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अमेरिका में चौंकाने वाली घटना, न्यूयॉर्क में ‘यूनाइटेड हेल्थकेयर’ के CEO की हत्या

न्यूयॉर्कः अमेरिका का न्यूयॉर्क राज्य एक बार फिर एक बड़े हत्याकांड से दहल गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यूनाइटेड हेल्थकेयर’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ब्रायन थॉम्पसन की बुधवार सुबह मैनहट्टन शहर स्थित एक होटल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने नाम का उल्लेख नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि 50 वर्षीय व्यक्ति को हिल्टन के बाहर सुबह करीब 6:45 बजे गोली मारी गई, उसके बाद हमलावर फरार हो गया। पुलिस ने कहा कि घायल को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। जब यह जानकारी सामने आई की मारा गया व्यक्ति कोई आम आदमी नहीं, बल्कि यूनाइटेड हेल्थकेयर’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी है तो हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘यूनाइटेड हेल्थ ग्रुप इंक’ की बीमा शाखा ‘यूनाइटेड हेल्थकेयर’ की बुधवार सुबह न्यूयॉर्क शहर में निवेशकों के साथ वार्षिक बैठक होनी थी। इसी लिए वह यहां आए हुए थे।

20 वर्षों से इसी कंपनी में दे रहे थे सेवा

जानकारी के मुताबिक यूनाइटेड हेल्थकेयर’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनने से पहले ब्रायन थॉम्पसन यहां बतौर कर्मचारी भी काम कर चुके हैं। थॉम्पसन तीन वर्षों से अधिक समय से सीईओ के पद पर कार्यरत थे। कंपनी ने उनकी कार्य कुशलता को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर कंपनी को काफी आगे पहुंचाया। वह 2004 से ही कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।

नेपाल और चीन ने BRI पर किया महत्वपूर्ण समझौता, जानें इसका भारत पर क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है

बीजिंग/काठमांडू: नेपाल में केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही भारत विरोधी गतिविधियों को लगातार वहां की सरकार बढ़ावा दे रही है। ताजा मामले में नेपाल और चीन ने बहुप्रतीक्षित बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) सहयोग मसौदा को पूरा कर लिया है। दोनों देशों ने बीआरआई समझौते पर बुधवार को हस्ताक्षर किए। इस समझौते से बीआरआई परियोजनाओं के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। वहीं भारत के लिए रणनीतिक रूप से चीन और नेपाल के बीच यह बीआरआई समझौता बड़ा झटका है। भारत हमेशा से चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट का विरोधी रहा है।

वहीं इस समझौते पर नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली की चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किये गये। चौथी बार प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद ओली पहली बार चीन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे। प्रधानमंत्री ओली ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘आज हमने बेल्ट एंड रोड सहयोग के मसौदा समझौते पर हस्ताक्षर किए। चीन की मेरी आधिकारिक यात्रा समाप्त होने के साथ, मैं प्रधानमंत्री ली क्वींग के साथ द्विपक्षीय वार्ता, एनपीसी के अध्यक्ष झांग लेजी के साथ चर्चा और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ अत्यंत उपयोगी बैठक से सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि बेल्ट एंड रोड सहयोग मसौदा समझौते के तहत नेपाल-चीन आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा।

चीन ने अनुदान को किया निवेश

प्रधानमंत्री सचिवालय के मुताबिक विदेश सचिव अमृत बहादुर राय और चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के लियू सुशे ने बीआरआई मसौदा समझौते पर हस्ताक्षर किए। काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक समझौते में चीनी पक्ष ने नेपाली पक्ष द्वारा प्रस्तावित ‘‘अनुदान’’ शब्द को हटा दिया और बीआरआई के तहत परियोजनाओं के लिए इसके स्थान पर ‘‘निवेश’’ शब्द रखने का सुझाव दिया। अखबार के मुताबिक नए नियमों और शर्तों की समीक्षा के बाद, अधिकारियों ने एक समाधान तलाशा और नेपाल में परियोजना निष्पादन के संबंध में ‘‘सहायता और तकनीकी मदद’’ वाक्यांश को शामिल करने का निर्णय लिया।

सोलर साड़ी इवेंट: सौर ऊर्जा और संस्कृति का अनूठा संगम

सोलर साड़ी इवेंट: सौर ऊर्जा और संस्कृति का अनूठा संगम
सोलर साड़ी इवेंट: सौर ऊर्जा और संस्कृति का अनूठा संगम
  • सोलर साड़ी इवेंट: मऊ और बनारस में आयोजित सोलर साड़ी इवेंट ने सौर ऊर्जा और भारतीय संस्कृति के समन्वय का अनूठा उदाहरण पेश किया।
  • सोलर साड़ियों का प्रदर्शन: इन साड़ियों में सौर ऊर्जा तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे दैनिक जीवन में सौर ऊर्जा के महत्व को समझाने की कोशिश की गई।
  • पीएम सूर्य घर योजना: हर घर को सौर ऊर्जा से जोड़ने और मुफ्त बिजली प्रदान करने की इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
  • पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता: सोलर पैनल लगाने से सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने पर जोर दिया गया।
  • संस्कृति और तकनीकी विकास का संगम: सोलर साड़ी अभियान ने दिखाया कि सांस्कृतिक और तकनीकी नवाचार के माध्यम से एक स्थायी और उज्जवल भविष्य का निर्माण संभव है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नवाचारों का सहारा लेते हुए सोलर साड़ी अभियान के माध्यम से एक नई पहल कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा के महत्व को घर-घर तक पहुंचाना और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करना है। हाल ही में मऊ और बनारस में आयोजित सोलर साड़ी इवेंट ने सौर ऊर्जा और भारतीय संस्कृति के समन्वय को अद्वितीय ढंग से प्रस्तुत किया।

सोलर साड़ियों का प्रदर्शन और प्रभाव

मऊ और बनारस में हुए इस आयोजन में सोलर पावर वाली साड़ियों का प्रदर्शन किया गया। ये साड़ियां न केवल फैशन और परंपरा का प्रतीक थीं, बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग को दैनिक जीवन में लागू करने की प्रेरणा भी बनीं। इन साड़ियों में लगी सोलर तकनीक ने सौर ऊर्जा की उपयोगिता को रचनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से पेश किया। इस तरह का नवाचार सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग को प्रोत्साहित करने का एक अनूठा प्रयास साबित हुआ।

पीएम सूर्य घर योजना का प्रचार

इस अभियान ने पीएम सूर्य घर योजना के प्रचार-प्रसार को भी नई दिशा दी। योजना के तहत हर घर को सौर ऊर्जा से जोड़ने और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। कार्यक्रम में नागरिकों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

संस्कृति और तकनीकी विकास का अनूठा समन्वय

सोलर साड़ी इवेंट ने यह दर्शाया कि भारतीय संस्कृति और तकनीकी विकास को जोड़कर स्थायी विकास की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ, यह कार्यक्रम पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में समाज की भूमिका को भी उजागर करता है।

भविष्य के लिए एक नई दिशा

सोलर साड़ी अभियान और पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाए। यह पहल न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि भारतीय संस्कृति के प्रचार में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

हरित ऊर्जा की ओर बढ़ता सरोजनीनगर: सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता का संकल्प

MLA rajeshwar singh with cm yogi adityanath
MLA rajeshwar singh with cm yogi adityanath
  • 50 किलोवॉट सोलर प्लांट: सरोजनीनगर के आशियाना जोनल पार्क में ₹25 लाख की लागत से सोलर प्लांट की स्थापना।
  • हरित ऊर्जा का लक्ष्य: परियोजना से पार्क की सभी विद्युत आवश्यकताएं स्वच्छ और सतत ऊर्जा से पूरी होंगी।
  • पर्यावरण संरक्षण: सोलर प्लांट कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देगा।
  • विधायक का योगदान: डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त कर क्षेत्रवासियों को हरित विकास की शुभकामनाएं दीं।
  • आत्मनिर्भरता की पहल: यह परियोजना सरोजनीनगर को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और हरित विधानसभा के रूप में स्थापित करेगी।

    लखनऊ, 04 दिसम्बर 2024: लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले की स्मृति में निर्मित आशियाना जोनल पार्क अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। ₹25 लाख की लागत से 50 किलोवॉट क्षमता वाले सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की योजना बनाई गई है, जो पार्क की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा का एक आदर्श उदाहरण पेश करेगा।

    पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संकल्प

    यह सोलर प्लांट न केवल पार्क की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान देगा। इस पहल के माध्यम से सरोजनीनगर नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों को अपनाने वाला एक हरित विधानसभा क्षेत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हरित ऊर्जा’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की सक्रिय भूमिका

    इस परियोजना की स्वीकृति के लिए सरोजनीनगर विधानसभा के लोकप्रिय भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जनता की सोच में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए इसे हरित विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

    सरोजनीनगर: हरित ऊर्जा का केंद्र

    50 किलोवॉट क्षमता का यह सोलर पॉवर प्लांट ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक होगा। इससे न केवल आर्थिक बचत होगी, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। सौर ऊर्जा का यह नवाचारी उपयोग सरोजनीनगर को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

    क्षेत्रीय विकास में योगदान

    इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही, यह कदम सरोजनीनगर को ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मॉडल क्षेत्र के रूप में स्थापित करेगा। इस परियोजना का प्रभाव क्षेत्रीय विकास और सतत ऊर्जा के उपयोग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बल प्रदान करेगा।

    सरोजनीनगर का यह सोलर पॉवर प्लांट न केवल हरित ऊर्जा का स्रोत बनेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा देगा। यह पहल क्षेत्र को नवीकरणीय ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ भविष्य की ओर ले जाने के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय साबित हो सकती है।

    स्वीकार नहीं की जाएगी जनसुनवाई और राजस्व वादों में लापरवाही-लेटलतीफी, तय होगी सबकी जवाबदेही: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    cmyogi adityanath
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए कानून व्यवस्था और राजस्व मामलों में सुधार के सख्त निर्देश

    • जनसुनवाई को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनसुनवाई को प्रभावी बनाया जाए। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान उनकी संतुष्टि के अनुसार किया जाए।
    • पर्यावरण संरक्षण: पराली प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सभी जिलों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश।
    • रैन बसेरों की व्यवस्था: सर्दियों के मद्देनजर रैन बसेरों का प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए और सड़कों पर सोने वाले लोगों को वहां पहुंचाया जाए।
    • राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण: लंबित राजस्व वादों को मिशन मोड में समयबद्ध रूप से हल करने का निर्देश।
    • संभल में सख्त कार्रवाई: अराजकता फैलाने वालों की पहचान कर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित।
    • महाकुंभ 2025 की तैयारी: 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, स्वच्छ और सुरक्षित आयोजन पर जोर।
    • अवैध अतिक्रमण पर सख्ती: सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाने का निर्देश।
    • सर्दियों में रैन बसेरों की व्यवस्था: सड़कों पर सोने वाले लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने और कंबल वितरण सुनिश्चित।

    लखनऊ, 04 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश में कानून व्यवस्था और राजस्व मामलों की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, रेंज आईजी, एडीजी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से जुड़े मामलों को शीर्ष प्राथमिकता देने और असंतोषजनक प्रदर्शन वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।

    राजस्व मामलों में सुधार के लिए मिशन मोड पर जोर

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में राजस्व वादों, नामांतरण, लैंडयूज, वरासत, और अन्य संबंधित प्रकरणों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी और मंडलायुक्त नियमित रूप से इन प्रकरणों की समीक्षा करें और लंबित मामलों की सूची तैयार कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही, मिथ्या रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी से जुड़े इन मुद्दों में न्याय की उम्मीद सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए इनमें पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।

    सम्पूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस को प्रभावी बनाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस के दौरान आने वाली शिकायतों पर विशेष ध्यान देने को कहा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन फीडबैक में कई स्थानों पर असंतोषजनक प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई। मुख्यमंत्री ने ऐसे जिलों, मंडलों और तहसीलों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण को अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक बताया।

    संभल में अराजकता फैलाने वालों पर सख्त रुख

    हाल ही में संभल जिले में हुई अराजक घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएं। नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से कराई जाए और सघन सर्च अभियान चलाकर सभी दोषियों को पकड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की अराजकता या उपद्रव को सहन नहीं किया जाएगा।

    अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि सड़कें आवागमन के लिए हैं, न कि निजी कब्जों या व्यवसायिक उपयोग के लिए। जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें और सुनिश्चित करें कि प्रदेश में कहीं भी यातायात बाधित न हो। साथ ही, नगर निगम और ग्राम पंचायतों को भी निर्देश दिया गया कि वे इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएं।

    महाकुंभ 2025 की तैयारी को लेकर विशेष निर्देश

    प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस बार महाकुंभ में 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखना होगा।
    मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्देश दिए और कहा कि पर्यावरण संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता दी जाए। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रयागराज के आसपास के जिलों को भी महाकुंभ की तैयारियों में सहयोग करने का निर्देश दिया गया।

    6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर सतर्कता के निर्देश

    बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिन कई संगठनों द्वारा जुलूस और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी जिलों में सेक्टर प्रणाली लागू की जाए।

    शांति और सौहार्द बनाए रखने पर बल

    25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के साथ-साथ क्रिसमस का भी पर्व है। इसके बाद नववर्ष की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री ने इन अवसरों पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उल्लास मनाते समय कानून-व्यवस्था का पालन अनिवार्य है। धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर और डीजे के मानकों का सख्ती से पालन हो और निर्धारित समय के बाद इनका उपयोग न हो।