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Weight Loss with Spinach: अगर सर्दियों में वजन कम करना है, तो पालक को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।

जब भी वेट लॉस की बात होती है तो हम सभी कई तरह के ऐसे फूड्स को शामिल करते हैं, जिनका टेस्ट बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता। ऐसे में हम सभी जल्द ही अपनी डाइट से बोर हो जाते हैं और फिर ऐसे में हम अपनी पुरानी डाइट पर वापिस आ जाते हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि आप अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें, जो खाने में भी टेस्टी हो और वजन कम करने में भी सहायक हों। ऐसे में आप पालक को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें।

पालक में ना केवल कैलोरी में कम होती है, बल्कि यह फाइबर, विटामिन और मिनरल्स जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे आपकी ओवर ऑल हेल्थ पर अच्छा असर पड़ता है। एक कप पालक में 10 कैलोरी से भी कम होती है, इसलिए इसका सेवन आपके लिए काफी अच्छा माना जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से पालक वेट लॉस में मददगार है-

मेटाबॉलिज्म को करे बूस्टअप

पालक के सेवन का फायदा यह है कि यह आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्टअप करता है, जिससे आपका शरीर अधिक बेहतर तरीके से वजन कम करता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि पालक में मैग्नीशियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो एनर्जी प्रोडक्शन के लिए जरूरी है।

कैलोरी होती है कम

जब आप वेट लॉस जर्नी पर होते हैं तो ऐसे में आपको अपने कैलोरी काउंट पर फोकस करना होता है। इस लिहाज से पालक का सेवन करना अच्छा माना जाता है। दरअसल, एक कप पालक में लगभग 7 से 10 कैलोरी पाई जाती है। इस तरह आप अपने कैलोरी काउंट पर बने रह सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर यह आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन ए, सी और के जैसे पोषक तत्व भरपूर है। इस तरह आपको जरूरी पोषक तत्व भी आसानी से मिल जाते हैं।

फाइबर से भरपूर

पालक के सेवन का एक फायदा यह भी होता है कि यह फाइबर से भरपूर है, जिसकी वजह से आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। जब आपका पेट भरा होता है, तो आपको अनहेल्दी फूड्स की क्रेविंग कम होती है। साथ ही, फाइबर पाचन में सहायता करता है और पेट फूलने से रोकता है, जिससे आपका पेट हल्का महसूस होता है

फ़िल्म अभिनेता सी.पी. भट्ट ने आयोजित किया निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर

सहजनवां, 12 दिसंबर 2024: फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता और समाजसेवक सी.पी. भट्ट उर्फ़ ढेला बाबा ने जनसेवा के अपने अभियान के तहत सहजनवां विधानसभा के ग्राम सभा पुण्डा में निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया। यह शिविर राज आई हॉस्पिटल, गोरखपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर में दूर-दराज़ से आए सैकड़ों नेत्र रोगियों की जाँच की गई। दर्जनों मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

शिविर के मुख्य अतिथि पाली ब्लॉक प्रमुख शशि प्रताप सिंह रहे।

सी.पी. भट्ट की सेवा भावना

सी.पी. भट्ट ने कहा,

“मैं नेता नहीं, सेवक हूं। समाज की सेवा करना मेरा कर्तव्य है। आर्थिक अभाव में कई लोग अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। ऐसे जरूरतमंदों की मदद के लिए हम लगातार इस तरह के शिविर आयोजित करते रहेंगे। जल्द ही अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।”

आयोजन की जिम्मेदारी

• आयोजक: सी.पी. भट्ट

• संयोजक: मनोज मौर्या (प्रधान प्रतिनिधि)

• प्रबंधक: विकास भट्ट (शिक्षक एवं समाजसेवी)

• विशिष्ट अतिथि: किरन भट्ट (अध्यक्ष, सहयोग वेलफेयर सोसाइटी)

कार्यक्रम के सहयोगी

संजय भट्ट (एम.आर.), ज्ञान भट्ट, रंजीत भट्ट काका, राम प्रवेश भट्ट, इंजीनियर अभिनय भट्ट, बलराम भट्ट, अखिलेश भट्ट।

हॉस्पिटल टीम के योगदानकर्ता

राज रतन राव, हारून, ऋषि मौर्या, अरुण सहानी, शमशाद अंसारी।

जनता का सकारात्मक प्रतिक्रिया

इस निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर की स्थानीय लोगों ने सराहना की। ऐसे शिविर न केवल ज़रूरतमंदों को मदद पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता का संदेश भी देते हैं। सी.पी. भट्ट की जनसेवा और प्रयास सहजनवां विधानसभा क्षेत्र में लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट ने वन नेशन, वन इलेक्शन को दी मंजूरी, संसद में पेश होगा विधेयक

नई दिल्ली/लखनऊ, 12 दिसंबर 2024: मोदी सरकार ने गुरुवार को देश के चुनावी इतिहास में बड़ा कदम उठाते हुए वन नेशन, वन इलेक्शन (एक राष्ट्र, एक चुनाव) प्रस्ताव को अपनी कैबिनेट की मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस विधेयक को शीतकालीन सत्र में संसद में पेश कर सकती है।

वन नेशन, वन इलेक्शन पर शिवराज सिंह चौहान का बयान

इससे पहले, बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन नेशन, वन इलेक्शन की वकालत करते हुए देश में बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला। कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन बार-बार चुनाव देश के विकास में बड़ी बाधा हैं। चुनाव की तैयारियां पूरे पांच साल चलती रहती हैं, जिससे अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होते हैं।”

रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी रिपोर्ट

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने इस वर्ष मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को वन नेशन, वन इलेक्शन पर 18,626 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में प्रस्तावित चुनाव प्रणाली के फायदे और चुनौतियों का व्यापक अध्ययन किया गया।

जीडीपी में वृद्धि की संभावना

रामनाथ कोविंद ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन देश की अर्थव्यवस्था को 1 से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ाने में सक्षम है। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा,

“यह व्यवस्था लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराएगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।”

क्या है वन नेशन, वन इलेक्शन?

इस प्रस्ताव के तहत, देश में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इससे चुनावी प्रक्रिया में सुधार होगा और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।

अगले कदम

मोदी सरकार इस विधेयक को जल्द ही संसद में पेश करेगी। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह देश के चुनावी इतिहास में एक नई शुरुआत होगी।

रामकथा सुनने पहुँचे सरोजनीनगर विधायक: डॉ. राजेश्वर सिंह ने रामलीला मैदान में रामकथा का श्रवण कर आयोजकों को दी शुभकामनाएं

  • सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने बड़े भाई रामेश्वर सिंह के साथ रामकथा का श्रवण किया और अयोध्या से पधारे कथा व्यास श्री हरि ओम तिवारी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
  • शनि देव मंदिर, हिंद नगर स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम कथा का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी श्री संजय राठौर और श्री प्रदीप पांडेय द्वारा किया गया।
  • डॉ. सिंह ने कहा कि रामकथा आत्मबल को मजबूत करती है और जीवन की सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करती है।
  • उन्होंने युवाओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और रामायण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
  • विधायक ने आयोजन के लिए आयोजकों को धन्यवाद देते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता लाने का सराहनीय प्रयास बताया।

लखनऊ: रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का आधार है। इसमें निहित श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के हर वर्ग और पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इसी संदेश को लेकर सरोजनीनगर के शनि देव मंदिर, हिंद नगर स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। यह आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी संजय राठौर और प्रदीप पांडेय द्वारा किया गया, जिसमें सरोजनीनगर के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी भाग लिया।

रामकथा का महत्व: विपदाओं को दूर करने का मार्ग

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रामकथा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा,

“मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन केवल एक कथा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन को अनुशासित, मर्यादित और उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करता है। रामकथा का श्रवण हमारे आत्मबल को मजबूत करता है और जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान प्रदान करता है।”

उन्होंने युवाओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करने की प्रेरणा दी और बताया कि रामकथा सुनने से जप, तप, व्रत और अन्य अनुष्ठानों के समान पुण्यफल प्राप्त होता है।

कथा व्यास का सानिध्य और आशीर्वाद

इस कार्यक्रम में अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास श्री हरि ओम तिवारी राघवचरणानुरागी जी ने भगवान श्रीराम के चरित्र और लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके मुखारविंद से श्रीराम कथा का श्रवण करना उपस्थित भक्तों के लिए आत्मिक और आध्यात्मिक आनंद का विषय बना।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने बड़े भाई श्री रामेश्वर सिंह के साथ श्री तिवारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा कि,

“रामकथा का श्रवण मन को शांति, सुकून और ऊर्जा प्रदान करता है।”

आयोजन के प्रति आभार व्यक्त किया

डॉ. सिंह ने आयोजन के सफल संचालन के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा,

“समाज में आध्यात्मिक जागरूकता लाने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को प्रचारित करने के लिए ऐसे आयोजनों का होना अत्यंत आवश्यक है। मैं आयोजक बंधुओं का हृदय से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने यह पवित्र आयोजन कर समाज को रामकथा के दिव्य संदेश से जोड़ने का प्रयास किया।”

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत

रामकथा के महत्व पर बात करते हुए विधायक ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से सीखने की आवश्यकता है। श्रीराम का जीवन अनुशासन, त्याग और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को रामायण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और इसे अपने जीवन में आत्मसात करने पर जोर दिया।

विधायक ने रामकथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा,

“निर्मल मन और श्रद्धा से रामकथा सुनने से भक्तों को जप, तप, व्रत, हवन और अन्य अनुष्ठानों के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह कथा न केवल भक्तों के आत्मबल को बढ़ाती है, बल्कि उन्हें जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करती है।”

डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। उनकी प्रेरणादायक बातें उपस्थित भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाली रहीं। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर समाज में शांति, सुकून और अनुशासन लाने की बात कही। रामकथा का यह आयोजन आध्यात्मिक संदेश और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला रहा। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने न केवल इस आयोजन में भाग लिया, बल्कि उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे आयोजन समाज को धर्म, संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का अद्भुत माध्यम हैं।

Tongue Color: जीभ का रंग बताता है सेहत की स्थिति, क्या आपको है कोई संक्रमण या गंभीर बीमारी? जानें।

बीमारियों से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल और डाइट का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि आज के समय में कम उम्र के लोग भी कई तरह की क्रोनिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो भले ही आप स्वस्थ हों लेकिन फिर भी आपको हर 6 महीने में बॉडी चेकअप जरूर कराना चाहिए। वहीं नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की भी जांच करते रहना चाहिए। इससे शरीर में पनपने वाली कई बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सकता है।

वैसे तो बीमारी होने पर हमारा शरीर स्वयं ही इस बारे में संकेत देता है। जिस पर गंभीरता से ध्यान देने पर बीमारियों से बचा जा सकता है। ठीक इसी तरह से आप अपनी जीभ देखकर भी यह जान सकते हैं कि हमारे शरीर में कोई बीमारी तो नहीं बढ़ रही है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि जीभ के रंग में बदलाव होना स्वास्थ्य के प्रति क्या संकेत देता है।

क्यों होता है जीभ के रंग में बदलाव

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, कई प्रकार की अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण जीभ पर नजर आने लगते हैं। जब जीभ के रंग में कुछ बदलाव नजर आने लगे, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। यह विटामिन्स की कमी, डायबिटीज, संक्रामक रोग और शरीर में ऑक्सीजन की कमी सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों की ओर संकेत हो सकता है।

इसलिए आवश्यक है कि न सिर्फ नियमित रूप से जीभ की अच्छे से साफ-सफाई की जाए, बल्कि जीभ के रंग में बदलाव होने पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।

जीभ का रंग काला होना

जीभ के रंग के बदलाव के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी होता है कि सामान्य जीभ कैसी दिखती है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो आमतौर पर जीभ का रंग गुलाबी होता है या फिर जीभ पर पतली सफेद पट्टी होना भी सामान्य माना जाता है। जीभ का रंग हल्का गुलाबी या फिर गहरा हो सकता है। लेकिन जब जीभ के रंग में कुछ असमान्य सा बदलाव नजर आए, जैसे जीभ नीली, काली और लाल या नारंगी रंग की हो जाए, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि यह एक खतरनाक संकेत हो सकता है।

वहीं अगर आपकी जीभ काले रंग की नजर आती है, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आपकी जीभ पर केरोटिन जमा होने लगता है। बता दें कि केराटिन त्वचा, बाल और नाखूनों में पाया जाने वाला प्रोटीन है। तम्बाकू के सेवन, मौखिक स्वच्छता में कमी या फिर एंटीबायोटिक्स के कारण यह समस्या हो सकती है।

जीभ का रंग नीला होना

कुछ स्थितियों में जीभ का रंग नीला हो सकता है। अगर आप भी यह समस्या महसूस कर रहे हैं, तो आमतौर पर माना जाता है कि ब्लड में ऑक्सीजन की कमी होने या फिर एक्जिमा की वजह से यह समस्या होती है।

रक्त वाहिकाओं की बीमारी, किडनी की बीमारी, शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन की कमी और कुछ प्रकार के रक्त विकार होने पर भी जीभ के रंग में बदलाव नजर आ सकता है। एक्जिमा की समस्या होने की वजह से जीभ के रंग में बदलाव दिख सकता है।

जीभ पीली होना

बता दें कि आमतौर पर जीभ का पीला होना बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण होता है। मुंह के शुष्क होने और मौखिक स्वच्छता की कमी होने पर जीभ पर बैक्टीरिया बढ़ जाता है। तो वहीं कुछ लोगों के जीभ की सतह पर नालियां जैसे गड्ढे होते हैं। जिसमें बैक्टीरिया बढ़ने का जोखिम रहता है। संक्रमण की वजह से भी जीभ पीली हो सकती है।

वहीं पीलिया और मधुमेह के शिकार लोगों की जीभ पर इस तरह का बदलाव हो सकता है। जिस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।