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देश है तो धर्म है, धर्म है तो हम सब: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

yogi adityanath
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  • जानकी महल में आयोजित श्रीरामजानकी विवाह उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
  • सीएम ने किया आह्वान- देश व धर्म के लिए कुछ करने के साथ ही समाज को जोड़ने की आवश्यकता
  • सनातन धर्म की रक्षा और भारत को विकास के परम वैभव तक पहुंचाने का होना चाहिए ध्येयः सीएम

अयोध्या/लखनऊ, 5 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामर्थ्य के अनुसार देश व धर्म के लिए कुछ करने के साथ ही समाज और हर एक को जोड़ने की आवश्यकता है। देश है तो धर्म है, धर्म है तो हम सब हैं। हमारा ध्येय सनातन धर्म की रक्षा और भारत को विकास के परम वैभव तक पहुंचाने का होना चाहिए। सीएम ने जाति के नाम पर बांटने वालों से बचने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को जानकी महल में आयोजित श्रीरामजानकी विवाह उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार का भव्य आयोजन आज जनकपुर धाम में भी हो रहा है। छह वर्ष पूर्व भारत व यूपी सरकार के योजनान्तर्गत विवाह पंचमी पर जनकपुर धाम में जाने और मां जानकी के भव्य मंदिर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आज जानकी महल में विवाह पंचमी कार्यक्रम में फिर से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

अनेक पूज्य संतों व आयोजनों का केंद्र बिंदु रहा जानकी महल

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाकि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान इसे नई ऊंचाई तक पहुंचाने में यह महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु था। मेरे पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज रामजन्मभूमि आंदोलन से संबंधित किसी महत्वपूर्ण बैठक या आंदोलन के लिए आते थे तो अक्सर वे रात्रि विश्राम जानकी महल में ही करते थे। यह अनेक पूज्य संतों व आयोजनों का केंद्र बिंदु रहा है।

22 जनवरी को हर सनातन धर्मावलंबी पूर्वजों के प्रति ज्ञापित कर रहा था कृतज्ञता

सीएम योगी ने कहा कि यह वर्ष बहुत महत्वपूर्ण रहा। जब 22 जनवरी 2024 को पीएम मोदी के करकमलों से अयोध्या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम लला के रूप में विराजमान हो चुके हैं। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में कोई भी ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं था, जो उस क्षण से वंचित हुआ हो। कोई यहां उपस्थित हुआ तो किसी ने श्रव्य-दृश्य माध्यम से उस पल को देखा-सुना। 500 वर्ष तक चले संघर्षों का सामना करते-करते कई पीढ़ियां चली गईं, लेकिन यह सौभाग्य हमारे भाग्य में था कि फिर से भव्य मंदिर में रामलला को विराजमान होते हमने देखा है। 22 जनवरी को हर सनातन धर्मावलंबी उत्साहित और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा था।

2017 से पहले अयोध्या में बमुश्किल आती थी चार से पांच घंटे बिजली

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले की अयोध्या में बमुश्किल चार से पांच घंटे बिजली मिलती थी। यहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं थी। राम की पैड़ी में सरयू जी का जल सड़ता था। लोग उसी में स्नान कर पाते थे। एयर, रेल, सड़क कनेक्टिविटी अच्छी नहीं थी। अब तो न केवल सड़क, बल्कि रेल व वायुमार्ग से अयोध्या का अच्छा जुड़ाव हो चुका है। जल मार्ग पर भी हमारा सर्वे का कार्य चल रहा है। व्यवसाय और प्रोडक्ट को दुनिया के मार्केट तक पहुंचाने के लिए जल मार्ग आसान हो सकता है। संकरी गलियां चौड़ी हो रही हैं। अब राम की पैड़ी स्वच्छ हो गई है। हर स्तर पर विकास कार्य निरंतर बढ़ते दिख रहे हैं।

श्रीराम ने महाराज दशरथ से कहा-आपका वचन ही मेरी प्रतिज्ञा

श्रीराम ने महाराजा दशरथ से कहा कि आपका वचन मेरी प्रतिज्ञा है। अपने लिए नहीं, बल्कि सनातन धर्म व देश के लिए जो अच्छा है, वह करुंगा। श्रीराम ने14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उन्होंने निषादराज को गले से लगाया, चित्रकूट में कोल, वनवासी, गिरवासी से जुड़े। 12 वर्ष चित्रकूट में रहे, भारत के ज्ञान और विरासत के प्रतिनिधि होने के कारण ऋषि-मुनियों को अभय प्रदान किया। उस समय दंडकारण्य को राक्षस विहीन किया। उन्होंने रामेश्वर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना की। आज भी हम रामेश्वर में दर्शन करते हैं। उन्होंने सेतुबंध का निर्माण किया और धरती मां को राक्षस विहीन किया।

रामराज्य की व्यवस्था आदर्श, हर कोई था खुशहाल

सीएम योगी ने कहा कि 14 वर्ष बाद अयोध्या आने से पहले श्रीराम ने हनुमान जी को भेजा कि जाओ, देखो- ऐसा तो नहीं कि भरत को राज्य का मोह हो गया हो, यदि वह राजा रहना चाहते हों तो मैं अयोध्या वापस नहीं जाऊंगा। हनुमान जी ने देखा कि संन्यासी के रूप में भरत श्रीराम जी का इंतजार कर रहे हैं। यह बातें हनुमान जी ने श्रीराम को बताईं, तब भगवान राम ने आकर प्रजा की भावनाओं का सम्मान करते हुए जिस व्यवस्था को आगे बढ़ाया, वह रामराज्य की आदर्श व्यवस्था थी। कहीं दरिद्रता-अव्यवस्था नहीं थी, हर जगह खुशहाली थी। भारत की परंपरा भी यह कहती है कि हम जिसकी पूजा करते हैं, उसके अनुरूप बनने का प्रयास करना चाहिए, उनके आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए। कार्यक्रम में अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, विधायक रामचंद्र यादव, दिलीप कुमार सुल्तानिया, नारायण अजीतसरिया, विष्णु अजीत सरिया, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, बिहारी लाल सर्राफ, मुरारीलाल, सुनील कुमार, आशीष, दिनेश अग्रवाल, राकेश बिहारी आदि मौजूद रहे।

योगी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि: आजादी के 77 वर्षों बाद, रोशन हुआ गोण्डा का बुटहनी वनटांगिया गांव

vantangiya gav gonda me pahuchi light
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  • गोण्डा जनपद के बुटहनी वनटांगिया गांव तक पहुंची बिजली
  • सीएम योगी की मंशा के अनुरूप बदल रहा है गोण्डा के वनटांगिया समुदाय का जीवन
  • पहले मकान, जमीन, रोजगार का साधन और अब बिजली पहुंचने से खिले गांववासियों के चेहरे

गोण्डा/लखनऊ, 5 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और उनके नेतृत्व में प्रदेश के पिछड़े और अति पिछड़े समुदायों को मुख्यधारा में जोड़ने के प्रयासों में एक और बड़ी सफलता मिली है। आज़ादी के 77 साल बाद गोण्डा जिले के बुटहनी वनटांगिया गांव में पहली बार बिजली पहुंची है। यह गांव अब दूधिया रोशनी से जगमगा रहा है, जिससे यहां के निवासियों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

योगी सरकार ने प्रदान की मूलभूत सुविधाएं
गोण्डा जिले के छपिया ब्लॉक स्थित बुटहनी वनटांगिया गांव, जो जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर है, वर्षों से विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था। अंग्रेजों द्वारा जंगलों में बसाए गए इस समुदाय को लंबे समय तक अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। पांच वर्षों के लिए एक जगह पर बसाए जाने के बाद इन्हें बार-बार विस्थापित किया जाता था। घासफूस के मकानों में रहने वाले इन लोगों को जीवनयापन के लिए जलौनी लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था।

2018 में सीएम योगी ने की चिंता
2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर विकास की प्रक्रिया की नींव रखी। इस पहल के तहत समुदाय को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर, जमीन का मालिकाना हक, पीने का पानी और रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। इन योजनाओं ने पहली बार वनटांगिया समुदाय को स्थिरता और अधिकार दिलाए। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गोण्डा में इस समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। इसी कड़ी में छपिया के बुटहनी वनटांगिया गांव को रोशन किया है। पहली बार इनके घरों में बिजली पहुंची है। गांव में अंधेरे का युग समाप्त हुआ और एक नए बदलाव की शुरुआत की गई है। जिलाधिकारी ने कहा, “प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर समुदाय को लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। बुटहनी गांव में बिजली पहुंचाने से ग्रामीणों का जीवन बदला है।”

गांववासियों में खुशी: उम्मीदों का नया सवेरा
बिजली पहुंचने के बाद गांव में पहली बार बल्ब की रोशनी देख ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। मीना, जो गुलाब स्वयं सहायता समूह की संचालिका हैं, ने कहा, “पहले अंधेरे में घर से बाहर निकलने में डर लगता था। अब हमारी जिंदगी में उजाला और सुरक्षा दोनों आई हैं।” गांव के बुजुर्ग नंद लाल (60 वर्ष) कहते हैं, “हमने अपना पूरा जीवन अंधेरे में बिताया, लेकिन अब हमारी अगली पीढ़ी को रोशनी और विकास देखने का अवसर मिला है।”

फडणवीस के नेतृत्व में सुशासन के पथ पर बढ़ते हुए प्रगति करेगा महाराष्ट्र: सीएम योगी

फडणवीस के नेतृत्व में सुशासन के पथ पर बढ़ते हुए प्रगति करेगा महाराष्ट्र: सीएम योगी
फडणवीस के नेतृत्व में सुशासन के पथ पर बढ़ते हुए प्रगति करेगा महाराष्ट्र: सीएम योगी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने पर दिल से बधाई दी।
  • योगी ने फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र के लिए समृद्धि और सुशासन के नए मानक स्थापित होने की आशा व्यक्त की।
  • एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर योगी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी।
  • योगी ने महाराष्ट्र चुनाव में 24 प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार किया, जिससे महायुति गठबंधन को 22 सीटों पर जीत मिली।
  • मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र में सरकार के गठन को राज्य के लिए एक नई शुरुआत बताया।
फडणवीस के नेतृत्व में सुशासन के पथ पर बढ़ते हुए प्रगति करेगा महाराष्ट्र: सीएम योगी

लखनऊ, 5 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई दी। साथ ही, एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश राज्य के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक साबित हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हृदयतल से बधाई और शुभकामनाएं! मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और आपके कुशल नेतृत्व में महाराष्ट्र ‘विकसित महाराष्ट्र-सुरक्षित महाराष्ट्र’ की संकल्पना को साकार करते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर बढ़ते हुए समृद्धि के नए मानक स्थापित करेगा।” योगी ने इसके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई दी और उनके कार्यकाल के स्वर्णिम होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में नई सरकार राज्य के विकास, समृद्धि और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी जिक्र किया कि उनकी उम्मीदें हैं कि महाराष्ट्र की नई सरकार राज्य में एक स्थिर और प्रभावशाली शासन स्थापित करेगी, जो न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनेगा। इस सरकार के नेतृत्व में न केवल राज्य में प्रशासनिक सुधार होंगे, बल्कि लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को भी पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान सक्रिय रूप से भाग लिया था। योगी आदित्यनाथ ने चार दिनों तक महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार किया और महायुति गठबंधन के पक्ष में रैलियों और सभाओं को संबोधित किया। उनका चुनाव प्रचार न केवल व्यापक था, बल्कि यह बहुत प्रभावी भी साबित हुआ। योगी के नेतृत्व में किए गए प्रचार का असर दिखा और महायुति गठबंधन को 24 सीटों में से 22 सीटों पर जीत हासिल हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत को महायुति गठबंधन की समर्पित मेहनत और राज्य की जनता की इच्छाओं का परिणाम बताया। साथ ही, उन्होंने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और मार्गदर्शन का परिणाम भी माना। योगी ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में सरकार का गठन राज्य की राजनीतिक स्थिरता और विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है, और अब राज्य में सबके लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपील की कि वे इस नई सरकार के साथ मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें और इसे एक नई दिशा देने में मदद करें। यह शपथ ग्रहण समारोह महाराष्ट्र में एक नई राजनीतिक लहर का प्रतीक बना, जिसमें उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य का प्रशासन पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और समर्पित रहेगा।

यूपी राजभवन में उत्तराखंड राज्य के “स्थापना दिवस” का आयोजन

यूपी राजभवन में उत्तराखंड राज्य के "स्थापना दिवस" का आयोजन
यूपी राजभवन में उत्तराखंड राज्य के "स्थापना दिवस" का आयोजन
  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में उत्तराखंड राज्य के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया।
  • जल संरक्षण पर आधारित ‘जल चालीसा’ का ऑडियो विमोचन किया गया।
  • राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के अभूतपूर्व विकास की सराहना की।
  • उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के किसानों की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने मिलेट्स से बिस्किट बनाने की फैक्ट्री स्थापित की।
  • ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ योजना के तहत विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए।

लखनऊ, 5 दिसंबर, 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज राजभवन में उत्तराखंड राज्य के स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने जल संरक्षण और जल की महिमा पर आधारित एक संगीतमय ‘जल चालीसा’ का ऑडियो विमोचन किया। यह ऑडियो जल के महत्व को समझाने और जल संरक्षण के उपायों को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव प्रयास है। राज्यपाल ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना करते हुए राज्य के विकास की दिशा में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की भूमि धार्मिक स्थलों का घर है, जहां सबसे अधिक तीर्थ स्थल स्थित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के लोग अपनी मेहनत, समर्पण और देशभक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं, और यहां के लोग हमेशा सहयोग और सद्भाव के साथ रहते हैं। राज्यपाल ने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में उत्तराखंड का अभूतपूर्व विकास हुआ है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व और उनके दूरदर्शी कार्यों का परिणाम है। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी के योगदानों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलने की बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और अस्पतालों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके कार्यों के परिणामस्वरूप भारत का समग्र विकास हुआ है, और यह सुनिश्चित हुआ है कि देश के प्रत्येक नागरिक को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें। उन्होंने उत्तराखंड के किसानों की कठिन मेहनत और कृषि में उनके योगदान की सराहना की, विशेष रूप से मोटे अनाज (श्रीअन्न) के प्रचार में केंद्र सरकार के प्रयासों के चलते राज्य के किसानों को बड़ा लाभ हुआ है।

उन्होंने बागेश्वर जिले के मुनार गांव के किसानों की प्रेरणादायक कहानी साझा की, जिन्होंने मिलेट्स (मंडवा, चौलाई, मक्का और जौ) की खेती को एक नई दिशा दी। इन किसानों ने सहकारी संस्था बना कर मिलेट्स से बिस्किट बनाने की फैक्ट्री स्थापित की, जो आयरन रिच होने के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। इस परियोजना ने 900 से अधिक परिवारों को रोजगार मुहैया कराया और इसे राष्ट्रीय आजीविका मिशन से भी जोड़ा गया, जिससे इस पहल को और मजबूती मिली। उत्तराखंड के चार धाम—गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने इन स्थानों को भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा बताया। साथ ही, राज्यपाल ने ‘होम स्टे योजना’ की सराहना की, जो पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन रही है। राज्यपाल ने उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों, जैसे नैनीताल, मंसूरी, औली, रानीखेत, भीमताल, कौसानी, लैंसडाउन, पिंडारी ग्लेशियर, और हरिद्वार का भी उल्लेख किया और कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुम्भ मेला भारत की सांस्कृतिक धरोहर का एक अद्भुत उदाहरण है।

राज्यपाल ने उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों में 4,200 किमी सड़कों, 250 पुलों और 22 सुरंगों का निर्माण किया गया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में अवस्थापना विकास की 37 योजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में 250 से अधिक आबादी वाले इलाकों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। राज्यपाल ने केंद्र सरकार द्वारा रेल परियोजनाओं के लिए स्वीकृत 5,131 करोड़ रुपये के बजट का भी उल्लेख किया और बताया कि उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और लोक निर्माण कार्यों के लिए भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खानपान, संगीत, प्रमुख तीर्थ स्थलों और महान व्यक्तित्वों पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। राज्यपाल ने इस प्रदर्शनी और रंगोली कृतियों का अवलोकन किया। इस आयोजन के दौरान उत्तराखंड राज्य पर आधारित एक विशेष डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसमें राज्य की स्थापना से लेकर उसकी लोक संस्कृति, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ हाल के वर्षों में हुए विकास कार्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल के साथ इस आयोजन में अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, संस्कृति विभाग और एनसीजेडसीसी, प्रयागराज के अधिकारी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल0 जानी, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

राज्यपाल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन की बैठक सम्पन्न

राज्यपाल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन की बैठक सम्पन्न
राज्यपाल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन की बैठक सम्पन्न
  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन की बैठक राजभवन में आयोजित।
  • बैठक में एसोसिएशन के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा, बजट अनुमोदन, और पदाधिकारियों के चुनाव पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • राज्यपाल ने एसोसिएशन के सदस्यांे से क्षय रोगियों को गोद लेने और उनकी मदद करने की अपील की।
  • 2,69,966 पोषण किट टीबी रोगियों को वितरित की गई, और 44,504 निश्चय मित्रों ने टीबी रोगियों की मदद की।
  • राज्यपाल ने “मैन्युअल ऑफ चेस्ट एक्सरे” पुस्तक का विमोचन किया।

लखनऊ, 5 दिसंबर, 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज राजभवन में उत्तर प्रदेश ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन की वार्षिक सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसोसिएशन के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें गत् बैठक की कार्यवाही का पुष्टीकरण, लेखा रिपोर्ट का अनुमोदन, कार्यवाही अनुपालन, बजट अनुमोदन, एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों के चुनाव आदि प्रमुख थे। इसके अलावा, एसोसिएशन के मानद महासचिव ने एसोसिएशन कार्यालय पर चल रहे अनाधिकृत कब्जे का मुद्दा भी उठाया, जो न्यायालय में लम्बित है।

बैठक में राज्यपाल ने एसोसिएशन के सभी सदस्यों को क्षय रोग पर जागरूकता फैलाने और इससे संबंधित कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदस्य अपने उत्तरदायित्वों को समझें और पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। साथ ही, राज्यपाल ने एसोसिएशन के सदस्यों से यह भी आह्वान किया कि वे क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत” के सपने को साकार किया जा सके।

राज्यपाल ने इस बात का भी उल्लेख किया कि राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा टीबी रोगियों को गोद लिया गया है और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस दिशा में प्रेरित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके इलाज और पोषण में सहायता प्रदान करने के अभियान को और तेज किया जाए। साथ ही, समाज से अपील की कि क्षय रोगियों के साथ भेदभाव नहीं किया जाए और उन्हें मित्रवत एवं स्नेहपूर्ण व्यवहार किया जाए।

बैठक में राज्य टीबी अधिकारी, डॉ. शैलेन्द्र भटनागर ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में किए गए कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 44,504 निश्चय मित्रों ने टीबी मरीजों को सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है, और 2,69,966 पोषण किट टीबी रोगियों को वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, राज्यपाल के मार्गदर्शन में राजभवन के अधिकारियों ने 278 टीबी मरीजों को गोद लिया है और प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने भी 5,573 मरीजों को गोद लिया है। बैठक के अंत में राज्यपाल ने “मैन्युअल ऑफ चेस्ट एक्सरे” पुस्तक का विमोचन भी किया।