चेन्नई: दक्षिण भारत के कई राज्यों में चक्रवात फेंगल का असर देखने को मिल रहा है। फेंगल की वजह से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच शनिवार को इंडिगो की एक फ्लाइट चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रही थी। वायरल हो रही वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्लाइट जैसे ही लैंड करने वाली होती है तभी तेज हवा की वजह से वह डिसबैलेंस हो जाती है। इसके बाद अचानक से पायलट की सूझ बूझ से विमान को वापस उड़ा लिया जाता है।
रोंगटे खड़े कर देने वाला है वो पल
इंडिगो एयरलाइंस ने भी इस घटना के बारे में जानकारी दी है। इंडिगो की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण मुंबई-चेन्नई उड़ान को “गो-अराउंड” करना पड़ा। बयान में कहा गया कि, “बारिश और तेज हवाओं सहित प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण, मुंबई और चेन्नई के बीच संचालित होने वाली उड़ान 6E 683 के विमान को कॉकपिट चालक दल द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार वापस उड़ाना पड़ा।” एयरलाइन्स ने कहा कि “ऐसी प्रक्रियाएं स्टेंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत होती हैं और पायलटों को ऐसी स्थितियों को पेशेवर तरीके से संभालने के लिए उचित प्रशिक्षण दिया जाता है।” इंडिगो ने कहा, “यह एक स्टेंडर्ड और सेफ मेनुवर है और हमारे पायलटों को ऐसी स्थितियों को अत्यंत पेशेवर तरीके से संभालने के लिए व्यापक रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। जब सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती है, तो गो-अराउंड किया जाता है, जैसा कि इस उड़ान के मामले में हुआ।”
विमान की हुई सुरक्षित लैंडिंग
बता दें कि विमान को शनिवार दोपहर 12:40 बजे चेन्नई में सुरक्षित लैंड करा दिया गया। इससे पहले, चक्रवात ‘फेंगल’ के कारण तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण शनिवार को चेन्नई हवाई अड्डे पर परिचालन निलंबित कर दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए। भारी बारिश के कारण हवाईअड्डे के कुछ हिस्से जलमग्न हो गए। इंडिगो ने शाम 6.06 बजे एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि चेन्नई में मौसम में सुधार नहीं हुआ है और शहर से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित बनी हुई हैं। इसमें कहा गया है, “हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और आपको सूचित करने के लिए काम कर रहे हैं।”
मैक्सिको सिटीः वर्ल्ड एड्स दिवस के मौके पर दुनिया भर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वैज्ञानिकों ने पहली बार एचआईवी वायरस पर 100 फीसदी कारगर टीका ईजाद करने का दावा किया है। इस टीके की एक साल में 2 डोज लेने वाला व्यक्ति एचआईवी संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है। वैज्ञानिकों ने महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि साल में दो बार दिया जाने वाला एक टीका एचआईवी संक्रमण को रोकने में 100 फीसदी प्रभावी है।
रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को प्रकाशित परिणामों से पता चला कि पुरुषों में भी यह लगभग उतना ही कारगर है। इसे एड्स वायरस के विरुद्ध विश्व का अब तक का सबसे निकटतम टीका कहा गया है। दवा निर्माता कंपनी गिलियड ने कहा कि वह उच्च एचआईवी दर वाले 120 गरीब देशों में सस्ते, जेनेरिक संस्करण बेचने की अनुमति देगी – जिनमें अधिकतर अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया और कैरीबियाई देश हैं। मगर इसमें लगभग पूरे लातिन अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है, जहां संक्रमण की दर बहुत कम हैं लेकिन यह तेजी से बढ़ रही है।
यूएन एड्स की कार्यकारी निदेशक ने बताया अभूतपूर्व
यूएनएड्स (एचआईवी/एड्स पर संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम) की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा ने कहा, “ यह टीका हमारे पास उपलब्ध किसी भी अन्य रोकथाम पद्धति से खासा बेहतर है। यह अभूतपूर्व है।” उन्होंने दवा विकसित करने का श्रेय गिलियड को दिया, लेकिन कहा कि एड्स को रोकने की विश्व की क्षमता जोखिमग्रस्त देशों में इसके उपयोग पर निर्भर करती है। रविवार को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जारी एक रिपोर्ट में यूएनएड्स ने कहा कि पिछले वर्ष एड्स से मरने वालों की संख्या अनुमानित तौर पर 630,000 थी जो 2004 के बाद से सबसे कम थी। इससे पता चलता है कि विश्व अब “एक ऐतिहासिक मोड़” पर है और इस महामारी को समाप्त करने का एक मौका है।
‘लेनाकापाविर’ नामक दवा पहले से ही अमेरिका, कनाडा, यूरोप और अन्य जगहों पर एचआईवी संक्रमण के इलाज के लिए ‘सनलेन्का’ ब्रांड नाम से बेची जा रही है। कंपनी एचआईवी की रोकथाम के लिए ‘सनलेन्का’ के इस्तेमाल के लिए जल्द ही अनुमति लेने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि गिलियड के टीके की साल में दो बार दी जाने वाली खुराक विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए उपयोगी होंगी।
किसानों के दिल्ली कूच से डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर पर जाम।
नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर सघन पुलिस चेकिंग।
5,000 पुलिसकर्मी और 1,000 PAC जवान तैनात।
किसान 64.7% ज्यादा मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहे।
संसद सत्र के कारण किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं।
नई दिल्ली/नोएडा/लखनऊ, 02 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच का ऐलान किया है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। किसानों की इस रैली को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबल सतर्क हो गए हैं। दिल्ली बॉर्डर पर जहां चिल्ला और डीएनडी फ्लाईवे पर ट्रैफिक जाम का नजारा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस चेकिंग के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली कूच के चलते यातायात प्रभावित
किसानों की रैली के कारण सोमवार सुबह से ही दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले मार्गों पर ट्रैफिक बाधित हुआ।
डीएनडी फ्लाईवे: यहां भारी संख्या में वाहन फंसे नजर आए। नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा कर रहे लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
चिल्ला बॉर्डर: यह क्षेत्र पूरी तरह अव्यवस्थित रहा। चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
सेक्टर 15ए और कालिंदी कुंज मार्ग: इन मार्गों पर यातायात धीमी गति से संचालित हो रहा था।
दिल्ली यातायात पुलिस और गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए। ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए रेड लाइट्स को ग्रीन कर दिया गया और वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता के आधार पर प्रबंधित किया गया।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
किसानों के इस आंदोलन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई चूक न होने देने का निर्णय लिया है।
तीन स्तरीय सुरक्षा प्रणाली: संयुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिवहरि मीना ने बताया कि किसानों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय योजना बनाई गई है।
करीब 5,000 पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।
1,000 पीएसी जवान सुरक्षा में जुटे हैं।
वाटर कैनन, टियर गैस स्क्वाड और अन्य बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
चेकिंग और निगरानी: बॉर्डर पर जगह-जगह सघन चेकिंग की जा रही है। नोएडा और दिल्ली की पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
किसानों से संवाद जारी: एसपी शिवहरि मीना ने बताया कि प्रशासन किसानों के साथ संवाद कर रहा है। उन्होंने कहा, “कल तीन घंटे किसानों के साथ बातचीत की गई। हम उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।”
दिल्ली पुलिस का सख्त रुख
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद सत्र चलने के कारण किसानों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।
पूर्वी दिल्ली की डीसीपी अपूर्व गुप्ता ने कहा, “किसानों के प्रदर्शन की जानकारी पहले से थी। हम नोएडा पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। दिल्ली और यूपी के सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।”
किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
किसान अपने अधिकारों और मुआवजे को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं।
मुआवजा और भूमि अधिग्रहण कानून:
किसानों ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार 64.7 प्रतिशत अधिक मुआवजा और बाजार दर का चार गुना मुआवजा देने की मांग की है।
आबादी भूखंड:
किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड और 20 प्रतिशत प्लॉट दिए जाने की मांग की गई है।
रोजगार और पुनर्वास:
भूमिधर और भूमिहीन किसानों के सभी बच्चों को रोजगार और पुनर्वास के लाभ दिए जाएं।
आबादियों का उचित प्रबंधन:
ग्रामीण क्षेत्रों के आबादी वाले हिस्सों का निस्तारण और उचित बंदोबस्त किया जाए।
शासनादेश जारी किया जाए:
किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग की गई है।
किसानों ने अपनी रैली में रोजगार, पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है।
प्रदर्शन के पीछे बढ़ती नाराजगी का कारण
किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। बढ़ते मुआवजे की मांग और पुनर्वास की प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण किसान नाराज हैं। सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने की वजह से यह प्रदर्शन हो रहा है।
यातायात और सुरक्षा पर प्रशासन का संदेश
यातायात पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे डीएनडी फ्लाईवे, चिल्ला बॉर्डर और अन्य प्रभावित मार्गों से बचें। वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर नियंत्रण है और यातायात जल्द ही सामान्य हो जाएगा।
किसानों का यह दिल्ली कूच सरकार पर दबाव बनाने की एक बड़ी कोशिश है। उनकी मांगें स्पष्ट और ठोस हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना आवश्यक है। हालांकि, संसद सत्र और दिल्ली की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में किसानों और सरकार के बीच होने वाली वार्ता इस स्थिति को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
कर्नाटक के हासन में सड़क दुर्घटना में ट्रेनी IPS अधिकारी हर्षवर्धन की मौत।
हर्षवर्धन कर्नाटक कैडर के 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी थे।
मैसूर स्थित कर्नाटक पुलिस अकादमी (KPA) से चार हफ्ते का प्रशिक्षण पूरा किया था।
जिला प्रशिक्षण के लिए हासन में डिप्टी पुलिस सुपरीटेंडेंट (DSP) के रूप में पहली पोस्टिंग ले रहे थे।
दुर्घटना हासन से करीब 10 किलोमीटर दूर किट्टाने के पास शाम 4:20 बजे हुई।
सरकारी वाहन में यात्रा कर रहे थे, वाहन हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना ने पुलिस विभाग और उनके परिवार को शोक में डाल दिया है।
दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 02 दिसम्बर 2024: कर्नाटक के हासन जिले में एक सड़क दुर्घटना में ट्रेनी आईपीएस अधिकारी हर्षवर्धन की दर्दनाक मौत हो गई। हर्षवर्धन, जो 2023 बैच के कर्नाटक कैडर के अधिकारी थे, अपनी पहली पोस्टिंग पर डिप्टी पुलिस सुपरीटेंडेंट (DSP) के रूप में हासन जा रहे थे। यह दुर्घटना हासन से करीब 10 किलोमीटर दूर किट्टाने के पास शाम करीब 4:20 बजे हुई।
हर्षवर्धन ने हाल ही में मैसूर स्थित कर्नाटक पुलिस अकादमी (Karnataka Police Academy – KPA) में चार हफ्ते का प्रशिक्षण पूरा किया था। जिला प्रशिक्षण के लिए उन्हें हासन भेजा गया था। सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे हर्षवर्धन की कार हादसे का शिकार हो गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने कर्नाटक पुलिस विभाग को गहरे शोक में डाल दिया है।
हर्षवर्धन का करियर अभी शुरू ही हुआ था, और उनकी असामयिक मृत्यु ने उनके परिवार और सहकर्मियों को हिलाकर रख दिया। पुलिस विभाग ने इस दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहाद फासिल की ‘पुष्पा 2: द रूल’ इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्म है। यह फिल्म 5 दिसंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि तेलंगाना में 4 दिसंबर की शाम से कुछ स्पेशल शो शुरू होंगे। ‘पुष्पा 2’ की एडवांस बुकिंग बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है और दो ही दिनों में 10 करोड़ रुपए के टिकट बिक चुके हैं। उम्मीद है कि यह फिल्म भारत में 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करेंगी और रिलीज के पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
पुष्पा 2 की सबसे महंगी टिकट
टिकट अपडेट देने वाले पोर्टल बुक माई शो के अनुसार, ‘पुष्पा 2: द रूल’ का सबसे महंगा टिकट मुंबई के मल्टीप्लेक्स मैसन पीवीआर: जियो वर्ल्ड ड्राइव में 3000 रुपए की भारी कीमत पर बेचा जा रहा है। गौरतलब है कि यही मल्टीप्लेक्स पिछली दो बड़ी रिलीज, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘सिंघम अगेन’ का टिकट 2700 रुपए में बेच रहा था। इसलिए, इस मामले में अल्लू अर्जुन ने कार्तिक आर्यन और अजय देवगन को पछाड़ दिया है। वहीं दिल्ली एनसीआर के एक थिएटर में ‘पुष्पा 2’ के टिकट का दाम 1800 रुपए तक है जबकि बेंगलुरु में सबसे महंगे टिकट के लिए दर्शक 1000 रुपए खर्च कर रहे हैं।
पुष्पा 2 की सस्ती टिकटें कहां मिलेगी
इस बीच, फिल्म के सस्ते टिकट दिल्ली और मुंबई के कुछ सिनेमाघरों में उपलब्ध हैं, जिसमें बदलापुर के वैशाली सिनेमा में सीमित टिकट 70 रुपए में मिल सकती है। इसके अलावा, मुंबई के कुर्ला में भारत सिनेप्लेक्स में टिकट की कीमत 100 से 150 है जो दर्शकों द्वारा टिकट खरीदने के क्लास पर निर्भर करता है। सुकुमार द्वारा निर्देशित और मैथरी मूवी मेकर्स द्वारा निर्मित, ‘पुष्पा 2: द रूल’ 500 करोड़ रुपए के बजट वाली सबसे महंगी भारतीय फिल्मों में से एक है। पिछले तीन सालों से इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है क्योंकि पहले भाग ‘पुष्पा द राइज: पार्ट 1’ ने 2021 में जबरदस्त सफलता हासिल की थी।
अल्लू अर्जुन की फिल्म ने बनाया रिकॉर्ड
उम्मीद है कि ‘पुष्पा’ का सीक्वल भी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा देगा। कई ट्रेड स्पेशलिस्ट्स ने भविष्यवाणी की है कि अल्लू अर्जुन की यह फिल्म ‘बाहुबली 2’, ‘दंगल’, ‘पठान’, ‘जवान’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ चैप्टर 2’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ के बाद ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करने वाली अगली भारतीय फिल्म होगी।