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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तेलंगाना के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को महाकुंभ में आने का दिया निमंत्रण

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तेलंगाना के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को महाकुंभ में आने का दिया निमंत्रण
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तेलंगाना के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को महाकुंभ में आने का दिया निमंत्रण
  • महाकुंभ निमंत्रण: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तेलंगाना के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें महाकुंभ 2025 में आने का निमंत्रण दिया।
  • गीतोपदेश शिखर सम्मेलन में संबोधन: श्री मौर्य ने ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ के महत्व को रेखांकित करते हुए गीता जयंती की शुभकामनाएं दीं।
  • पर्यावरण संरक्षण की पहल: कान्हा शांति वनम में वृक्षारोपण और पुराने पेड़ों के रखरखाव पर चर्चा की।
  • संस्थान का निरीक्षण: हार्टफुलनेस संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: हार्टफुलनेस परिवार के बच्चों की प्रस्तुति का उत्साहवर्धन और संस्थान के योगदान की सराहना की।

लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को हैदराबाद स्थित राजभवन में तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की और प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को कुम्भ कलश, कुम्भ का लोगो और निमंत्रण पत्र भेंट किया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री अनुमुला रेवंत रेड्डी से भी मुलाकात की और महाकुंभ मेले के पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा करते हुए तेलंगाना के नागरिकों से महाकुंभ में भाग लेने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और लोकप्रिय विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह भी उपस्थित रहे। श्री मौर्य ने तेलंगाना के नेताओं से महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश आने का आग्रह किया और उन्हें महाकुंभ मेले के महत्व को समझाने का प्रयास किया।

गीतोपदेश शिखर सम्मेलन 2024 में सहभागिता

हैदराबाद प्रवास के दौरान, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कान्हा शांति वनम स्थित हार्टफुलनेस संस्थान में आयोजित ‘गीतोपदेश शिखर सम्मेलन-2024’ में हिस्सा लिया। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद छात्र-छात्राओं और संस्थान के सदस्यों को संबोधित करते हुए गीता जयंती की शुभकामनाएं दीं। श्री मौर्य ने कहा कि “श्रीमद्भगवद्गीता” मानव जीवन का सार है और यह हमें प्रकृति और मानव जीवन के बीच सामंजस्य स्थापित करने का मार्गदर्शन करती है।

उन्होंने हार्टफुलनेस संस्थान की विभिन्न सुविधाओं जैसे इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हर्बल गार्डन और पूज्य बाबूजी महाराज जी की प्रतिमा का अवलोकन किया। उपवन में वृक्षारोपण करते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पुराने पेड़ों के रखरखाव पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान श्री मौर्य ने हार्टफुलनेस के आध्यात्मिक मार्गदर्शक, पद्म भूषण पूज्य श्री कमलेश डी पटेल ‘दाजी’ के सानिध्य में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उनका उत्साहवर्धन किया।

हैदराबाद के कान्हा शांति वनम में विशेष आयोजन

हार्टफुलनेस संस्थान के दौरे के दौरान श्री मौर्य ने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और गीतोपदेश शिखर सम्मेलन में शामिल होकर भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गीता हमारे जीवन को सार्थक और प्रेरणादायक बनाती है।

लखनऊ: जनपद को स्वच्छ बनाने के लिए मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने किया पीसीटीएस/एफसीटीएस प्लांट का निरीक्षण

लखनऊ: जनपद को स्वच्छ बनाने के लिए मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने किया पीसीटीएस/एफसीटीएस प्लांट का निरीक्षण
लखनऊ: जनपद को स्वच्छ बनाने के लिए मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने किया पीसीटीएस/एफसीटीएस प्लांट का निरीक्षण
  • दुबग्गा क्षेत्र का निरीक्षण: कूड़े के ढेर को हटाने और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए।
  • गहला एफसीटीएस प्लांट: कूड़ा प्रबंधन की प्रक्रिया की समीक्षा और प्रभावी समाधान पर जोर।
  • विनीत खंड पीसीटीएस प्लांट: 34 डोर-टू-डोर कूड़ा गाड़ियों के निस्तारण की प्रक्रिया देखी।
  • विशाल खंड ग्वारी प्लांट: कूड़े के पृथक्करण के प्रभावी कार्यों की सराहना।
  • दयाल चौराहा प्लांट: निर्माणाधीन एफसीटीएस प्लांट की प्रगति की समीक्षा और आवश्यक निर्देश।

लखनऊ, 06 दिसंबर, 2024: जनपद को स्वच्छ और हराभरा बनाने के उद्देश्य से मण्डलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नगर निगम द्वारा संचालित 07 जोन के विभिन्न पीसीटीएस (पोर्टेबल कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन) और एफसीटीएस (फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन) प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कूड़े के प्रभावी निस्तारण, पर्यावरण सुरक्षा, और स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा की। मण्डलायुक्त ने दुबग्गा सीतापुर बाईपास, गहला, और विशाल खंड ग्वारी समेत कई स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत दुबग्गा सीतापुर बाईपास क्षेत्र से हुई, जहां लंबे समय से जमा कूड़े के ढेर का निस्तारण किया जाना था। मण्डलायुक्त ने नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह को निर्देश दिया कि क्षेत्र में कूड़ा हटाने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और कूड़ा जमा होने वाली जगह का सौंदर्यीकरण करते हुए सार्वजनिक सुविधाओं, जैसे टॉयलेट, का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नियमित रूप से साफ-सुथरा और हरा-भरा बना रहना चाहिए।

इसके बाद मण्डलायुक्त ने गहला में स्थित एफसीटीएस प्लांट का दौरा किया। उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बाद कूड़े की प्रभावी प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को देखा। प्लांट में विशेष तकनीक का उपयोग कर कूड़े को कंपैक्ट कर प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाता है। मण्डलायुक्त ने इस प्रक्रिया की सराहना की और इसे और अधिक व्यवस्थित व प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नवीन तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी।

मण्डलायुक्त ने विनीत खंड के पीसीटीएस प्लांट का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक जोन-04 से 34 कूड़ा गाड़ियां प्लांट पर आ चुकी हैं और कूड़े को प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने इस प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की और उपस्थित कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां निष्ठा से निभाने के लिए प्रेरित किया।

इसके उपरांत मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट विशाल खंड, ग्वारी का निरीक्षण किया गया। यहां पर कूड़े के पृथक्करण की प्रभावी प्रक्रिया को देखकर मण्डलायुक्त ने नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के अंत में दयाल चौराहे के निकट निर्माणाधीन एफसीटीएस प्लांट का दौरा किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त, और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री ए.के. शर्मा ने किया योगदान का स्मरण

बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री ए.के. शर्मा ने किया योगदान का स्मरण
बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री ए.के. शर्मा ने किया योगदान का स्मरण
  • बाबा साहब को श्रद्धांजलि: ए.के.शर्मा ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की 69वीं पुण्यतिथि पर जल निगम फील्ड हॉस्टल ‘संगम,’ लखनऊ में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • गरीबों के लिए समर्पण: बाबा साहब ने शोषित-वंचितों और गरीबों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
  • ऊर्जा विभाग की पहल: ओटीएस योजना के तहत 5,000 रुपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100% छूट दी गई।
  • नगर विकास का योगदान: बाबा साहब के विचारों को साकार करने के लिए नगर विकास विभाग गरीबों के लिए कई योजनाओं पर कार्य कर रहा है।
  • कार्यक्रम में भागीदारी: बिजली और नगर विकास विभाग के अधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।

लखनऊ, 06 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने भारतीय संविधान के जनक, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर जी की 69वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार को जल निगम फील्ड हॉस्टल ‘संगम,’ लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा ने बाबा साहब की फोटो पर माल्यार्पण किया और उनके सामाजिक न्याय के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया।

अपने संबोधन में श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि बाबा साहब ने देश के शोषित-वंचितों, गरीबों और सामान्य नागरिकों के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा निर्मित संविधान ने देश को प्रगति की राह पर अग्रसर किया है। उन्होंने बाबा साहब के विचारों को धरातल पर उतारने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उनके विभाग, ऊर्जा और नगर विकास, उनके सिद्धांतों पर आधारित योजनाओं को लागू कर रहे हैं।

गरीबों और वंचितों के हित में ऊर्जा और नगर विकास विभाग की भूमिका
श्री शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग ने गरीबों के घरों को रोशन करने का कार्य किया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ओटीएस योजना के तहत 5,000 रुपये तक के बकायेदार छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट दी गई है। यह पहल गरीब परिवारों को बड़ी राहत प्रदान कर रही है। नगर विकास विभाग भी बाबा साहब के विचारों पर आधारित योजनाओं को लागू कर गरीबों की मदद कर रहा है।

कार्यक्रम में बिजली विभाग और नगर विकास विभाग के अधिकारी, कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी ने बाबा साहब के विचारों और उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मनरेगा योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण: 6 साल में 13,360 केंद्र तैयार

मनरेगा योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण: 6 साल में 13,360 केंद्र तैयार
मनरेगा योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण: 6 साल में 13,360 केंद्र तैयार
  • 6 वर्षों में 13,360 आंगनबाड़ी केंद्र बने: मनरेगा योजना के तहत 2019-20 से अब तक हजारों केंद्र तैयार।
  • वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,122 केंद्र: 13,262.15 लाख रुपये का व्यय।
  • 8,778 केंद्र निर्माणाधीन: बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर खेल और अन्य सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग के पास केंद्रों के निर्माण पर रोक: पंचायत स्तर पर पारदर्शी निर्माण सुनिश्चित।
  • मनरेगा योजना का अभिसरण: बाल विकास और पंचायती राज विभाग के साथ मिलकर कार्य प्रगति पर।

    लखनऊ, 6 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में मनरेगा योजना, बाल विकास विभाग, और पंचायती राज विभाग के अभिसरण से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक 13,360 आंगनबाड़ी केंद्र बन चुके हैं। किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थायी भवन उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं।

    6 वर्षों में 13,360 आंगनबाड़ी केंद्र बने

    वित्तीय वर्ष 2019-20 में मनरेगा योजना के तहत 2,015 केंद्र बने थे। इसके बाद निर्माण की गति को बढ़ाते हुए 2020-21 में 4,042, 2021-22 में 1,871, 2022-23 में 2,329, और 2023-24 में 1,981 केंद्रों का निर्माण हुआ। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,122 केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं।

    निर्माणाधीन केंद्रों की संख्या और व्यय

    वर्तमान समय में करीब 8,778 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,122 केंद्रों के निर्माण पर 13,262.15 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

    बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं

    नए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के खेलने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र राष्ट्रीय राजमार्ग के पास न बने। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है।

    मनरेगा योजना का अभिसरण और पारदर्शी प्रक्रिया

    आयुक्त ग्राम्य विकास श्री जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि मनरेगा, बाल विकास विभाग, और पंचायती राज विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। शासन की गाइडलाइंस के अनुसार मनरेगा कंवर्जेंस से इस कार्य को सुचारु रूप से पूरा किया जा रहा है।

    यूपी में परिवहन आयुक्त के महत्वपूर्ण निर्देश: स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान शुरू

    यूपी में परिवहन आयुक्त के महत्वपूर्ण निर्देश: स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान शुरू
    यूपी में परिवहन आयुक्त के महत्वपूर्ण निर्देश: स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान शुरू
    • 12 से 24 दिसंबर, 2024 तक स्कूली वाहनों के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाने का आदेश।
    • बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और अनपंजीकृत वाहनों पर विशेष निगरानी।
    • विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति को अभिभावकों और प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश।
    • मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के निर्देश: अनफिट वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित।
    • लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी।

    लखनऊ, 06 दिसंबर, 2024: उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने प्रदेश में स्कूली वाहनों की सुरक्षा और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए 12 दिसंबर से 24 दिसंबर, 2024 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन स्कूल वाहनों की जांच करना है, जो फिटनेस मानकों का पालन नहीं करते या बिना पंजीकरण और अनुबंध के चल रहे हैं। परिवहन आयुक्त ने बताया कि कई जनपदों में ऐसे वाहन संचालन में हैं जो छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।

    स्कूली वाहनों की सख्त जांच के निर्देश

    आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्कूल प्रबंधन अभिभावकों की सहमति से मारुति वैन, मैजिक, ऑटो, और ई-रिक्शा जैसे वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। ये वाहन अक्सर मानकों के अनुरूप नहीं होते। उन्होंने विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है, जिससे अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन, और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

    मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री की सख्त हिदायत

    मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने इस संबंध में सख्त हिदायत दी है कि किसी भी हालत में अनफिट वाहनों का उपयोग बच्चों के परिवहन के लिए न किया जाए। अभियान के दौरान मुख्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास

    इस अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति को नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र हो और वे सुरक्षा मानकों का पालन करें।

    चेकिंग अभियान का व्यापक असर

    यह अभियान छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम है। इसकी सफलता से न केवल मानकों का पालन किया जाएगा, बल्कि स्कूलों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर विश्वास भी बढ़ेगा।