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विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिभाओं को किया सम्मानित

विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिभाओं को किया सम्मानित
विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिभाओं को किया सम्मानित
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में दिव्यांगजनों और उनके उत्थान के लिए कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
  • 324 दिव्यांग विद्यार्थियों को टैबलेट और 2.53 लाख छात्रों को 54.38 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।
  • वाराणसी और मुरादाबाद के सीडीओ को पुनर्वास सेवाओं और बाधामुक्त वातावरण के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • प्रगति केसरवानी और दीपेन्द्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी, जबकि दिव्यांशी कसौधन को सृजनशील बालिका के रूप में सम्मानित किया गया।
  • नई सुबह संस्था और जन विकास समिति सहित दिव्यांगजनों के हित में कार्य करने वाले संगठनों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

लखनऊ, 3 दिसंबर 2024: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों और उनके उत्थान के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट दिव्यांग व्यक्तियों, दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों और दिव्यांग खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान 40 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, 324 दिव्यांग विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए और पिछड़ा वर्ग के 2,53,211 छात्रों को 54.38 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी।

दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में 28 युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया गया। सीएम ने खुद मंच से प्रशस्ति पत्र, पुरस्कार राशि, टैबलेट, अंगवस्त्र और प्रमाणपत्र वितरित किए, जिससे उपस्थित प्रतिभाएं अभिभूत हो गईं।

वाराणसी और मुरादाबाद के सीडीओ को विशेष सम्मान

इस मौके पर वाराणसी जिले को पुनर्वास सेवाओं में सर्वश्रेष्ठ जिला चुना गया, जिसके लिए मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल को सम्मानित किया गया। मुरादाबाद के सीडीओ सुमित यादव को बाधामुक्त वातावरण के सृजन के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों अधिकारियों के योगदान को मुख्यमंत्री ने सराहा।

गैर-व्यावसायिक और व्यावसायिक श्रेणी में उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान

डॉ. कौशिकी सिंह (लखनऊ) और राम किशन गुप्ता (कानपुर नगर) को दिव्यांगजनों के हित में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं, सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी के रूप में संतबली चौधरी (गोरखपुर), अरुण कुमार अग्रवाल (लखनऊ) और गोपाल कृष्ण त्रिपाठी (कानपुर नगर) को सम्मानित किया गया।

सामाजिक संगठनों की सराहना

कार्यक्रम में पुनर्वास सेवाओं में योगदान के लिए नई सुबह संस्था (वाराणसी) और नवीन अनुसंधान के लिए जन विकास समिति (वाराणसी) को पुरस्कृत किया गया। इन संगठनों ने दिव्यांगजनों के जीवन को सरल और सशक्त बनाने के लिए अतुलनीय योगदान दिया है।

सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी और सृजनशील व्यक्तियों का सम्मान

महिला वर्ग में प्रगति केसरवानी (लखनऊ) और पुरुष वर्ग में दीपेन्द्र सिंह (संभल) को सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किया गया। सृजनशील दिव्यांग बालिका के रूप में कु. दिव्यांशी कसौधन (गोरखपुर) को और प्रेरणास्रोत श्रेणी में मानवेन्द्र प्रताप सिंह (लखनऊ), मुकेश मिश्रा (लखनऊ) व स्वामी प्रताप सिंह (आगरा) को पुरस्कृत किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का सम्मान

शैक्षणिक सत्र 2023-24 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। अर्पित सिंह (90.16 प्रतिशत), नेहा मौर्या (89.83 प्रतिशत), बृजेश (86.80 प्रतिशत) और तनु तिवारी (85.08 प्रतिशत) को मुख्यमंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किया गया।

दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बने ये नाम

कार्यक्रम में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों संजीता विश्वकर्मा, विजय कुमार, रामअनुज, आफरीन खातून, प्रीति कुमारी और नवीन जायसवाल को टैबलेट प्रदान किए गए। वहीं, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के विद्यार्थी प्रिंस कुमार पाल और प्रीति यादव को भी सम्मानित किया गया।

समर्पण और प्रेरणा का संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजनों और उनके उत्थान के लिए काम करने वाले संगठनों का यह सम्मान उनकी मेहनत और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह कार्यक्रम प्रेरणा और समर्पण का प्रतीक बना।

महाकुम्भ 2025 के लिए केंद्र से 2100 करोड़ का ‘उपहार’: योगी सरकार के प्रयासों को मिली मजबूती

महाकुम्भ 2025 के लिए केंद्र से 2100 करोड़ का 'उपहार
महाकुम्भ 2025 के लिए केंद्र से 2100 करोड़ का 'उपहार

13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होगा विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन

  • केंद्र से 2100 करोड़ की सहायता, पहली किस्त में 1050 करोड़ जारी।
  • उत्तर प्रदेश सरकार का 5435 करोड़ का निवेश।
  • 421 परियोजनाओं पर काम, 3461 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
  • डिजिटल कुम्भ म्यूजियम, रिवर फ्रंट और स्वच्छता मिशन पर जोर।
  • प्रयागराज को स्मार्ट सिटी में बदलने की योजना।

प्रयागराज/लखनऊ, 03 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले भव्य महाकुम्भ 2025 के लिए केंद्र सरकार ने 2100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान सहायता राशि मंजूर की है। इस धनराशि की पहली किस्त के रूप में 1050 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। महाकुम्भ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक होगा। यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक है। केंद्र सरकार से यह सहायता योगी सरकार के प्रयासों का नतीजा है, जो इसे दिव्य, भव्य और डिजिटल महाकुम्भ के रूप में आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

योगी सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है 5435 करोड़ से अधिक
उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुम्भ के सफल आयोजन के लिए पहले ही 5435.68 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इस धनराशि का उपयोग कुल 421 परियोजनाओं पर किया जा रहा है। इनमें से 3461.99 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति विभिन्न परियोजनाओं के लिए निर्गत की जा चुकी है। साथ ही, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, नगर निगम प्रयागराज, सेतु निगम सहित विभिन्न विभागों ने अपने बजट से 1636 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 परियोजनाओं को लागू किया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों को दी जा रही प्राथमिकता
महाकुम्भ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अवसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज, रेलवे अंडरब्रिज, सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण, नदी किनारे कटाव रोकने के उपाय, इंटरलॉकिंग सड़क मार्ग, और रिवर फ्रंट का निर्माण प्रमुख कार्यों में शामिल हैं। इसके अलावा, प्रयागराज को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए थीम बेस्ड चौराहों का सौंदर्यीकरण और आईटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।

स्वच्छता और पर्यावरण के लिए विशेष कदम
महाकुम्भ 2025 को स्वच्छ और ग्रीन महाकुम्भ बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम प्रयागराज और अन्य एजेंसियां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और 100 प्रतिशत सीवरेज ट्रीटमेंट की दिशा में काम कर रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और शहर की सफाई के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित किया गया है।

डिजिटल और अभिनव प्रयोगों की झलक
महाकुम्भ 2025 को डिजिटल महाकुम्भ के रूप में विकसित करने के लिए कई अभिनव प्रयोग किए जा रहे हैं। इसमें डिजिटल कुम्भ म्यूजियम और पर्यटन रूट सर्किट (प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-चित्रकूट-विन्ध्याचल) का निर्माण शामिल है। श्रद्धालुओं के आवागमन को सरल बनाने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

भव्य आयोजन के साथ सुरक्षा और सुविधा पर जोर
महाकुम्भ को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्मार्ट निगरानी प्रणाली और इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आईटी आधारित उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा।

सार्वजनिक भागीदारी के साथ बन रहा है ‘दिव्य महाकुम्भ’
महाकुम्भ 2025 को दिव्य, भव्य, स्वच्छ, ग्रीन और डिजिटल बनाने का सपना साकार करने के लिए योगी सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर काम करने की योजना बनाई है। यह आयोजन न केवल भारत की आध्यात्मिक धरोहर को सहेजने का एक प्रयास है बल्कि इसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी है।

महाकुम्भ 2025: विश्व को भारतीय संस्कृति की भव्यता का अनुभव कराने का अवसर
इस भव्य आयोजन के जरिए न केवल करोड़ों श्रद्धालु पुण्य स्नान और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करेंगे, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक प्रगति का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से यह आयोजन और अधिक सुव्यवस्थित और भव्य बनने जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित हो वेटरिनरी कॉलेज, इंटरनेशनल स्टेडियम और कान्हा गोशाला: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

cm kanha gaushala
cm kanha gaushala
  • सीएम योगी ने निर्माणाधीन पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया
  • मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार की मंशा ताल नदोर को विकास का नया मॉडल बनाने की
  • उन्होंने कहा- वेटरिनरी कॉलेज में पशुओं के रखने, चारागाह के लिए हो पर्याप्त रिजर्व लैंड

गोरखपुर/लखनऊ, 3 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ताल नदोर में बन रहे वेटरिनरी कॉलेज (पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय) और यहां प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तथा कान्हा गोशाला को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाए। सरकार की मंशा इस क्षेत्र को विकास का एक नया मॉडल बनाने की है।

सीएम योगी मंगलवार अपराह्न गोरखपुर के ताल नदोर में बन रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की डिजाइन, लेआउट, मॉडल का अवलोकन कर इसके प्रमुख आयामों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि ताल नदोर में 80 से 100 एकड़ में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और 52 एकड़ में नगर निगम की तरफ से बनाए जाने वाले कान्हा गोशाला को भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक दायरे में लाया जाए। इस पायलट प्रोजेक्ट से हम यहां कुल ढाई-तीन सौ एकड़ क्षेत्रफल में विकास का शानदार मॉडल बना सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए 106 एकड़ क्षेत्रफल में प्रारंभिक सर्वे का काम किया जा चुका है। इसके अलावा 52 एकड़ में बनने वाले कान्हा गोशाला का निर्माण सीएनडीएस द्वारा कराया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्यों को एक दायरे में लाने पर काम किया जाए। वेटरिनरी कॉलेज के निर्माण की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रथम चरण का निर्माण मार्च 2026 में पूरा करा लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वेटरिनरी कॉलेज के ले आउट का अवलोकन करने के दौरान पशुओं (गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा आदि) के रखने और उनकी फीड के लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद उन्होंने निर्देशित किया कि पशुओं के चारागाह के लिए पर्याप्त लैंड रिजर्व करने और गौ सरोवर बनाने के लिए भी व्यवस्था की जाए। इसके लिए संरचना में आवश्यक परिवर्तन भी किए जाएं। सीएम योगी ने वेटरिनरी कॉलेज के समीप ही चार एकड़ में बन रहे वृहद गोशाला को भी देखा और निर्देशित किया कि यहां गर्मियों में पशुओं को रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान विधायक विपिन सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रशासन, पुलिस, पशुपालन, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पहले चरण के निर्माण पर खर्च होने 277 करोड़ 31 लाख रुपये
गोरखपुर के ताल नदोर में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी वर्ष 3 मार्च को किया था। 80 एकड़ में क्रमवार तीन चरणों मे बन रहे इस महाविद्यालय के निर्माण पर 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। पहले चरण के निर्माण पर 277 करोड़ 31 लाख रुपये खर्च होंगे।। कार्यदायी संस्था के रूप में लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार दी गई है। महाविद्यालय के परिसर में एकेडमिक ब्लॉक (भूतल+पांच मंजिल) हॉस्पिटल ब्लॉक, आवासीय ब्लॉक, 430 की क्षमता का पुरुष छात्रावास, 268 की क्षमता का महिला छात्रावास, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, कम्युनिटी सेंटर, एसटीपी, किसान भवन के साथ पशु चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी विभिन्न विधाओं के शोध अध्ययन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इस महाविद्यालय परिसर को ‘नेट जीरो एनर्जी’ की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा।

राजा शालिहोत्र की परिकल्पना पर डिजाइन की गई है महाविद्यालय की ड्राइंग
इस महाविद्यालय में पशुओं के इलाज के साथ नस्ल सुधार के कार्य भी होंगे। इस पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के बन जाने के बाद यहां देशभर के पशु चिकित्सकों की ट्रेनिंग भी होगी। इस महाविद्यालय की ड्राइंग श्रावस्ती के राजा शालिहोत्र की परिकल्पना पर डिजाइन की गई है। राजा शालिहोत्र ने तीसरी सदी में शालिहोत्र संहिता रचकर पशुधन के क्षेत्र को समृद्ध किया। भारतीय परंपरा में उन्हें पशु चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है।

भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड होने की उम्मीद
शिलान्यास के दिन मुख्यमंत्री ने ताल नदोर के पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने का भरोसा दिया था। फिलहाल यह महाविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा से संबद्ध होगा। इसके बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के पशुपालकों को भी काफी फायदा होगा।

फोरलेन होगा पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का एप्रोच मार्ग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के एप्रोच मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। इसके लिए गोरखपुर-वाराणसी हाईवे से महाविद्यालय तक 450 मीटर मार्ग का फोरलेन में 3 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से नवनिर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा इस पर 3 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत भूमि अध्याप्ति पर आएगी। कार्यदायी संस्था के रूप में फोरलेन निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।

महाकुंभ 2025: हाईटेक सुरक्षा के साथ 45 करोड़ श्रद्धालुओं का सुरक्षा कवच

mahakumbh 2025
mahakumbh 2025
  • हाईटेक रिमोट लाइट बॉय: तत्काल बचाव में सक्षम।
  • 700 झंडे लगी नावें: चौबीसों घंटे निगरानी।
  • फ्लोटिंग जेटी और रेस्क्यू ट्यूब: आधुनिक बचाव उपकरण।
  • वीआईपी सुरक्षा: किला घाट पर विशेष फोर्स तैनात।
  • पूर्वाभ्यास: बाढ़ राहत टीमों की सक्रियता।
  • 07 पीएसी कंपनियां: कुशल तैराकों की तैनाती।

प्रयागराज/लखनऊ, 03 दिसम्बर 2024: योगी सरकार महाकुंभ 2025 को सनातन धर्म का सबसे बड़ा और सुरक्षित आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस भव्य आयोजन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और रणनीतियों का सहारा लिया जा रहा है। पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मिलकर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कम्युनिकेशन में दक्षता और पेट्रोलिंग अभ्यास

महाकुंभ के दौरान तैनात जवानों को अत्याधुनिक संचार उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नावों पर तैनात जवान आपस में कैसे संवाद करेंगे और आपात स्थिति में कैसे तुरंत कार्रवाई करेंगे, इसके लिए नियमित अभ्यास किया जा रहा है। पेट्रोलिंग के दौरान जवानों ने अपनी कुशलता का प्रदर्शन प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी जोन, प्रयागराज डॉ. राजीव नारायण मिश्र और कमांडेंट एसडीआरएफ सतीश कुमार के समक्ष किया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हाईटेक रिमोट लाइट बॉय

महाकुंभ में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए हाईटेक रिमोट लाइट बॉय की व्यवस्था की गई है। ये उपकरण पानी में किसी भी स्थिति में तुरंत पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सक्षम हैं। संगम नोज से किलाघाट तक जर्जर नावों को हटाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिल सके।

700 झंडों से सुसज्जित नावों पर 24×7 निगरानी

संगम में 700 झंडों से लैस नावों पर पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। ये जवान चौबीसों घंटे सुरक्षा निगरानी करेंगे। प्रत्येक नाव पर आधुनिक उपकरणों के साथ लाइफ जैकेट और रेस्क्यू ट्यूब उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, स्नान घाटों पर फ्लोटिंग जेटी भी स्थापित की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकासी में मदद मिलेगी।

वीआईपी मूवमेंट पर विशेष फोकस

किला घाट, जहां वीआईपी मूवमेंट अधिक रहता है, वहां स्पेशल फोर्स की तैनाती की गई है। सरस्वती घाट से संगम घाट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहां डीप बैरिकेडिंग और जाल लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पूर्वाभ्यास और बाढ़ राहत टीमों की सक्रियता

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पीएसी की 4वीं और 42वीं वाहिनी की बाढ़ राहत टीमें संगम घाट और अन्य स्नान घाटों की भौगोलिक स्थिति का निरीक्षण कर चुकी हैं। विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए इन टीमों ने पूर्वाभ्यास किया है। जवानों को सजगता और तत्परता से अपने कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

07 स्पेशल कंपनी पीएसी की तैनाती

महाकुंभ की सुरक्षा के लिए 07 स्पेशल कंपनी पीएसी तैनात की गई हैं। इनमें से दो कंपनियां बाढ़ राहत दलों के लिए समर्पित हैं। इन टीमों में अनुभवी तैराक शामिल हैं, जो किसी भी विषम परिस्थिति में प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम हैं।

श्रद्धालुओं के लिए समर्पित सुरक्षा प्रबंधन

योगी सरकार महाकुंभ 2025 को न केवल एक धार्मिक आयोजन बल्कि सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।

महाकुम्भ 2025: गंगा पंडाल में सितारों का संगम, सांस्कृतिक संध्या का महाआयोजन

महाकुम्भ- 2025
महाकुम्भ- 2025

त्रिवेणी संगम पर आध्यात्मिकता के साथ सुरों का महासंगम

  • महाकुम्भ 2025 में बॉलीवुड सितारों का संगम: शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम और श्रेया घोषाल जैसे कलाकार गंगा पंडाल में देंगे प्रस्तुतियां।
  • सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ: 10 जनवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक चलेगा संगीत और आध्यात्म का यह भव्य आयोजन।
  • उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग का सहयोग: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर इस आयोजन को भव्य रूप दिया जा रहा है।
  • प्रयागराज में सुरों का महासंगम: गंगा पंडाल में प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक होंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
  • आध्यात्मिकता और संस्कृति का मेल: यह आयोजन श्रद्धालुओं को संगीत और भक्तिमय माहौल से जोड़ने का करेगा प्रयास।

महाकुम्भ 2025, प्रयागराज में न केवल गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे, बल्कि इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड सितारों की प्रस्तुतियों का भी आनंद ले सकेंगे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से मेला क्षेत्र में बने गंगा पंडाल में इन प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष होगा।

सितारों की प्रस्तुतियों से महाकुम्भ बनेगा यादगार
महाकुम्भ 2025 के दौरान गंगा पंडाल में देश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को आध्यात्म और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेंगे। फेमस सिंगर्स और म्यूजिक कंपोजर्स जैसे शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम, श्रेया घोषाल, जुबिन नौटियाल, विशाल भारद्वाज, ऋचा शर्मा, और रसिका शेखर इस आयोजन में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक, ये कलाकार महाकुम्भ के भव्य आयोजन को और भी अद्भुत बनाएंगे।

10 जनवरी से शुरू होगी सांस्कृतिक संध्या
महाकुम्भ की शुरुआत भले ही 13 जनवरी 2025 से हो, लेकिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 10 जनवरी से शुरू हो जाएंगी। गंगा पंडाल में प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लगभग 10,000 लोगों की क्षमता वाले इस पंडाल में श्रद्धालु आध्यात्म और संगीत का अनोखा अनुभव करेंगे। 10 जनवरी को शंकर महादेवन की प्रस्तुति से इस सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत होगी। 11 जनवरी को मालिनी अवस्थी अपनी लोक गायकी से समां बांधेंगी।

सितारों का तय शेड्यूल
कैलाश खेर 18 जनवरी को अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पंडाल में श्रद्धा का माहौल बनाएंगे, जबकि 19 जनवरी को सोनू निगम अपनी जादुई आवाज का जलवा बिखेरेंगे। मैथिली ठाकुर 20 जनवरी को अपनी प्रस्तुति देंगी, और कविता पौडवाल 31 जनवरी को। इसके बाद 1 फरवरी को विशाल भारद्वाज, 2 फरवरी को ऋचा शर्मा और 8 फरवरी को जुबिन नौटियाल अपनी सुरीली आवाज से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। 14 फरवरी को हंसराज रघुवंशी और 24 फरवरी को श्रेया घोषाल इस आयोजन का समापन अपने सुरों से करेंगी।

संस्कृति मंत्रालय और प्रदेश सरकार का विशेष योगदान
यह भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उद्देश्य महाकुम्भ के आध्यात्मिक अनुभव को संगीत और कला के माध्यम से और भी समृद्ध बनाना है।

प्रयागराज में होगा अद्वितीय अनुभव
महाकुम्भ 2025 श्रद्धालुओं के लिए न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन का भी अनोखा संगम साबित होगा। गंगा पंडाल में इन भव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालु सुरों के रस में डूबते हुए आध्यात्म और संस्कृति का अनुभव करेंगे।