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महाकुंभ 2025: योगी मंत्रिमंडल के जेपीएस राठौर व असीम अरुण ने तमिलनाडु की जनता को दिया प्रयागराज आने का निमंत्रण

महाकुंभ 2025: योगी मंत्रिमंडल के जेपीएस राठौर व असीम अरुण ने तमिलनाडु की जनता को दिया प्रयागराज आने का निमंत्रण
महाकुंभ 2025: योगी मंत्रिमंडल के जेपीएस राठौर व असीम अरुण ने तमिलनाडु की जनता को दिया प्रयागराज आने का निमंत्रण
महाकुंभ 2025: योगी मंत्रिमंडल के जेपीएस राठौर व असीम अरुण ने तमिलनाडु की जनता को दिया प्रयागराज आने का निमंत्रण
  • राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर और असीम अरुण ने चेन्नई में किया रोडशो का नेतृत्व
  • तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को मिला महाकुंभ में शामिल होने का निमंत्रण
  • भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है महाकुंभ
  • महाकुंभ को स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और डिजिटल महाकुंभ बनाने की है तैयारी

चेन्नई/लखनऊ, 13 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रयागराज महाकुंभ 2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए तत्पर है। महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए योगी सरकार देश भर में रोडशो का आयोजन कर लोगों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दे रही है। इसी कड़ी में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेन्द्र प्रताप सिंह (जेपीएस) राठौर और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने तमिलनाडु के चेन्नई में एक भव्य रोड शो का नेतृत्व किया। मंत्रियों ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और जनता को महाकुंभ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

इस दौरान पत्रकार वर्ता को संबोधित करते हुए मंत्रियों ने बताया कि महाकुंभ 2025 में करीब 45 करोड़ तीर्थयात्रियों, साधुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। महाकुंभ को स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और डिजिटल महाकुंभ बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान, तीन लाख पौधारोपण और पर्यटकों की सुविधा के लिए 101 स्मार्ट पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं में 100 बेड का अस्पताल, छोटे अस्पताल स्थापित कर इसमें 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

मंत्रियों ने बताया कि महाकुंभ के दौरान 44 स्थायी घाटों पर पुष्प वर्षा की व्यवस्था और मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर 15.25 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट का निर्माण किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए एट्रिब्यूट आधारित कैमरे, आरएफआईडी रिस्टबैंड और जीपीएस ट्रैकिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मंत्रियों ने महाकुंभ को भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताते हुए इसे भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह आयोजन वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार सनातन भारतीयों के महापर्व महाकुंभ-2025 के लिए भारत के सभी राज्यों और पूरे विश्व को निमंत्रण भेज रही है। इसी संदर्भ में हम आपसे विनम्र अनुरोध लेकर आए हैं कि इस पवित्र तीर्थ यात्रा में अवश्य भाग लें।

महाकुम्भ 2025: मां सरस्वती का दुग्धाभिषेक कर पीएम ने ‘निर्मल-अविरल जलधारा’ के संकल्प को किया साकार

महाकुम्भ 2025: मां सरस्वती का दुग्धाभिषेक कर पीएम ने ‘निर्मल-अविरल जलधारा’ के संकल्प को किया साकार
महाकुम्भ 2025: मां सरस्वती का दुग्धाभिषेक कर पीएम ने ‘निर्मल-अविरल जलधारा’ के संकल्प को किया साकार
महाकुम्भ 2025: मां सरस्वती का दुग्धाभिषेक कर पीएम ने ‘निर्मल-अविरल जलधारा’ के संकल्प को किया साकार
  • प्रधानमंत्री मोदी ने सरस्वती कूप स्थित मां सरस्वती की प्रतिमा का किया पूजन-अर्चन और दुग्धाभिषेक
  • सरस्वती कूप में शहद व पुष्प भी किए अर्पित, पीएम मोदी ने सरस्वती कूप कॉरिडोर का लोकार्पण कर जनसामान्य के लिए दर्शन को बनाया सुलभ
  • सरस्वती कूप कॉरिडोर का किया अवलोकन, श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन उपलब्ध कराने के लिए हो रहे प्रयासों की ली जानकारी

महाकुम्भनगर/ प्रयागराज, 13 दिसंबर 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीर्थराज प्रयागराज में संगम तट पर पूजन-अर्चन तथा अक्षय वट, बड़े हनुमान मंदिर व सरस्वती कूप में दर्शन-पूजन के साथ ही इनसे जुड़े कॉरिडोर्स का निरीक्षण व लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सरस्वती कूप आकर यहां स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा का जल व गो-दुग्ध से विधिवत अभिषेक किया। उन्होंने दीप अर्पित करते हुए माता सरस्वती की प्रतिमा को शहद व पुष्प अर्पित किए। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा और योगी सरकार के कुशल क्रियान्वयन के जरिए पूर्ण हुए सरस्वती कॉरिडोर का भी अवलोकन कर इसे जनमानस के लिए लोकार्पित किया।

स्वच्छता के प्रतिमानों के अनुरूप पवित्र जलधारा में स्नान कर सकेंगे श्रद्धालु
यह सर्व विदित है कि तीर्थराज प्रयागराज में गंगा-यमुना व सरस्वती नदियों का पावन संगम होता है। इस संगम में धवल वर्णा गंगा तथा श्यामल-नील वर्णा यमुना का संगम तो स्पष्ट दिखता है, लेकिन सरस्वती अदृश्य रूप से इस त्रिवेणी संगम को पूर्ण करती हैं। सरस्वती नदी का स्वरूप सरस्वती कूप में विद्यमान है, जिसकी पूजा-आराधना सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। तीनों ही मोक्षदायनी नदियों के पवित्र जल को स्वच्छता के प्रतिमानों के अनुरूप अविरल और महाकुम्भ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने की अवधारणा को प्रधानमंत्री मोदी साकार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुगलकालीन किले के अंदर स्थित सरस्वती कूप का दर्शन काफी वर्षों से कुम्भ श्रद्धालुओं के लिए सुलभ नहीं था। वर्ष 2019 में योगी सरकार द्वारा आयोजित कुम्भ में पहली बार सरस्वती कूप का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए सुलभ हो पाया। अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सरस्वती कूप का लोकार्पण किया गया, जिसके जरिए आम जनता अब नवनिर्मित कॉरिडोर से होकर कूप के दर्शन कर सकेंगे।

स्वच्छता एवं ज्ञान का संगम स्थल है सरस्वती कूप
सरस्वती कूप को लेकर मान्यता है कि इसका दर्शन स्वच्छता के साथ ही जीवन में ज्ञान के बोध को विकसित करता है। अक्षयवट की तरह ही इस कूप को भी मुगलकाल में बने किले के माध्यम से अधिग्रहित कर लिया गया और अंग्रेजी शासनकाल में ऑर्डिनेंस डिपो की स्थापना के कारण इस कूप का दर्शन आम जनमानस के लिए निषिद्ध हो गया था। वर्ष 2019 में प्रयागराज में आयोजित कुम्भ में इसे आम जनता के लिए खोला गया और अब कॉरिडोर के जरिए महाकुम्भ- 2025 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालु इस पवित्र कूप के दर्शन-पूजन का लाभ उठा सकेंगे।

पीएम मोदी ने किया 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का शुभारंभ

पीएम मोदी ने किया 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का शुभारंभ
पीएम मोदी ने किया 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का शुभारंभ
पीएम मोदी ने किया 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का शुभारंभ
  • महाकुम्भ में यात्री सुविधाओं को लेकर शुरू की गईं परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
  • 9 रेलवे स्टेशनों के अपग्रेडेशन और डेवलपमेंट के साथ 10 आरओबी फ्लाईओवर का उद्घाटन
  • 61 सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण का भी हुआ शुभारंभ

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज, 13 दिसंबर 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें यात्री सुविधाओं के लिए रेलवे स्टेशनों के अपग्रेडेशन और डेवलपमेंट के साथ-साथ आरओबी फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण की प्रमुख परियोजनाएं सम्मिलित रहीं। इसके अतिरिक्त, स्थायी घाटों, रिवर फ्रंट, सीवरेज, पेयजल सुविधाओं के साथ विद्युत आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं का भी शुभारंभ हुआ। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से न सिर्फ श्रद्धालुओं को महाकुम्भ के दौरान सुविधा का लाभ प्राप्त होगा, बल्कि प्रयागवासी महाकुम्भ के बाद इन सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। यह परियोजनाएं प्रयागराज को प्रगति की नई दिशा दिखाएंगी।

इन विकास परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

  • 1610 करोड़ से यात्री सुविधाओं के लिए 9 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन एवं विकास
  • 1376 करोड़ से 61 सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण
  • 1170 करोड़ से 10 आरओबी फ्लाईओवर
  • 100 करोड़ से 4 नालों का अवरोधन, दिशा परिवर्तन एवं सुदृढ़ीकरण
  • 304 करोड़ से 7 स्थायी घाटों एवं 8 नदी तट सड़कों का सुदृढ़ीकरण
  • 215 करोड़ से 13 सीवरेज परियोजनाओं का उन्नयन, पेयजल सुविधाओं का विकास
  • 203 करोड़ से 4 नए ट्रांसफॉर्मर, 2 सब स्टेशनों की स्थापना एवं विद्युत ढांचे का उन्नयन

इन प्रमुख कॉरिडोर का भी हुआ शुभारंभ

अक्षयवट कॉरिडोर : अक्षयवट, जिन्हें पुराणों में तीर्थराज प्रयागराज का क्षत्र कहा गया है। मान्यता है कि अक्षयवट का क्षय प्रलयकाल में भी नहीं होता। इनके दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। त्रेतायुग स्वयं प्रभु श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मणजी के साथ अक्षयवट के दर्शन किए थे।

सरस्वती कूप : प्रयागराज की पुराणों में महिमा पुण्य पावन मां गंगा, यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम का होना बताई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार सरस्वती कूप वह पुण्य स्थान है, जहां आज भी मां सरस्वती के दुर्लभ दर्शन संभव हैं।

बड़े हनुमान मंदिर का कॉरिडोर : प्रयागराज संगम तट पर बड़े हनुमान या लेटे हनुमानजी का प्रसिद्ध मंदिर है। बड़े हनुमानजी का मंदिर पातालपुरी में अहिरावण का वध कर प्रभु श्रीराम और लक्ष्मणजी को उसकी कैद से मुक्त कराने वाले संकटमोचक हनुमानजी विशाल सिद्ध प्रतिमा है। सैकड़ों वर्षों से कोटि-कोटि श्रद्धालु उनका दर्शन और पूजन करते हैं।

भारद्वाज ऋषि आश्रम कॉरिडोर : ऋगवेद की ऋचाओं के द्रष्टा ऋषि भरद्वाज का आश्रम प्रयागराज में अवस्थित है। रामायण में वर्णन है कि प्रभु श्रीराम वनगमन के पहले मात सीता और लक्ष्मणजी के साथ भरद्वाज ऋषि का आशीर्वाद और मार्गदर्शन लेने आये थे। भरद्वाज आश्रम में रामायण काल में हजारों छात्र अध्ययन करते थे, मान्यता है कि ये विश्व का सबसे पहला विश्वविद्यालय माना जाता है।

श्रृंगवेरपुर धाम कॉरिडोर : श्रृंगवेरपुर का नाम इस क्षेत्र में श्रृंगी ऋषि की तपोस्थली होने के कारण पड़ा है। रामायण में इस क्षेत्र का वर्णन प्रभु श्रीराम और उनके बालसखा निषादराज के मिलन स्थल के रूप में भी है। यहां से ही केवट निषादराज ने प्रभु श्रीराम को नाव से गंगा पार करा कर प्रयागराज पहुंचाया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने संगम नोज में कुम्भ कलश का किया कुम्भाभिषेक

प्रधानमंत्री मोदी ने संगम नोज में कुम्भ कलश का किया कुम्भाभिषेक
प्रधानमंत्री मोदी ने संगम नोज में कुम्भ कलश का किया कुम्भाभिषेक
प्रधानमंत्री मोदी ने संगम नोज में कुम्भ कलश का किया कुम्भाभिषेक
  • रत्न जड़ित, अष्ट धातु से बना विशिष्ट कुम्भ कलश
  • संत बोले पीएम और सीएम खुद संतो का आशीष लेने महाकुम्भ आए, महाकुम्भ दिव्य और भव्य होना तय

महाकुम्भ नगर/प्रयागराज, 13 दिसंबर2024: प्रयागराज महाकुम्भ के आयोजन से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिवेणी संगम में पूजा अर्चना कर 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुम्भ के सफल आयोजन की कामना की। इस दौरान पीएम मोदी ने कुम्भ कलश का भी कुम्भाभिषेक किया। यह कुम्भ कलश रत्नजड़ित है और अष्टधातु का बना हुआ है।

पीएम के पास भेजा जाएगा कुम्भ कलश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाकुम्भ नगर पहुंचे। इस दौरान त्रिवेणी पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुम्भ कलश का कुम्भाभिषेक भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस कुम्भ कलश की पूजा की, वह रत्न जड़ित है। गंगा पूजन कराने आए तीर्थ पुरोहित दीपू तिवारी ने बताया कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने मोतियों से सजे इस अष्ठधातु से निर्मित इस कुम्भ कलश को अमृत रूपी कलश बनाने के लिए इसमें आम का पत्ता और नारियल भी रखा है। इसके साथ ही इसमें गऊशाला, तीर्थस्थलों की मिट्टी रखी गई। इसमें गंगाजल, पंचरत्न, दुर्बा, सुपारी, हल्दी रखी भी रखी गई। पीएम के पास इस कुम्भ कलश को भेजा जा रहा है।

संतों ने दिया आशीर्वाद, बोले- महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिवेणी पूजन से पहले साधु संतो से भी मुलाकात की। सभी 13 अखाड़ों से दो-दो प्रतिनिधि संगम नोज में आमंत्रित किए गए। इसके अलावा दंडी बाड़ा, आचार्य बाड़ा और खाक चौक व्यवस्था समिति से भी दो दो संत शामिल हुए। श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी की तरफ से पीएम से मुलाकात के कार्यक्रम में शामिल हुए सचिव महंत जमुना पुरी का कहना है कि त्रिवेणी पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी अखाड़े के साधु संतों से मुलाकात की। सबके हाल समाचार पूछे। कुशल क्षेम पूछने के बाद राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खुद ही सभी संतो का परिचय कराया।
कार्यकम में शामिल हुए श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव आचार्य देवेंद्र सिंह शास्त्री का कहना है कि प्रधानमंत्री ने संतों से मुलाकात कर कहा कि सभी आशीर्वाद दीजिए कि मेला दिव्य और भव्य हो। संतो ने उन्हें आशीर्वाद दिया।

महाकुंभ 2025 के लिए राज्यपाल कर्नाटक को मंत्री सुरेश खन्ना और नरेंद्र कश्यप ने किया आमंत्रित

महाकुंभ 2025 के लिए राज्यपाल कर्नाटक को मंत्री सुरेश खन्ना और नरेंद्र कश्यप ने किया आमंत्रित
महाकुंभ 2025 के लिए राज्यपाल कर्नाटक को मंत्री सुरेश खन्ना और नरेंद्र कश्यप ने किया आमंत्रित
महाकुंभ 2025 के लिए राज्यपाल कर्नाटक को मंत्री सुरेश खन्ना और नरेंद्र कश्यप ने किया आमंत्रित
  • वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को महाकुंभ 2025 में सहभागिता का औपचारिक निमंत्रण दिया।
  • मंत्रियों ने महाकुंभ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से 14 दिसंबर को मुलाकात और रोड शो का आयोजन होगा।
  • बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाकुंभ 2025 का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
  • यह अभियान प्रयागराज की ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का एक बड़ा कदम है।

लखनऊ/बेंगलुरु, 13 दिसंबर 2024: प्रयागराज में आयोजित होने वाले आगामी महाकुंभ 2025 के निमंत्रण कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष पहल शुरू की है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने आज बेंगलुरु पहुंचकर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को औपचारिक निमंत्रण सौंपा। यह निमंत्रण न केवल धार्मिक आयोजन के प्रति आदर व्यक्त करता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर उभारने का प्रयास भी है।

मंत्रीद्वय ने कर्नाटक के राज्यपाल को महाकुंभ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस आयोजन को भारतीय परंपराओं, धार्मिक विश्वासों और संस्कृति के संगम के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, महाकुंभ न केवल आध्यात्मिक अनुभव है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्वस्तर पर मजबूत करने का भी एक माध्यम है।

14 दिसंबर 2024 को मंत्रीद्वय कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से भी मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान महाकुंभ 2025 के प्रचार-प्रसार और आयोजन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, बेंगलुरु में एक रोड शो और प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महाकुंभ की विशेषताओं को जन-जन तक पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों को इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करना है।

योगी सरकार ने महाकुंभ 2025 को एक भव्य आयोजन बनाने के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं तैयार की हैं। इसमें देश-विदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह आयोजन प्रयागराज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में सहायक होगा।

महाकुंभ 2025 के लिए निमंत्रण अभियान, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की इस पहल से प्रयागराज और उत्तर प्रदेश को पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।