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कृषि मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार

कृषि मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार
कृषि मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार
  • कृषि मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की और धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।
  • बीज वितरण, एनएफएसएम योजना, खेत तालाब योजना सहित कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई।
  • आवंटित बजट का सही उपयोग न होने पर संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।
  • सभी योजनाओं की साप्ताहिक मॉनीटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • बैठक में कृषि राज्यमंत्री, प्रमुख सचिव कृषि और निदेशक कृषि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    लखनऊ, 06 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को कृषि निदेशालय में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान योजनाओं की धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।

    बैठक में बीज वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना, खेत तालाब योजना, त्वरित मक्का विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना और मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने जिन योजनाओं में आवंटित बजट का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया है, उन पर चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर मॉनीटरिंग आवश्यक है।

    कृषि मंत्री ने कृषि निदेशक जितेंद्र तोमर और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी योजनाओं की प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी परियोजना लंबित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उनकी आय वृद्धि के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

    बैठक में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, सचिवअनुराग यादव और निदेशक कृषि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    उत्तर भारत स्किल कनेक्ट सम्मेलन: युवाओं को हुनरमंद बनाने पर जोर

    उत्तर भारत स्किल कनेक्ट सम्मेलन: युवाओं को हुनरमंद बनाने पर जोर
    उत्तर भारत स्किल कनेक्ट सम्मेलन: युवाओं को हुनरमंद बनाने पर जोर
    • हुनरमंद युवा: मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
    • बड़ी कंपनियों की साझेदारी: टाटा, रेमंड और मारुति जैसी कंपनियों के साथ सरकार की साझेदारी से रोजगार बढ़ाने की पहल।
    • स्वरोजगार को बढ़ावा: योगी सरकार युवाओं को स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
    • नवीनतम तकनीक का प्रशिक्षण: युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।
    • सम्मेलन का उद्देश्य: कौशल विकास और उद्योग जगत की साझेदारी को मजबूत कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि।

    लखनऊ, 06 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने उत्तर भारत स्किल कनेक्ट सम्मेलन में युवाओं को हुनरमंद बनाने और रोजगार के नए अवसरों पर जोर दिया। हयात रीजेंसी, लखनऊ में फिक्की के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में उद्योग जगत और कौशल विकास संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी की जरूरत पर गहन चर्चा की गई। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    हुनरमंद युवा: अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का आधार

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार ने टाटा, रेमंड, महिंद्रा और मारुति जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी की है, ताकि युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर दिए जा सकें। उन्होंने कहा कि उद्योगों और कौशल विकास संस्थानों के बीच तालमेल से युवाओं को सही दिशा में ले जाने में मदद मिलेगी।

    युवाओं के लिए स्वरोजगार और स्टार्टअप्स का प्रोत्साहन

    राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। इनमें स्टार्टअप्स शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण शामिल है। युवाओं को नवीनतम तकनीकों और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने की पहल की जा रही है, जिससे वे न केवल रोजगार पा सकें, बल्कि स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित हों।

    उद्योग और कौशल विकास संस्थानों की साझेदारी पर चर्चा

    सम्मेलन में कौशल विकास और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को समय-समय पर उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपडेट किया जाए। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करना है।

    सम्मेलन का उद्देश्य और भविष्य की रणनीति

    इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के मुताबिक तैयार करना, नए पाठ्यक्रम विकसित करना और रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था। प्रतिनिधियों ने बताया कि यह सम्मेलन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने और अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    62वें होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया

    62वें होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया
    62वें होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया
    • रैतिक परेड: धर्मवीर प्रजापति ने 62वें स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का मान प्रणाम किया।
    • जवानों की सेवाएं: होमगार्ड्स जवान सुरक्षा, चुनाव और सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
    • महाकुंभ-2025: 14,000 से अधिक होमगार्ड्स जवान महाकुंभ में सेवाएं देंगे।
    • भत्तों में वृद्धि: दैनिक भत्ता ₹918 और दुर्घटना बीमा ₹35-40 लाख तक बढ़ाया गया।
    • प्रशासनिक सुधार: नए भवन निर्माण और 90 दिनों की ट्रेनिंग का प्रावधान।

    लखनऊ, 06 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स के 62वें स्थापना दिवस पर आयोजित रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया। कार्यक्रम का आयोजन होमगार्ड्स मुख्यालय, लखनऊ में हुआ, जहां श्री प्रजापति ने होमगार्ड्स जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह बल प्रदेश की सुरक्षा से लेकर चुनाव और सामाजिक कार्यों तक हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वृक्षारोपण और सफाई अभियानों में भी होमगार्ड्स जवान अपना योगदान दे रहे हैं।

    होमगार्ड्स जवानों के हितों में सरकार के निर्णय

    श्री प्रजापति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होमगार्ड्स जवानों के भत्तों में वृद्धि की गई है। 2017 में जवानों का दैनिक वेतन ₹375 से बढ़ाकर ₹500 किया गया था, जो अब ₹918 प्रतिदिन है। इसके अलावा, वर्दी भत्ता और अंतरजनपदीय भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है। दुर्घटनाओं के मामले में जवानों को ₹5 लाख की विभागीय अनुग्रह राशि और बैंक बीमा के तहत ₹35-40 लाख का लाभ मिल रहा है।

    महाकुंभ-2025 के लिए होमगार्ड्स की तैयारियां

    श्री प्रजापति ने बताया कि महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन में 14,000 से अधिक होमगार्ड्स जवान सेवाएं देंगे। ये जवान पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाओं का संचालन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से जवानों की ट्रेनिंग अवधि 45 दिन से बढ़ाकर 90 दिन करने का अनुरोध किया, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा कौशांबी, शामली, महाराजगंज, संभल और अन्य जिलों में प्रशासनिक भवन निर्माण और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना का कार्य चल रहा है।

    होमगार्ड्स बल की अहमियत

    अपर मुख्य सचिव, होमगार्ड, बी.एल. मीणा ने कहा कि होमगार्ड्स जवानों की हर जगह डिमांड रहती है। थाना, तहसील और 40 से अधिक विभागों में इनकी सेवाएं ली जा रही हैं। वहीं, महानिदेशक होमगार्ड, विजय कुमार मौर्य ने बल के 62 वर्षों की यात्रा को सराहते हुए कहा कि यह डायल-112, न्यायालय और ट्रैफिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बल के स्वरूप में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

    समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश आर.के. विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव गृह एवं वित्त दीपक कुमार, मानवाधिकार सचिव बृजभूषण, पूर्व डीजी सूर्यकुमार शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी को बनाया गया टीम का नया कप्तान, जो पहले भारत के खिलाफ खेल चुका है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस वक्त पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज के पहले मुकाबले को टीम इंडिया ने अपने नाम किया था। सीरीज का दूसरा मुकाबला 06 दिसंबर से खेला जाएगा। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया का एक खिलाड़ी एक इंटरनेशनल टीम का कप्तान बना है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि जो बर्न्स हैं। हालांकि जो बर्न्स ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान नहीं बने हैं। वह इटली की क्रिकेट टीम के नए कप्तान बने हैं। जो बर्न्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 23 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ भी मुकाबला खेला है।

    भारत के खिलाफ खेल चुके हैं मैच

    जो बर्न्स 35 साल के हो चुके हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का ज्यादा मौके नहीं मिल रहे थे। जिसके कारण उन्होंने यूरोपीय देश का रुख कर लिया है। उन्होंने साल 2020 में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच भी खेला था। जहां उन्होंने टीम इंडिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच में 63 गेंदों पर 51 रनों की पारी खेली थी। यह वही मुकाबला है जिसमें टीम इंडिया सिर्फ 35 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी। जो बर्न्स ऑस्ट्रेलिया के लिए सलामी बल्लेबाज का रोल निभाते थे।

    मां के कारण मिला मौका

    बर्न्स ने इस साल मई में इटली का रुख किया था। ब्रिसबेन में जन्मे बर्न्स अपनी मां की विरासत के माध्यम से इटली के लिए खेलने के योग्य हो गए और जून में उन्होंने इटली की नेशनल टीम के लिए डेब्यू किया था। यह दूसरी बार था जब उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया। बर्न्स ने गुरुवार को बयान में कहा कि मैं इस भूमिका को निभाने और इंटरनेशनल मंच पर इटली का प्रतिनिधित्व करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उनके इंटरनेशनल करियर पर एक नजर डालें तो उन्होंने कुल 23 टेस्ट मैचों की 40 पारियों में 1442 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 36.97 का रहा है। दूसरी ओर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 6 वनडे मैच भी खेला है। हालांकि वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से एक भी टी20 मैच नहीं खेल सके थे। उन्होंने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू इटली की टीम के लिए किया था।

    सेहत टिप्स: सर्दियों में इन उपायों से खीरे को डाइट में शामिल करें, गैस और अपच जैसी समस्याओं से पाएं राहत।

    खीरा एक ऐसा हेल्दी फूड है, जिसका अधिकतर गर्मियों में सेवन किया जाता है। खीरा पेट की गर्मी को शांत करने, वेट लॉस और शरीर में पानी का लेवल बनाए रखने में सहायक होता है। लेकिन बहुत सारे लोग सर्दियों में खीरा खाना छोड़ देते हैं। क्योंकि खीरा का तासीर ठंडी होती है। साथ ही यह फल वात बढ़ाने वाला माना जाता है। जिसकी वजह से सर्दियों में गैस की दिक्कत हो सकती है। सर्दियों में शरीर की जठराग्नि कमजोर हो जाती है। ऐसे में खीरा पचने में बाधा बन सकता है और अपच व गैस जैसी समस्या हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप इन सभी समस्याओं से बच सकते हैं। अगर आप खीरा खाने का सही तरीका जान लें। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सर्दियों में खीरा खाने का सही तरीका और इसके फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं।

    सर्दियों में खीरा खाने के फायदे

    खीरे में पर्याप्त मात्रा में पानी पाया जाता है। ऐसे में खीरे का सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है। सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिसकी वजह से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। स्किन का ड्राई होना, होंठ फटना और मुंह सूखना डिहाइड्रेशन के मुख्य लक्षण हैं। डॉक्टर की मानें, तो खीरे में 90 फीसदी पानी होता है। जो हमारे शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

    कब्ज से बचाव

    शरीर में पानी की कमी कब्ज का कारण बन सकती है। वहीं खीरे के अंदर पानी की पर्याप्त मात्रा होने के साथ फाइबर भी होता है। यह दोनों ही चीजें मल को मुलायम और मोटा बनाती हैं। ऐसे में खीरे के सेवन से आप कब्ज की समस्या से बच सकते हैं और मल आसानी से बाहर आ सकता है।

    वेट लॉस

    सर्दियों में खान-पान ज्यादा होता है। जिसके कारण वजन कम करने में थोड़ी परेशानी होती है। लेकिन आप खीरे को सलाद की तरह डाइट में जोड़ने से कैलोरी इनटेक कम की जा सकती है। वहीं फाइबर पेट को ज्यादा देर तक भरा रखता है और भूख को भी शांत करता है।

    मैनेज होगा ब्लड शुगर

    एक्सपर्ट कई अध्ययनों का हवाला देते हुए कहे हैं कि खीरे के सेवन से डायबिटीज का खतरा कम किया जा सकता है। यह ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करता है। लेकिन खीरे को छिलके के साथ खाना अधिक फायदेमंद होता है।

    खीरा खाने का सही तरीका

    क्योंकि खीरे की तासीर ठंडी होती है और यह थोड़ा देर से पचता है। इसलिए इसका रात में सेवन करने से बचना चाहिए। आप जब खीरे का सलाद बनाकर खाएं, तो इसमें एक बदलाव कर लें। इसके ऊपर काली मिर्च, भुना जीरा या फिर काला नमक जैसे मसाले डालें। इससे खीरे का पाचन बढ़ जाएगा और यह मसाले खीरे की तासीर को भी बैलेंस कर लेंगे।