समाजवादी पार्टी ने राज्य मुख्यालय और जिला कार्यालयों पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए।
अखिलेश यादव ने संविधान को संजीवनी बताते हुए इसे बचाने और संविधान विरोधी ताकतों से लड़ने का संकल्प लिया।
भाजपा पर संविधान को कमजोर करने और वंचित वर्गों के अधिकार छीनने के आरोप लगाए।
देहरादून समेत प्रदेश के अन्य कार्यालयों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
समाजवादी पार्टी ने पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को एकजुट कर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आह्वान किया।
लखनऊ, 6 दिसंबर 2024: समाजवादी पार्टी ने भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के परिनिर्वाण दिवस पर प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों समेत राज्य मुख्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित 19-विक्रमादित्य मार्ग पर पार्टी कार्यालय में बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर श्री अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब ने भारत का संविधान बनाकर समाज के वंचित वर्गों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और आदिवासियों को अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने संविधान को संजीवनी बताते हुए इसे बचाने का संकल्प लिया। श्री यादव ने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने और वंचित वर्गों के अधिकारों को खत्म करने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पांडेय, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल और राष्ट्रीय सचिव श्री राजेंद्र चौधरी ने भी बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को एकजुट कर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कटिबद्ध है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेताओं की उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री श्री शैलेंद्र यादव ‘ललई’, डॉ. पीके राय, पूर्व एमएलसी श्री उदयवीर सिंह, श्री अनीस राजा, डॉ. राजवर्धन जाटव और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
उत्तराखंड के देहरादून स्थित प्रदेश कार्यालय में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्य नारायण सचान, प्रो. राकेश कुमार पाठक, सैय्यद जाफर अब्बास जैदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके योगदान को याद किया।
समाजवादी पार्टी ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में, सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संकल्प लिया। बाबा साहब द्वारा स्थापित संविधान की भावना को बचाने और संविधान विरोधी ताकतों को हराने के लिए एकजुटता का आह्वान किया गया।
शौचालय स्लज का निस्तारण: मेला क्षेत्र के 1,50,000 शौचालयों के स्लज का ट्रीटमेंट 3 अस्थाई और 2 स्थाई एसटीपी से होगा।
मुख्यमंत्री का दौरा: सीएम योगी 7 दिसंबर को अरैल फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे।
अलोपी पम्पिंग स्टेशन: पम्पिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 80 केएलडी की गई; 10 दिसंबर से पूरी क्षमता में कार्य शुरू।
ओडीएफ का लक्ष्य: महाकुम्भ क्षेत्र को 100% खुले में शौच से मुक्त बनाने की दिशा में 1.5 लाख शौचालय बनाए जा रहे हैं।
टेक्नोलॉजी और संसाधन: 9 सेसफुल व्हीकल और सीवेज पाइपलाइन के जरिए स्लज का निस्तारण किया जाएगा।
महाकुम्भ नगर, 06 दिसम्बर 2024: महाकुम्भ 2025 के लिए प्रयागराज में तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ और स्वस्थ महाकुम्भ के विजन को साकार करने के लिए जल निगम, नगरीय पूरी क्षमता से कार्यरत है। मेला क्षेत्र में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल निगम पीने के पानी की आपूर्ति और स्लज निस्तारण का प्रबंधन कर रहा है। मेला क्षेत्र में 1,50,000 शौचालय बनाए जा रहे हैं, जिनके स्लज का ट्रीटमेंट अस्थाई और स्थाई ट्रीटमेंट प्लांट्स के माध्यम से होगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि 9 सेसफुल व्हीकल और सीवेज पाइपलाइन की मदद से स्लज को एसटीपी तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। महाकुम्भ के दबाव को प्रयागराज शहर की सुविधाओं पर असर न डालने देने के लिए अलोपी पम्पिंग स्टेशन की क्षमता को भी 45 केएलडी से बढ़ाकर 80 केएलडी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री करेंगे अरैल फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 दिसंबर को अपने प्रयागराज दौरे पर अरैल स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे। यह प्लांट जून महीने से नैनी, महेवा और आसपास के क्षेत्रों के घरेलू सेप्टिक टैंक के स्लज को ट्रीट कर रहा है। इस प्लांट में ट्रीटेड स्लज को झूंसी के को-ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाता है, जहां से ट्रीटमेंट के बाद 10 से 20 बीओडी का पानी छोड़ा जाता है।
महाकुम्भ को शत प्रतिशत ओडीएफ बनाने का लक्ष्य
सीएम योगी की मंशा के अनुसार महाकुम्भ क्षेत्र को शत प्रतिशत ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाने का लक्ष्य है। इसके तहत मेला क्षेत्र में रिकॉर्ड संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इन शौचालयों के स्लज के निस्तारण के लिए नैनी और झूंसी में स्थाई एसटीपी के साथ तीन अस्थाई एसटीपी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 4 हजार लीटर की क्षमता के चार, 3 हजार लीटर की क्षमता के तीन और 1 हजार लीटर की क्षमता के दो सेसफुल व्हीकल तैनात किए गए हैं।
अलोपी पम्पिंग स्टेशन का विस्तारीकरण
अलोपी पम्पिंग स्टेशन को महाकुम्भ में अतिरिक्त दबाव संभालने के लिए विस्तारित किया गया है। यह पम्पिंग स्टेशन 10 दिसंबर से पूरी क्षमता के साथ कार्य करना शुरू कर देगा। इसके दोनों पुराने और नए सम्प ने कार्य करना शुरू कर दिया है, जिससे मेला क्षेत्र का गंदा पानी एसटीपी तक सुचारू रूप से पहुंच सकेगा।
बोले, हैदराबाद के निजाम और उनके राजाकारों द्वारा जब दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तब भी ये चुप थे
सीएम योगी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में बोले, कांग्रेस ने बाबा साहब के मूल संविधान में छेड़छाड़ कर 1975 में लागू की थी इमरजेंसी
कांग्रेस ने ही मूल संविधान की प्रस्तावना में संशोधन करके वह शब्द डालने का काम किया था, जो बाबा साहब ने नहीं डाले थे
लखनऊ, 6 दिसंबर 2024: आज बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगाें को कट्टरपंथियें द्वारा मारा जा रहा है। उन्हें जलाया जा रहा है। उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं माता और बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब तक वहां जिन्ना का जिन्न रहेगा तब तक इस तरह की अराजकता होती रहेगी। वहां पर गरीबों और वंचितों का शोषण हो रहा है। यह पाप 1947 में देश के विभाजन के रूप में सभी के सामने आया था। उसी का बदसूरत स्वरूप बांग्लादेश के रूप में फिर हमारे सामने है। बाब साहेब ने 1946-47 में ही जनता को इसे लेकर आगाह कर दिया था। उन्होंने कहा था कि देश का बंटवारा मत होने दीजिए। अगर यह हो गया तो आर-पार की लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो आज हमारे सामने है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा मार्ग स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं, यह वहीं लोग हैं जो दलितों के गांव जलाने पर चुप थे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं। वह समाज में झूठ फैला रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो उसे समय हैदराबाद के निजाम और उनके राजाकारों द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे तो चुप थे। उस दौरान उनका शोषण हो रहा था। उन पर अत्याचार किया जा रहा था। उस समय भी बाबा साहब आंबेडकर ने खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद के निजाम की रियासत के सभी दलितों, जिन पर अत्याचार हो रहा है, वह निजाम की रियासत को छोड़कर महाराष्ट्र की ओर चले जाएं, लेकिन अपना धर्म और मत न बदलें। वहीं हैदराबाद के निजाम और पाक परस्त जिन्ना के लोगों ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए बाबा साहब को प्रलोभन देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने आदर्शों से टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा भारतीय ही रहूंगा। मैंने भारतीय के रूप में जन्म लिया है और मेरी अंतिम यात्रा भी भारतीय के रूप में ही निकलेगी। उन्होंने आजीवन इस व्रत का पालन भी किया। वह लगातार दलित और वंचितों के लिए काम करते रहे। जिन लोगों ने बाबा साहब की बात मानी, वह आज भारत में सुरक्षित हैं और आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हमारी सरकार उन सभी का सम्मान करने के साथ उन्हे हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। सीएम ने कहा कि योगेंद्र नाथ मंडल की बातों में आकर जो लोग बहक गये थे, वह आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हैं। यह दृश्य आज हम सभी के सामने हैं।
दलितों को अपना वोट बैंक बनाकर शोषण करने वाले आज बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी तादाद में आबादी थी। बांग्लादेश में 1971 तक 22 पर्सेंट हिंदू रहते थे, आज वह घटकर 6 से 8 फीसदी रह गये हैं। आज वहां जो कुछ भी हो रहा है, अगर इसी तरह नरसंहार चलता रहा तो यह संख्या बहुत सीमित रह जाएगी। इसको लेकर आवाज उठनी शुरू हो गयी है। यह आवाज वही उठा रहे हैं, जो दलितों के काम करना चाहते हैं। वहीं जो लोग हमेशा दलितों को अपना वोट बैंक बना करके उनका शोषण करते आए हैं, वह बांग्लादेश की घटना पर मौन हैं। उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि वह सच स्वीकारबनहीं कर सकते हैं और सच बोल भी नहीं सकते हैं। उनमें बोलने का सामर्थ्य नहीं है इसलिए वह बांग्लादेश के दृश्य पर मौन हैं। यह लोग सिर्फ संविधान की प्रति दिखाकर ढोंग कर रहे हैं। उन्हें बाबा साहब के मूल्यों से कोई लेना देना नहीं है। इससे पहले भी इन्होंने बाबा साहब के मूल संविधान पर कुठाराघात करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया था। सीएम ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना से उसकी आत्मा हटाने का काम किया है। वर्ष 1975 में देश में इमरजेंसी लागू करके बाबा साहब का अपमान किया था। आज भी कांग्रेस यही कर रही है। इन्होंने मूल संविधान की प्रस्तावना में संशोधन करके वह शब्द डालने का काम किया था, जो बाबा साहब ने मूल संविधान में डाले ही नहीं थे। ऐसे में जो यह ढोंग कर रहे हैं, उसका वास्तविक चेहरा जनता और देश के सामने लाने की आवश्यकता है। बाबा साहब हमेशा वंचित, पीड़ित और शोषित लोगों के लिए काम करते रहे। उन्होंने ही समाज को नई दिशा दिखाते हुए खुशहाल समाज की परिकल्पना दी।
हमारी सरकार बाबा साहब के सपने को साकार करते हुए गरीबों, वंचितों और दलितों का सर्वांगीण विकास कर रही
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों, वंचितों और दलितों के लिए बाबा साहब के सपने को साकार करते हुए लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार उन्हें फ्री टॉयलेट, आवास, जमीन के पट्टे उपलब्ध करा रही है। उन्हें पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। एससी-एसटी वर्ग के छात्रों स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा रही है। वर्तमान में हम जीरो पावर्टी के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में गरीबी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। सभी वंचितों को राशन, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, हर घर तक पानी समेत अनेक सुविधाओं को लाभ दिया जाएगा। हमारी सरकार गरीब, वंचितों और दलितों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कटिबद्ध है। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार बाबा साहब पर शोध हो सके, जीवन दर्शन को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए लखनऊ में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बाबा साहब के पंच तीर्थ की स्थापना की गयी है। अंबेडकर महासभा के आवाहन और उनकी मांग पर इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां पर भव्य ऑडिटोरियम के साथ लाइब्रेरी भी होगी। यहां पर छात्राओं के लिए छात्रावास और अतिथि गृह के साथ बाबा साहब का भव्य स्मारक भी होगा। इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री असीम अरुण, अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, रामचंद्र प्रधान, बीजेपी लखनऊ महानगर के अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि उपस्थित थे।
06 दिसम्बर 2024 को लखनऊ में एनीमिया रिडक्शन पर राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन।
उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने एनीमिया से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
सम्मेलन में 200 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया और एनीमिया के उपचार एवं निदान पर चर्चा की।
केजीएमयू ने मातृ एनीमिया पर की गई प्रगति और उन्नत उपचार विकल्पों को साझा किया।
डिजिटल उपकरणों और अंतःशिरा फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज जैसे उन्नत उपचार विधियों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: लखनऊ के प्रतिष्ठित कलार्क अवध होटल में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, सोसाइटीज ऑफ इंडिया और फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेटिक और गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में एनीमिया रिडक्शन जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर एक राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करने वाले एनीमिया के निदान और उपचार पर चर्चा करना था। देशभर के 200 से अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस गोष्ठी में भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा किया, जिससे इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्यवाहियां सुनिश्चित की जा सकें।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ मंच पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अविनाश अग्रवाल, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजीज के वाइस प्रेजिडेंट डॉ. जयदीप टेंक, प्रेजिडेंट ऑफोक्सी डॉ. शुरूचि शुकला और केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शुरूचि शुकला भी मौजूद थीं। इस आयोजन ने एनीमिया से निपटने के लिए नए दृष्टिकोण और उपायों पर विचार करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और एनीमिया पर उनकी दृष्टि
अपने उद्घाटन भाषण में उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही एनीमिया के निदान और उपचार के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनीमिया एक गंभीर समस्या है, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं में, जो मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। इसके अलावा, एनीमिया का आर्थिक और सामाजिक असर राज्य की विकास दर को प्रभावित करता है। श्री बृजेश पाठक ने कहा, ‘‘एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसका दूरगामी सामाजिक-आर्थिक प्रभाव है, और माताओं और बच्चों में इसके प्रसार को कम करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कई पहल की हैं, और इस दिशा में किए गए कार्यों से आशाजनक परिणाम मिल रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए परिवर्तनकारी उपायों का उदाहरण दिया, जैसे कि कोविड-19 से निपटने के दौरान किए गए प्रयास और जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पेयजल तक पहुंच सुनिश्चित करना। श्री पाठक ने स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और सम्मेलन में मौजूद सभी विशेषज्ञों से एनीमिया की समस्या के समाधान के लिए साझा विचारों की उम्मीद जताई।
उत्तर प्रदेश में एनीमिया का प्रसार और प्रगति
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एनीमिया के निदान, उपचार और निवारण के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करना था। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मातृ एनीमिया के प्रसार में 2016 में 51 प्रतिशत से घटकर 2021 में 45.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह आंकड़ा राज्य में स्वास्थ्य सुधार के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केजीएमयू ने इस मुद्दे से निपटने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सबसे आगे कदम बढ़ाया है।
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने संस्थान की प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, सामुदायिक कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच सहयोग एनीमिया की समस्या को हल करने के लिए जरूरी है। इसके अलावा, अभिनव नैदानिक समाधान और डिजिटल तकनीकें एनीमिया के इलाज और प्रबंधन के तरीके को बदलने में सहायक होंगी।’’ प्रो. सोनिया ने यह भी कहा कि इस तरह के सम्मेलनों के माध्यम से प्राप्त सुझाव और जानकारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है और इसे धरातल पर लागू करने से राज्य में एनीमिया के प्रसार को और अधिक नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्नत उपचार और डिजिटल तकनीकों का महत्व
सम्मेलन के दौरान, विशेषज्ञों ने एनीमिया के निदान और उपचार में नवीनतम उन्नत तकनीकों का उपयोग करने पर चर्चा की। FOGSI के अध्यक्ष डॉ. जयदीप टेंक ने निजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में अंतःशिरा (Intravenous-IV) फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज (FCM) जैसे उन्नत उपचार विधियों को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह उपचार विधि प्रभावी परिणाम देती है और इसे स्वास्थ्य प्रणालियों में एकीकृत करने से एनीमिया के इलाज में मदद मिल सकती है। साथ ही, डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर जैसे उपकरणों की क्षमता पर भी चर्चा की गई, जो एनीमिया की त्वरित और सटीक जांच करते हैं। इन उपकरणों का उपयोग स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल निदान करने में मदद करेगा और उपचार की प्रक्रिया को तेज करेगा। इसके अलावा, सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सामुदायिक जुड़ाव और स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण एनीमिया से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के विचार और समाधान
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि एनीमिया गर्भवती महिलाओं और कमजोर आबादी में गहन देखभाल इकाइयों (ICU) में खराब परिणामों का एक प्रमुख कारण है। विशेषज्ञों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों और पर्यावरण सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के साथ-साथ एनीमिया के लिए लक्षित नीति सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि एनीमिया के दूरगामी प्रभावों से निपटने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इस दौरान, स्वास्थ्य सुधारों को लागू करने के लिए प्रमुख कदमों और समाधानों पर चर्चा की गई, जो विभिन्न आयु समूहों और जनसांख्यिकी में एनीमिया के प्रसार को कम कर सकें। इस आयोजन से प्राप्त अनुशंसाओं और विचारों से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में एनीमिया के प्रसार को कम करने के लिए नई नीतियों और कार्यक्रमों का मार्गदर्शन किया जाएगा। इस सम्मेलन ने एनीमिया के खिलाफ जंग में महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी हितधारक एकजुट होकर इस समस्या का समाधान खोजें।
केजीएमयू में वार्षिक खेल प्रतियोगिता के दूसरे दिन छात्रों और शिक्षकों के बीच विविध स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा देखी गई।
बीडीएस और एमबीबीएस 2020 बैच के छात्रों ने 200 मीटर दौड़ और 4*100 मीटर मिश्रित रिले रेस में जीत दर्ज की।
फैकल्टी रेस में डॉ. अंजनी कुमार पाठक, डॉ. हेमलता और प्रो. रश्मि कुशवाहा ने अपनी श्रेणियों में जीत हासिल की।
कबड्डी प्रतियोगिता में 23 बैच और 21 बैच की टीमों ने जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
गोला फेंक, जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो और लंबी कूद में छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और शीर्ष स्थान प्राप्त किए।
लखनऊ, 06 दिसम्बर 2024: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), जो अपनी उच्च-गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा शोध के लिए प्रसिद्ध है, में आयोजित वार्षिक खेल प्रतियोगिता का दूसरा दिन छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच उत्साह, खेल कौशल और टीम वर्क का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करने वाला था। इस आयोजन ने शारीरिक फिटनेस के महत्व और विद्यार्थियों की समग्र विकास की दिशा में एक नई प्रेरणा दी। इस साल की खेल प्रतियोगिता का आयोजन एथलेटिक एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. रश्मी कुशवाहा के नेतृत्व में हुआ, जिन्होंने इसे एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्यक्रम बना दिया। डॉ. कुशवाहा का कहना था कि यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय समुदाय को एकजुट करने, सौहार्द और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन तरीका है।
दिन की शुरुआत ट्रैक और फील्ड इवेंट्स से हुई, जिनमें छात्रों और फैकल्टी के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा देखी गई। सबसे पहले, लड़के और लड़कियों की 200 मीटर दौड़ आयोजित की गई। इस स्पर्धा में बीडीएस 2020 बैच की छात्रा ग्रेटी दावास और एमबीबीएस 2020 बैच की श्रद्धा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी-अपनी श्रेणियों में प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों छात्रों ने अपनी बेहतरीन दौड़ और फिटनेस से सभी को प्रभावित किया। इसके बाद, 2020 बैच ने 4*100 मीटर मिश्रित रिले रेस में भी जीत दर्ज की, जिससे उनकी टीम वर्क और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
स्पर्धाओं में भाग ले रहे फैकल्टी के सदस्य भी इस दिन को विशेष बना रहे थे। डॉ. अंजनी कुमार पाठक और डॉ. हेमलता ने क्रमशः अपनी-अपनी श्रेणी में 100 मीटर फैकल्टी रेस में जीत हासिल की, जबकि 200 मीटर फैकल्टी रेस में प्रोफेसर रश्मि कुशवाहा ने बाजी मारी। इन सभी ने यह साबित किया कि शारीरिक रूप से सक्रिय रहना सिर्फ छात्रों के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी जरूरी है, और यह विद्यार्थियों को प्रेरित करता है।
कबड्डी प्रतियोगिता ने भी दिन को रोमांचक बना दिया। 23 बैच और 21 बैच की टीमों ने अपने-अपने मैचों में जीत दर्ज की, और अब फाइनल मुकाबला कल आयोजित किया जाएगा। कबड्डी एक टीम खेल है, जो सामूहिक प्रयास और रणनीतिक सोच की महत्ता को दर्शाता है। इन दोनों टीमों ने अपने खेल कौशल और सामूहिक बल के द्वारा दर्शकों का दिल जीता।
खेलों के अन्य इवेंट्स में भी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गोला फेंक में सीमा वर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि जेवलिन और डिस्कस थ्रो में रिद्धि सिंघल ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इन स्पर्धाओं में छात्रों ने अपनी ताकत और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। लंबी कूद में दिव्यांशी सिंह, यश कुमार सिंह और ग्रेटी दावास ने अपने-अपने वर्गों में जीत हासिल की, जिससे यह साबित हुआ कि शारीरिक फिटनेस में विविधता और एकाग्रता की आवश्यकता होती है।
यह खेल प्रतियोगिता न केवल छात्रों के शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच एकजुटता और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए भी एक मंच प्रदान करती है। इसने यह साबित किया कि शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए पाठ्येतर गतिविधियां उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी कि अकादमिक कार्य। इन खेलों के माध्यम से केजीएमयू ने यह संदेश दिया कि एक सशक्त समाज बनाने के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व दोनों समान रूप से होना चाहिए।
समाप्ति में, यह खेल प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के शैक्षिक और शारीरिक उद्देश्यों के साथ संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को प्रकट करती है और इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और साहस का सम्मान करती है।