार्क में संपन्न हुई। पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने यात्रा का स्वागत किया। अमौसी मेट्रो स्टेशन अंडरपास, हेमू कालाणी चौराहा, हिंदनगर, आशियाना, लोक बंधु, खजाना चौराहा, सालेह नगर, किला चौराहा और सरपोटगंज सहित अनेक स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग यात्रा से जुड़े।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्र प्रथम, बलिदान का स्मरण और युवा एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोने वाली राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। यात्रा स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के त्याग को नमन करने तथा नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने का माध्यम बनी।

यात्रा के दौरान Gen Z युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। “एक तिरंगा, एक राष्ट्र, एक संकल्प-भारत सर्वोपरि” के संदेश के साथ युवाओं ने राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान सेवा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी पहल की गई। तारा शक्ति महिला समूह की महिलाओं को 70 सिलाई मशीनों का वितरण किया गया, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

यात्रा में पूर्व सांसद रीना चौधरी, पूर्व पार्षद प्रत्याशी सतगुरु रावत, पार्षद गीता देवी, अर्चना सिंह, ओम प्रकाश, पार्षद राम नरेश रावत, के.के. श्रीवास्तव, पार्षद सौरभ सिंह मोनू, पार्षद विमल तिवारी, शिविता गोयल, पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, कमलेश सिंह, हिमांशु अंबेडकर, विनोद मौर्य सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।

समापन अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि संजीव अवस्थी, पूर्व मंत्री वीरेंद्र तिवारी, पूर्व कोऑपरेटिव चेयरमैन वीरेंद्र प्रताप सिंह एवं बहुमनेंद्र सिंह “मुन्ना” समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। तेज नारायण, अमरेंद्र बाहुबली, बाबू सिंह चौहान, आकाश सिंह, विकास सिंह, शेरा सिंह, अरविंद शुक्ला “पिंटू”, पिंटू तिवारी, रंजीत रावत, शुभम राजपूत, अजीत यादव, सुनील यादव और योगेश मिश्रा समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने भी यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाई।

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में निकली यह तिरंगा यात्रा राष्ट्रप्रेम, बलिदान के सम्मान, युवा शक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए सरोजनीनगर में एक बड़े जनभागीदारी कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुई।