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सीएम योगी की अध्यक्षता में एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव मंगलवार को

एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव मंगलवार को
एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव मंगलवार को
  • सीएम योगी करेंगे अध्यक्षता, मुख्य अतिथि होंगे नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी
  • मुख्य महोत्सव मंगलवार को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, गोरखपुर में आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
  • नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी मुख्य अतिथि होंगे और 800 विद्यार्थियों को ट्रॉफी, पदक, और नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
  • एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर को सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार मिलेगा, और उत्कृष्ट शिक्षकों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
  • स्नातकोत्तर, स्नातक, और हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।
  • शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी करेंगे।

गोरखपुर/लखनऊ, 9 दिसंबर 2024: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव (समापन कार्यक्रम) मंगलवार को महाराणा प्रताप इंटर कालेज के मैदान पर भव्यतापूर्वक होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में नोबल पुरस्कार विजेता, बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेता कैलाश सत्यार्थी उपस्थित होंगे। इस वर्ष पर परिषद की तरफ से उत्कृष्टता के आधार पर संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और 800 विद्यार्थियों को ट्रॉफी, पदक व नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह मंगलवार प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा।

1932 में पूर्व पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक पुनर्जागरण के ध्येय से ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ द्वारा स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक सप्ताह का शुभारंभ 4 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ था। शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर उपस्थित थे। 10 दिसंबर को इसका समापन सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावियों को पुरस्कृत करने के साथ होगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों पुरस्कृत होंगी। इस दौरान परिषद की सर्वश्रेष्ठ संस्था, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक, सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी, इंटरमीडिएट, स्नातक व परास्नातक के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी को स्वर्ण पदक भी प्रदान किया जाएगा।

एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर को मिलेगा श्रेष्ठतम संस्था का पुरस्कार
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर श्रेष्ठतम संस्था का महायोगी श्री गोरक्षनाथ स्वर्ण पदक कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर को मिलेगा। श्रेष्ठतम परिचारक के लिए ब्रह्मलीन महंत गोपालनाथ स्वर्ण पदक एमपी इंटर कॉलेज सिविल लाइंस के बृजानंद को, श्रेष्ठतम कर्मचारी के लिए योगिराज बाबा ब्रह्मनाथ स्वर्ण पदक डीवीएनपीजी कॉलेज के बृजेश विश्वकर्मा को, श्रेष्ठतम शिक्षक के लिए योगिराज बाबा गंभीरनाथ स्वर्ण पदक गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) के शिक्षक डॉ. सुमित कुमार को प्राप्त होगा।

श्रेष्ठतम विद्यार्थी और स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में स्नातकोत्तर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्वर्ण पदक डीवीएनपीजी कॉलेज के सागर चौधरी को, स्नातक के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ के निमिष सिंह को तथा हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी का महाराणा मेवाड़ स्वर्ण पदक एमपी बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस की गौरी गौड़ को प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 12 मेधावियों को विभिन्न विभूतियों के नाम पर नकद राशि सहित स्मृति पुरस्कार और बोर्ड परीक्षा/विश्वविद्यालय परीक्षा में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले 9 विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का होगा विमोचन
संस्थापक समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन किया जाएगा। यह पुस्तक प्राचीन काल से शिक्षण पद्धति का विश्लेषण करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को रेखांकित करती है।

यूपी की पशु संपदा की गुणवत्ता सुधरेगी और दूध भी बढ़ेगा

यूपी की पशु संपदा की गुणवत्ता सुधरेगी और दूध भी बढ़ेगा
यूपी की पशु संपदा की गुणवत्ता सुधरेगी और दूध भी बढ़ेगा
  • योगी सरकार खोल रही गोरखपुर, भदोही में पशु चिकित्सा महाविद्यालय
  • पशुओं के नस्ल सुधार पर खास ध्यान देंगे दोनों वेटरिनरी कॉलेज
  • यूपी के साथ बिहार और नेपाल के पशु पालकों का मिलेगा लाभ

लखनऊ, 9 दिसम्बर 2024: पशु संपदा के मामले में कभी उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल बेहद संपन्न हुआ करता था। ताल तलैया और नदियों के दोआबे में ये पशु मस्ती से चरते थे और प्यास लगने पर छक कर पानी पीते थे। कुछ दशकों से यह सिलसिला टूट गया। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद ने अपनी स्थापना के शुरुआती दिनों में एक स्टडी की थी। उसके अनुसार उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल के अधिकांश पशु कुपोषण के शिकार हैं। इससे न केवल संबंधित पशु की सेहत और उत्पादकता प्रभावित हो रही है, बल्कि दुग्ध उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। स्टडी में यह भी पता चला था कि पशुओं में बढ़ते बांझपन की एक प्रमुख वजह भी कुपोषण है। पर, अब ऐसा नहीं होगा। गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए योगी सरकार ने जो अभियान चलाया है उससे पशुओं को चरने की पर्याप्त जमीन मिलेगी। साथ ही गोरखपुर के ताल नदौर और भदोही में बनने वाले पशु चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा नस्ल सुधार के जरिये यहां के पशुओं की सेहत भी सुधरेगी और दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा। इससे उत्तर प्रदेश, सटे हुए बिहार और नेपाल के पशुपालकों को भी लाभ होगा, पर पूर्वांचल के पशुपालकों को होगा सर्वाधिक लाभ होगा।

फिलहाल दूध के उत्पादन के मामले उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन है। कुल उत्पादन में यूपी का योगदान करीब 16% है। योगी सरकार के इस कदम से यकीनन आने वाले समय में प्रदेश में दूध का उत्पादन और बढ़ेगा। इससे दूध के उत्पादन में यूपी की बादशाहत भविष्य में भी और मुकम्मल तरीके से बरकरार रहेगी। गोरखपुर और भदोही के दोनों महाविद्यालय पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा से संबद्ध होंगे।

गोरखपुर में महाविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर स्थित ताल नदोर में 80 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। पहले चरण के निर्माण पर 228 करोड़ रुपये की लागत आएगी। फरवरी 2024 के बजट में इसके लिए योगी सरकार 100 करोड़ रुपए आवंटित भी कर चुकी है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताल नदौर का दौरा कर पशु चिकित्सा महाविद्यालय को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए थे।

गोरखपुर पशु चिकित्सा महाविद्यालय की बुनियादी संरचना
इस महाविद्यालय में हाईटेक सुविधाएं होंगी, जिनमें हॉस्पिटल ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। योगी सरकार की मंशा भविष्य में इसे विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने की है।

महाविद्यालय के लिए भदोही में 15 एकड़ जमीन चिह्नित
मुख्यमंत्री ने अपने पहले कार्यकाल में भदोही में जिस पशु चिकित्सा महाविद्यालय की घोषणा की थी उस पर भी तेजी से अमल हो रहा है। इस बाबत जोरईं और वेदपुर गांव में 15 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी। फरवरी 2024 में प्रदेश के बजट में इसके निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। कॉलेज एवं कांप्लेक्स निर्माण के लेकर मथुरा के वेटरिनरी विश्वविद्यालय से कई विशेषज्ञ पूर्व में आकर हरी झंडी दे चुके हैं।

ऐसा होगा भदोही का वेटरिनरी कॉलेज
भदोही में बनने वाले पशु चिकित्सा महाविद्यालय के 10 एकड़ में कालेज का एकेडमिक भवन, प्रयोगशाला और हास्टल का निर्माण होगा। पांच एकड़ में ब्लाॅक लेबल कोर्ट कांप्लेक्स का निर्माण होना है। उच्च शिक्षा विभाग से भी इसके निर्माण को एनओसी मिल चुकी है। काॅलेज में स्नातक, स्नातकोत्तर और पशु चिकित्सा से संबंधित पढ़ाई होगी। कालेज के बनने से पूर्वांचल के दस जिलों के युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।

सर्दी-जुकाम से तुरंत राहत पाने के लिए आजमाएं ये 5 असरदार घरेलू उपाय

सर्दियों के दौरान सर्दी-जुकाम का होना आम बात है। इस मौसम में खुद का ध्यान न रखें, तो सर्दी के कारण बीमारियां होने लगती है। ज्यादातर लोगों की इम्यूमिटी कमजोर रहती है, जिस वजह से सर्दी-जुकाम की समस्या बनीं रहती है। सर्दी के मौसम में गले में खराश, नाक बहना और खांसी जैसी समस्याएं सबसे कॉमन होती है लेकिन इससे निजात पाने में कई हफ्ते तक लग जाते हैं। अगर आप इन समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो आपके किचन में मौजूद इन जड़ी-बूटियों व मसालों का प्रयोग कर सकते हैं। आप इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर आपको काफी आराम मिलेगा। अगर आप भी ठंड में जुकाम और खांसी से परेशान हैं, तो ये 5 घरेलू नुस्खों को जरुर इस्तेमाल करें।

अदरक और शहद का इस्तेमाल करें

सर्दियों में अगर आप सर्दी-जुकाम से परेशान हैं, तो आप अदरक का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें एंटी-इफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लि आप एक चम्मच अदरक का रस और शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करें। ऐसा करने से आपकी खांसी, गले की खराश और नाक बंद जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

स्टीम लेना

अगर आपकी ठंड लग गई है और नाक बंद है, जिस कारण से सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है, तो आप भाप जरुर लें। आप गर्म पानी के सामने चेहरे को पास रखकर भाप ले सकते हैं। इसमें आप ऐंसिशियल ऑयल या फिर विक्स डालकर भाप ले सकते हैं। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

हल्दी वाला दूध

गौरतलब है कि हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी-जुकाम को दूर करते हैं। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर पीने से गले में काफी राहत मिलती है और सर्दी जल्दी ठीक होती है।

तुलसी और अदरक का काढ़ा

सर्दियों में इन्फेक्शन से लड़ने के लिए तुसली और अदरक का काढ़ा काफी फायदेमंद रहता है। तुलसी में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण अधिक होते हैं। सर्दी-जुकाम के दौरान तुलसी के पत्तों और अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से शरीर में गरमी बनीं रहती है और जुकाम में आराम मिलता है।

नमक के गरारे करें

सर्दियों के दौरान कई लोगों का गला खराब रहता है। ऐसे में अपने गले की सूजन को कम करने के लिए नमक का गरारा बेहद प्रभावी है। आप एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालकर गरारे करें। इससे आपके गले में काफी राहत मिलेगी।

क्रिसमस और विंटर वेकेशन का भरपूर लुत्फ उठाने के लिए ये 5 शानदार डेस्टिनेशन

क्रिसमस के दौरान हर किसी को घूमने के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन की तलाश रहती है। अगर आप भी क्रिसमस पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, आप भी क्रिसमस पर बर्फ से ढके हुए पहाड़ देखना चाहते हैं, तो इन जगहों पर जरुर जाएं। इन खास जगहों पर जाकर आप परिवार और मौज-मस्ती कर सकते हैं। आइए जानते हैं भारत के 5 बर्फ से ढकी हुआ जगहों के बारे में बताते हैं।

मनाली

भारत के सबसे फेमस हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर बर्फ में ढके नजारों, अलग बाजारों और सेलिब्रेशन के लिए फेमस है। क्रिसमस के सेलिब्रेशन के लिए मनाली एकदम बढ़िया जगह है। मनाली जाने के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य शहरों से सड़क मार्ग से भी जाया जा सकता है। मनाली के सबसे पास रेलवे स्टेशन जोगिंदर नगर है और नजदीकी हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली है।

गुलमर्ग

कश्मीर में स्थित गुलमर्ग किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इस हिल स्टेशन पर दिसंबर से फरवरी तक खूब स्नोफॉल होता है। ऐसे में क्रिसमस को सेलिब्रेट करने के लिए गुलमर्ग से अच्छा से क्या हो सकता है। यहां से नजदीकी हवाई अड्डा श्रीनगर है और जम्मू तवी रेलवे स्टेशन बेहद नजदीक है।

लद्दाख

लद्दाख में दिसंबर से बर्फबारी देखने को मिलती है। बर्फ से ढके पहाड़ और जमी हुई नदियां इसे ऐडवेंचर लवर के लिए बेस्ट है। क्रिसमस का त्योहार एन्जॉय करन के लिए यह जगह सबसे बेहतरीन है। यहां पहुंचने के लिए सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हो जाती है। इसलिए हवाई अड्डा लेह में कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डा  है।

युमथांग

इस जगह को फूलों के घाटी भी कहा जाता है। युमथांग उत्तरी सिक्किम के लाचुंग में स्थित है। क्रिसमस के दौरान यह शहर बर्फ से डूबा हुआ मिलेगा। युमथांग गंगटोक से पहुंचा जा सकता है, सड़कें इसे लाचुंग से जोड़ती हैं। यहां पर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट सिक्किम में पाकयोंग है, वहीं रेलवे पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी है।

शिमला

क्रिसमस को बेहद खास मनाने के लिए शिमला सबसे बढ़िया डेस्टिनेशन हैं। क्रिसमस पर शिमला में क्राइस्ट चर्च में प्रार्थना करें। क्रिसमस पर शिमला घूमने के लिए सबसे बढ़िया जगहों में से एक है। यहां पर बर्फ से ढके हुए पहाड़ देखने को आपको मिल जाएंगे। शिमला से पास कालका रेलवे स्टेशन है।

सर्दियों में हर सुबह गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीने से शरीर को होते हैं बेहतरीन लाभ

अगर आप सर्दी की सुबह गर्म पानी के साथ नींबू पानी पीते हैंस तो शरीर को कई फायदे मिलते हैं। विंटर में खुद को स्वस्थ रखने के लिए गर्म पानी के साथ नींबू का पानी जरुर पीना चाहिए। 

सर्दियों में गर्म पानी में नींबू मिलाकर पानी पीने के फायदे

विटामिन सी प्रदान होता है

नींबू में सबसे ज्यादा विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है। सर्दियों के दौरान, जब सर्दी और फ्लू होने का खतरा ज्यादा रहता है, तो ऐसे में विटामिन सी का सेवन बढ़ाने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।  एक अध्ययन के मुताबिक, विटामिन सी श्वसन संक्रमण की अवधि और गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए अपने दिन की शुरुआत गर्म नींबू पानी से करें।

पाचन में सहायक

नींबू के साथ गर्म पानी स्वस्थ पाचन को बढ़ावा दे सकता है। नींबू के रस क जो गैस्ट्रिक एसिड के उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद करती है, जो भोजन को पचाने के लिए आवश्यक है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि बेहतर पाचन से सूजन और असुविधा सहित अपच के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इस मिश्रण को खाली पेट पीने से आपके पाचन तंत्र को अगले दिन के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।

शरीर को हाइड्रेट रखता है

सर्दी के समय खुद को हाइड्रेट रखना काफी महत्वपूर्ण रखना जरुरी है। बाहर की ड्राई हवा और ठंडे मौसम से डिहाइड्रेशन हो सकता है। सुबह गर्म नींबू पानी पीने से बॉडी का समग्र कल्याण होता है।

वजन कंट्रोल करता है

गर्म नींबू पानी वजन प्रबंधन में भी सहायता कर सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि भोजन से पहले नींबू पानी पीने से कैलोरी की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, नींबू में पेक्टिन फाइबर होता है, जो तृप्ति की भावना को बढ़ावा दे सकता है। एपेटाइट में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि पानी के अधिक सेवन से भूख कम हो सकती है और वजन घटाने के परिणामों में सुधार हो सकता है।