Home Blog Page 1095

अतुल सुभाष सुसाइड केस: पत्नी निकिता, मां निशा और भाई अनुराग गिरफ्तार

  • चर्चित अतुल सुभाष सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई।
  • बेंगलुरु पुलिस ने अतुल की पत्नी निकिता को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया।
  • निकिता की मां निशा सिंघानिया को प्रयागराज से हिरासत में लिया गया।
  • निकिता के भाई अनुराग सिंघानिया को भी प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया।
  • कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तीनों को भेजा।
  • पुलिस सुसाइड केस में निकिता और परिवार के संभावित रोल की जांच कर रही है।
  • गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने केस को नए सिरे से सुलझाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

बेंगलुरु/उत्तरप्रदेश, 15 दिसम्बर 2024: चर्चित अतुल सुभाष सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अतुल की पत्नी निकिता और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। बेंगलुरु पुलिस ने निकिता को गुरुग्राम से और उसकी मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया को प्रयागराज से हिरासत में लिया। कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम

  • पत्नी निकिता की गिरफ्तारी: गुरुग्राम से बेंगलुरु पुलिस ने हिरासत में लिया।
  • मां निशा सिंघानिया की गिरफ्तारी: प्रयागराज से गिरफ्तार की गई।
  • भाई अनुराग सिंघानिया की गिरफ्तारी: प्रयागराज में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया।
  • जांच में प्रगति: तीनों को न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि सुसाइड केस से जुड़े तथ्यों की गहराई से जांच के लिए इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया। निकिता और उसके परिवार पर सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस अब इस केस में निकिता और उसके परिवार के रोल को लेकर साक्ष्य जुटा रही है।

हिन्दू रक्षा संकल्प यात्रा: बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ 18 दिसम्बर को डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में निकलेगी विशाल यात्रा, विधायक बोले- ‘अब चुप्पी तोड़ने का समय आ गया है!’

  • बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार: तख्तापलट के बाद बढ़ती हिंसा पर डॉ. राजेश्वर सिंह का बयान।
  • 18 दिसंबर को “हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा”: हिंदू समाज की एकता का प्रदर्शन।
  • बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले: धार्मिक स्वतंत्रता पर संकट।
  • भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का आह्वान: बांग्लादेशी हिंदुओं के अधिकारों के लिए खड़े हों।
  • बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा के लिए हिंदू एकता अभियान।

लखनऊ, 15 दिसम्बर 2024: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचार ने एक बार फिर से भारत और विश्वभर में चिंता की लहर पैदा कर दी है। खासतौर पर 5 अगस्त 2024 को हुए तख्तापलट के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। बांग्लादेश में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों, प्रतिष्ठानों और समुदाय पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने हिंदू समाज को एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने 18 दिसंबर 2024 को ‘हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा’ में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी एकता दिखाकर इन अत्याचारों का सशक्त प्रतिरोध करें। यह यात्रा तेलीबाग हनुमान मंदिर से शनि मंदिर चौराहे तक आयोजित की जाएगी।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार: प्रमुख घटनाएं

धार्मिक स्थलों पर हमले: सैकड़ों मंदिर तोड़े गए और मूर्तियां जलायी गईं।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर हमले: हिंदू व्यापारियों के मकानों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
समुदाय को निशाना बनाना: तख्तापलट के बाद से हिंदू समुदाय पर हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है।
महिलाओं पर अत्याचार: महिलाओं के खिलाफ भी हिंसा के मामले बढ़े हैं।
विश्वभर में निंदा: बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे हमले मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिए गए हैं।

हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा: मुख्य उद्देश्य

1. अंतरराष्ट्रीय जागरूकता: बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना।
2. एकता का प्रदर्शन: हिंदू समाज को एकजुट करके वैश्विक स्तर पर संदेश देना।
3. मानवाधिकार संरक्षण: पीड़ितों के लिए न्याय और सुरक्षा की मांग करना।
4. धार्मिक स्वतंत्रता: बांग्लादेश में हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना।
5. शांति और सहयोग: दोनों देशों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना।

‘हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा’ की अपील

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे 18 दिसंबर 2024 को इस यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता और संकल्प का प्रदर्शन करें।

यात्रा का विवरण:
• तारीख: 18 दिसंबर 2024
• समय: दोपहर 1 बजे से
• स्थान: तेलीबाग हनुमान मंदिर से शनि मंदिर चौराहा तक

यात्रा का कार्यक्रम:
• तारीख: 18 दिसंबर 2024
• समय: दोपहर 1 बजे
• रूट: तेलीबाग हनुमान मंदिर से शनि मंदिर चौराहा

यह यात्रा न केवल बांग्लादेशी हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि हिंदू समाज को संगठित करने और वैश्विक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करने का एक सुनहरा अवसर भी है। आइए, मिलकर बदलाव की शुरुआत करें।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: सोमवार को “वन नेशन-वन इलेक्शन” के लिए संविधान संशोधन विधेयक होगा पेश

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, "वन नेशन-वन इलेक्शन" के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश,
केंद्र सरकार का बड़ा कदम, "वन नेशन-वन इलेक्शन" के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश,
केंद्र सरकार का बड़ा कदम, "वन नेशन-वन इलेक्शन" के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश,
  • केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए संविधान (129वां संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश करने का निर्णय लिया।
  • अनुच्छेद 82A का प्रस्ताव लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए किया गया।
  • राष्ट्रपति एक अधिसूचना जारी करेंगे, जिससे लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित होगा।
  • तीन प्रमुख केंद्र शासित प्रदेश कानूनों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है।
  • विपक्षी दलों ने सत्ता केंद्रीकरण और संघीय सिद्धांत के कमजोर होने की चिंता जताई है।

नई दिल्ली/लखनऊ, 14 दिसम्बर 2024: केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (एक देश, एक चुनाव) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार, 16 दिसंबर 2024 को लोकसभा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे। इन विधेयकों का उद्देश्य देश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन करना है। यह पहल चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

संविधान संशोधन विधेयक के प्रमुख प्रावधान:

  1. अनुच्छेद 82A का प्रस्ताव: इस नए अनुच्छेद के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानमंडलों की अवधि) और अनुच्छेद 327 (विधानमंडलों के चुनाव के संबंध में संसद की शक्ति) में संशोधन किए जाएंगे।
  2. नियत तिथि की अधिसूचना: लोकसभा के आम चुनाव के बाद राष्ट्रपति एक अधिसूचना जारी करेंगे, जिसमें लोकसभा की पहली बैठक की तारीख को ‘नियत तिथि’ घोषित किया जाएगा। इस तिथि से लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। नियत तिथि के बाद और लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल की समाप्ति से पहले सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा।

केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक:

इस विधेयक के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित तीन प्रमुख कानूनों में संशोधन किया जाएगा:

  1. द गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज एक्ट-1963
  2. द गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली-1991
  3. द जम्मू एंड कश्मीर रिऑर्गनाइजेशन एक्ट-2019

समिति की सिफारिशें:

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी समिति ने इस पहल के लिए सिफारिशें की थीं, जिन्हें कैबिनेट ने स्वीकार किया है। प्रस्तावित कानून के तहत पहले चरण में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव 100 दिनों के भीतर आयोजित किए जाएंगे।

विपक्षी दलों की चिंताएं:

विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है, उनका कहना है कि इससे सत्ता का केंद्रीकरण हो सकता है और संघीय सिद्धांत कमजोर हो सकते हैं। वे मानते हैं कि इस प्रस्ताव से राज्यों की स्वायत्तता पर आंच आ सकती है और राजनीतिक असंतुलन पैदा हो सकता है।

सरकार का दृष्टिकोण:

सरकार का मानना है कि एक साथ चुनाव प्रशासनिक स्थिरता ला सकते हैं, मतदाताओं की भागीदारी बढ़ा सकते हैं और संभावित रूप से देश की जीडीपी को 1.5% तक बढ़ा सकते हैं। सरकार का यह भी कहना है कि यह पहल संसाधनों की बचत करेगी और प्रशासनिक दक्षता में सुधार करेगी।

केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ योजना चुनावी प्रक्रिया को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने का प्रयास है। हालांकि, विपक्षी दलों के द्वारा उठाए गए मुद्दों और चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह कदम भारतीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, लेकिन इसके कार्यान्वयन और प्रभावों पर आगे की चर्चाओं की आवश्यकता होगी।

ऊर्जा संरक्षण दिवस पर लखनऊ में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

ऊर्जा संरक्षण दिवस
ऊर्जा संरक्षण दिवस
ऊर्जा संरक्षण दिवस
  • ऊर्जा संरक्षण का महत्व: ऊर्जा संरक्षण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।
  • नवीकरणीय ऊर्जा पर फोकस: सोलर रूफटॉप, कम्प्रेस्ड बायो गैस और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सिफारिश की गई।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां: यूएचपीसीएल ने अब तक 29,000 मिलियन यूनिट बिजली बचाई, जिससे 240 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई।
  • प्रशिक्षण और जागरूकता: ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए फुंगसर्ट में बीईई भवन का निर्माण किया जा रहा है।
  • विशेषज्ञों की भागीदारी: कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों और विशेषज्ञों ने ऊर्जा संरक्षण के उपाय साझा किए और अनुभवों पर चर्चा की।

लखनऊ, 14 दिसंबर 2024: ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर यूएचएसएमसी द्वारा हजरतगंज, लखनऊ के हॉल ऑफ़ विज़डम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूएचएसएमसी के सचिव श्री पीयूष कुमार ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सचिव, यूएचपीसीएल श्री प्रीतम सिंह ने उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत कर किया और ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर बल दिया। श्री पीयूष कुमार ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी को ऊर्जा की खपत में कमी लाने के लिए लगातार प्रयासरत रहना चाहिए।

ऊर्जा की बचत के लिए सौर ऊर्जा और नई तकनीक पर जोर

सचिव, यूएचपीसीएल श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए सोलर रूफटॉप, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे आधुनिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित “नेट जीरो” लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

यूएचपीसीएल ने अपने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करीब 29,000 मिलियन यूनिट बिजली बचाई है, जिससे लगभग 240 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।

ऊर्जा संरक्षण के प्रयास और उपलब्धियां

यूएचएसएमसी, जो एनर्जी एफिशिएंसी की स्टेट डिज़िग्नेटेड एजेंसी है, ने ऊर्जा संरक्षण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाएं शुरू की हैं। ऊर्जा बचत के लिए नए उपकरण, बिल्डिंग्स और अन्य क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

यूएचएसएमसी द्वारा प्रशिक्षण केंद्र फुंगसर्ट में बीईई भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने उद्योगों में अपनाए गए ऊर्जा संरक्षण उपायों की जानकारी साझा की।

विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ अनुभव साझा

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में यूएचएलडीए के चेयरमैन श्री राकेश वर्मा ने ऊर्जा संरक्षण दिवस पर उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. वी.के. श्रोत्रीय, विशेषज्ञ कार्बन अकाउंटिंग, ने कार्बन ट्रैकिंग और मैनेजमेंट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने ऊर्जा संरक्षण गतिविधियों से संबंधित प्रस्तुतियां दीं और ऊर्जा बचत के नए-नए उपायों पर चर्चा की।

उत्तरप्रदेश: ग्राम चौपालों में 04 लाख 42 हजार से अधिक समस्याओं का हुआ निस्तारण

ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
  • अब तक 01 लाख 13 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का किया गया आयोजन
  • शुक्रवार को 1322 ग्राम पंचायतों में किया गया, ग्राम चौपालों का आयोजन

लखनऊ, 14 दिसम्बर 2024: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीणो की समस्यायों के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल,(गांव की समस्या -गांव में समाधान)का आयोजन किया जा रहा है,और बहुत बड़ी संख्या में लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है।सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुपालन में ठोस व प्रभावी रूपरेखा बनाकर चौपालों का आयोजन किया जा रहा है तथा चौपालों से पूर्व गांवों में सफाई पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है और चौपालों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है व्यक्तिगत समस्याओं‌ के अलावा सार्वजनिक समस्याओं का भी समाधान चौपालों में हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन विधिवत किया जाता रहे।

ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश की 1322 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिनमें 3418प्रकरणो का निस्तारण गांव पंचायतों में ही कर दिया गया।इन ग्राम चौपालों मे 3513 ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तथा 6001 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे और इन चौपालों में 79 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की। ग्राम्य विकास आयुक्त जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि जनवरी 23 से अब तक 01 लाख 13 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है,जिनमें 79 लाख से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे और 04 लाख 42 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया।