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नहीं होने देंगे किसी के साथ अन्याय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

cm jantadarshan
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  • 300 लोगों की समस्याएं सुनीं: मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान हर व्यक्ति से उनकी समस्याएं सुनीं।
  • जमीन विवाद पर सख्त निर्देश: पारिवारिक विवादों में वार्ता और दबंगई मामलों में कड़ी कार्रवाई के आदेश।
  • इलाज के लिए सहायता: इलाज से संबंधित प्रार्थना पत्रों पर शीघ्र कार्रवाई कर शासन को भेजने के निर्देश।
  • पारदर्शी प्रशासन पर जोर: पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में निष्पक्षता की अपील।
  • बच्चों से संवाद: बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और उन्हें चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया।

गोरखपुर/लखनऊ, 1 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल होकर करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनीं। जनता से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर पीड़ित की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का निस्तारण शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

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जनता दर्शन कार्यक्रम में गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की बात पर गंभीरता से ध्यान दिया और उनके प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को हस्तगत करते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए तत्पर है और इस दिशा में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का स्नेहिल संवाद

रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ आए बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनके नाम, पढ़ाई और रुचियों के बारे में बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ हंसी-ठिठोली की और उन्हें खूब पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें चॉकलेट गिफ्ट की। बच्चों और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री के इस स्नेहिल व्यवहार की सराहना की।

जमीन विवाद और दबंगई पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

जनता दर्शन में कई लोगों ने जमीन विवाद और अवैध कब्जों की शिकायतें मुख्यमंत्री से कीं। इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि विवाद पारिवारिक हो, तो संबंधित पक्षों के बीच वार्ता कराकर समाधान निकाला जाए। अगर मामला बातचीत से नहीं सुलझता है, तो विधिक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी दबंग को किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इन मामलों में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

इलाज के लिए आर्थिक सहायता का भरोसा

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर मुख्यमंत्री से मिले। सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि सरकार जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज से संबंधित प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज से जुड़े अनुमानों और दस्तावेजों को शीघ्र तैयार कर शासन को भेजा जाए ताकि पीड़ितों को समय पर मदद मिल सके।

पुलिस और राजस्व मामलों में पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों को भी सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें संतुष्ट किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री नन्दी के काफिले की बोलेरो गाड़ी ट्रैक्टर से टकराई, चार घायल

  • बोलेरो गाड़ी कांटी चौकी के पास ट्रैक्टर से टकराई।
  • सीआरपीएफ के तीन जवान और चालक घायल, सिर और हाथ में गंभीर चोटें।
  • ट्रैक्टर चालक की पहचान और लापरवाही की जांच जारी।
  • नन्दी ने घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
  • घायलों को बस्ती से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल रेफर किया गया।

संत कबीरनगर, 30 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ के काफिले की बोलेरो गाड़ी संत कबीरनगर जिले के कांटी चौकी के पास ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में मंत्री की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के तीन जवान और बोलेरो के चालक नीरज घायल हो गए। यह दुर्घटना ट्रैक्टर चालक की लापरवाही के कारण हुई।

घटना उस समय हुई जब मंत्री नन्दी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के 35वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के बाद लखनऊ लौट रहे थे। काफिले में शामिल बोलेरो गाड़ी संत कबीरनगर में कांटी चौकी के पास एक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में दो जवानों को सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक जवान के हाथ पर चोट लगी। बोलेरो के चालक नीरज को भी चोटें आई हैं।

मंत्री नन्दी ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाया

दुर्घटना के तुरंत बाद मंत्री नन्दी ने घायलों को अपनी गाड़ी में बिठाकर बस्ती जिले के श्री कृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान एडिशनल एसपी और सीओ सिटी भी अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस कर रही जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

यह हादसा सरकारी काफिले की सुरक्षा और सड़कों पर बढ़ती लापरवाही का एक और उदाहरण है। मंत्री नन्दी ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायल जवानों को समय पर उपचार दिलाने और लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचाने की पहल की।

यूपीएसआरटीसी के कर्मचारियों को मिलेगा ₹1 करोड़ तक का बीमा कवर: परिवहन निगम बेहतर, सुलभ एवं सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने के लिए कटिबद्ध- दयाशंकर सिंह

transport department
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  • यूपीएसआरटीसी और इंडियन बैंक ने ₹1 करोड़ के बीमा कवर के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
  • दुर्घटना की स्थिति में बेटी की शादी और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹10 लाख की सहायता।
  • परिवहन मंत्री ने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन का शुभारंभ किया।
  • चालकों और परिचालकों को वर्दी के लिए ₹1800 का चेक प्रदान किया गया।
  • कार्यक्रम में परिवहन और बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लखनऊ, 30 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) और इंडियन बैंक ने आज एक ऐतिहासिक समझौता (एमओयू) किया। इस समझौते के तहत परिवहन निगम के कर्मचारियों को ₹1 करोड़ तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया, जिसमें परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

परिवहन मंत्री ने इस समझौते को परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि परिवहन सेवा जोखिमपूर्ण होती है। ऐसे में कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में मृतक कर्मचारी के परिजनों को ₹1 करोड़ तक का बीमा कवर मिलेगा।

कर्मचारियों के लिए बीमा योजना का लाभ

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि इंडियन बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई यह योजना कर्मचारियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाएगी। दुर्घटनाओं के मामलों में बैंक द्वारा टर्म लाइफ पॉलिसी के तहत अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • बेटी की शादी के लिए ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता।
  • बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹10 लाख तक की सहायता।
  • मृत्यु होने पर परिजनों को ₹1 करोड़ तक का बीमा कवर।

मंत्री ने कहा कि यह पहल कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ उनकी कार्य क्षमता को भी बढ़ाएगी। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इंडियन बैंक से जुड़ें और इस योजना का लाभ उठाएं।

व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग और पैनिक बटन की शुरुआत

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री ने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन की शुरुआत की। इस नई सुविधा के तहत यात्री अब घर बैठे बसों की लोकेशन जान सकेंगे। यह तकनीक यात्रियों को समय पर बस तक पहुंचने में मदद करेगी। इसके अलावा, आकस्मिक स्थिति में पैनिक बटन दबाकर आपातकालीन सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार का प्रयास है कि यात्रियों को सुलभ, बेहतर और सुरक्षित परिवहन सेवाएं मिलें। इस तकनीकी पहल से लोगों को एक सुरक्षित यात्रा का अनुभव होगा।”

चालकों और परिचालकों को वर्दी के लिए आर्थिक सहायता

कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री ने चालकों और परिचालकों को वर्दी के लिए ₹1800 का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वर्दी न केवल कर्मचारियों की पहचान है, बल्कि यह निगम की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करती है। उन्होंने यूपीएसआरटीसी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

अत्याधुनिक सेवाओं का विस्तार

परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अत्याधुनिक तकनीक और सेवाओं को अपनाकर परिवहन निगम को बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि निगम इतना मजबूत हो जाए कि ब्याज से ही इसके संचालन की व्यवस्था हो सके।”

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपर मुख्य सचिव परिवह एल. वेंकटेश्वर लू, विशेष सचिव परिवहन के.पी.सिंह, प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर, और इंडियन बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बृजेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या पर डॉ. राजेश्वर सिंह की चिंता: समाधान के लिए प्रभावी नीतियों की जरूरत

rajeshvar singh
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  • 2030 तक विश्व के हर दसवें मोटे बच्चे में से एक भारत से होगा।
  • भारत में 1990 से 2022 तक बच्चों में मोटापे की दर में 31 गुना वृद्धि हुई।
  • मोटापे के मुख्य कारणों में मीठे पेय, जंक फूड और शारीरिक निष्क्रियता शामिल हैं।
  • सरोजनीनगर में खेल लीग, ओपन जिम, और युवा क्लबों के जरिए खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि सामुदायिक प्रयासों और नीतिगत सुधारों से मोटापे की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

लखनऊ (सरोजनीनगर), 30 नवम्बर 2024: बच्चों में मोटापा (ओबेसिटी) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो न केवल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चुनौती है, बल्कि देश के भविष्य को भी खतरे में डाल सकती है। सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए समाधान के लिए कारगर कदम उठाने की अपील की है।

डॉ. सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की और इससे जुड़े महत्वपूर्ण आँकड़ों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो 2030 तक वैश्विक मोटापे से ग्रस्त बच्चों में से हर दसवां बच्चा भारत से होगा।

बच्चों में मोटापे के चौंकाने वाले आँकड़े

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बच्चों में मोटापे से जुड़ी निम्नलिखित गंभीर स्थितियों को उजागर किया:

  1. वैश्विक स्तर पर भारत का योगदान: 2030 तक दुनिया भर में हर दसवें मोटे बच्चे में से एक भारत से होगा, जो देश में बढ़ते मोटापे के संकट को दर्शाता है।
  2. तीन दशकों में 31 गुना वृद्धि: 1990 में भारत में 0.4 मिलियन मोटे बच्चे थे, लेकिन 2022 तक यह संख्या 12.5 मिलियन हो गई, जो 31 गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है।
  3. शहरी और ग्रामीण असमानता: भारत में शहरी क्षेत्रों में मोटापे की दर 9.2% है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 4.2% है।
  4. मीठे पेय पदार्थ और जंक फूड: भारत में 42% बच्चे मीठे पेय पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड्स का अत्यधिक सेवन करते हैं।
  5. स्वास्थ्य पर प्रभाव: मोटापा बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जो भविष्य में देश की स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव डालेगा।
  6. शारीरिक निष्क्रियता का संकट: भारत में 42% बच्चे दैनिक शारीरिक गतिविधियों के मानकों को पूरा नहीं करते हैं, जो मोटापे का एक बड़ा कारण है।

मोटापे की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक कदम

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए कई प्रभावी कदम सुझाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामूहिक प्रयासों और सरकारी नीतियों के जरिए ही इस समस्या को हल किया जा सकता है।

1. खेल और शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देना

डॉ. सिंह ने कहा कि स्कूलों में खेल, योग, और शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। अधिक से अधिक पार्क, खेल मैदान और सामुदायिक खेल कार्यक्रमों का निर्माण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किया जाना चाहिए।

2. स्वस्थ आहार को बढ़ावा देना

स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए, जिनमें बच्चों और उनके अभिभावकों को संतुलित आहार के महत्व को समझाया जा सके। स्कूलों को जंक फूड की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए और स्वस्थ भोजन विकल्पों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

3. अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के विपणन पर नियंत्रण

बच्चों को लक्षित करके बेचे जाने वाले अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर सख्त नियंत्रण लगाना चाहिए। उत्पादों पर पोषण से संबंधित स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि अभिभावक सही निर्णय ले सकें।

4. व्यापक जागरूकता अभियान

सरकार, स्वास्थ्य संस्थान और स्कूलों को मिलकर बच्चों के मोटापे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जागरूकता फैलानी चाहिए।

5. स्वास्थ्य नीति में सुधार

सरकार को बच्चों के मोटापे को कम करने के लिए एक ठोस और प्रभावी स्वास्थ्य नीति तैयार करनी चाहिए, जिसमें खेल और शारीरिक गतिविधि को प्रोत्साहित किया जाए।

सरोजनीनगर: खेल और युवा विकास की दिशा में सक्रिय प्रयास

डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर में खेलों और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बच्चों और युवाओं को फिट और सक्रिय रखने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।

1. खेल लीग का आयोजन

सरोजनीनगर में नियमित रूप से खेल लीग का आयोजन किया जाता है। ये लीग बच्चों और युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर प्रदान करती हैं।

2. ओपन जिम और खेल मैदानों का निर्माण

डॉ. सिंह ने बताया कि नए खेल मैदानों का निर्माण और पार्कों में ओपन जिम की स्थापना की जा रही है, जिससे बच्चों और युवाओं को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने में मदद मिल रही है।

3. युवा क्लबों का समर्थन

सरोजनीनगर में अब तक 150 से अधिक खेल क्लब स्थापित किए जा चुके हैं। इन क्लबों को वित्तीय सहायता और खेल उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि युवा विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

4. खेल संस्कृति को बढ़ावा देना

डॉ. सिंह ने कहा कि क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि शारीरिक गतिविधियां न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि एक स्वस्थ जीवन की कुंजी भी हैं।

सरोजनीनगर: एक स्वस्थ भविष्य की ओर प्रयास

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में सरोजनीनगर में खेलों और शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करते हैं। उनके प्रयासों से न केवल बच्चों के मोटापे को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि एक स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण में भी योगदान होगा।

भगवान बुद्ध के उपदेश विश्व शांति के लिए प्रासंगिक: केशव प्रसाद मौर्य

keshav prasad maurya
keshav prasad maurya
  • भगवान बुद्ध के उपदेश शांति, त्याग और तपस्या के प्रतीक हैं।
  • उत्तर प्रदेश में सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती जैसे स्थलों का विकास हो रहा है।
  • कौशाम्बी में विपश्यना केंद्र का निर्माण अंतिम चरण में है।
  • भगवान बुद्ध के विचार विश्व शांति और जीवन सुधार के लिए प्रासंगिक हैं।
  • समारोह में कई निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

लखनऊ, 30 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश और उनके दिखाए शांति के मार्ग आज की दुनिया के लिए अत्यधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का त्याग, तपस्या और शांति का संदेश पूरी दुनिया को प्रेरणा देता है। शनिवार को लखनऊ के ग्राम पंचायत मवई पड़ियाना स्थित शाक्यमुनि बुद्ध विहार और भिक्षु प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित श्रामेरण प्रशिक्षण शिविर और धम्म देशना (मेडिटेशन) के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, श्री मौर्य ने शांति और समर्पण की महत्ता पर जोर दिया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा दुनिया को शांति और प्रेम का संदेश दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री न केवल शांति का संदेश दे रहे हैं बल्कि इसे अपने कार्यों से सिद्ध भी कर रहे हैं। “दुनिया ने युद्ध दिया, भारत ने बुद्ध दिया,” इस बात को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होना चाहिए।

बुद्ध से जुड़े स्थलों का हो रहा है विकास

श्री मौर्य ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशाम्बी और संकिसा जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। कौशाम्बी में बन रहा विपश्यना केंद्र अब अपने अंतिम चरण में है। मठ और स्तूपों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

बुद्ध के संदेशों का प्रचार पूरे विश्व में

उप मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान बुद्ध के उपदेश और उनके शांति के मार्ग को विश्वभर में फैलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बुद्ध से जुड़े स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि विश्वभर से अनुयायी उत्तर प्रदेश आएं।

भगवान बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक

अपने संबोधन में श्री मौर्य ने बताया कि भगवान बुद्ध ने तीन बातों पर विशेष ध्यान देने को कहा था—इच्छाओं का त्याग, क्रोध पर नियंत्रण और ज्ञान का विस्तार। उन्होंने लोगों से भगवान बुद्ध के इन उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य राम चंद्र प्रधान, भिक्षु नीलरतन, और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।