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पुष्पा 2 से पहले अमरन-महाराजा के अलावा 2024 में साउथ की ये फिल्में भी रही हैं हिट,

2024 में साउथ सिनेमा ने हमें अलग-अलग जॉनर की कुछ बेहतरीन फिल्में दीं। क्राइम ड्रामा से लेकर इंटेंस थ्रिलर तक, फिल्म निर्माताओं ने पूरे साल हमारा मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जैसे-जैसे हम 2025 की ओर बढ़ रहे हैं, हमारी पुरानी यादें ताजा हो रही है। 2024 में कुछ ऐसी बेहतरीन साउथ की फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कलेक्शन किया है। इतना ही नहीं बल्कि इन मूवीज ने अपनी दमदार कहानी से दर्शकों का दिल जीतने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है।

द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम

थलपति विजय अभिनीत ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (The GOAT) 2024 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली साउथ फिल्मों में से एक थी। वेंकट प्रभु द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक एजेंट के जीवन पर आधारित है, जो अपने बेटे की दुर्घटना में दुखद मृत्यु के बाद सेवानिवृत्त हो जाता है। दुनिया भर में 457 करोड़ की धमाकेदार कमाई की थी।

पुष्पा 2

अल्लू अर्जुन और निर्देशक सुकुमार की ‘पुष्पा 2’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। फिल्म ने सिर्फ चार दिनों में दुनिया भर में 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। यह सिनेमाघरों में अपना पहला हफ्ता पूरा करने से पहले आसानी से 1,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर जाएगी। सीक्वल खास तौर पर हिंदी भाषा में धूम मचा रही है।

अमरन

शिवकार्तिकेयन और साईं पल्लवी अभिनीत ‘अमरन’, मेजर मुकुंद वरदराजन के जीवन की कहानी पर आधारित है। यह फिल्म भारतीय सेना में उनके सफर और अपने देश के लिए उनके द्वारा किए गए बलिदानों पर आधारित है। इतना ही नहीं, राजकुमार पेरियासामी निर्देशित यह फिल्म उनकी पत्नी इंदु रेबेका वर्गीस के साथ उनकी प्रेम कहानी को भी दिखाती है। ‘अमरन’ ने 34 दिनों में भारत में 217.6 करोड़ रुपए, जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई 328.25 करोड़ रुपए कमाए है।

महाराजा

विजय सेतुपति और अनुराग कश्यप अभिनीत ‘महाराजा’, 2024 की बेस्ट साउथ फिल्मों में से एक है। निथिलन समिनाथन द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक स्थानीय सैलून में काम करने वाले पिता के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। एक दिन, कुछ बदमाश उसके घर में घुस आते हैं और उसकी जिंदगी को उल्टा-पुल्टा कर देते हैं। इस फिल्म ने 200 करोड़ की कमाई की है और अब चीन में धमाकेदार कमाई कर रही है।

रायन

धनुष के करियर में ‘रायन’ एक मील का पत्थर साबित हुई क्योंकि यह एक अभिनेता के रूप में उनकी 50वीं और निर्देशक के रूप में दूसरी फिल्म थी। फिल्म एक ऐसे भाई की कहानी है जो अपने परिवार की खातिर दिन-रात काम करता है। हालांकि, अपने ही भाइयों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद, वह और उसकी बहन उनसे बदला लेने का फैसला करते हैं। इसने 156 करोड़ कमाए है।

वेट्टैयन

रजनीकांत अभिनीत ‘वेट्टैयन’ दशहरा के अवसर पर बड़े पर्दे पर आई थी। टीजे ज्ञानवेल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और फहाद फासिल भी प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन फिर भी यह बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करने में सफल रही।

टॉलीवुड स्टार मोहन बाबू के बेटे ने पुलिस में की शिकायत दर्ज, जानें पूरी घटना

टॉलीवुड स्टार मोहन बाबू के परिवार से जुड़ा मामला सोमवार शाम पहाड़ीशरीफ पुलिस स्टेशन पहुंचा गया। अभिनेता के बेटे मांचू मनोज ने पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। मनोज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रविवार को पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत जलपल्ली स्थित फार्म हाउस में कुछ लोग घुस आए। उन्होंने पुलिस को बताया, “जब हमने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो घुसपैठियों ने हमला कर दिया और वहां से भाग गए।” मनोज ने पुलिस से उन लोगों के बारे में पूछताछ करने को कहा, जिन्होंने उस पर हमला किया था, जिससे वह घायल हो गया।

मनोज ने पहाड़ीशरीफ इंस्पेक्टर गुरुवा रेड्डी को शिकायत सौंपी। उन्होंने यह भी कहा कि घर में लगे डीवीआर सेट से क्लोज सर्किट कैमरे की फुटेज मिटा दी गई है। हालांकि, शिकायत में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया है। शिकायत दर्ज कराने के बाद मनोज मीडिया से बातचीत किए बिना ही थाने से चले गए। पहाड़ीशरीफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अभिनेता ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने करने का पुलिस से किया अनुरोध

इस बीच, मोहन बाबू ने राचकोंडा पुलिस आयुक्त से शिकायत कर मांचू मनोज, उसकी पत्नी मोनिका और अन्य के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया। अपनी शिकायत में मोहन बाबू ने कहा कि वह पिछले दस वर्षों से जलपल्ली फार्म हाउस में रह रहे हैं और उनका बेटा कुछ असामाजिक तत्वों की मदद से अशांति पैदा कर रहा है। उन्होंने शिकायत में कहा, “सोमवार की सुबह करीब 30 लोग मेरे घर में जबरन घुस आए और मेरे कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। समूह ने कर्मचारियों को संपत्ति से बाहर निकाल दिया और घोषणा की कि कोई भी उनकी अनुमति के बिना घर में प्रवेश नहीं कर सकता।”

‘अवैध रूप से घर पर कब्जा कर लिया’

मोहन बाबू ने आरोप लगाया कि मनोज और मोनिका ने अवैध रूप से घर पर कब्जा कर लिया है और कर्मचारियों को धमकाना जारी रखा है। मोहन बाबू ने शिकायत में आगे कहा,”मुझे अपनी सुरक्षा, अपने कीमती सामान और अपनी संपत्ति के लिए डर है। मुझे बताया गया है कि ये लोग मुझे नुकसान पहुंचाने और डर पैदा करने के इरादे से मेरे घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे मैं अपना घर हमेशा के लिए छोड़ने के लिए मजबूर हो जाऊं।” उन्होंने पुलिस से मांग की कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए तथा उन्हें बिना किसी डर के अपने घर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए।

सैम करन के भाई ने इंग्लैंड को कहा अलविदा, अब दूसरे देश की ओर से खेलेंगे

इंग्लैंड ने क्रिकेट में काफी कमाल किया है। इंग्लैंड की टीम के लिए सैम करन और टॉम करन खेलते हैं। दोनों भाइयों ने देश के लिए काफी कमाल का क्रिकेट खेला है। वहीं दुनिया भर में नाम कमाया है। इसी बीच इन दोनों के भाई बेन करन का किसी और देश की टीम में सेलेक्शन हो गया है। उन्हें जिम्बाब्वे के स्क्वाड में शामिल किया गया है। उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली सीरीज के लिए स्क्वाड में पहली बार शामिल किया गया है।

पिता ने जिम्बाब्वे के लिए खेला क्रिकेट

सैम करन, टॉम करन और उनके मझले भाई बेन करन का जन्म इंग्लैंड में हुआ है। हालांकि उनके पिता जिम्बाब्वे के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं। साल 2022 तक बेन करन ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेले है, लेकिन इसके बाद में वह जिम्बाब्वे चले गए हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए घरेलू क्रिकेट में काफी कमाल का प्रदर्शन किया है। वह वह प्रो50 चैंपियनशिप 2024/25 और फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट लोगान कप 2024/25 में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। जिसके कारण उन्हें जिम्बाब्वे की नेशनल टीम में चुना गया है।

जिम्बाब्वे क्रिकेट ने दी जानकारी

जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के बीच एक मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेली जानी है। जिसकी मेजबानी जिम्बाब्वे की टीम करेगी। हालांकि बेन को केवल वनडे के लिए चुना गया है। वह टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। जिम्बाब्वे क्रिकेट ने एक बयान में लिखा कि 28 साल के करन ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अपनी जगह बनाई है। वह जिम्बाब्वे के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी और कोच दिवंगत केविन करन के बेटे हैं और इंग्लैंड के इंटरनेशनल खिलाड़ी टॉम और सैम करन के भाई भी हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ सफेद गेंद की सीरीज के लिए जिम्बाब्वे की टीम

टी20 टीम: सिकंदर रजा (कप्तान), फराज अकरम, ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ट्रेवर ग्वांडू, ताकुदज्वानाशे काइतानो, वेस्ली मधेवेरे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी

वनडे टीम: क्रेग एर्विन (कप्तान), ब्रायन बेनेट, बेन करन, जॉयलॉर्ड गम्बी, ट्रेवर ग्वांडू, टिनोटेंडा मापोसा, तादिवानाशे मारुमानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारावा, न्यूमैन न्यामुरी, विक्टर न्याउची, सिकंदर रजा , शॉन विलियम्स

अमेरिका और इजरायल का सीरिया पर बड़ा हमला, रासायनिक हथियारों के ठिकाने किए ध्वस्त

यरुशलम: इजरायल के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि इजरायली बलों ने सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हथियार ठिकानों और लंबी दूरी के रॉकेटों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया है ताकि ये शत्रुओं के हाथ ना लग सकें। विदेश मंत्री गिडिअन सार ने कहा, ‘‘हमारा एकमात्र हित इजरायल और उसके नागरिकों की सुरक्षा है।’’

‘आतंकियों के हाथ ना लग सकें हथियार’

विदेश मंत्री ने कहा कि इजरायली बलों ने इन हथियारों को हमला कर नष्ट कर दिया ताकि ये आतंकियों के हाथ ना लग सकें। सार ने यह बात सीरियाई विद्रोहियों द्वारा सप्ताहांत में दमिश्क पहुंचने और लगभग 14 वर्षों के गृहयुद्ध के बाद राष्ट्रपति बशर असद की सरकार के तख्तापलट के बाद कही है।

अमेरिका ने भी बरसाए बम

अमेरिका ने भी सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके सुरक्षा बलों ने मध्य सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर दर्जनों हवाई हमले किए हैं। इन हवाई हमलों का मरसद युद्धग्रस्त देश में इस्लामिक स्टेट के फिर से उभरने को रोकना है।

लोग मना रहे हैं जश्न

इस बीच यहां यह भी बता दें कि सीरिया में असद परिवार के 50 साल के शासन का अंत हो गया है। सीरिया में लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं। सीरियाई लोगों की भीड़ ने दमिश्क के चौहारों पर जश्न मनाने के साथ-साथ असद विरोधी नारे लगाए और कार के हॉर्न बजाए। कुछ इलाकों में जश्न के दौरान गोलियां भी चलाई गईं।

नींद में चूक से बड़ी गलती, खाते में गलती से ट्रांसफर हो गए 1990 करोड़ रुपये

Germany Bank Online Trasfer Mistake: जर्मनी में लगभग 12 साल पहले एक बैंक में ऐसा अजीबोगरीब वाकया हुआ था जिसने सभी को हैरान कर दिया है। एक कर्मचारी काम के दौरान कंप्यूटर के की-बोर्ड पर उंगली दबाए हुए सो गया। इस गलती के कारण एक शख्स को 64.20 यूरो की जगह 222 मिलियन यूरो (करीब 1990 करोड़ रुपये से ज्यादा) ट्रांसफर हो गए। गनीमत रही कि एक अन्य कर्मचारी ने समय रहते इस गलती को पकड़ लिया जिसके बाद ट्रांजैक्शन को रोक दिया गया।

शुरू हुई कानूनी लड़ाई

यह घटना साल 2012 की है जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है। मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही है क्लर्क की इस गलती पर सुपरवाइजर ने भी ध्यान नहीं दिया और इस ट्रांजैक्शन को अप्रूव कर दिया। ट्रांजैक्शन की जांच करने की जिम्मेदारी सुपरवाइजर की थी लिहाजा बैंक ने इस बड़ी गलती के लिए उसे जिम्मेदार ठहराते हुए नौकरी से निकाल दिया। मामला जर्मनी की लेबर कोर्ट तक पहुंचा और मामले में कानूनी लड़ाई शुरू हुई।

अदालत ने सुनाया फैसला

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जर्मनी के हेस्से स्टेट की लेबर कोर्ट की ओर से इस मामले में आदेश दिया गया। कोर्ट ने बैंक द्वारा कर्मचारी को नौकरी से निकालने के फैसले को गलत बताया। कोर्ट ने कहा कि यह गलती क्लर्क ने जानबूझकर नहीं की थी। अदालत की ओर से यह भी कहा गया कि कर्मचारी ने भले ही अपनी गलती पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उसके कार्यों के लिए उसे बर्खास्त नहीं किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी कहा

कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी पर समय का बहुत दबाव था, वह रोजाना सैकड़ों लेन-देन की समीक्षा करता था। कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का भी जिक्र किया कि 222 मिलियन यूरो के गलत ट्रांजैक्शन वाली घटना के दिन कर्मचारी ने 812 डॉक्युमेंट्स को संभाला था और हर डॉक्युमेंट पर वो महज कुछ सेकेंड का समय ही दे पा रहा था। अदालत ने अपने आदेश में इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारी की ओर से जानबूझकर की गई लापरवाही का कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बर्खास्तगी के बजाय औपचारिक चेतावनी ही पर्याप्त थी।

लोग भी दे रहे हैं प्रतिक्रिया

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया में बैंकिंग सिस्टम को लेकर चर्चा तेज हो गई। कई लोगों ने कहा कि यदि बैंक में बेहतर सुरक्षा प्रणाली होती, तो इतनी बड़ी गलती रोकी जा सकती थी। कुछ लोगों का कहना था कि बड़े ट्रांजैक्शन को कई स्तर से मंजूरी की आवश्यकता होती, जिससे गडबड़ी को पकड़ा जा सकता है और रिस्क कम हो जाता है। कुछ लोगों ने इस गलती के लिए बैंक क्लर्क को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि काम करते हुए सो जाना गैर जिम्मेदाराना हरकत है, जबकि अन्य ने कहा की के काम के दबाव में ऐसी गलती किसी से भी हो सकती है।