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डॉ. राजेश्वर सिंह ने आशियाना उपवन में ‘विश्व हिंदू परिषद धर्म रक्षा निधि’ कार्यक्रम में लिया हिस्सा

  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ मंत्र के साथ धर्म रक्षा का संदेश दिया।
  • विश्व हिंदू परिषद ने 80 देशों में अपनी पहुंच और 40 देशों में सक्रिय कार्य स्थापित किया।
  • परिषद के 85,000 समितियों और 61,000 संयोजकों ने हिंदू समाज को एकजुट किया।
  • 40 वेद विद्यालय, 150 छात्रावास, और 127 अस्पताल परिषद के सेवाभाव का प्रमाण हैं।
  • डॉ. सिंह ने धर्म, समाज, और संस्कृति की रक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।

लखनऊ: उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना उपवन में आयोजित ‘विश्व हिंदू परिषद धर्म रक्षा निधि’ कार्यक्रम में सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने हिंदू धर्म, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने विनम्रता के साथ अपनी समर्पण राशि अर्पित की।

डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “धर्मो रक्षति रक्षितः”, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की और इसे धर्म व समाज की सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

विश्व हिंदू परिषद: धर्म और संस्कृति के लिए समर्पित संगठन

विश्व हिंदू परिषद का उद्देश्य हिंदू धर्म, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन है। इस कार्यक्रम में परिषद के अनेक उपलब्धियों और प्रयासों को रेखांकित किया गया।

विश्व हिंदू परिषद का समाज और मानव सेवा में योगदान:

1. श्री राम जन्मभूमि आंदोलन

2. अमरनाथ यात्रा रक्षा आंदोलन

3. राम सेतु रक्षा आंदोलन

4. गंगा रक्षा आंदोलन

5. बूढ़ा अमरनाथ यात्रा संरक्षण

वैश्विक उपस्थिति:
  • परिषद ने विश्व के 80 देशों में अपनी पहुंच बनाई और 40 देशों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
  • परिषद के कार्यकर्ताओं ने दुनिया भर में हिंदू समाज को एकजुट करने में योगदान दिया।
संगठन का संरचनात्मक कार्य:
  • 85,000 समितियां भारत के 50,000 से अधिक शहरों और गांवों में बनाई गईं।
  • 61,000 संयोजक और लाखों कार्यकर्ताओं ने हिंदू समाज के स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए कार्य किया।
शिक्षण और सेवा के क्षेत्र में कार्य:

1. 40 वेद विद्यालयों के माध्यम से संस्कृत और वेदों का संरक्षण।

2. 150 छात्रावास और 56 प्रशिक्षण केंद्र छात्रों के शैक्षणिक विकास में योगदान।

3. 127 अस्पताल, 36 एंबुलेंस, और 20 मोबाइल डिस्पेंसरी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए।

4. 33,000 सत्संगों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट कर संस्कार प्रदान किए।

5. 35 प्रकार की जीवनरक्षक औषधियों का निर्माण कर मानव सेवा में योगदान।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि और पदाधिकारी

इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:

• विजय प्रताप, अवध प्रांत संगठन मंत्री।

• देवेंद्र मिश्रा, प्रांत मंत्री।

• मनोज शर्मा, जिलाध्यक्ष।

• राज कुमार शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष।

• रवि श्रीवास्तव, श्रम विभाग उपायुक्त।

• संदीप सिंह गौर, खजाना व्यापार मंडल अध्यक्ष।

• श्याम जी त्रिपाठी, बाल संरक्षण आयोग सदस्य।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने इन सभी अतिथियों और परिषद के समर्पित कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।

डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश

डॉ. राजेश्वर सिंह ने परिषद के प्रयासों को धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा:

• “विश्व हिंदू परिषद का कार्य समाज को जागरूक करना और एकजुट करना है।”

• उन्होंने सभी को धर्म, संस्कृति और समाज के प्रति अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मा देवी समूह के 15वें स्थापना दिवस पर किए कई अहम उद्घाटन, शिक्षा और स्वावलंबन पर जोर

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मा देवी समूह के 15वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की।
  • ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया और उत्कृष्ट छात्रों व शिक्षकों को सम्मानित किया।
  • मां और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का महत्व बताते हुए स्वावलंबन को राष्ट्र का स्वावलंबन कहा।
  • नर्सिंग, फार्मा उद्योग, और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
  • सकारात्मक सोच से मुंडेरवा चीनी मिल को पुनर्जीवित करने का उदाहरण देते हुए युवाओं को कड़ी मेहनत का संदेश दिया।

बस्ती/लखनऊ, 11 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बस्ती में कर्मा देवी समूह के 15वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया और उत्कृष्ट छात्रों और शिक्षकों को सम्मानित किया। सीएम ने अपने संबोधन में मां, मातृभूमि, शिक्षा और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति तब तक अधूरा है जब तक वह मां और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता प्रकट नहीं करता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के जन्म के हेतु का कारण है। प्रभु श्रीराम ने हमें यह सिखाया कि कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, जब तक वह अपनी मां और मातृभूमि का ऋण नहीं चुकाता, तब तक वह अधूरा रहता है। उन्होंने कर्मा देवी समूह की स्थापना के पीछे ओम नारायण सिंह और देवमंगल सिंह के योगदान की सराहना की।

शिक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रेरणा

सीएम योगी ने कहा कि कर्मा देवी समूह और फॉर्मेसी कॉलेज के माध्यम से हजारों छात्रों को सम्मानपूर्वक स्वावलंबी बनने की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति का स्वावलंबन, पूरे समाज और राष्ट्र का स्वावलंबन होता है।” उन्होंने संस्थान के संस्थापकों के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब पूर्वी उत्तर प्रदेश में संसाधनों की भारी कमी थी, तब उनकी मां की साधना और प्रेरणा ने उन्हें सफलता के पथ पर अग्रसर किया।

1981 में देवमंगल सिंह इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) का हिस्सा बने, और 1983 में ओम नारायण सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) परीक्षा पास की।

पूर्व की सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनकी गलत नीतियों ने इस क्षेत्र की प्रतिभाओं को कुंद कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर 50 साल पहले ही यहां अच्छे शिक्षण संस्थान, नर्सिंग कॉलेज और अस्पताल स्थापित किए गए होते, तो यहां का युवा पलायन करने को मजबूर न होता।

उन्होंने नर्सिंग के क्षेत्र में रोजगार की गारंटी बताते हुए कहा कि भारत के नर्सिंग और पैरामेडिक्स की मांग पूरी दुनिया में है। यह क्षेत्र युवाओं के लिए अपार अवसर प्रदान करता है।

फॉर्मा उद्योग को पुनर्जीवित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चीन ने भारत को दवाओं की आपूर्ति में धोखा दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के फॉर्मा उद्योग को पुनर्जीवित किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक फार्मा पार्क स्थापित किया जा रहा है, जहां 2000 एकड़ भूमि पर विभिन्न उद्योग लगाए जाएंगे। इसका पहला चरण बुंदेलखंड में शुरू हो चुका है।

सकारात्मक सोच की सरकार ने मुंडेरवा चीनी मिल को पुनर्जीवित किया

सीएम योगी ने कहा कि दो दशक पहले मुंडेरवा चीनी मिल को बंद कर दिया गया था। तत्कालीन सरकार ने इसे बेच दिया, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे फिर से शुरू किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और कार्य करने की इच्छाशक्ति से संसाधनों की कमी को भी दूर किया जा सकता है।

युवाओं को कड़ी मेहनत का संदेश

मुख्यमंत्री ने युवाओं को मेहनत करने और शॉर्टकट से बचने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “जीवन में परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। शॉर्टकट गड्ढे में गिरने का रास्ता होता है।” उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया और कहा कि हर छात्र को आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना चाहिए।

बहुभाषी बनने पर जोर

सीएम योगी ने छात्रों को बहुभाषी बनने का सुझाव दिया और कहा कि महाकुंभ-2025 में भाषिणी ऐप का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बहुभाषी होना न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर कर्मा देवी समूह के संस्थापक ओम नारायण सिंह, प्रबंधक नीता सिंह, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, हर्रैया विधायक अजय सिंह, पूर्व विधायक रवि सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्ती अब मॉडल नगर के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने किसानों और युवाओं को पराली जलाने से बचने, अधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक खेती अपनाने जैसे सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा शिक्षा, स्वावलंबन और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने वाला था, जिसने क्षेत्र के विकास और भविष्य की योजनाओं के प्रति जनता में नया उत्साह भरा।

महाकुम्भ 2025: डिजिटल महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

महाकुम्भ 2025: डिजिटल महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
महाकुम्भ 2025: डिजिटल महाकुम्भ में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
  • महाकुम्भ 2025 में श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए विशेष साइबर थाना स्थापित।
  • 44 संदिग्ध वेबसाइटों की पहचान, साइबर टीम 24 घंटे अलर्ट पर।
  • 1920 हेल्पलाइन नंबर और सरकारी वेबसाइट (gov.in) के उपयोग की सलाह।
  • सोशल मीडिया स्कैम्स रोकने के लिए मोबाइल साइबर टीम सक्रिय।
  • एआई, डार्क वेब और फर्जी लिंक के दुरुपयोग पर सख्ती।

महाकुम्भनगर/प्रयागराज/लखनऊ, 11 दिसंबर 2024: योगी आदित्यनाथ सरकार ने महाकुम्भ 2025 की तैयारियों में डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इस बार महाकुम्भ के आयोजन को पूरी तरह से डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है, जहां साइबर अपराधों को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाकुम्भ क्षेत्र में विशेष साइबर थाना स्थापित किया गया है। यह थाना न केवल एआई, डार्क वेब और सोशल मीडिया स्कैमर्स पर नज़र रखेगा बल्कि फर्जी वेबसाइट और धोखाधड़ी रोकने में भी कारगर भूमिका निभाएगा।

साइबर सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की टीम सक्रिय

महाकुम्भ में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश के चुनिंदा साइबर विशेषज्ञों को महाकुम्भनगर बुलाया गया है। ये विशेषज्ञ 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर श्रद्धालुओं की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अधिकारियों ने फर्जी वेबसाइटों और लिंक को ट्रैक कर उनके खिलाफ कार्यवाही तेज कर दी है।

44 संदिग्ध वेबसाइट रडार पर

महाकुम्भनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश द्विवेदी ने बताया कि साइबर टीम ने अब तक 44 संदिग्ध वेबसाइटों की पहचान की है, जो श्रद्धालुओं को ठगने का प्रयास कर रही थीं। इन वेबसाइटों पर लगातार नज़र रखी जा रही है, और उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया जारी है। एआई, फेसबुक, गूगल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए साइबर टीम पूरी तरह से तैयार है।

श्रद्धालुओं को जागरूकता अभियान

श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया स्कैम्स से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। महाकुम्भ मेले से संबंधित जानकारी के लिए 1920 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी वेबसाइट (gov.in) का ही उपयोग करें।

मोबाइल साइबर टीम की तैनाती

साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी साइबर टीम के साथ-साथ मोबाइल साइबर टीम भी तैनात की गई है। ये टीमें तुरंत कार्यवाही करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित मामलों को सुलझा रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैसे मांगने वालों और फर्जी लिंक के जरिए धोखाधड़ी करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

महाकुंभ-2025: विश्व रिकॉर्ड्स का अनोखा संगम, योगी सरकार की विशेष तैयारी

महाकुंभ-2025: विश्व रिकॉर्ड्स का अनोखा संगम, योगी सरकार की विशेष तैयारी
महाकुंभ-2025: विश्व रिकॉर्ड्स का अनोखा संगम, योगी सरकार की विशेष तैयारी
  • सबसे बड़ी सिंक्रोनाइज्ड स्वीपिंग ड्राइव: 15,000 प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक सफाई अभियान।
  • ई-व्हीकल्स की सबसे बड़ी परेड: 1000 ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की सामूहिक परेड।
  • 8 घंटे में सबसे ज्यादा हैंडप्रिंट पेंटिंग: 10,000 प्रतिभागियों का एकता का प्रदर्शन।
  • सबसे बड़ा नदी सफाई अभियान: 300 स्वयंसेवकों द्वारा गंगा की सफाई।
  • विशेष टीम का गठन: गिनीज बुक रिकॉर्ड्स की मानकों की पूर्ति के लिए निगरानी और समन्वय।

महाकुंभ-2025 में प्रयागराज की पवित्र धरती पर केवल अध्यात्म और संस्कृति का संगम नहीं होगा, बल्कि यह आयोजन चार विश्व रिकॉर्ड्स का गवाह भी बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इन रिकॉर्ड्स को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मानकों के अनुरूप पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। इस ऐतिहासिक प्रयास को सफल बनाने के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण और योगी सरकार मिलकर एक विशेष टीम का गठन करेंगे। यह टीम रिकॉर्ड्स की प्रक्रिया पूरी करने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभालेगी।

चार विशेष विश्व रिकॉर्ड्स का विवरण

1. सबसे बड़ी सिंक्रोनाइज्ड स्वीपिंग ड्राइव

महाकुंभ में 15,000 प्रतिभागी एक साथ समन्वित सफाई गतिविधि में भाग लेंगे। यह रिकॉर्ड स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा। यह संदेश देगा कि सामूहिक जिम्मेदारी से सार्वजनिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखी जा सकती है।

2. सबसे बड़ी ई-व्हीकल्स परेड

1000 ई-रिक्शा और अन्य ई-व्हीकल्स की परेड आयोजित कर महाकुंभ टिकाऊ परिवहन समाधानों और पर्यावरणीय नवाचार का प्रदर्शन करेगा। यह पहल कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और तीर्थयात्रा के अनुभव को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर देगी।

3. 8 घंटे में सबसे ज्यादा हैंडप्रिंट पेंटिंग

10,000 प्रतिभागी 8 घंटे में हैंडप्रिंट पेंटिंग बनाकर इस रिकॉर्ड को स्थापित करेंगे। यह महाकुंभ की एकता और विविधता को उजागर करेगा, क्योंकि प्रत्येक पेंटिंग प्रतिभागियों के व्यक्तिगत योगदान और सामूहिक भावना का प्रतीक होगी।

4. सबसे बड़ा नदी सफाई अभियान

300 स्वयंसेवकों की भागीदारी से सबसे बड़े नदी सफाई अभियान का आयोजन होगा। यह रिकॉर्ड न केवल गंगा के पवित्रता संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाएगा, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा देगा।

विशेष टीम की भूमिका

महाकुंभ में विश्व रिकॉर्ड्स को सुनिश्चित करने के लिए गठित टीम निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी:

  • गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स टीम के साथ संपर्क और समन्वय।
  • रिकॉर्ड श्रेणियों के लिए प्रतिभागियों को दिशानिर्देश देना।
  • प्रतिभागियों की संख्या और प्रक्रिया की सत्यापन प्रक्रिया तैयार करना।
  • मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार और अंतिम रूप देना।
  • आयोजन स्थल की लेआउट योजना को अंतिम रूप देना और मॉक ड्रिल आयोजित करना।
  • इवेंट के बाद रिकॉर्ड्स का संकलन और रिपोर्ट तैयार करना।

महत्व और संभावनाएं

महाकुंभ-2025 न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव होगा, बल्कि यह आयोजन सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों को भी मजबूती देगा। विश्व रिकॉर्ड्स की यह पहल महाकुंभ को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी।

सीएम योगी का जनता दर्शन: मुख्यमंत्री ने गरीबों की जमीन कब्जामुक्त कराने के दिए निर्देश, दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश

जनता दर्शन: मुख्यमंत्री ने गरीबों की जमीन कब्जामुक्त कराने के दिए निर्देश, दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश
जनता दर्शन: मुख्यमंत्री ने गरीबों की जमीन कब्जामुक्त कराने के दिए निर्देश, दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश
  • मुख्यमंत्री ने भूमाफिया और दबंगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • अवैध कब्जों को हटाने और गरीबों को न्याय दिलाने पर जोर दिया गया।
  • जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने 200 से अधिक लोगों की समस्याएं व्यक्तिगत रूप से सुनीं।
  • इलाज के लिए मदद मांगने वालों को आर्थिक सहायता और आयुष्मान कार्ड बनवाने का निर्देश दिया।
  • महिलाओं और बच्चों के साथ स्नेहपूर्वक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनका विश्वास जीता।

गोरखपुर/लखनऊ, 11 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों की जमीन कब्जामुक्त कराने और दबंगों को कानूनी सबक सिखाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याओं को सुना और उनकी त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक करके उनकी समस्याएं समझीं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उनकी सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए तुरंत और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जनता दर्शन में भूमि विवाद की कई शिकायतें सामने आईं। कुछ महिलाओं ने भूमाफिया और दबंगों द्वारा जमीन कब्जा करने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी गरीब, कमजोर या किसान को उजाड़ने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि दबंगों और माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले लोगों को भी भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से जुड़े प्रार्थना पत्रों की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड बनवाने पर भी जोर दिया ताकि जरूरतमंदों को इलाज में कोई परेशानी न हो।

मंदिर परिसर में महिलाओं और बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री का स्नेहिल व्यवहार भी देखने को मिला। महिलाओं ने अपनी समस्याएं बताई, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें चॉकलेट गिफ्ट करते हुए बच्चों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक की मदद के लिए प्रतिबद्ध है और किसी को भी निराश नहीं किया जाएगा।