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विश्व एड्स दिवस: एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामाजिक एकता पर जोर

AIDS
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  • जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार का संदेश: एड्स के प्रति समाज में फैली गलत धारणाओं को खत्म करने के लिए सामूहिक जागरूकता आवश्यक।
  • मुख्य आकर्षण: एचआईवी संक्रमित महिलाओं की रैंप वॉक और नौनिहाल बच्चों की डांस परफॉर्मेंस।
  • जागरूकता कार्यक्रम: नुक्कड़ नाटक, गाने, फैशन शो और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल।
  • राज्यव्यापी अभियान: जिलों में रैलियां, सेमिनार, स्लोगन लेखन और एड्स जागरूकता कैंप आयोजित।
  • सहयोगी संस्थाओं का योगदान: सीफॉर, हिंदुस्तान लेटेक्स और अन्य संगठनों की सक्रिय भागीदारी।

लखनऊ, 1 दिसंबर 2024: एड्स, जो कि एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने इस कार्यक्रम में कहा कि एड्स जैसी बीमारियों के प्रति समाज में कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं, जिन्हें सामूहिक जागरूकता और सामाजिक एकता के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एड्स से पीड़ित लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार आवश्यक है और इस दिशा में सरकार एवं समाज को मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम ‘टेक द राइट पाथ’ है, जो यह संदेश देती है कि एड्स से बचाव के लिए सही जानकारी और सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने उच्च जोखिम वाले समूहों जैसे ट्रांसजेंडर, सेक्स वर्कर और एचआईवी से प्रभावित अन्य वर्गों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि हमें एड्स पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना चाहिए और उनके साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

इस अवसर पर एचआईवी संक्रमित महिलाओं द्वारा रैंप वॉक मुख्य आकर्षण रही। आत्मविश्वास से भरी इन महिलाओं ने दर्शकों को संदेश दिया कि एड्स से ग्रसित व्यक्ति भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। दर्शकों ने इस पहल की जमकर सराहना की।

इसके अलावा, नौनिहाल बच्चों द्वारा प्रस्तुत डांस परफॉर्मेंस ने सभी का दिल जीत लिया। बच्चों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से एड्स के प्रति सकारात्मक सोच और सहानुभूति का संदेश दिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, गाने, डांस, और फैशन शो के माध्यम से एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।

एमिटी स्कूल की छात्राओं ने एड्स से बचाव के उपायों पर चर्चा की और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के सुझाव दिए। कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें एसटीआई, एआरटी, टीआई, ओएसटी, और टीबी-एचआईवी से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉलों ने दर्शकों को एड्स की रोकथाम और उपचार के संबंध में जागरूक किया।

राज्यव्यापी जागरूकता अभियान

उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी एड्स जागरूकता अभियान का व्यापक आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के संयुक्त निदेशक रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी के नेतृत्व में रैलियां, सेमिनार, नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
कॉलेजों में रेड रिबन क्लबों के माध्यम से युवाओं को एड्स के प्रति जागरूक किया गया। स्लोगन लेखन और समूह संवाद जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को इस मुद्दे पर जानकारी दी गई।

सहयोगी संस्थाओं का योगदान

कार्यक्रम में हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट, सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर), हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया, और हेल्पिंग यूथ फाउंडेशन जैसी सहयोगी संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने जागरूकता फैलाने के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने किया सामूहिक प्रयास का आह्वान

जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने सभी सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि एड्स को खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर काम करना होगा।

आईआईटी कानपुर में “भारत के विकास में नवाचार की भूमिका” पर आयोजित कार्यक्रम: उपराष्ट्रपति और राज्यपाल ने साझा किए विचार

iit kanpur
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  • उपराष्ट्रपति और राज्यपाल ने आईआईटी कानपुर में “भारत के विकास में नवाचार की भूमिका” पर अपने विचार साझा किए।
  • उपराष्ट्रपति ने किसानों के लिए तकनीकी नवाचार और 400 से अधिक स्टार्टअप्स के समर्थन की प्रशंसा की।
  • राज्यपाल ने कहा कि नवाचार का उद्देश्य समाज की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
  • नवाचार और तकनीकी प्रगति के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र बनाने पर जोर दिया गया।
  • संस्थान के तकनीकी और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

कानपुर, 01 दिसंबर 2024: आज आईआईटी कानपुर में “भारत के विकास में नवाचार की भूमिका” पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम भारत के तकनीकी नवाचारों, उनके सामाजिक प्रभाव और भविष्य में आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके योगदान पर केंद्रित था।

उपराष्ट्रपति का संबोधन: नवाचार से सशक्त भारत की दिशा में

कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नवाचार को भारत के विकास और सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीकों का विकास करना नहीं है, बल्कि यह समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए स्मार्ट, टिकाऊ और स्केलेबल समाधानों पर काम करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान, जो तकनीकी उत्कृष्टता के प्रतीक हैं, नवाचार को बढ़ावा देकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इनकी सफलता ने न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रभाव डाला है। सिलिकॉन वैली जैसे स्थानों पर आईआईटी के छात्रों की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय शिक्षा प्रणाली में नवाचार की गहरी जड़ें हैं।

कृषि क्षेत्र में नवाचार पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने आईआईटी कानपुर से मिशन-मोड परियोजनाओं में शामिल होकर कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने के लिए तकनीकी नवाचार विकसित करने का आह्वान किया।

उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर ने 400 से अधिक स्टार्टअप्स का समर्थन किया है, जिनमें कई महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने ऐसे प्रयासों को और बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राज्यपाल का संबोधन: नवाचार से समाज की जरूरतों की पूर्ति

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नवाचार का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज की जरूरतों को समझते हुए समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नवाचार से भारत के हर वर्ग को लाभ मिला है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे केवल तकनीकी विशेषज्ञ न बनें, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले विचारों और परियोजनाओं पर भी काम करें।

2047 तक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सही दिशा में किए गए नवाचार भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने आईआईटी कानपुर को तकनीकी नवाचारों और सामाजिक परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी।

आईआईटी कानपुर: नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रति प्रतिबद्ध

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कार्यक्रम में संस्थान की भूमिका और प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज के लाभ के लिए तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने उपराष्ट्रपति द्वारा नवाचार के महत्व पर दिए गए विचारों की सराहना की और इसे संस्थान के मिशन के साथ मेल खाते हुए बताया।

प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी कानपुर उन परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है जो समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचा सकें। यह संस्थान छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करता है कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, उत्तर प्रदेश सरकार के खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन और कपड़ा मंत्री राकेश सचान, आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो. ब्रज भूषण, संस्थान के फैकल्टी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान चर्चा का मुख्य फोकस नवाचार के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेता बनाने पर रहा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ पूरब भाग द्वारा शारीरिक प्रधान कार्यक्रम का भव्य आयोजन

RSS poorvi lucknow
RSS poorvi lucknow
  • लखनऊ में संघ का शारीरिक प्रधान कार्यक्रम आयोजित।
  • क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने संघ के 99 वर्षों पर विचार रखे।
  • 14 नगरों से 486 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
  • वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज की।
  • शाखा से व्यक्तित्व निर्माण पर जोर दिया गया।

लखनऊ, 1 दिसंबर 2024: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लखनऊ पूरब भाग के तत्वावधान में शारीरिक प्रधान कार्यक्रम का आयोजन विभूति खंड, गोमती नगर स्थित शालीमार पार्क में किया गया। इस विशेष आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक श्री अनिल जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की प्रभावशाली भागीदारी रही।

शाखा से व्यक्तित्व निर्माण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान RSS के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने संघ के 99 वर्षों में किए गए कार्यों और समाज पर उसके प्रभाव की चर्चा की। उन्होंने शाखा के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि संघ में शामिल होने वाला एक साधारण व्यक्ति भी नियमित शाखा में भाग लेने के बाद अपनी सोच, आचरण और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव महसूस करता है।

उन्होंने कहा, “शाखा एक ऐसी पाठशाला है, जो न केवल शारीरिक और मानसिक विकास करती है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक स्वयंसेवक की जिम्मेदारी को भी जागरूक करती है। शाखा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया स्वाभाविक और अनुशासित ढंग से होती है।”

486 स्वयंसेवकों ने किया सहभाग

इस कार्यक्रम में पूरब भाग के 14 नगरों से आए कुल 486 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करना था।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति

आयोजन में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख रामलखन, विभाग संघचालक अरविंद जैन, विभाग प्रचारक अनिल, भाग संघचालक प्रभात, सह भाग संघचालक अरुण, भाग कार्यवाह ज्योति प्रकाश, सह भाग कार्यवाह मनुदेव और अभिषेक, भाग प्रचारक कमलेश, भाग शारीरिक प्रमुख अमित, सह भाग शारीरिक प्रमुख अंकुर, भाग बौद्धिक प्रमुख आशुतोष, सह भाग बौद्धिक प्रमुख राजेश और भाग व्यवस्था प्रमुख सुधीर शामिल थे। इन सभी ने स्वयंसेवकों को संघ के मूल उद्देश्य और समाजसेवा की भावना को समझने के लिए प्रेरित किया।

संघ के 99 वर्षों का योगदान

कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने संघ की 99 वर्षों की यात्रा का संक्षेप में वर्णन किया और समाज में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ ने हमेशा से राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है। चाहे वह आपदा प्रबंधन हो, सामाजिक सुधार, या देश की सुरक्षा, संघ के स्वयंसेवकों ने हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाई है।

समारोह का महत्व

इस प्रकार के शारीरिक प्रधान कार्यक्रम संघ के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक होते हैं। यह न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक सुदृढ़ता और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण को भी सशक्त करते हैं।

कार्यक्रम का संदेश

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि एक स्वस्थ और अनुशासित समाज का निर्माण तभी संभव है, जब व्यक्ति स्वयं को अनुशासन, मेहनत और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित करे। शाखा के माध्यम से यह भावना स्वयंसेवकों में विकसित की जाती है।

भक्त नरसी मेहता के जीवन का गुणगान: भक्तमाल कथा का चौथा दिन

भक्तमाल कथा ka chautha din
भक्तमाल कथा ka chautha din
  • भक्तमाल कथा के चौथे दिन रविवार को आचार्य रमाकांत गोस्वामी ने संत नरसी मेहता के जीवन की कथा सुनाई और उनकी भक्ति के उदाहरण दिए।
  • आचार्य ने बताया कि भक्त नरसी ने जाति-पांति के बंधनों को तोड़ा और समाज में समानता का संदेश फैलाया।
  • कथा में राधा स्नेह दरबार की सखियों ने बांस की बांसुरी पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
  • कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, दयाशंकर सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
  • सोमवार को कथा का समापन नानी बाई का मायरा के साथ होगा, और दोपहर में भंडारे का आयोजन होगा।

लखनऊ, 01 दिसम्बर 2024: लखनऊ के गोमती तट स्थित खाटूश्याम मंदिर परिसर में राधा स्नेह दरबार के तत्वावधान में आयोजित भक्तमाल कथा के चौथे दिन रविवार को संत नरसी मेहता के प्रेरणादायक जीवन का वर्णन किया गया। आचार्य रमाकांत गोस्वामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि जो भक्त भगवान की शरण में आता है, उसके सभी कष्ट और ऋण भगवान स्वयं अदा करते हैं। उन्होंने भक्त नरसी के जीवन से जुड़ी घटनाओं को विस्तार से साझा किया, जिसमें नरसी ने भगवान के प्रति अपनी अटूट भक्ति का प्रदर्शन किया और कठिनाइयों के बावजूद अपनी आस्था बनाए रखी।

भक्त नरसी मेहता का संघर्ष और भक्ति

आचार्य रमाकांत ने कथा के दौरान बताया कि नरसी मेहता का जीवन संघर्षों और भक्ति का अद्भुत मिश्रण था। उन्होंने बताया कि जब नरसी ने भोलेनाथ से सबसे प्रिय चीज की मांग की, तो भगवान शिव ने उन्हें कृष्ण भक्ति का वरदान दिया। इस वरदान ने नरसी के जीवन को एक नई दिशा दी, और उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कृष्ण भक्ति में ही व्यतीत कर दी। घर से निकाल दिए जाने और कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद, नरसी ने कभी अपनी भक्ति को नहीं छोड़ा। भगवान ने उनकी सहायता की और उनके जीवन की सभी समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने भगवान की कृपा से घर बनवाया और अपनी पुत्री का विवाह कराया, जिससे उनकी जीवन यात्रा सफल रही।

जाति-पांति के बंधनों को तोड़ना

आचार्य रमाकांत ने इस कथा के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि भक्त नरसी ने समाज में व्याप्त जाति-पांति के बंधनों को तोड़ते हुए एकता और समानता का संदेश फैलाया। उन्होंने बताया कि नरसी ने अपनी भक्ति में सभी भेदभावों को नकारते हुए यह बताया कि सच्चा भक्ति मार्ग जाति, धर्म या संप्रदाय से परे होता है। आचार्य ने इस समय की समस्याओं जैसे लव जिहाद और धर्मांतरण पर भी चर्चा की और सभी सनातनियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अगर हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे, लेकिन बंटेंगे तो कटेंगे।”

संगीत और नृत्य से भक्ति का उत्सव

कथा के दौरान राधा स्नेह दरबार की सखियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। उन्होंने “बांस की बांसुरिया पर धनौ इतरावै” गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया, जो दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ गया। इस भव्य आयोजन में संगीत का भी विशेष स्थान था। ढोलक पर कृष्णा शर्मा, कीबोर्ड पर मुकेश शर्मा, तबला पर राजेंद्र शर्मा और ऑक्टोपैड पर हरिओम शर्मा ने अपनी संगीत प्रस्तुति से कथा को जीवंत बना दिया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

भक्तमाल कथा के इस विशेष दिन कई प्रमुख मंत्री और समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल जी सहित अनेक अतिथियों ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में मनकामेश्वर मंदिर के श्रीमहंत देव्या गिरि जी महाराज, भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय राय, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओ.पी. श्रीवास्तव, समाजसेवी सुधीर हलवासिया और डीसीपी नॉर्थ आर.एन. सिंह ने भी भाग लिया।

भक्तमाल कथा का समापन और भविष्य की योजना

राधा स्नेह दरबार की अध्यक्ष बिंदू बोरा ने बताया कि सोमवार को भक्तमाल कथा का समापन नानी बाई का मायरा के साथ होगा। यह कथा प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगी और दोपहर 2 बजे भंडारे के साथ संपन्न होगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को समापन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

भक्तमाल कथा का आयोजन न केवल भक्तों के लिए एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश भी था कि भक्ति, एकता और समानता का मार्ग ही सच्चे मानवता का परिचायक है। यह कथा एक बार फिर यह साबित करती है कि एकजुट होकर हम हर समस्या का सामना कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

SKD वार्षिक खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम: छात्रों की प्रतिभा और एकता का उत्सव- डॉ.राजेश्वर सिंह

skd academy dr rajeshvar singh
skd academy dr rajeshvar singh
  • SKD का वार्षिक कार्यक्रम: SKD के छात्रों की प्रतिभा, एकता और शारीरिक-मानसिक विकास का सशक्त मंच।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश: युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान।
  • स्वास्थ्य पर फोकस: भारत में 1.25 करोड़ बच्चों के मोटापे की समस्या पर चिंता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील।
  • सतत विकास की बात: वर्ल्ड ओवरशूट डे 2024 का जिक्र करते हुए पर्यावरण संरक्षण और संसाधन बचाने पर जोर।
  • विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति: मंत्रियों और नेताओं ने छात्रों को प्रेरित करते हुए SKD संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की।

लखनऊ (सरोजनी नगर), 01 दिसम्बर 2024: SKD ग्रुप ऑफ एजुकेशन ने अपने वार्षिक खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन में छात्रों की प्रतिभा, एकता और शारीरिक व मानसिक विकास को प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरोजनी नगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शिरकत की। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि, “ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में मजबूत कदम हैं। SKD जैसी संस्थाएं हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रख रही हैं।”

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने SKD के निदेशक मनीष सिंह और उनकी दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में SKD ने 2024 में प्रतिष्ठित NAAC रैंकिंग हासिल की है। यह संस्थान न केवल शैक्षिक उत्कृष्टता में शीर्ष पर है, बल्कि अपने छात्रों को भावी नेतृत्व और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार कर रहा है।

विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति ने इसे और गरिमामय बना दिया। लखनऊ के सरोजनीनगर से जनप्रिय भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्य मंत्री (अल्पसंख्यक कल्याण) दानिश आज़ाद अंसारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री और MLC महेंद्र प्रताप सिंह, और बीजेपी अवध क्षेत्र के अध्यक्ष कमलेश जी ने छात्रों को अपने प्रेरक शब्दों से संबोधित किया।

इन नेताओं ने SKD ग्रुप को उनकी शैक्षिक गुणवत्ता और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए बधाई दी। साथ ही, छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश

डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस अवसर पर बच्चों और युवाओं की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि भारत में 1.25 करोड़ बच्चे मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के चलते मानसिक स्वास्थ्य भी एक बड़ी समस्या बन गया है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। खेलकूद, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जैसी आदतें उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होंगी।

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

डॉ. सिंह ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने 2024 के वर्ल्ड ओवरशूट डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमें यह याद दिलाता है कि हम पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और सतत जीवनशैली अपनाएं। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता केवल व्यक्तिगत विकास ही नहीं, बल्कि सामूहिक प्रगति का हिस्सा भी है।

SKD संस्थान: भविष्य के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र

डॉ. सिंह ने SKD के संस्थापक SKD सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और दृष्टिकोण ने इस संस्थान को देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में स्थान दिलाया है। SKD के शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत छात्रों की सफलता में झलकती है।

कार्यक्रम के दौरान, SKD के छात्रों ने विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला प्रदर्शनियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह न केवल उनकी कलात्मक और शारीरिक क्षमताओं को उजागर करता है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।

डॉ. सिंह का प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत के सबसे उज्ज्वल दिन हमारे सामने हैं। उन्होंने कहा, “SKD के छात्रों की ऊर्जा और उत्साह हमें आश्वस्त करते हैं कि हमारा भविष्य सक्षम हाथों में है।” उन्होंने युवाओं को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दी।

SKD का वार्षिक खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह छात्रों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें नए आयाम देने का मंच था। इस कार्यक्रम ने शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। SKD जैसे संस्थान न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।