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ट्रैवल टिप्स: चंडीगढ़ के पास स्थित ये खूबसूरत, पॉल्यूशन-फ्री जगहें वीकेंड पर घूमने के लिए आदर्श विकल्प हैं।

देश की राजधानी दिल्ली से लेकर पंजाब, हरियाणा आदि शहरों में पॉल्यूशन इस कदर बढ़ गया है कि लोगों को इससे परेशानी होने लगी है। इन शहरों के साथ ही चंडीगढ़ में बढ़ते प्रदूषण के चलते कई लोग शुद्ध हवा के लिए हिल स्टेशन का रुख कर रहे हैं। ऐसे में अगर आपके शहर में भी पॉल्यूशन बहुत बढ़ गया है और आप शुद्ध व शांत वातावरण में सांस लेना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको चंडीगढ़ के आसपास कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप वीकेंड में घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां का शांत और शुद्ध वातावरण आपको अपना दीवाना बना लेगा।

सोलन

चंडीगढ़ के आसपास शानदार और मनमोहक जगह घूमने की बात होती है, तो सबसे पहले सोलन का नाम लिया जाता है। यह जगह अपनी खूबसूरती के साथ-साथ शुद्ध हवाओं के लिए भी जाना जाता है। यहां पर आप ठंडी और शुद्ध हवा में सुकून के पल बिता सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में मौजूद सोलन नेचर लवर्स के लिए जन्नत माना जाता है। यहां पर बड़े-बड़े देवदार के पेड़, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और झील-झरने इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। सोलन में आप ट्रेकिंग, हाईकिंग और कैंपिग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। चंडीगढ़ से यह जगह करीब 68 किमी दूर है।

कसौली

हिमाचल प्रदेश में समुद्र तय से करीब 2 हजार मीटर की ऊंचाई पर कसौली स्थित है। यह एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक हिल स्टेशन है। कसौली की हसीन वादियों में चंडीगढ़ से कई लोग परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए पहुंचते हैं।

कसौली हिल स्टेशन खूबसूरती के अलावा शुद्ध हवाओं के लिए भी जाना जाता है। यहां का शुद्ध और शांत वातावरण अपने आप में सुकून देने वाला है। कसौली की शुद्ध और ठंडी हवाओं में घूमने के बाद आप यकीनन अपने शहर को भूल जाएंगे। यहां पर आप स्नो व्यू पॉइंट, लवर्स लेन ट्रेल और मंकी पॉइंट जैसी शानदार जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

नालागढ़

हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में स्थिति नालागढ़ एक मनमोहक हिल स्टेशन है। यह हिमाचल प्रदेश का छिपा हुआ खजाना माना जाता है। यहां पर न सिर्फ चंडीगढ़ से ही बल्कि अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर से भी लोग घूमने के लिए आते हैं।

नालागढ़ में बड़े-बड़े देवदार के पेड़, झील-झरने और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। यह जगह अपने शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जानी जाती है। यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी करने के साथ ही सुकून के दो पल भी बिता सकते हैं। चंडीगढ़ ने नाहागढ़ की दूरी करीब 64 किमी है।

नाहन

अगर आप भी चंडीगढ़ के पॉल्यूशन और भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत और शानदार जगह पर सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं। तो आपको एक बार नाहन जरूर जाना चाहिए। यह हिमाचल प्रदेश का छिपा हुआ बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है।

समुद्र तल से करीब 1 हजार मीटर की ऊंचाई पर मौजूद नाहन में आपको जरा भी पॉल्यूशन नहीं मिलेगा। यहां का वातावरण इतना अधिक शुद्ध मिलेगा और दूर-दूर तक फ्रेश और स्पष्ट दिखाई देगा। यहां पर आप रेणुका झील, हब्बान वैली और मिनी चिड़ियाघर जैसी बेहतरीन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।

इन जगहों को एक्सप्लोर करें

बता दें कि चंडीगढ़ के आसपास अन्य कई बेहतरीन और शानदार जगहें हैं, जो पॉल्यूशन फ्री हैं। यहां पर आप वीकेंड में घूमने के लिए आ सकते हैं। आप चंडीगढ़ से करीब 106 किमी दूर चैल, 126 किमी दूर स्थित कुफरी और 110 किमी दूर स्थिति शिमला घूमने के लिए पहुंच सकते हैं। यहां पर आप 5% भी पॉल्यूशन नहीं मिलेगा।

स्वास्थ्य टिप्स: इन लोगों को अंजीर का सेवन नहीं करना चाहिए, वरना सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अंजीर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, यह स्वादिष्ट और रसीला फल होता है। इसका सेवन करने से शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है। अंजीर को फल और ड्राई फ्रूट दोनों तरह से खाया जाता है। प्राकृतिक रूप से अंजीर दो तरह से प्राप्त किया जाता है। एक जिसको बोया जाता है और इस तरह के अंजीर के फल और पत्तियां बड़ी होती हैं। वहीं दूसरी अंजीर जंगल में खुद उगती है और इसकी पत्तियां छोटी होती हैं। इसे खाने के न सिर्फ फायदे होते हैं बल्कि कुछ नुकसान भी होते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अंजीर खाने के फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं।

अंजीर खाने के फायदे

अंजीर में बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए बेहतर होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है, जिसकी वजह से पेट में गैस और कब्ज की समस्या नहीं होती है। साथ ही खाना भी अच्छे से पच जाता है। इसको खाने से पेट भी आसानी से साफ हो जाता है।

हड्डियां होंगी मजबूत

अंजीर का सेवन करने से हड्डियों संबंधी बीमारी दूर होगी। क्योंकि अंजीर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम भी पाया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को हड्डी संबंधी समस्या है, तो उनको अंजीर का सेवन जरूर करना चाहिए।

दिल के लिए लाभकारी

अंजीर खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, क्योंकि इसमें ओमेगा 3 और फिनोल के पर्याप्त गुण पाए जाते हैं। इसके सेवन से दिल हेल्दी होता है।

एनीमिया की समस्या होगी दूर

जो लोग खून की कमी से जूझ रहे हैं, उनको अपनी डाइट में अंजीर शामिल करना चाहिए। क्योंकि अंजीर में पर्याप्त मात्रा में आयरन और कैल्शियम पाया जाता है। अंजीर शरीर से खून की कमी रो दूर कर सकता है।

अंजीर खाने के नुकसान

अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है, तो आपको अंजीर का सेवन करने से बचना चाहिए।

इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों को भी अंजीर का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें काफी मात्रा में शुगर पाया जाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए अंजीर नुकसानदायक हो सकता है।

बता दें कि अंजीर का अधिक मात्रा में सेवन करने से उसके बीज आंतों में फंसकर रुकावट आ सकती है। यह लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

अधिक मात्रा में अंजीर का सेवन करने से दांतो में कीड़ा लग सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

क्या जिंक की कमी से शरीर कमजोर हो गया है? अपनी डाइट में इन 4 सुपरफूड्स को शामिल करें।

बॉडी को स्वस्थ और फिट रखने के लिए एसेंशियल न्यूट्रिएंट होना जरुरी है। अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो, तो शरीर कमजोर होने लगता है। जिंक एक आवश्यक न्यूट्रिएंट जो कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। शरीर में जिंक बनाने के लिए कुछ खास चीजें को रोजाना डाइट में शामिल करते हैं। आइए आपको बताते हैं। डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।

जिंक के कमी से होने वाली परेशानियां

वजन कम होना

-कमजोरी महसूस होना

-मेंटल हेल्थ पर असर

-बालों का झड़ना

-जख्म का देर से भरना

-भूख कम लगना

-टेस्ट और स्मेल कम हो जाना

– बार-बार दस्त होना

डाइट में शामिल करें जिंक रिच फूड्स

अंडे की जर्दी

आप रोजाना अपनी डाइट में अंडे के पीले हिस्से को जर्दी को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, कुछ लोग अंडे की सफेदी को अलग करके भी खाते हैं। यदि आप अंडे की जर्दी खाएंगे तो शरीर में को जिंक के समेत फाइबर विटामिन बी6, विटामिन बी12, थाइमिन, फोलेट, पैंथोनिक एसिड, कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस प्राप्त होता है।

दही 

प्रतिदिन आहार में दही को एड ऑन करें, क्योंकि इसमें गुड बैक्टीरिया होते हैं। इससे डाइजेशन दुरुस्त होता है और इसके साथ ही इम्यूनिटी बूस्ट होती है। इसके साथ ही मिल्क प्रोडक्ट में जिंक भी होता है।

लहसुन

लहसुन में जिंक के रिच सोर्स होते है, वैसे तो लहसुन की गंध भले ही कई लोगों को पसंद नहीं होती। हालांकि, शरीर के लिए काफी लाभदायक होती है। इसे खाने से शरीर को विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैग्नीशियम और आयोडीन भी मिलेंगे।

काजू

काजू में जिंक भरपूर मात्रा में होती है। इसे लोग काफी खाना पसंद करते हैं। काजू में जिंक के अलावा विटामिन ए, विटामिन के और फोलेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है। काजू को लोग ज्यादातर खाना पसंद करते हैं। इसे सर्दियों में खाना और अच्छा माना जाता है।

रूस ने फिर “परमाणु हमले” का संकेत दिया, लावरोव ने अमेरिका के साथ युद्ध पर कड़ा बयान दिया।

मॉस्को: रूस ने एक बार फिर दुनिया को परमाणु हमले का संकेत देकर दहशत में डाल दिया है। हालांकि रूस ने बिना इसका नाम लिए ही परमाणु हमला करने से परहेज नहीं करने का संकेत दिया है। रूस के शीर्ष राजनयिक ने ‘फॉक्स न्यूज’ के पूर्व ‘होस्ट’ (मेजबान) टकर कार्लसन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि रूस अमेरिका के साथ युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए वह ‘‘सभी साधनों’’ का उपयोग करेगा। साक्षात्कार शुक्रवार को प्रसारित हुआ।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तर्क दिया कि रूस और अमेरिका के बीच आधिकारिक तौर पर युद्ध नहीं चल रहा है, लेकिन अमेरिका द्वारा यूक्रेन को रूसी क्षेत्र पर हमले के लिए लंबी दूरी की अमेरिकी मिसाइलों का उपयोग करने की अनुमति देने से विवाद अत्यधिक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि यूक्रेन के सैनिक अमेरिकी सैनिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना लंबी दूरी के आधुनिक हथियारों के साथ वह सब नहीं कर पाएंगे जो वे कर रहे हैं। यह खतरनाक है, इसमें कोई संदेह नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की यह धारणा कि रूस की सीमा रेखाओं को ‘‘बार-बार बदला जा सकता है, एक बहुत गंभीर गलती है।’’

यूक्रेन पर आईसीबीएम हाईपरसोनिक मिसाइल से हमला पश्चिम को संकेत

दुनिया में सबसे लंबे समय तक विदेश मंत्री रहने वाले लावरोव ने कहा कि हाल में रूस द्वारा यूक्रेन पर ओरेशनिक नामक एक नयी हाइपरसोनिक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल से किया गया हमला, पश्चिमी देशों के लिए एक संकेत है कि रूस यूक्रेन में अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी साधनों का उपयोग करने को तैयार है। लावरोव 20 वर्षों से इस पद पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस हाइपरसोनिक प्रणाली का वास्तविक परीक्षण करके हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हम अपने वैध हितों की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।

लेबनान के बाद गाजा में भी रक्तपात रुकेगा, हमास ने इजरायल के साथ संघर्ष विराम वार्ता की बात कही।

इस्तांबुल: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम के बाद लेबनान में मौतों का सिलसिला तो थम गया, लेकिन अभी गाजा में यह लगातार जारी है। इजरायल के हवाई हमलों में रोजाना दर्जनों लोग मारे जा रहे हैं। मगर अब उम्मीद है कि जल्द गाजा में भी मौतों का यह तांडव थम जाएगा। हमास के एक नेता ने बृहस्पतिवार को इजरायल के साथ युद्ध विराम वार्ता बहाल होने का दावा किया है। हमास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने गाजा में युद्ध विराम के लिए हमास और इजराइल के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है और 14 महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता हो जाने की उम्मीद है।

कतर ने इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ पाने से निराश होकर मिस्र और अमेरिका के मध्यस्थों के साथ वार्ता को पिछले महीने निलंबित कर दिया था। हमास के नेता बासेम नैम ने तुर्किये में बताया कि युद्ध को समाप्त करने, गाजा से बंधकों को रिहा करने और इजरायल में फिलस्तीनी कैदियों को मुक्त करने के प्रयासों को हाल के दिनों में ‘‘पुनः सक्रिय’’ किया गया है। वार्ता की जानकारी रखने वाले एक अन्य अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कतर के मध्यस्थों के फिर से बातचीत शुरू करने की पुष्टि की। वार्ता बाधित होने के बाद से वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं।

ट्रंप के राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद जंग लड़ने वालों का बदलने लगा दृष्टिकोण

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है और पिछले सप्ताह लेबनान में इजरायल और हमास के सहयोगी हिजबुल्ला के बीच युद्ध विराम की घोषणा की गई। ट्रंप इजरायल के कट्टर समर्थक हैं, लेकिन नैम का मानना ​​है कि अमेरिका का भावी प्रशासन ‘‘स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है’’ क्योंकि ट्रंप ने इस क्षेत्र में युद्धों को रोकने को अपने चुनाव प्रचार अभियान का हिस्सा बनाया था। हमास के नेतृत्व वाले चरमपंथियों ने सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल में हमला किया था जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इजरायल के भीषण जवाबी हमले में कम से कम 44,500 फिलस्तीनी मारे गए हैं।