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लखनऊ: डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर ने अलीगंज थाने में पीस कमेटी की बैठक को संबोधित किया

  • डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर लोकसभा चुनाव व आगामी त्यौहारों को सकुशल संपन्न करवाने को लेकर लगातार एक्शन मोड़ पर
  • डीसीपी नॉर्थ ने अलीगंज थाने में पीस कमेटी की बैठक को संबोधित किया
  • बैठक में पहुंचे लोगों से डीसीपी ने आपसी प्रेम व सौहार्द के साथ रहने की अपील की
  • अलीगंज थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई
  • आगामी लोकसभा चुनाव व त्यौहारों को मद्देनजर रखते हुए आमजनमानस से सीधा संवाद के लिए लगातार थानों में आयोजित की जा रही है पीस कमेटी की बैठक

लखनऊ: आगामी लोकसभा चुनावों व त्यौहारों को मद्देनजर रखते हुए पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की सभी ज़ोन की पुलिस ताबड़तोड़ कार्यवाही व थानाक्षेत्रों के सम्भ्रांत लोगों के साथ बैठक भी करती है।

इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के नॉर्थ ज़ोन के डीसीपी अभिजीत आर.शंकर भी आगामी त्यौहारों व चुनाव को सकुशल संपन्न करवाने को लेकर लगातार एक्शन मोड़ पर हैं। नॉर्थ ज़ोन के सभी थानाक्षेत्रों में हो रही ताबड़तोड़ कार्यवाही नवनियुक्त डीसीपी की कार्यशैली के प्रमाण हैं। इनके बारे में अंदरखाने वाले लोग कहते हैं कि साहब बोलते बहुत कम हैं लेकिन ड्यूटी भी उतनी ही सख्त लेते हैं।

इसी कड़ी में तेजतर्रार डीसीपी ने अलीगंज थाने में आयोजित पीस कमेटी की बैठक को संबोधित किया। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव व त्यौहारों के मद्देनजर आमजनमानस से आपसी सौहार्द बनाकर रहने की अपील की, साथ ही उन्होंने बताया कि लोगों से सीधा संवाद के लिए लगातार थानों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर.शंकर की मौजूदगी में एसएचओ अलीगंज विनोद कुमार तिवारी, थाने के समस्त स्टाफ व थानाक्षेत्र के सम्भ्रांत लोगों के साथ बैठक सम्पन्न हुई।

लोकसभा चुनाव: मतदाता सूचना पर्ची को मतदाता के पहचान दस्तावेज के रूप में नहीं माना जायेगा- नवदीप रिणवा

  • मतदाता फोटो पहचान पत्र न होने की दशा में, प्रस्तुत कर सकते है वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज
  • मतदाताओं की सुविधा के लिए 12 वैकल्पिक पहचान दस्तावेज मान्य किए जाएंगे
  • अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किये जायेंगे
  • मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदाता सूचना पर्ची बी0एल0ओ0 के माध्यम से मतदान तिथि से कम से कम 05 दिन पूर्व वितरित करने के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार लोक सभा सामान्य निर्वाचन, 2024 तथा 136-ददरौल, 173-लखनऊ पूर्व, 292-गैंसड़ी एवं 403-दुद्धी(अ0ज0जा0) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के उप निर्वाचन हेतु मतदाता फोटो पहचान पत्र के विकल्प के संबंध में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इस सम्बन्ध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा चुके है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंको/डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, एनपीआर के अन्तर्गत आरजीआई द्वारा जारी किये गये स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि एपिक में प्रविष्टियों की मामूली विसंगतियों को नजर अंदाज कर देना चाहिये, बशर्ते मतदाता की पहचान एपिक द्वारा सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किये जायेंगे, बशर्ते निर्वाचक का नाम, जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदेय स्थल से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध होना चाहिए। फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना सम्भव न हो, तब मतदाता को 12 वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उपरोक्त किसी भी बात के होते हुये भी प्रवासी निर्वाचक, जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केन्द्र में उनके केवल मूल पासपोर्ट (तथा किसी अन्य पहचान दस्तावेज के आधार पर नहीं) के आधार पर ही पहचाना जायेगा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा हेतु मतदाता सूचना पर्ची बी0एल0ओ0 के माध्यम से मतदान तिथि से कम से कम 05 दिन पूर्व वितरित करने के निर्देश दिये गये हैं। मतदाता सूचना पर्ची पर मतदेय स्थल, मतदान का दिनांक व समय आदि का उल्लेख रहता है। मतदाता सूचना पर्ची को मतदाता के पहचान दस्तावेज के रूप में नहीं माना जायेगा। मतदाता को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए मतदाता सूचना पर्ची के साथ वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई 01 साथ लाना अनिवार्य होगा।

आदर्श आचार संहिता के चलते प्रदेश में विकास कार्यों के लिए नये फंड जारी नहीं होंगे- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

  • उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
  • आचार संहिता लागू होने के साथ ही सांसद और विधायक निधि को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सांसद और विधायक अपने संसदीय या विधानसभा क्षेत्र में विकास योजनाओं के लिए आदर्श आचार संहिता लागू रहने तक कोई नया फंड रिलीज नहीं होगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद लागू हुई आदर्श आचार संहिता के तहत जारी दिशा निर्देशों के क्रम में सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सचेत किया है। उन्होंने जिलाधिकारियों/जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र जारी कर भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च को लोक सभा सामान्य निर्वाचन के साथ ही प्रदेश में ददरौल (शाहजहांपुर), लखनऊ पूर्व, गैसडी (बलरामपुर) और दुद्धी (सोनभद्र) में विधान सभा उपचुनावों की भी घोषणा की है।

उत्तरप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव और राज्यों में उपचुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के तहत सांसदों और विधायकों की विकास निधि को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि संसद सदस्य (राज्य सभा सदस्यों सहित) स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के अधीन नई निधि जारी नहीं की जाएगी। इसी प्रकार, निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक विधायक/विधान परिषद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत नई निधियां जारी नहीं की जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पत्र के जारी होने से पहले किसी विकास कार्य हेतु वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ है तो ये काम चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शुरू हो सकते हैं। हालांकि, अगर कोई काम आचार संहिता लागू होने से पहले शुरू हो चुका है, तो वह जारी रह सकता है।

दिशा निर्देशों में ये भी कहा गया है कि जो कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं उनके लिए भुगतान जारी करने पर कोई रोक नहीं होगी। हालांकि इसके लिए अधिकारियों की पूर्ण संतुष्टि आवश्यक होगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि जिन क्षेत्रों में योजनाएं मंजूर कर ली गई हैं और निधि उपलब्ध कराई गई हैं या जारी की गई हैं और सामग्री खरीदी गई है और साइट पर पहुंच गई है, ऐसी योजना कार्यक्रम के अनुसार निष्पादित की जा सकती है।

लोकसभा चुनाव: विकसित भारत संपर्क प्रचार पर भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत, आयोग ने लिया संज्ञान, लगाई रोंक

  • भारत निर्वाचन आयोग को प्राप्त शिकायत के बाद कड़े रुख अख्तियार करते हुए निर्वाचन आयोग ने वॉट्सएप मैसेज भेजने पर तत्काल प्रभाव से लगाई रोंक
  • अमिताभ ठाकुर ने कहा “हमारे व नूतन ठाकुर के साथ-साथ हमारे कई सहयोगियों के वॉट्सएप पर भी आए प्रचार सम्बन्धित मैसेज”
  • स्वयं को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के “विकसित संपर्क योजना भारत” का बता रहे जिन नंबरों से मैसेज आ रहे उन नंबरों में कॉल करने पर वो बन्द जा रहे

लखनऊ: आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने स्वयं को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विकसित भारत संपर्क योजना का बताते हुए तमाम लोगों को व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित पत्र भेजे जाने के मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है।

इंस्पेक्टर गोमती नगर को भेजी अपने शिकायती पत्र में उन्होंने कहा कि उन्हें, उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर तथा तमाम लोगों को विभिन्न मोबाइल नंबरों से विकसित भारत संपर्क नाम से व्हाट्सएप मैसेज आए। इन मैसेज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित पत्र संलग्न था, इन नंबरों पर भारत सरकार का राष्ट्रीय चिन्ह लगा हुआ था और यह स्वयं को भारत सरकार बता रहे थे। इन नंबरों के संबंध में जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि ये यह सरकारी नंबर नहीं थे बल्कि अलग-अलग व्यक्तियों के निजी नंबर थे तथा यह सभी नंबर वर्तमान समय में स्विच ऑफ पाए गए।

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर

अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि प्रथमदृष्ट्या यह कई मोबाइल नंबर के साथ कार्य कर रहे एक गैंग का कार्य दिखता है, जिनके द्वारा आपराधिक गतिविधि करके स्वयं को भारत सरकार बताते हुए तथा राष्ट्र चिन्ह का दुरुपयोग करते हुए भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए इस प्रकार के मैसेज भेजे गए। उन्होंने इसे आईपीसी, आईटी एक्ट तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में गंभीर अपराध बताते हुए एफआईआर की मांग की है।साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को भी इन तथ्यों से अवगत कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

भारत निर्वाचन आयोग को इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के “विकसित भारत संपर्क योजना” के वॉट्सएप मैसेज की लिखित शिकायत प्राप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग को पत्र लिखते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसे मैसेजों को बन्द करने के लिए निर्देशित किया है।

LUCKNOW: होली में मेट्रो नए समयावधि में चलेगी, जानें क्या रहेगी टाइमिंग

होली पर दोपहर 2:30 बजे से रात 10 बजे तक मिलेंगी मेट्रो ट्रेन की सेवाएं

लखनऊ: उत्तरप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगामी त्यौहार होली के मद्देनजर होली वाले दिन 25 मार्च को अपनी टाइमिंग में थोड़ा सा बदलाव किया है क्योंकि होली रंगों का त्यौहार होने के साथ-साथ आपसी प्रेम और सौहार्द का भी त्यौहार है। लोग आपस में होली मिलने के लिए एक दूसरे के घर भी जाते हैं।

होली के त्योहार के अवसर पर यानी 25 मार्च, 2024 को मेट्रो ट्रेन सेवाएं दोपहर 2.30 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध होंगी। दोनों टर्मिनलों यानी सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन और मुंशीपुलिया मेट्रो स्टेशन से ट्रेन सेवाएं दोपहर 2.30 बजे आरंभ होंगी और उसके बाद सामान्य रूप से रात 10 बजे तक चलेगी।

साथ ही उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की तरफ से सभी आमजनमानस को आगामी होली त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं भी प्रेषित की गई हैं।