मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित दिव्यांग पार्क का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पार्क का सिविल कार्य 25% पूरा होने की जानकारी दी गई।
डॉ. जैकब ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और मानकों का पालन करने की सलाह दी।
उन्होंने निर्माण कार्य की गति को 24×7 मेनपावर बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि 31 जनवरी 2025 तक काम पूरा हो सके।
डॉ. जैकब ने बाबू केडी सिंह स्टेडियम में साज-सज्जा, लाइटिंग और मल्टीपर्पस हाल के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
लखनऊ, 5 दिसम्बर 2024: आज मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकासाधीन दिव्यांग पार्क का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान डॉ. जैकब ने पाया कि दिव्यांग पार्क के सिविल कार्य में 25% प्रगति हो चुकी है। उन्होंने इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग पार्क के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए, और यह कार्य तय समयावधि में पूरा किया जाए।
डॉ. जैकब ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य को 24×7 मेनपावर के साथ तेज किया जाए, ताकि 31 जनवरी 2025 तक सभी सिविल कार्यों को पूर्ण किया जा सके। उनका उद्देश्य था कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और पार्क दिव्यांग समुदाय के लिए जल्द से जल्द उपलब्ध हो। निरीक्षण के बाद, मंडलायुक्त डॉ. जैकब ने बाबू केडी सिंह स्टेडियम का भी दौरा किया। यहां उन्होंने स्टेडियम में की गई साज-सज्जा, लाइटिंग और मल्टीपर्पस हाल के सिविल कार्यों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को इन कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस और सपा पर हिंदू विरोधी सेक्युलरिज्म का आरोप लगाया और उनके दोहरे मापदंडों की आलोचना की।
उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू संतों के उत्पीड़न पर कांग्रेस और सपा की खामोशी पर सवाल उठाया।
डॉ. सिंह ने बहराइच, कानपुर, और पालघर की घटनाओं के दौरान कांग्रेस और सपा के नेताओं की उदासीनता पर तीखा हमला किया।
डॉ. सिंह ने कांग्रेस और सपा की वोट बैंक राजनीति पर आरोप लगाया और कहा कि ये पार्टियाँ हिंदू विरोधी राजनीति कर रही हैं।
बांग्लादेशी हिंदुओं के पक्ष में जन जागरूकता फैलाने के लिए डॉ. सिंह ने जन आक्रोश यात्रा निकालने के साथ ही सभी राजनीतिक-सामाजिक संगठनों से समर्थन की अपील की।
लखनऊ, 05 दिसम्बर 2024: सरोजनीनगर के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और विपक्षी दलों की चुप्पी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर हिंदू विरोधी “सेक्युलरिज्म” अपनाने का आरोप लगाया है। बांग्लादेश में हिंदू संतों और अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर डॉ. सिंह ने कांग्रेस और सपा नेताओं की खामोशी पर सवाल उठाए।
डॉ. सिंह ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस पार्टी को घेरते हुए लिखा कि यह पार्टी हिंदू विरोधी मानसिकता का प्रतीक बन चुकी है, जो हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं का अपमान करने में संकोच नहीं करती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदू संतों के खिलाफ हमले हो रहे थे, तब कांग्रेस और सपा के नेताओं ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके विपरीत, ये पार्टियाँ ऐसे मुद्दों पर अपने मुंह बंद रखती हैं और केवल आतंकवादियों के लिए संवेदनाएँ व्यक्त करती हैं।
डॉ. सिंह ने बहराइच, कानपुर, और पालघर की घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस और सपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई, तो बहराइच का रास्ता क्यों नहीं दिखा? क्या इसलिए नहीं गए क्योंकि हत्या एक हिंदू की हुई थी?” उन्होंने आगे कहा कि कोलकाता में एक नृशंस हत्याकांड हुआ था, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, लेकिन कांग्रेस और सपा के नेताओं ने वहां जाकर घटनास्थल पर कोई बयान क्यों नहीं दिया? डॉ. सिंह ने यह भी सवाल किया कि जब कानपुर में जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजी की घटना हुई थी, तब इन नेताओं ने क्यों शांति की अपील नहीं की?
सपा और कांग्रेस पर हमला करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि ये दल विदेशी धरती पर अपने देश को अपशब्द कहने से भी नहीं हिचकते हैं, लेकिन जब अपने देश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं तो उनकी संवेदनाएँ गायब हो जाती हैं। डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि इन पार्टियों का सेक्युलरिज्म सिर्फ और सिर्फ हिंदू विरोधी है। उनके अनुसार, इन पार्टियों का ध्यान सिर्फ अपने वोट बैंक पर है, और वे केवल वोट हासिल करने के लिए हिंदू विरोधी राजनीति का सहारा ले रही हैं।
डॉ. सिंह ने बांग्लादेश में हिंदू संतों के खिलाफ बढ़ते उत्पीड़न पर भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ जारी अत्याचार के बावजूद कांग्रेस और सपा का रवैया पूरी तरह से निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक है, और भारत के सेक्युलरिज्म को खतरे में डालती है।
बता दें कि सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे उत्पीड़न के विरोध में लगातार मुखर हैं। डॉ. सिंह ने भव्य जन आक्रोश यात्रा निकालने के साथ लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से बांग्लादेशी अल्पसंख्यक हिन्दुओं के पक्ष में अपनी बात रखी है, सभी राजनीतिक – सामाजिक संगठनों को बांग्लादेशी हिन्दुओं के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान भी किया है। डॉ. सिंह ने राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील की, कि वे बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में आवाज उठाएं और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएं।
विधायक ने कहा कि “बांग्लादेश में हिंदू संतों पर हो रहे अत्याचार को लेकर पूरी दुनिया की चुप्पी सवाल खड़ी करती है। कांग्रेस और सपा का यह दोहरा मापदंड देश के सेक्युलरिज्म पर सवाल उठाता है।”
उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 के प्रचार-प्रसार के लिए गुजरात के दौरे का आयोजन किया।
नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल गुजरात में महाकुंभ का आमंत्रण देंगे।
मंत्रीगण गुजरात के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर महाकुंभ में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगे।
मंत्रीगण महाकुंभ के महत्व पर रोड शो और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे।
योगी सरकार की पहल महाकुंभ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में है।
लखनऊ, 05 दिसम्बर 2024: प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025, जिसे एक दिव्य और भव्य धार्मिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, अपनी तैयारियों के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यह महाकुंभ भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम होने जा रहा है। इसे एक वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार इस आयोजन की भव्यता, धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित करने के साथ-साथ, इसमे अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को सम्मिलित करने के लिए काम कर रही है।
महाकुंभ 2025 का उद्देश्य न केवल देशभर में, बल्कि विश्वभर में भारतीय संस्कृति और धर्म की गहरी छाप छोड़ना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों का आयोजन किया है, ताकि महाकुंभ की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। इस पहल के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश के नगर विकास और ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल को गुजरात राज्य भेजने का निर्णय लिया गया है।
यह दोनों मंत्रीगण गुजरात के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख शख्सियतों से मुलाकात करेंगे और उन्हें महाकुंभ 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान वे गुजरातवासियों को भी इस महान आयोजन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेंगे। मंत्रीगण महाकुंभ के महत्व, इसके धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के साथ ही, महाकुंभ की गतिविधियों को लेकर विस्तृत साहित्य और आमंत्रण पत्र भी वितरित करेंगे। इसके अलावा, वे गुजरात में रोड शो करेंगे और महाकुंभ की ऐतिहासिक महत्ता, उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक विशेषताओं और इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को उजागर करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेंगे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य महाकुंभ 2025 को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करना है। इस पहल के जरिए महाकुंभ को एक वैश्विक पहचान मिल सकती है, और यह भारतीय धार्मिकता, संस्कृति और परंपराओं को संपूर्ण विश्व में पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
महाकुंभ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को उजागर करने की दिशा में यह कदम योगी सरकार के विकास और संस्कृति को प्रमोट करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा। यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक गर्व की बात होगी जब महाकुंभ 2025 दुनिया भर में भारतीय धर्म और संस्कृति का प्रतीक बनेगा।
डॉ. यू.एस. सिंह, केजीएमयू, लखनऊ के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं।
वर्ष 1975 में फेस्पिक गेम्स, ओइटा सिटी, जापान में स्वर्ण और कांस्य पदक जीते।
वर्ष 1981 में क्योटो, जापान में अंतरराष्ट्रीय खेल विकलांग व्यक्तियों के लिए में भाग लिया।
सॉफ्ट बॉल थ्रो, 100 मीटर रेस, और टेबल टेनिस जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विकलांग व्यक्तियों के लिए प्रेरणा और खेल और चिकित्सा क्षेत्र में प्रेरणादायक व्यक्तित्व।
लखनऊ, 05 दिसम्बर 2024: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, डॉ. यू.एस. सिंह ने चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के साथ-साथ खेल जगत में भी अद्वितीय पहचान बनाई है। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक हैं, बल्कि एक सफल पैरा ओलंपियन भी हैं। उनके द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश का गौरव बढ़ाया गया है।
डॉ. सिंह ने वर्ष 1975 में जापान के ओइटा सिटी में आयोजित फेस्पिक गेम्स में भाग लिया और सॉफ्ट बॉल थ्रो, 100 मीटर रेस, और टेबल टेनिस जैसी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और कांस्य पदक जीते। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 1981 में क्योटो, जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल विकलांग व्यक्तियों के लिए (International Games for the Disabled) में भी अपनी योग्यता साबित की।
डॉ. यू.एस. सिंह की यह उपलब्धियां न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम हैं, बल्कि विकलांग व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि किसी भी चुनौती को मेहनत और दृढ़ संकल्प से पार किया जा सकता है। खेलों के माध्यम से उनकी उपलब्धियां, चिकित्सा जगत में उनकी विशेषज्ञता के साथ मिलकर, उनके व्यक्तित्व को और भी प्रभावशाली बनाती हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत: 1 से 7 दिसंबर तक आयोजित ‘द्रोण’ प्रतियोगिता का उद्घाटन 5 दिसंबर को खेल मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा किया गया।
प्रतियोगिताएं: 100 मीटर दौड़, 4×100 मीटर रिले दौड़ और संकाय के बीच “तकिया लड़ाई” मुख्य आकर्षण रहे।
विजेताओं की घोषणा: अतिज यादव, श्रद्धा सिंह, और 2023 बैच की टीम ने प्रमुख स्पर्धाओं में विजय प्राप्त की।
मुख्य अतिथि का संबोधन: खेलों में अनुशासन, टीम वर्क और फिटनेस पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का समापन: धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रतियोगिता की सफलता को सराहा गया।
लखनऊ, 05 दिसम्बर 2024: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ ने अपने एथलेटिक एसोसिएशन के तत्वावधान में 1 से 7 दिसंबर 2024 तक 103वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता “द्रोण” का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन 5 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद, विभिन्न विभागों के डीन, छात्र-छात्राएं, और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। छात्रों और खेल कप्तान यशराज सिंह ने शपथ ग्रहण किया और खेल भावना को बनाए रखने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में खेलकूद के माध्यम से टीम वर्क, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहा और जीवन में खेलों के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ, जिनमें 100 मीटर दौड़, 4×100 मीटर रिले दौड़ जैसी रोमांचक स्पर्धाएं शामिल थीं। लड़कों की 100 मीटर दौड़ में अतिज यादव ने पहला स्थान, निखिल वर्मा ने दूसरा और ध्रुव पांडे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। लड़कियों की 100 मीटर दौड़ में श्रद्धा सिंह ने पहला स्थान, रिशु चौधरी ने दूसरा और दिव्यांशी सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। लड़कों की रिले दौड़ में 2023 बैच के आदित्य, प्रांशुल, यश और श्याम विजयी रहे, जबकि लड़कियों की रिले दौड़ में श्रद्धा सिंह, रिद्धि सिंघल, शिवानी यादव और शशि कुमारी ने बाजी मारी।
प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण संकाय सदस्यों द्वारा खेला गया मजेदार खेल “तकिया लड़ाई” रहा। इसमें एथलेटिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रो. आर.के. दीक्षित और सचिव डॉ. अंजनी पाठक ने भाग लिया। यह खेल दर्शकों के लिए मनोरंजक अनुभव साबित हुआ। कार्यक्रम का समापन एथलेटिक एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ.रश्मि कुशवाह के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि और आयोजन समिति के सभी सदस्यों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, छात्रों और स्टाफ को इस आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।