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लखनऊ की बेटी गरिमा कपूर: बहुमुखी प्रतिभा और प्रेरणा का जीवंत उदाहरण

विवेक अग्निहोत्री की वेक्सीन वॉर और प्रकाश झा की लाल बत्ती जैसी चर्चित फ़िल्मों में अभिनय।
ताइक्वांडो, किकबॉक्सिंग, और तैराकी में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में तीन बार नाम दर्ज।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मुफ्त डिफेंस क्लासेस चलाती हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित।

लखनऊ, 08 दिसम्बर 2024: लखनऊ की बेटी गरिमा कपूर का नाम आज कई क्षेत्रों में एक मिसाल बन चुका है। अभिनय, खेल, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। 28 वर्षीय गरिमा न केवल एक कुशल अभिनेत्री हैं, बल्कि एक अद्वितीय खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता और बौद्धिक व्यक्तित्व भी हैं। उनकी उपलब्धियां उन सभी के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने की इच्छाशक्ति रखते हैं।

अभिनय में गरिमा की छवि: एक बहुमुखी कलाकार

गरिमा कपूर ने अपने अभिनय करियर में विविधतापूर्ण और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी अदाकारी ने दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है।
• प्रमुख फिल्में:
• वेक्सीन वॉर (निर्देशक: विवेक अग्निहोत्री)
• लाल बत्ती (निर्देशक: प्रकाश झा)
• भगवत (अर्शद वारसी के साथ)
• जिद्द (मुख्य अभिनेत्री के रूप में)
• 1+2 (साउथ इंडियन फिल्म, मुख्य भूमिका)
• कोटा (अनिरुद्ध दवे के साथ)
• बगावत (राजनीश दुग्गल के साथ तृतीय भूमिका)
• कागज़ 2, दशमी, और प्रथा
• टीवी और डिजिटल प्रोजेक्ट्स:
• सावधान इंडिया (सीज़न 7, 3 एपिसोड)
• जुर्म और जज़्बात (शेमारू टीवी)
• डिजिटल ऐड: अनवांटेड 72
• म्यूजिक वीडियो और शॉर्ट स्टोरीज़ (Apex App के लिए)

गरिमा का अभिनय न केवल उनकी कला को प्रदर्शित करता है, बल्कि उनकी मेहनत और लगन को भी दर्शाता है।

खेलों में गरिमा की शानदार उपलब्धियां

गरिमा कपूर खेल के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ चुकी हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और पदक जीते।
• ताइक्वांडो:
• ब्लैक बेल्ट धारक और राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता।
• किकबॉक्सिंग:
• राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता।
• तैराकी और डाइविंग:
• राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता।
• बाइकिंग:
• इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में तीन बार नाम दर्ज।
• 1700 किमी की दूरी केवल 20 घंटे में तय करने वाली सबसे तेज़ महिला राइडर।
• 110 सीसी स्कूटर पर खारदुंगला (दुनिया की सबसे ऊँची मोटर योग्य सड़क) तक पहुँचने वाली सबसे कम उम्र की महिला।

गरिमा की खेलों में उपलब्धियां उनके साहस और अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाती हैं।

पुरस्कार और सम्मान: गरिमा की मेहनत का प्रमाण

गरिमा कपूर को उनकी अद्वितीय उपलब्धियों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
• उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से नवाजा गया, जो राज्य का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है।
• उनके साहसिक कारनामों और समाज सेवा के लिए भी कई प्रशंसाएं प्राप्त हुईं।

सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान

गरिमा कपूर एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं।
• उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं।
• सरकारी स्कूलों में लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए मुफ्त डिफेंस क्लासेस प्रदान करती हैं।
• सामाजिक जागरूकता के लिए कई बाइक राइड्स आयोजित कीं।
• उनके सामाजिक कार्य समाज के समग्र विकास और जागरूकता के लिए प्रेरणादायक हैं।

शिक्षा और बौद्धिक कौशल: न्याय के प्रति समर्पण

गरिमा कपूर कानून में पीएचडी कर रही हैं। यह न केवल उनकी शिक्षा के प्रति रुचि को दर्शाता है, बल्कि उनके न्यायप्रिय दृष्टिकोण को भी उजागर करता है।

मॉडलिंग और ब्रांडिंग में गरिमा की सफलता

गरिमा कपूर ने मॉडलिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।
• प्रिंट शूट्स:
• लैक्मे, रेशमगढ़, और फ्लिपकार्ट जैसे ब्रांड्स के लिए काम किया।
• विज्ञापन:
• UP 112, UP टूरिज़्म, और UP 1090 के अभियानों में दिखाई दीं।
• लूलू मॉल की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी गरिमा ने काम किया।

सहायक निर्देशक के रूप में अनुभव

गरिमा ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है।
• आज जाने की ज़िद ना करो और जगीर जैसे प्रोजेक्ट्स में सहायक निर्देशक रहीं।
• कई विज्ञापनों और प्रिंट शूट्स को निर्देशित कर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।

इंस्टाग्राम पर गरिमा की लोकप्रियता

सोशल मीडिया पर गरिमा कपूर की बड़ी फैन फॉलोइंग है।
• इंस्टाग्राम पर उन्हें @thefrustratedwarriorwitch के जरिए फॉलो किया जा सकता है।

लखनपुरी की बेटी गरिमा कपूर का व्यक्तिगत जीवन न केवल उनकी मेहनत और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कोई व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। अभिनय, खेल, सामाजिक सेवा और शिक्षा में उनकी बहुमुखी प्रतिभा उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि सही दिशा और कड़ी मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

संत समाज से है महाकुम्भ की भव्यता-दिव्यता, सरकार और प्रशासन आयोजन के सहयोगी: मुख्यमंत्री

sant samaj with cm yogi adityanath
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  • संतगणों की भावनाओं का पूरा सम्मान, हर आशा-अपेक्षा और आवश्यकता को पूरा करने का है प्रयास: मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने संत-समाज को दिया आमंत्रण
  • महाकुम्भ की तैयारी में जो कुछ अच्छा है, वह पूर्वजों की कृपा, मा. प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं संतों के आशीर्वाद से है: मुख्यमंत्री
  • अखाड़ों, संत परंपराओं के प्रतिनिधियों ने अपनी अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, व्यवस्थाओं से संतुष्ट, सुविधाओं में बढ़ोतरी का अनुरोध
  • महाकुम्भ से पूर्व सभी अखाड़ों, विभिन्न संत परंपराओं के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

प्रयागराज, 07 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि महाकुम्भ की दिव्यता और भव्यता पूज्य संतों से ही है, सरकार और प्रशासन तो बस आयोजन की सहयोगी है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक पटल पर यदि सनातन संस्कृति गौरवान्वित हो रही है तो यह संतों की कृपा से ही हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ की तैयारी में जो कुछ अच्छा है, वह पूर्वजों की कृपा, मा. प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं संतों के आशीर्वाद से है। इसलिए इस बार भी पूज्य संतगण मेला प्रशासन के अधिकारियों को अपना मार्गदर्शन प्रदान करते रहें।

शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र में संत समाज के साथ संवाद किया। इस संवाद कार्यक्रम में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, खाक-चौक परंपरा, दण्डीबाड़ा परंपरा, आचार्यबाड़ा परंपरा तथा तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। प्रयागराज के एक दिनी दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने संत समाज का आह्वान करते हुए कहा कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी जी का प्रयागराज आगमन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री जी संगम पूजन करेंगे, साथ ही स्वच्छ-सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुम्भ के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं को लोकार्पित करेंगे। इस विशेष अवसर पर सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, खाक-चौक परंपरा, दण्डीबाड़ा परंपरा, आचार्यबाड़ा परंपरा तथा तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों की गौरवपूर्ण उपस्थिति प्रार्थनीय है। संत समाज ने समवेत स्वर से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए अपनी सहमति जताई।

संतों के साथ महाकुम्भ की तैयारियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष गंगा जी का पानी देर से उतरने के कारण कुछ कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन संत समाज की हर जिज्ञासा, हर अपेक्षा को पूरा करने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पावन त्रिवेणी संगम में स्नान की अभिलाषा लिए महाकुंभ आने वाले हर संत और श्रद्धालु को अविरल-निर्मल गंगा-यमुना के दर्शन होंगे। पवित्र नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन साधु-संत समाज का सहयोग भी अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में ही सनातन समाज का उत्कर्ष संभव है। महाकुम्भ-2025, कुंभ 2019 से भी अधिक भव्य हो, इसके लिए सभी को योगदान करना होगा। संतों की कृपा और प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में आज पूरी दुनिया अयोध्या, वाराणसी और ब्रजधाम के नए स्वरूप का दर्शन कर रही है।

संगम तट पर मुख्यमंत्री के साथ आयोजित संवाद में सभी 13 अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के साधु-संतों, आचार्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन धर्मध्वज के रक्षक हैं। उनके नेतृत्व में आज सनातन समाज गौरवान्वित हो रहा है। संतों ने कहा कि योगी जी पहले मुख्यमंत्री हैं, जो महाकुम्भ के विषय में साधु-संतों, आचार्यों से इस तरह से सीधे संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं/सुझावों को सुनकर लिपिबद्ध कर रहे हैं। साधु-संतों, आचार्यों के लिए यह अवसर संतोषप्रद है। संत गणों ने महा कुम्भ-2025 की तैयारियों पर संतुष्टि जताई। साथ ही कहा कि मेला क्षेत्र में चल रही तैयारियों को देखकर यह साफ हो जाता है कि महाकुम्भ-2025 प्रयागराज में पूर्व में हुए सभी कुम्भ/महाकुम्भ से भव्य एवं दिव्य होगा। संत समाज ने भूमि आवंटन, शिविर के लोकेशन, धूल, जाम, स्वच्छता, घाटों के नामकरण, सहायता राशि आदि के संबंध में अपनी-अपनी जिज्ञासाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने यथोचित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। अखाड़ों और विभिन्न संत परंपराओं के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आयोजित होने वाला महाकुम्भ-2025 पूरे विश्व को शांति का संदेश देने वाला होगा। समूचा संत समाज इसमें अपना योगदान करने को आतुर है।

महाकुम्भ-2025: “ब्रांड प्रयागराज” को वैश्विक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर

महाकुम्भ 2025: ‘ब्रांड प्रयागराज’ को वैश्विक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर
महाकुम्भ 2025: ‘ब्रांड प्रयागराज’ को वैश्विक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर
  • महाकुम्भ 2025 को मुख्यमंत्री ने ‘ब्रांड प्रयागराज’ को वैश्विक पहचान दिलाने का अवसर बताया।
  • 10-12 दिसंबर तक पूरे प्रयागराज में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश।
  • 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक अभिनंदन और जनसभा का आयोजन।
  • महाकुम्भ 2025 को ‘दिव्य-भव्य-डिजिटल’ बनाने पर जोर।
  • प्रयागराज की पौराणिकता, ऐतिहासिकता और आधुनिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की अपील।
    महाकुम्भ 2025: ‘ब्रांड प्रयागराज’ को वैश्विक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर

    प्रयागराज/लखनऊ, 07 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ-2025 को “ब्रांड प्रयागराज” को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि 2019 के कुम्भ ने प्रयागराज की एक सकारात्मक छवि दुनिया के सामने प्रस्तुत की थी। अब इस अवसर को और बड़ा बनाते हुए प्रयागराजवासियों को अतिथि देवो भवः की भावना से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का स्वागत करना चाहिए। शनिवार को प्रयागराज में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 13 दिसंबर के आगमन की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का महाकुम्भ न केवल दिव्य और भव्य होगा बल्कि इसे डिजिटल रूप से भी सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की विविधतापूर्ण परंपरा और आस्था को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले 10 से 12 दिसंबर तक पूरे प्रयागराज में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और आम नागरिकों को भी प्रेरित करें। साथ ही प्रधानमंत्री की जनसभा में आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने की सलाह दी।

    प्रयागराज की ऐतिहासिकता और आधुनिकता का प्रदर्शन

    मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रयागराज आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से बातचीत करें और उन्हें शहर की पौराणिकता और ऐतिहासिकता से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रयागराज की ऐतिहासिक भूमिका, स्वच्छता और सुरक्षा के आदर्शों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का बेहतरीन मंच है। इस अवसर पर उन्होंने महाकुम्भ 2025 को सफल बनाने के लिए प्रयागराजवासियों और जनप्रतिनिधियों से पूर्ण सहयोग की अपील की।

    प्रयागराज महाकुंभ 2025: स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था की नई मिसाल

    प्रयागराज महाकुंभ 2025: स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था की नई मिसाल
    प्रयागराज महाकुंभ 2025: स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था की नई मिसाल
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज दौरे में ₹7000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
    • महाकुंभ 2025 के लिए 25 सेक्टरों में विभाजित क्षेत्र में 4000 हेक्टेयर का विस्तार और 12 किमी लंबाई के घाट तैयार किए जा रहे हैं।
    • ‘सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री’ महाकुंभ के लिए 10,000 सफाई कर्मचारियों और डेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे।
    • केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ₹7,596.48 करोड़ का बजट सुनिश्चित कर रही है।
    • श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल सुविधाओं, विशेष ट्रेनों और पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं लागू की जा रही हैं।

    प्रयागराज, 07 दिसंबर – आगामी 2025 में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज का दौरा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जी ₹7000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे में पावन त्रिवेणी संगम का पूजन करेंगे और नवनिर्मित भरद्वाज आश्रम कॉरीडोर व श्रृंगवेरपुर धाम कॉरीडोर का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही अक्षयवट, सरस्वती कूप और लेटे हनुमान के दर्शन कर प्रधानमंत्री श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे अब तक के सभी कुम्भ आयोजनों से अधिक भव्य और दिव्य बनाने का आश्वासन दिया है।

    महाकुंभ 2025 के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं और तैयारियां

    महाकुंभ 2025 के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर कुल ₹7,596.48 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2019 में आयोजित कुंभ ने विश्वभर में स्वच्छता, सुरक्षा और प्रबंधन के नए मानक स्थापित किए थे, और इस बार इसे और अधिक भव्यता प्रदान की जाएगी। महाकुंभ क्षेत्र को 25 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ क्षेत्र में 4000 हेक्टेयर भूमि का विस्तार किया गया है, जिसमें 1850 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग, 150,000 शौचालय, 150,000 टेंट, और 25,000 पब्लिक एकोमोडेशन की व्यवस्था की जा रही है। घाटों की लंबाई 12 किमी तक बढ़ाई जा रही है, जबकि 30 पांटून पुल और 67,000 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी।

    स्वच्छता और पर्यावरण पर विशेष जोर

    महाकुंभ 2025 को ‘सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री’ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रयागराजवासियों से अपील की है। 10,000 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी ताकि पूरे आयोजन के दौरान सफाई सुनिश्चित की जा सके। गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए ‘जीरो डिस्चार्ज’ योजना लागू की जा रही है।

    पर्यटन और सांस्कृतिक पहलुओं का ध्यान

    महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अयोध्या, काशी और चित्रकूट जैसे अन्य पवित्र स्थलों तक पहुंचाने के लिए रेलवे से विशेष ट्रेनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों, आचार्यों और संतों से लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी अपेक्षाओं का ध्यान रखने की भी बात कही।

    निर्माण कार्यों की समय सीमा और गुणवत्ता

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी निर्माण कार्यों को 10 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इनमें सूबेदारगंज ब्रिज, हनुमान मंदिर (फेज-1), रिवर फ्रंट रोड, 84 स्तंभ, थीम आधारित गेट और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता से समझौता न करने पर विशेष जोर दिया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया महाकुम्भ पुलिस लाइन का उद्घाटन, बोले- पुलिस सतर्क होगी तो आम आदमी सुरक्षित रहेगा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया महाकुम्भ पुलिस लाइन का उद्घाटन, बोले- पुलिस सतर्क होगी तो आम आदमी सुरक्षित रहेगा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया महाकुम्भ पुलिस लाइन का उद्घाटन, बोले- पुलिस सतर्क होगी तो आम आदमी सुरक्षित रहेगा
    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुम्भ मेला क्षेत्र में नई पुलिस लाइन का उद्घाटन किया और प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया।
    • उन्होंने महाकुम्भ 2025 को उत्तर प्रदेश पुलिस की क्षमता और प्रदेश की छवि दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
    • सीएम योगी ने 2017 के पहले पुलिस विभाग की कमजोरियों और डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए सुधारों का जिक्र किया।
    • उन्होंने पुलिसकर्मियों को बेहतर भाषा, व्यवहार और तकनीकी दक्षता के साथ काम करने की सलाह दी।
    • मुख्यमंत्री ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर, सोशल मीडिया पर निगरानी और मित्र पुलिस की अवधारणा को मजबूती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया महाकुम्भ पुलिस लाइन का उद्घाटन, बोले- पुलिस सतर्क होगी तो आम आदमी सुरक्षित रहेगा

      प्रयागराज/लखनऊ, 7 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र में बनी नई पुलिस लाइन का उद्घाटन किया और पुलिसकर्मियों की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने महाकुम्भ 2025 की तैयारियों का जायजा लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ एक वैश्विक आयोजन है, जिसमें पुलिस का सतर्क और संवेदनशील व्यवहार प्रदेश की छवि को विश्व के सामने और मजबूत बनाएगा।

      योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पुलिस का मनोबल गिरा हुआ था और जनता का विश्वास डगमगा गया था। पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण पुलिस विभाग में 1.5 लाख से अधिक पद खाली थे। लेकिन डबल इंजन सरकार ने पुलिस को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण देकर इन पदों को भरा और पुलिस की कार्यप्रणाली को स्मार्ट बनाया।

      महाकुम्भ-2025 की तैयारियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को तकनीकी ज्ञान, भाषा और व्यवहार में सुधार करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन और अफवाहों की रोकथाम के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने की बात कही।

      उन्होंने 2019 के कुम्भ मेले का उल्लेख करते हुए बताया कि उस आयोजन में 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस के व्यवहार और प्रबंधन की तारीफ की थी। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि इस बार भी अतिथि देवो भवः की भावना के साथ काम करें और मित्र पुलिस का उदाहरण प्रस्तुत करें।

      इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।