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महाकुंभ 2025: सांस्कृतिक विरासत की छवि दुनिया के मंचों पर उकेरने को तैयार उत्तर प्रदेश

प्रयागराज/लखनऊ, 27 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेते हुए इसे दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रयागराज दौरे के दौरान सीएम योगी ने 237.38 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा, स्वच्छता और गंगा सेवा से जुड़ी परियोजनाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे पूर्वजन्मों के पुण्यों का प्रताप बताते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के मंचों पर ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर करार दिया।

भव्य और दिव्य महाकुंभ 2025 का खाका

महाकुंभ 2025, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। इसमें छह प्रमुख स्नान तिथियों का आयोजन होगा, जिनमें पौष पूर्णिमा (13 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी), बसंत पंचमी (3 फरवरी), माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) और महाशिवरात्रि (26 फरवरी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कुम्भ का क्षेत्र 4,000 हेक्टेयर में फैला होगा, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है।

कार्यक्रम में 25 सेक्टर तैयार किए गए हैं, जिनमें 1,850 हेक्टेयर पार्किंग क्षेत्र शामिल है। 14 फ्लाईओवर, 9 पक्के घाट, 7 रिवर फ्रंट रोड, और 12 किमी के अस्थायी घाट के साथ-साथ 550 शटल बसें, 7,000 रोडवेज बसें और 7 नए बस स्टैंड की भी व्यवस्था की जा रही है।

सफाई और स्वच्छता पर विशेष जोर

महाकुंभ में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए 1.5 लाख से अधिक शौचालय बनाए जा रहे हैं, जिनमें 10,000 से अधिक स्वच्छताकर्मियों की तैनाती होगी। पिछली बार के 80,000 टेंट की तुलना में इस बार 1.6 लाख टेंट लगाए जाएंगे। 400 किमी के 30 पॉन्टून ब्रिज बनाए जा रहे हैं, जबकि 67,000 स्ट्रीट लाइट्स और 2,000 सोलर हाइब्रिड लाइट्स स्थापित की जा रही हैं।

पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1,249 किमी पाइपलाइन, 200 वाटर एटीएम और 85 नलकूप लगाए जा रहे हैं।

डिजिटल कुम्भ: नई परिकल्पना

महाकुंभ 2025 को “डिजिटल कुम्भ” के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रयागराज सिटी का डिजिटल टूरिज्म मैप तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालु अपने स्मार्टफोन के जरिए मार्ग और गंतव्य की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर के दूसरे सप्ताह में प्रयागराज आएंगे और साढ़े 6 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

महाकुंभ की नींव में स्वच्छताकर्मियों का सम्मान

मुख्यमंत्री ने स्वच्छताकर्मियों और नाविकों को महाकुंभ की सफलता की आधारशिला बताते हुए उनके योगदान को सराहा। उन्होंने 2019 के कुम्भ का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मानित किया था। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महाकुंभ 2025 के समापन पर उनका विशेष सम्मान किया जाएगा।

महाकुंभ के दौरान विकास परियोजनाएं

शहर में 18 लाख वर्ग फीट पर स्ट्रीट आर्ट और वॉल म्यूरल प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। चार सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का उन्नयन भी किया जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए सीसीटीवी और हाई-टेक उपकरणों से क्षेत्र को लैस किया जा रहा है।

भारत की सांस्कृतिक धरोहर की पहचान

महाकुंभ 2025 केवल एक आध्यात्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर उकेरने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार इसे भव्य, दिव्य और आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित बनाने की पूरी तैयारी में जुटी है।

10 दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगी महाकुम्भ की तैयारी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  • 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री प्रयागराज में करेंगे विकास कार्यों का लोकार्पण
  • प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप डिजिटल महाकुम्भ का भी होगा डिस्प्ले
  • 2019 की तुलना में 800 हेक्टेयर अतिरिक्त बढ़ाया गया है मेला क्षेत्र
  • टेंटेज की संख्या को दोगुना करके 1.80 लाख किया जा रहा

प्रयागराज/लखनऊ, 27 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महाकुम्भ-2025 की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि भव्य और दिव्य आयोजन की तैयारी एक माह पहले यानि 10 दिसंबर तक पूर्ण हो जाएंगी। 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज आएंगे और कई विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ-2025 की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। आज एक बार फिर शासन और प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने प्रयागराज महाकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा की है। चल रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया है। जैसा कि पिछली बार भी कहा था कि युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही हैं। यद्यपि बरसात एक महीने आगे तक चलने के कारण हम लोग पिछली बैठक के दौरान एक महीना विलंब पर थे, लेकिन इसके बावजूद 13 जनवरी से लेकर 26 फरवरी के बीच प्रयागराज महाकुम्भ का यह आयोजन भव्य और दिव्य रूप से आयोजित कराया जाएगा। इस भव्य और दिव्य आयोजन की तैयारी एक महीना पहले पूर्ण हो चुकी होंगी। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य होगा कि प्रयागराज महाकुम्भ 2025 के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन हम सबको प्राप्त होगा। इस दृष्टि से यहां पर तेजी से तैयारियां चल रही हैं। हर विभाग और केंद्र तथा राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी करेंगे विकास कार्यों का लोकार्पण

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली बार भी कहा था कि इस बार मेला का क्षेत्रफल हम लोगों ने 2019 की तुलना में 800 हेक्टेयर अतिरिक्त बढ़ाया है। पिछली बार हम लोगों ने कुम्भ के दायरे को काफी बढ़ाया था और उसका काफी अच्छा सार्थक परिणाम देखने को मिला था। गत कुम्भ में लगभग 80,000 के आसपास टेंटेज और 60,000 के आसपास संस्थाओं को हमने भूमि प्रदान की थी। इस बार हम टेंटेज की संख्या दोगुना 1 लाख 80 हजार करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े हुए और भारत के अंदर भारतीयता की परंपरा से जुड़े हुए हर उस व्यक्ति को जो गंगा मइया पर, भगवान प्रयागराज पर आस्था और श्रद्धा का भाव रखा है, उन्हें यहां पर प्रयागराज महाकुम्भ में आकर इस पूरी व्यवस्था के साथ जुड़ने का एक अवसर प्राप्त होगा। पूरे देश से आने वाले पूज्य संतों को, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों को यह अवसर मिलेगा। इसके लिए कुम्भ क्षेत्र में भी और सिटी के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। यह सभी कार्य समयबद्ध तरीके से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य 30 नवंबर तक, कुछ कार्य 10 दिसंबर तक पूर्ण हो चुके होंगे। उसके उपरांत प्रधानमंत्री जी का यहां पर 13 दिसंबर को आगमन होगा। वह यहां मां गंगा की पूजा और आरती भी करेंगे। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जी के द्वारा डिजिटल कुम्भ की जो अपेक्षा की गई है, उसके डिस्प्ले के कार्यक्रम का अवलोकन भी करेंगे तथा प्रयागराज के भव्य और दिव्य कुम्भ की दृष्टि से यहां पर विकास के जो कार्य हुए हैं, उन सबके लोकार्पण का भी कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप सबके प्रयागराज महाकुम्भ की दृष्टि से सकारात्मक योगदान के लिए आपका धन्यवाद करता हूं और अपेक्षा करता हूं कि पूरे कु्म्भ के दौरान प्रयागराज की छवि को आप लोग देश-दुनिया के रूप में बहुत ही पॉजिटिव तरीके से प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज आमंत्रित करने के लिए सरकार के अभियान में भी अपना सार्थक योगदान देंगे।

योगी के यूपी मॉडल की वैश्विक धूम: आईआईटीएफ 2024 में यूपी पवेलियन को गोल्ड मेडल

  • उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का प्रतिनिधित्व करते हुए पवेलियन में भदोही, मुरादाबाद, कन्नौज और वाराणसी जैसे जिलों के प्रमुख उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
  • बी2बी और बी2सी प्लेटफॉर्म पर करोड़ों रुपये के ऑर्डर प्राप्त हुए, जो राज्य के एमएसएमई और ओडीओपी उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
  • 20+ स्टॉल्स महिला उद्यमियों द्वारा संचालित किए गए, जिन्होंने परंपरा और आधुनिकता के संगम को प्रदर्शित किया।
  • उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यूपी पवेलियन को गोल्ड मेडल और “साझेदार राज्य” का पदक मिला।
  • राज्य के बेहतरीन उत्पादकों और उद्यमियों को पुरस्कार और नकद प्रोत्साहन दिया गया।

नई दिल्ली/लखनऊ, 27 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य का विकास मॉडल वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF 2024) में देखने को मिला, जहां उत्तर प्रदेश पवेलियन ने गोल्ड मेडल जीतकर राज्य की पहचान को और मजबूत किया।

प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने समापन समारोह के दौरान कहा, “योगी का यूपी मॉडल न केवल देश में, बल्कि दुनिया भर में सराहा जा रहा है। आईआईटीएफ जैसे मंच हमारे कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं।” इस वर्ष यूपी पवेलियन में तीन लाख से अधिक लोगों ने शिरकत की, जिससे प्रदेश के उद्यमियों को करोड़ों रुपये के बी2बी और बी2सी ऑर्डर मिले।

उत्तर प्रदेश पवेलियन: उपलब्धियां और वैश्विक पहचान

1. गोल्ड मेडल सम्मान: उत्तर प्रदेश पवेलियन को उत्कृष्ट प्रस्तुति और वैश्विक निवेशकों के बीच बढ़ती पहचान के लिए गोल्ड मेडल और “साझेदार राज्य” का विशेष प्रशंसा पदक प्राप्त हुआ।
2. उत्कृष्ट प्रदर्शन: पवेलियन में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद), हस्तशिल्प, और एमएसएमई उत्पादों ने राज्य की सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत को बखूबी दर्शाया। भदोही की कालीन, मुरादाबाद की पीतल कारीगरी, कन्नौज का इत्र, और वाराणसी की रेशमी साड़ियों ने सबसे अधिक आकर्षण बटोरा।
3. महिला उद्यमियों की भागीदारी: यूपी पवेलियन में 20 से अधिक स्टॉल महिला उद्यमियों ने संचालित किए, जिन्होंने चिकनकारी, ऑर्गेनिक उत्पाद, और हस्तशिल्प से संबंधित अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
4. सर्वश्रेष्ठ उद्यमियों का सम्मान: कानपुर की एफ. के इंटरनेशनल को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 का चेक दिया गया, जबकि नोएडा की मोड रिटेल सेल्स एंड मार्केटिंग और आजमगढ़ के विवर्स हैंडलूम विकास केंद्र को क्रमश: द्वितीय और तृतीय स्थान मिला।
5. व्यापार और निवेश के अवसर: पवेलियन में 120 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाने का अवसर मिला।

इजराइल में उत्तर प्रदेश के कुशल युवाओं की मांग, योगी सरकार ने खोले रोजगार के नए दरवाजे

भारत-इजराइल ड्राइव 3.0: यूपी सरकार के तहत अब तक 9,000 श्रमिकों को इजराइल में रोजगार मिला।
उच्च वेतन: श्रमिकों को इजराइल में ₹1.25 से ₹1.5 लाख तक का मासिक वेतन।
विशेष प्रशिक्षण: भाषा और तकनीकी दक्षता के लिए श्रमिकों को प्रशिक्षण।
आत्मनिर्भरता: इजराइल से लौटे श्रमिक नए रोजगार सृजन में सक्षम हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री मिशन रोजगार: अगले चरण में 5,000 और श्रमिक इजराइल भेजे जाएंगे।

लखनऊ, 27 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के युवा वैश्विक अवसरों से जुड़कर अपनी कुशलता का प्रदर्शन कर रहे हैं। खेती, उद्योग, सॉफ्टवेयर और निर्माण क्षेत्र तक हर क्षेत्र में नए कौशल सीखने के साथ-साथ अब उन्हें इजराइल जैसे देशों में रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

राजधानी लखनऊ में आयोजित भारत-इजराइल ड्राइव 3.0 कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और इजराइल सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अब तक 9,000 से अधिक कुशल श्रमिकों को इजराइल में रोजगार मिला है। उन्होंने कहा, “कुशल भारतीय युवाओं के हाथों इजराइल के विकास में नया योगदान होगा।”

इजराइल में रोजगार के अवसर

इजराइल में उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को भवन निर्माण, मॉल प्रबंधन, और तकनीकी कार्यों में काम करने का अवसर मिल रहा है। इन श्रमिकों को ₹1.25 लाख से ₹1.5 लाख तक का मासिक वेतन दिया जा रहा है। रोजगार से पहले श्रमिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें उनकी भाषा और तकनीकी दक्षता को उन्नत बनाया जा रहा है, ताकि उन्हें कार्यस्थल पर किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रोजगार से अधिक, अनुभव का भी लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है। इजराइल में कार्य करने वाले श्रमिक जब वापस लौटते हैं, तो वे अपने अनुभव के आधार पर नए रोजगार सृजन और अपने व्यवसाय को और उन्नत करने में भी सक्षम हो रहे हैं। यह पहल युवाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बना रही है।

मुख्यमंत्री मिशन रोजगार योजना का विस्तार

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मिशन रोजगार योजना के तहत राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए इजराइल सरकार के साथ ड्राइव 3.0 कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत अगले चरण में 5,000 और श्रमिकों को इजराइल भेजने की योजना है।

विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ

कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिकों और युवाओं के लिए कौशल विकास का एक बड़ा मंच प्रदान करेगी। लखनऊ स्थित राजकीय आईटीआई में आयोजित स्किल टेस्ट के दौरान श्रमिकों के प्रदर्शन और उत्साहवर्धन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश के युवा अब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

योगी सरकार का यह प्रयास प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का एक प्रभावी कदम है। यह न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान देगा, बल्कि युवाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में भी मददगार साबित होगा।

इस अनाज के चमत्कारी फायदे जानकर आप चौंक जाएंगे: वजन घटाने से लेकर हड्डियों की मजबूती तक करता है मदद

सर्दियों के दौरान बाजरा का सेवन अधिक होता है, यह सेहत के साथ ही बॉडी को गर्म रखता है। वैसे तो बाजरा एक महत्वपूर्ण एवं पौष्टिक अनाज है, इसकी सर्वाधिक खेती राजस्थान में होती है। बाजरा अपने अत्यधिक पौष्टिक गुणों और विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। बाजरे के माध्यम से सैकड़ों व्यंजन बनाए जा सकते हैं, हालांकि बाजरे की रोटी सबसे लोकप्रिय है। सर्दियों के दौरान बाजरे की रोटी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। इसके अलावा बाजरे की खिचड़ी, बाजरे का दलिया और बाजरे के लड्डू भी आमतौर पर बनाये जाते हैं।

बाजरा आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और विटामिन बी से भरपूर होता है। जो मैग्नीशियम, फास्फोरस और विटामिन बी से भरपूर है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्त्रोत पाया जाता है। बाजरे में फाइबर की अधिक मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करता है।

बाजरा खाने के फायदे

पाचन में सुधार

 बाजरे में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को बढ़ावा देता है और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है।

हार्ट स्वस्थ रखता

बाजरा में मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रोग के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। बाजरे के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल का लेवल कंट्रोल में रहता है, यह समग्र ह्रदय स्वास्थ्य में सुधार होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद

बाजरा के सेवन से डायबिटीज का स्तर कंट्रोल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसका मतलब है कि यह शरीर में धीरे-धीरे शर्करा में तबदील हो जाता है। इसके साथ ही यह रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि को रोकने में मदद करता है, बाजरा टाइप 2 डायबिटीज वाले व्यक्तियों के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प बन जाता है।

वजन घटाने में मदद मिलती

बाजरा अपने उच्च फाइबर और प्रोटीन सामग्री के कारण ही वजन घटाने में सहायक होता है। इसके सेवन से पेट काफी लंबे समय तक भरा हुआ रहता है।

हड्डियां रहती मजबूत

बाजरा में कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होता है, इसलिए इससे हड्डियां मजबूत रहती है। इसके अलावा गठिया और हड्डी से संबंधित अन्य समस्याओं जैसी स्थितियों को रोकने में मदद मिलती है।