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चित्रकूट, बांदा व कौशांबी के मोरंग/बालू घाटों में जिम्मेदारों की नाक के नीचे अवैध खनन और अवैध खनन परिवहन चरम पर

  • खनिज विभाग, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग पस्त, खनन माफिया मस्त
  • बांदा, चित्रकूट और कौशांबी के मोरंग/बालू घाटों में कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिलता है
  • अवैध खनन और अवैध खनन परिवहन दोनों जिम्मेदारों की नाक के नीचे चरम पर है लेकिन जिम्मेदार आंख बंद किए हुए बैठे हैं, सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित हैं सारे जिम्मेदार
  • इन सभी जनपदों में ओवरलोड गाड़ियों को पास करवाने वाले गिरोह भी सक्रिय हैं लेकिन वो भी जिम्मेदारों की नाक के नीचे फल-फूल रहे हैं

लखनऊ: चित्रकूट जनपद में राजापुर तहसील अंतर्गत कई क्षेत्रो में अवैध खनन और अवैध खनन परिवहन दोनों स्थानीय जिम्मेदारों की नाक के नीचे चरम पर है लेकिन जिम्मेदार आंख बंद किए हुए बैठे हैं और उच्चाधिकारियों को ग़लत फ़ीडिंग कर रहे हैं । तहसील स्तर से लेकर जनपद स्तर तक के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित हैं।

अभी हाल ही में चित्रकूट ARTO विवेक शुक्ला का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें ड्राइवर उनके मुंह में इंट्री लेने संबंधी आरोप लगा रहा है।

चित्रकूट ARTO विवेक कुमार शुक्ला का वायरल वीडियो

लेकिन शायद जो फोटो अवैध खनन परिवहन का शनिवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ है ये गाडियां इंट्री की रकम देकर ही जनपद में खुलेआम अवैध खनन परिवहन कर रही है और arto साहब एसी केबिन में विश्राम फरमा रहे हैं और हरी पत्ती का आनंद ले रहे हैं। एक युवा पत्रकार से मिली जानकारी में अब तो सुनने में यहाँ तक आ रहा है की उक्त महोदय नई प्राइवेट स्कॉर्पियो में चल रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के यहां सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स सारी एजेंसियां एक साथ जानी चाहिए, जिससे इनको इनके किए का अंदाजा हो जाएगा।

वहीं कौशांबी जनपद समेत इन सभी जनपदों में पासर गैंग भी सक्रिय है, जो न सिर्फ अधिकारियों की लोकेशन देता है बल्कि ओवरलोड वाहनों को बिना किसी तकलीफ के एक निश्चित रकम लेकर जनपदों की सीमा पार करवाता है इनका अपना पूरा रैकेट है, अब इस रकम का बंदरबांट कहां तक होता है इसके एविडेंस तो हमारे पास नहीं हैं लेकिन बिना किसी जिम्मेदार की मिलीभगत के यह कार्य इतना आसानी से संभव भी नहीं है। इससे पहले एक बार अभियान चलाया गया था जिसमे इन पासरों के आकाओं तक के दिमाग की बत्ती गुल हो गई थी लेकिन समय बीता और काम फिर से फलने- फूलने लगा ।

प्रदेश के बांदा, चित्रकूट और कौशांबी जनपदों में अवैध खनन व अवैध खनन परिवहन के मामले में चिंता की बातें उठ रही हैं। इन क्षेत्रों में धरती के निचले स्तरों से मानव गतिविधियों के लिए खतरा बन रहा है। अवैध खनन की प्रवृत्ति के कारण, भूमि के अवैध खनन से पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध खनन की रोकथाम के लिए कठोर कानूनों की आवश्यकता है और उनके पालन का पर्याप्त संवर्धन करना चाहिए। साथ ही, कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ, लोगों को इस प्रयास में शामिल करना चाहिए ताकि अवैध खनन को रोका जा सके।

अवैध खनन के खिलाफ जनजागरूकता को बढ़ावा देने की भी जरूरत है। सामाजिक संगठनों, स्थानीय प्रशासन, और सरकारी अधिकारियों को मिलकर लोगों को जागरूक करना चाहिए कि अवैध खनन के नकारात्मक प्रभाव क्या हो सकते हैं। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी इस मुद्दे में सहयोग करना चाहिए ताकि वे स्वयं को संरक्षित रख सकें और अवैध खनन को रोकने में सहायक हो सकें। इस तरह की सामुदायिक भागीदारी और सरकारी संज्ञान का समर्थन, इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

“द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल”: पाकिस्तान से फिल्म के निर्माता-निर्देशक के ऊपर फतवा जारी

  • वसीम रिजवी और सनोज मिश्रा की फिल्म ”द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” 27 अप्रैल को रिलीज़ होगी
  • पूर्व के वसीम रिज़वी वर्तमान में जितेन्द्र नारायण सिंह हैं
  • सेंसर बोर्ड इस फ़िल्म को रिलीज करने के लिए नहीं दे रहा सर्टिफिकेट
  • पाकिस्तान के करांची स्थित आतंकवादी संगठन जामिया दारुल उलूम ने भी फतवा जारी कर दिया है और फ़िल्म रिलीज ना करने की धमकी दिया

मुंबई: आज मुंबई के अँधेरी वेस्ट इस्थित कंट्री क्लब वीरा देसाई रोड में बॉलीवुड फिल्म ”द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” का एक संवाददाता सम्मेलन फिल्म के टीम के साथ आयोजन किया गया इस अवसर पर फिल्म के सभी टीम मेंबर उपस्थित थे। मुम्बई में इन दिनों बॉलीवुड फ़िल्म “द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” को लेकर काफी चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं । इस फ़िल्म का सेंसरशिप तो हो चुका है लेकिन सेंसर बोर्ड इस फ़िल्म को रिलीज करने के लिए सर्टिफिकेट नहीं दे रहा है। निर्माता-निर्देशक सेंसर बोर्ड के चक्कर लगा लगाकर थक गए लेकिन सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी या उनकी टीम से कोई भी इस फ़िल्म को लेकर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में इस फ़िल्म को बनाने में निर्माता के करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है । इसी मुद्दे को लेकर मुम्बई में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है जिसमे फ़िल्म ”द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” की पूरी टीम मौजूद थी।

जितेन्द्र नारायण सिंह (पूर्व में सैय्यद वसीम रिज़वी)

इस फ़िल्म के बारे में बात करते हुए फिल्म के निर्माता वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह कहते हैं कि हमने तो एक सच्ची घटनाओं पर आधारित सिर्फ फ़िल्म बनाई थी। उसके लिए भी हमारे ऊपर पाकिस्तान के करांची स्थित एक आतंकवादी संगठन जामिया दारुल उलूम ने फतवा जारी कर दिया है और फ़िल्म रिलीज ना करने की धमकी दिया हुआ है, बताइए कि भारत मे फ़िल्म बनाने और रिलीज कराने के लिए क्या अब पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से इजाज़त लेनी पड़ेगी ?

हम क्या अब यही समझें कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन के लोग चला रहे हैं ? क्योंकि फ़िल्म को रिलीज होने से उनको ही दिक्कत है और यहां पर ममता बनर्जी की सरकार रिलीज नहीं करने दे रही है । तो फिर इन आतंकवादियों से रिश्ते को क्या समझा जाये ? क्या हमारे देश मे सिर्फ वामपन्थी विचारधारा वाले लोगों के लिए ही अभिव्यक्ति की आज़ादी और सिनेमैटिक लिबर्टी मिलती है ? क्या इस सिनेमैटिक लिबर्टी और भिव्यक्ति की आज़ादी पर हम इंडिपेंडेंट लोगों का कोई अधिकार नहीं है ? क्या हमें समाजिक कुरीतियों को उजागर करने के लिए भी अब प्रताड़ित किया जाएगा ? इस फ़िल्म के जरिये हुए हमारे अब तक के नुकसान की भरपाई कौन करेगा ? यदि पश्चिम बंगाल में सबकुछ सही चल रहा है तो ममता सरकार हमारी फ़िल्म रीलीज क्यों नही होने देती ? ममता बनर्जी की सरकार हमारी टीम के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़ी हुई है ? क्या हमने फ़िल्म बनाकर कोई अपराध कर दिया है ? ममता सरकार कोई स्पस्ट कारण क्यों नहीं बता रही है ? यदि पश्चिम बंगाल में रोहिंग्याओं और बंगलादेशी घुसपैठियों की मदद ममता बनर्जी की सरकार नहीं कर रही है तो वो इस बात को सरेआम साबित क्यों नहीं करती ? वो हमारी फ़िल्म को बिना रीलीजिंग के ही प्रोपेगैंडा फ़िल्म क्यों साबित करने पर तुली हुई हैं ?

फ़िल्म द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल के विषय वस्तु को लेकर बात करते हुए फ़िल्म के निर्देशक सनोज मिश्रा काफी उत्साहित नजर आए । उन्होंने कहा कि हमने एक बेहद सत्य घटना पर आधारित फिल्म बनाई है जिसमें पश्चिम बंगाल में बढ़ रहे संगठित अपराध और टार्गेटेड हिंसा को हमने इंगित किया है ,अब ये बात तो उनको ही बुरी लग सकती है जो इनके पोषक हैं तो फिर हम क्या करें ? जब इस देश मे मिशन कश्मीर, हैदर, उड़ता पंजाब, कश्मीर फाइल्स, द केरला स्टोरी जैसी मुद्दे वाली फिल्में रिलीज हो सकती हैं तो हमारी फ़िल्म को रिलीज करने में क्या बुराई है ? हमने भी एक मुद्दा ही उठाया है, क्या हमने फ़िल्म में इंसानियत से परे कोई चीज दिखाई है ? क्या उन बाकी फिल्मों को स्पेशल दर्जा हासिल था ? हमें भी फ़िल्म रिलीज करने दिया जाए । मेरा यह फिल्म पूरी तरह बनकर तैयार है जो 27 अप्रैल को पुरे हिंदुस्तान में प्रदर्शित की जाएगी। जिस की सभी तैयारी की जा चुकी है।

फ़िल्म द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल के अभिनेता यजुर मारवाह कहते हैं कि इस फ़िल्म को लेकर वे खासे उत्साहित हैं, उनको पहली बार किसी सत्य घटना पर आधारित फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला है , हम इस फ़िल्म को करने के बाद से ही वे ऐसी घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो गए हैं। फ़िल्म को अब तक रिलीज हो जाना चाहिए था। फ़िल्म की अभिनेत्री अर्शिन मेहता कहती हैं कि ऐसी फिल्में बार बार नहीं बनतीं । हमने अपने कैरेक्टर से काफी हद तक इंसाफ किया है , द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल वहां की सत्यता को काफी हद तक हूबहू परोसने का काम करेगी । हम इस फ़िल्म को फरवरी में ही रिलीज की प्लानिंग कर रहे थे ताकि देशभर से लोग फ़िल्म के बारे में देखकर अपनी राय देते , लेकिन अब सब चीजें तो हमारे बस में नहीं रहती न !? हमने अपने हिस्से का अभिनय तो कर दिया अब बस आशा में हैं की कब फ़िल्म रिलीज होगी । वसीम रिजवी फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ”द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” के निर्माता वसीम रिजवी उर्फ़ जितेंद्र नारायण सिंह है , फिल्म के लेखक और निर्देशक सनोज मिश्र हैं। फिल्म के कलाकारों में अर्शिन मेहता , यजुर मारवाह, दीपक कंबोज ,अल्फिया शेख, गरिमा कपूर रीना भट्टाचार्य, गौरी शंकर, देव फौजदार, अनिल अंजुनिल, संजू सोलंकी, डा रामेंद्र चक्रवर्ती, दीपक सूठा, जितेंद्र नारायण सिंह, जनार्दन सिंह मयूर, अनुज दीक्षित, नीत महल जैसे मंजे हुए कलाकार है । फिल्म के सह निर्माता क्षत्रपाल सूर्यवंशी, संजय कुमार, और अर्जुन सिंह हैं। फ़िल्म के छायाकार सत्यपाल सिंह, संपादक रंजीत प्रसाद और संगीतकार ए आर दत्ता और पी आर ओ संजय भूषण पटियाला हैं ।

सहकारिता: UP कोऑपरेटिव बैंक ने स्थापित किया नया कीर्तिमान- जे.पी.एस.राठौर

  • यूपी कोआपरेटिव बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित शुद्ध लाभ 20 प्रतिशत बढ़कर 72.87 करोड़ रु०
  • उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक का प्रथम बार लोन आउट स्टैण्डिंगरू014,000 करोड़ के पार
  • उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक का व्यवसाय प्रथम बार 18 प्रतिशत वृद्धि के साथ रू025,000 करोड़ के पार
  • जिला सहकारी बैंकों द्वारा लगभग 40000 करोड़ का व्यवसाय किया गया

लखनऊ: उत्तरप्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड का वित्तीय वर्ष-2023-24 का शुद्ध लाभ रू0 72.87 करोड़ रहा, जिसके साथ-साथ बैंक का व्यवसाय 25,000 करोड़ का रहा। प्रदेश के किसानों को रू0 10,000 करोड से अधिक का फसली ऋण बांटा गया, जो एक रिकॉर्ड है।

प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे0पी0एस0 राठौर जी ने कहा कि अत्यन्त हर्ष हो रहा है कि उत्तरप्रदेश कोआपरेटिव बैंक ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को नवीनतम एवं डिजीटल सेवाएं प्रदान करते हुए गत वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल व्यवसाय रू0 21564.40 करोड़ के सापेक्ष कुल व्यवसाय में 18.01% वृद्धि के साथ 25447.32 करोड़, कुल निक्षेपरू0 10283.22 करोड़ के सापेक्ष 11% वृद्धि के साथ रू0 11414.49 करोड़, कुल लगे ऋण रू0 11281.18 के सापेक्ष 24.39% वृद्धि के साथ रू0 14032.83 करोड़, कुल लाभ रू0 60.76 करोड़ के सापेक्ष 19.93% की वृद्धि के साथ रू0 72.87 करोड़ अर्जित किया, वहीं बैंक का नेट एन.पी.ए. शून्य रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक की शाखाओं द्वारा वितरित रिटेल लोन गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 105.55 करोड़ के सापेक्ष 100.45% की वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 211.58 करोड़ वितरित किया गया। बैंक का वर्तमान सी.आर.ए.आर. 14.65% रहा तथा बैंक की समस्त 40 शाखाओं ने लाभ अर्जित किया है। कोई शाखा हानि पर नहीं है।

सहकारिता राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 50 जिला सहकारी बैंकों में से 44 जिला सहकारी बैंक लाभ पर हैं, जबकि गत वित्तीय वर्ष में यह संख्या 39 थी। साथ ही 16 नवीन लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों में से 14 बैंक लाभ पर आ चुके हैं। जिला सहकारी बैंकों का कुल व्यवसाय वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 35317.15 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में 12.70% वृद्धि के साथ रू0 39797.89 करोड़ रहा। उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक एवं प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों का कुल व्यवसाय गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 56881.55 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14.70% वृद्धि के साथ रू0-65245.21 रहा। इस प्रकार सहकारी बैंक लगातार प्रगति कर रहे हैं और आगे भी प्रगति की ओर अग्रसर रहेंगे। उन्हांने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह जी, “सहकार से समृद्धि“ के मार्गदर्शन से यह सम्भव हो सका है।

इसके साथ-साथ सहकारिता मंत्री ने उत्तरप्रदेश कोआपरेटिव बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों के शीर्ष प्रबन्धन एवं कर्मचारियों के सार्थक प्रयासों की सराहना करते हुएबैंकों के सम्मानित ग्राहकों और किसानों द्वारा सहकारी बैंकों पर विश्वास बनाये रखने पर धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश की जनता से अधिकाधिक सहकारी बैंकों से जुड़ने का आग्रह भी किया गया। साथ ही सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सहकारी बैंकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

LKO-KNP एक्सप्रेस-वे: मंडलायुक्त रोशन जैकब ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

  • लखनऊ-कानपुर रोड में चल रहे 12 किलोमीटर लम्बे एलिवेटेड रोड के निर्माण को लेकर मंडलायुक्त रोशन जैकब ने दिए आवश्यक दिशानिर्देश
  • जाम से मुक्ति के लिए सर्विस रोड चौड़ा करने, बाजार को अन्यत्र शिफ्ट करवाने के निर्देश
  • पार्किंग आदि की व्यवस्था करवाने के साथ ही तय समय के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने के भी निर्देश दिए

लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा प्रभावित लोगों को तत्काल मुआवजा वितरित करने व कार्य के दौरान आने वाली अन्य समस्याओं के त्वरित निस्तारण के सम्बन्ध में विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श हेतु बैठक आयुक्त सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। उपस्थित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के उपरान्त कार्यवाही किये जाने हेतु सम्बन्धित को दिशा-निर्देश दिये गये।

परियोजना निदेशक, एन०एच०ए०आई०, लखनऊ को निर्देश दिया गया कि 12 किमी० लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एलीवेटेड रोड बनने के कारण जुनाबगंज व एयरपोर्ट के बीच में मार्ग अधिक सकरा हो गया है। सड़क की दोनों तरफ की रोड को अधिक से अधिक चौड़ा करने व जुनाबगंज, बंथरा व स्कूटर इण्डिया क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य 07 दिवस के अन्दर कराया जाय। एन०एच०ए०आई० को निर्देश दिया गया कि लखनऊ-कानपुर हाईवे एवं सर्विस रोड पर गड्ढे आदि की मरम्मत तत्काल करा ली जाय। लोक निर्माण विभाग दही चौकी से बछरावां रोड तक तथा जुनाब ज से मोहनलालगंज तक रोड़ की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर करायें तथा पटरी चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को यथाशीघ्र प्रेषित किया जाय।

नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ को निर्देश दिया गया कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निकट गौरी बाजार व बंथरा में जो साप्ताहिक बाजार लगते हैं, उनको उपयुक्त स्थान पर प्राथमिकता के आधार पर शिफ्ट कर दिया जाय। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा पार्किंग की जगह उपलब्ध कराते हुए बोर्ड लगवाये जायें। एक्सप्रेस-वे हेतु भूमि अधिग्रहण एवं अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा वितरण में तेजी लायी जाय। विशेषकर बंथरा बाजार में जिन 25 भू-स्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है, उन परिसम्पत्तियों को एन०एच०ए०आई० अपने कब्जे में तत्काल लें तथा तहसील प्रशासन द्वारा इस हेतु आवश्यक पुलिस प्रबन्धन भी किया जाय। अवशेष भू-स्वामियों को मुआवजा वितरण की कार्यवाही अतिशीघ्र करायी जाय।

अवगत कराया गया कि कानपुर-लखनऊ रोड से किसान पथ पर जाने के लिए रैम्प अभी नहीं बना है क्योंकि सरकारी जमीन पर एक निर्माण है। एन०एच०ए०आई० को निर्देश दिये गये कि उसको तत्काल हटाते हुए रैम्प का निर्माण प्रारम्भ कराया जाय। एन०एच०ए०आई०/कार्यदायी संस्था पी०एन०सी० की रिकवरी वैन, पेट्रोलिंग गाड़ियाँ इत्यादि नियमित अन्तराल में उपलब्ध रहें। पुलिस द्वारा यातायात डायवर्जन रूट पर प्रभावी रूप से अमल किया जाय। सड़क पर अवैध रूप से पार्क किये गये वाहनों के विरूद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही निरन्तर की जाय। हाइवे निर्माण की सतत् मानिटरिंग एन०एच०ए०आई० के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाय। कार्य में तेजी लाते हुए समय पर निर्माण पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाय।

अयोध्या: नौ दिनों तक राममंदिर में होगी शक्ति उपासना

  • 9 अप्रैल को कलश स्थापना के साथ शुरू होगा नौ-दिवसीय अनुष्ठान
  • 500 वर्षों के बाद 17 अप्रैल को भव्यता के साथ महल में मनाया जाएगा श्रीराम लला का जन्मोत्सव
  • श्रीराम मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों तक रोजाना दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा
  • रामनवमी में श्री रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा

अयोध्या: रामलला के दरबार में नौ दिनों तक विधि विधान से शक्ति उपासना की जाएगी। चैत्र नवरात्र के शुभारंभ पर नौ अप्रैल को रामलला के दरबार में कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू होंगे। 17 अप्रैल को राममंदिर में रामजन्मोत्सव का पर्व भव्यता पूर्वक मनाया जाएगा।

भव्य मंदिर में रामलला के पहले जन्मोत्सव यानी रामनवमी पर मां दुर्गा सहित सभी देवी-देवताओं को विधि पूर्वक आमंत्रित किया जाएगा। जन्मोत्सव के मौके पर नवमी तिथि को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग रामलला को अर्पित कर सभी श्रद्धालुओं को भोग लगा हुआ प्रसाद वितरित किया जाएगा।

पांच सौ वर्षों के बाद रामलला भव्य महल में रामजन्मोत्सव मनाने जा रहे हैं। राममंदिर ट्रस्ट की ओर से उत्सव को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर की जा रही है। रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के दिन चांदी की चौकी पर कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद नौ दिनों तक रामलला के साथ ही मां दुर्गा की भी पूजा-अर्चना होगी। नौ दिनों तक रोजाना दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। वेदमंत्रों से हवन कुंड में आहुतियां अर्पित की जाएंगी।