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महाकुम्भ 2025: ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

महाकुम्भ 2025: ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार
महाकुम्भ 2025: ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार
  • महाकुम्भ 2025 में राज्य आजीविका मिशन से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्टॉल और दुकानों के संचालन का अवसर मिलेगा।
  • महिलाएं महाकुम्भ की ब्रांडिंग के लिए मफलर, कैप और अन्य उत्पाद तैयार करेंगी।
  • मेला क्षेत्र में महिलाएं 5 कैंटीन और 10 स्टॉल्स चलाएंगी, जिससे 5,000 महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
  • महाकुम्भ में श्रीअन्न के काउंटर लगाए जाएंगे, जिसमें जौ, ज्वार, बाजरा और देशी गुड़ जैसे उत्पाद होंगे।
  • महिलाओं के उत्पादों से महाकुम्भ की ब्रांडिंग बढ़ेगी और यह शहर से लेकर गांव तक प्रसिद्ध होगा।

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज, 06 दिसम्बर 2024: प्रयागराज में 2025 में आयोजित होने जा रहा महाकुम्भ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। राज्य आजीविका मिशन के तहत, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महाकुम्भ मेले में विभिन्न स्टॉल और दुकानों के संचालन से जुड़ी होंगी। मेला क्षेत्र में इन महिलाओं को न केवल स्टॉल और कैफेटेरिया संचालित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, बल्कि उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद महाकुम्भ की ब्रांडिंग में भी योगदान देंगे। इसके अलावा, महाकुम्भ के दौरान श्रीअन्न उत्पादों के काउंटर भी लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय कृषि उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा।

महाकुम्भ में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना
महाकुम्भ में राज्य आजीविका मिशन से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं मेला क्षेत्र में 5 कैंटीन और विभिन्न स्टॉल्स का संचालन करेंगी। मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में इन महिलाओं को 10-10 दुकानें आवंटित की जाएंगी। इसके अलावा, सरस हाट में भी इन महिलाओं को 40 से अधिक दुकानों का आवंटन किया जाएगा। इससे लगभग 5 हजार ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा।

महाकुम्भ की ब्रांडिंग में महिलाओं का योगदान
महाकुम्भ के दौरान महिलाएं सर्दी से बचने के लिए मफलर और सेल्फी कैप जैसी वस्तुएं बनाएंगी, जिन पर महाकुम्भ का लोगो और स्लोगन होगा। इन उत्पादों का उद्देश्य महाकुम्भ की ब्रांडिंग करना और शहर से लेकर गांव तक महाकुम्भ की पहचान को फैलाना है।

श्रीअन्न के काउंटर और उत्पादों का प्रमोशन
महाकुम्भ में श्रीअन्न उत्पादों का प्रचार करने के लिए मेला क्षेत्र में एक कैफेटेरिया और 5 कैंटीन खोले जाएंगे, जिनमें श्रीअन्न के उत्पादों को पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, श्रीअन्न उत्पादक किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के काउंटर भी लगाए जाएंगे, जिनमें जौ, ज्वार, बाजरा और देशी गुड़ जैसे उत्पाद शामिल होंगे।

महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में कदम
महाकुम्भ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ वे स्वावलंबी भी बनेंगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महाकुम्भ के विभिन्न उत्पादों का निर्माण और बिक्री करेंगी, जो न केवल उनके आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान भी दिलाएगा।

स्वस्थ महाकुम्भ: श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

स्वस्थ महाकुम्भ: श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
स्वस्थ महाकुम्भ: श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
  • महाकुम्भ में 100 बेड का अस्पताल तैयार: परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
  • 10 बेड का आईसीयू: मुख्यमंत्री योगी के आगमन से पहले 10 बेड का आईसीयू पूरी तरह से तैयार किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सेवा उपलब्ध हो सके।
  • विशेष चिकित्सा सेवाएं: ओपीडी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी सभी प्रमुख जांचों की व्यवस्था की गई है।
  • अरैल और झूंसी में छोटे अस्पताल: अरैल और झूंसी में 25 बेड के दो अस्पताल और 8 छोटे अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सभी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके।
  • संक्रामक बीमारियों के लिए विशेष इंतजाम: मेला क्षेत्र में दो अस्पतालों का निर्माण किया गया है, जहां संक्रामक बीमारियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात होगी।

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज/लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: महाकुम्भ के अवसर पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए इस बार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अभूतपूर्व तैयारियाँ की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर, “स्वस्थ महाकुम्भ” के उद्देश्य से मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को अत्यधिक मजबूत किया जा रहा है। इस योजना के तहत, महाकुम्भ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि डॉक्टरों और विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी स्वास्थ्य देखभाल भी की जाएगी।

महाकुम्भ नगर स्थित परेड ग्राउंड में 100 बेड का एक अस्पताल तैयार किया जा चुका है, जिसका उद्देश्य महाकुम्भ के दौरान आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को प्रभावी रूप से हल करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले, 10 बेड का आईसीयू पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके। यह आईसीयू विशेष रूप से गंभीर रोगियों और दुर्घटनाओं के शिकार श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है। इस अस्पताल के निर्माण में आर्मी और मेदांता हॉस्पिटल ने मिलकर सहयोग किया है, ताकि वे हर प्रकार की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकें।

सेंट्रल हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव दुबे, ने बताया कि महाकुम्भ में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई स्वास्थ्य समस्या न हो, इसके लिए उन्होंने व्यापक तैयारी की है। परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल तैयार हो चुका है, जिसमें 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इस अस्पताल में ओपीडी की सुविधा उपलब्ध होगी, जहां श्रद्धालु अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। इसके अलावा, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, और ईसीजी जैसी प्रमुख जांचों के लिए भी कमरे तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की चिकित्सा जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।

अस्पताल में अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें मेल, फीमेल और चिल्ड्रन वार्ड शामिल हैं। डिलीवरी रूम और आपातकालीन वार्ड की भी व्यवस्था की गई है। विशेष तौर पर महाकुम्भ में आने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। डॉ. दुबे ने बताया कि यहां की चिकित्सा सुविधाएं इतनी व्यापक हैं कि ये सभी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर सकेंगी, चाहे वह सामान्य बुखार हो या किसी गंभीर बीमारी से संबंधित समस्या।

इसके अलावा, मेला क्षेत्र में अन्य अस्पतालों का निर्माण भी तेजी से जारी है। अरैल और झूंसी में 25 बेड के दो अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, 20-20 बेड वाले 8 छोटे अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं। इन अस्पतालों में भी विशेष चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न हो। इन छोटे अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे।

संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत, मेला क्षेत्र में दो अस्पतालों का निर्माण किया गया है, जहां पर विशेष रूप से संक्रामक रोगों के इलाज के लिए अनुभवी चिकित्सकों की टीम तैनात की जाएगी। ये अस्पताल उन श्रद्धालुओं के लिए होंगे जो मेला क्षेत्र में संक्रमित बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।

इसके अलावा, पूरे महाकुम्भ क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि वे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें।

लखनऊ: 34वीं रामरथ यात्रा सरोजनीनगर के हनुमानपुरी से रवाना, श्रद्धालुओं ने राम मंदिर के दर्शन कर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का व्यक्त किया आभार

34वीं रामरथ यात्रा
34वीं रामरथ यात्रा
  • 34वीं रामरथ यात्रा हनुमानपुरी से रवाना हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भव्य राम मंदिर के दर्शन किए और डॉ. राजेश्वर सिंह का आभार व्यक्त किया।
  • यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जलपान, भोजन, प्रसाद और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं, साथ ही उन्हें अंगवस्त्र और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि समाज की जरूरतों और भावनाओं का सम्मान करना जनसेवा का मुख्य उद्देश्य है और यह यात्रा उनकी इसी सोच का हिस्सा है।
  • रामरथ यात्रा का आयोजन हर महीने दो बार किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को राम के दर्शन का अवसर मिल सके।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने संकल्प लिया कि रामरथ यात्रा का यह निःशुल्क सेवा भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को 34वीं ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का आयोजन किया। यह यात्रा हनुमानपुरी से अयोध्या के लिए रवाना हुई, जिसमें क्षेत्र के वृद्धजन, महिलाएं और अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को भव्य राम मंदिर और प्रभु श्री राम के दर्शन कराने का था। इस अवसर पर यात्रा में शामिल श्रद्धालु अत्यधिक उत्साहित और भावुक दिखे। उन्होंने विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में पहली बार प्रभु श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं और यह उनके लिए एक अद्वितीय अनुभव है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह सौभाग्य केवल डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से ही संभव हो पाया है, जिन्होंने इस यात्रा का आयोजन किया और क्षेत्रवासियों की आस्था का सम्मान किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह की इस यात्रा का विशेष उद्देश्य क्षेत्र के लोगों की आस्था को बढ़ावा देना और सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देना है। विधायक द्वारा चलाए जा रहे इस निःशुल्क बस सेवा की शुरुआत कुछ साल पहले की गई थी और आज यह यात्रा 34वीं बार आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं को उनके घर से लेकर अयोध्या तक यात्रा की पूरी व्यवस्था की जाती है। बस यात्रा के अलावा, विधायक की टीम द्वारा श्रद्धालुओं को जलपान, भोजन, प्रसाद, और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा, यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की जाती है, जिससे उन्हें सम्मानित किया जाता है।

rajeshvar singh

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि जनसेवा का मुख्य उद्देश्य समाज की जरूरतों और भावनाओं का सम्मान करना है। उन्होंने कहा, “यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं को राम लला के दर्शन का अवसर देती है, बल्कि उनके आस्था को भी बल प्रदान करती है। सनातन संस्कृति का संवर्धन और संरक्षण मेरा प्रमुख कर्तव्य है, और इस यात्रा के माध्यम से हम सभी की आस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा का आयोजन भविष्य में भी अनवरत जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु प्रभु राम के दर्शन कर सकें और उनकी आस्था और भक्ति में वृद्धि हो सके।

डॉ. सिंह ने क्षेत्र के विकास, धार्मिक आस्था और समाज की सेवा के लिए कई पहल की हैं। ‘रामरथ यात्रा’ उनकी उन प्रयासों का हिस्सा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए जा रहे हैं। डॉ. सिंह का मानना है कि इस तरह की पहल से समाज में एकजुटता बढ़ती है और सांस्कृतिक धरोहरों का सम्मान किया जाता है। उनके अनुसार, यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने का एक माध्यम भी है।

इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे हमेशा से राम के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन यात्रा का खर्च और अन्य कारणों से यह संभव नहीं हो पा रहा था। इस निःशुल्क बस सेवा के माध्यम से उन्हें वह अवसर मिला, जिसके लिए वे डॉ. राजेश्वर सिंह के आभारी हैं। श्रद्धालुओं ने इस यात्रा के आयोजन को एक अद्वितीय पहल बताया, जो केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संवर्धन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री से मिला राधा स्नेह दरबार का शिष्टमंडल, भजन संग्रह ‘रसनिधि’ की भेंट

मुख्यमंत्री से मिला राधा स्नेह दरबार का शिष्टमंडल, भजन संग्रह 'रसनिधि' की भेंट
मुख्यमंत्री से मिला राधा स्नेह दरबार का शिष्टमंडल, भजन संग्रह 'रसनिधि' की भेंट
  • राधा स्नेह दरबार के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और भजन संकलन ‘रसनिधि’ की प्रति भेंट की।
  • बिंदू बोरा ने मुख्यमंत्री को दरबार के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों के बारे में जानकारी दी।
  • लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती पर लखनऊ में पांच दिवसीय भक्तमाल कथा का आयोजन किया गया।
  • राधा स्नेह दरबार के कार्यों की मुख्यमंत्री ने सराहना की और भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया।
  • इस अवसर पर लखनऊ उत्तर विधायक डॉ. नीरज बोरा भी उपस्थित थे और धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देने का समर्थन किया।

लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: शुक्रवार को राधा स्नेह दरबार का एक तीन सदस्यीय शिष्टमंडल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए उनके कार्यालय पहुंचा। इस मुलाकात के दौरान शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को राधा स्नेह दरबार द्वारा प्रकाशित भजन संकलन ‘रसनिधि’ की एक प्रति भेंट की, जिसे दरबार के अनुयायियों और भक्तों द्वारा अत्यधिक सराहा गया है। यह भजन संकलन विशेष रूप से धार्मिक और भक्ति गीतों का संग्रह है, जो भक्तों के बीच श्रद्धा और भक्ति के भावों को और प्रगाढ़ बनाने का काम करता है।

राधा स्नेह दरबार की अध्यक्ष बिंदू बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दरबार द्वारा आयोजित सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। बिंदू बोरा ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में लखनऊ में आयोजित पांच दिवसीय भक्तमाल कथा का आयोजन बेहद सफल रहा था, जिसे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस कथा का आयोजन भक्तों में भक्ति और धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया था, और इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला था। बिंदू बोरा ने बताया कि राधा स्नेह दरबार समय-समय पर ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन करता रहता है, जो समाज में एकजुटता, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

इस दौरान शिष्टमंडल में बिंदू बोरा के साथ बीना गोयल और सीमा गोयल भी शामिल थीं। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा भी उपस्थित थे, जिन्होंने राधा स्नेह दरबार के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की सराहना की और मुख्यमंत्री से इस प्रकार के आयोजनों को और बढ़ावा देने की अपील की। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं, क्योंकि यह न केवल धार्मिक सद्भाव को बढ़ाते हैं बल्कि समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राधा स्नेह दरबार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रसार होता है। उन्होंने दरबार के शिष्टमंडल को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और बढ़ावा देने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में हमेशा सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस प्रकार, इस मुलाकात ने राधा स्नेह दरबार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच अच्छे सहयोग की नींव रखी है, जिससे समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को और प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्तरप्रदेश: एलटी ग्रेड और प्रवक्ता संवर्ग चयनित अभ्यर्थियों के लिए दिसंबर में शुरू होगी ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया

एलटी ग्रेड और प्रवक्ता संवर्ग चयनित अभ्यर्थियों के लिए दिसंबर में शुरू होगी ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया
एलटी ग्रेड और प्रवक्ता संवर्ग चयनित अभ्यर्थियों के लिए दिसंबर में शुरू होगी ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया
  • ऑनलाइन प्रक्रिया: दिसंबर 2024 में शुरू होगी एलटी ग्रेड और प्रवक्ता संवर्ग के अभ्यर्थियों की ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया।
  • पांच विकल्पों का चयन: अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से विद्यालय के लिए पांच विकल्प देने होंगे।
  • पारदर्शी प्रक्रिया: शासनादेश के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए ऑनलाइन पदस्थापन किया जाएगा।
  • आवेदन श्रेणी: यह प्रक्रिया औपबन्धिक संस्तुति और अवशेष सूची से चयनित अभ्यर्थियों पर लागू होगी।
  • अलग से जारी होंगी तिथियां: विस्तृत नियुक्ति तिथियों की सूचना अलग विज्ञप्ति के माध्यम से दी जाएगी।

लखनऊ, 06 दिसंबर 2024। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), प्रयागराज द्वारा सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड (पुरुष/महिला) वर्ष 2018 और प्रवक्ता संवर्ग (पुरुष/महिला) वर्ष 2020 के तहत चयनित अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन नियुक्ति और पदस्थापन की प्रक्रिया दिसंबर 2024 में शुरू की जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) के माध्यम से पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित होगी। चयनित अभ्यर्थियों को उनके विद्यालय में पदस्थापन के लिए पांच विकल्प ऑनलाइन देने होंगे। इसके बाद शासनादेश में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शिता के साथ नियुक्ति और पदस्थापन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

यह प्रक्रिया औपबन्धिक संस्तुति और अवशेष सूची में शामिल चयनित अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी। इसके अलावा, नियुक्ति और पदस्थापन से जुड़ी विस्तृत तिथियां अलग से जारी की जाएंगी।

डॉ. महेंद्र देव ने यह भी कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा कदम है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी।