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उत्तर प्रदेश बना खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में अग्रणी राज्य

उत्तर प्रदेश बना खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में अग्रणी राज्य
उत्तर प्रदेश बना खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में अग्रणी राज्य
उत्तर प्रदेश बना खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के क्रियान्वयन में शीर्ष स्थान पर पहुंचा यूपी

  • यूपी बना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में अग्रणी: पीएम एफएमई योजना में प्रथम स्थान, 13,500 उद्यमियों को 5-10 लाख रुपये अनुदान।
  • आलू प्रसंस्करण में उन्नति: बिजनौर में 2 लाख मीट्रिक टन क्षमता की आलू फ्लैक्स इकाई स्थापित, निर्यात को बढ़ावा।
  • अनुदान में अग्रणी भूमिका: यूपी में 98% वितरण, राष्ट्रीय औसत 50%, किसानों और उद्यमियों को मिल रहा लाभ।
  • नीतियों का लाभ: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत 230 परियोजनाओं को 1000 करोड़ से अधिक का निवेश।
  • अंतरराष्ट्रीय आलू एक्सपो की तैयारी: फरवरी 2025 में लखनऊ में आलू आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक्सपो का आयोजन।

    लखनऊ, 14 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। नई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत उद्यमियों को इकाइयां स्थापित करने के लिए अनुदान और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश कर सकें।

    खाद्य प्रसंस्करण में उल्लेखनीय प्रगति

    अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित अप्रेजल समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) के तहत उत्तर प्रदेश अब तक 13,500 उद्यमियों को 5-10 लाख रुपये अनुदान स्वीकृत कर चुका है। योजना के तहत प्रदेश में 230 उद्यमियों को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए “लेटर ऑफ कम्फर्ट” जारी किए गए हैं। इससे 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और लगभग 1 लाख किसानों की उपज को प्रसंस्कृत किया जा रहा है।

    आलू प्रसंस्करण में अग्रणी भूमिका

    उत्तर प्रदेश आलू उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर है, जो कुल उत्पादन का 35% है। बैठक में आलू के निर्यात और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक चर्चा की गई। एग्रीस्टो कंपनी ने बिजनौर में 2 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाली आलू फ्लैक्स इकाई स्थापित की है। नीदरलैंड की प्रतिष्ठित कंपनी “किरैम्को” और मेरठ के “सुरेंद्र फूड्स” के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत 2025 से आलू प्रसंस्करण शुरू होगा।

    नीति के सकारात्मक परिणाम

    उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 98% वितरण हुआ है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 50% है। इस सफलता के चलते उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक अनुदान राशि (10 करोड़ रुपये तक) प्रदान करने वाला राज्य बन गया है।

    आलू एक्सपो और भविष्य की योजनाएं

    प्रदेश में आलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2025 में लखनऊ में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आलू एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। यह एक्सपो राज्य के किसानों और उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं और बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।

    राष्ट्रीय लोक अदालत: उत्तर प्रदेश में 59 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण

    राष्ट्रीय लोक अदालत: उत्तर प्रदेश में 59 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
    राष्ट्रीय लोक अदालत: उत्तर प्रदेश में 59 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
    राष्ट्रीय लोक अदालत: उत्तर प्रदेश में 59 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
    • उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से 59,29,805 मामलों का निस्तारण किया गया।
    • कुल मामलों में 52,25,359 प्री-लिटिगेशन वाद और 7,04,446 लंबित वाद शामिल हैं।
    • आयोजन की निगरानी माननीय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई और न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के मार्गदर्शन में की गई।
    • वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को अधिकतम वाद निस्तारित करने के निर्देश दिए गए थे।
    • लोक अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया को तेज और सुलभ बनाते हुए सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत किया।

    लखनऊ, 14 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन करते हुए 59,29,805 मामलों का निस्तारण किया गया। इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) ने व्यापक स्तर पर तैयारी की थी। इस लोक अदालत का आयोजन माननीय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में किया गया।

    इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, UPSLSA, ने आयोजन की रूपरेखा तैयार की। आयोजन से पूर्व 10 दिसंबर 2024 को अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को अधिकतम वादों के निस्तारण का निर्देश दिया था।

    लोक अदालत की ऐतिहासिक उपलब्धि

    राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 59,29,805 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 52,25,359 प्री-लिटिगेशन वाद और 7,04,446 लंबित वाद शामिल हैं। यह संख्या अभी अंतिम नहीं है, और वादों के निस्तारण का अंतिम आंकड़ा आने की प्रतीक्षा है।

    लोक अदालत में विशेष रूप से लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों को प्राथमिकता दी गई। यह आयोजन प्रदेशभर में सभी जिलों और तहसीलों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वादों के निस्तारण में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, और अभियोजन अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।

    जनहित में लोक अदालत का महत्व

    राष्ट्रीय लोक अदालत ने उत्तर प्रदेश में वादों के बोझ को कम करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को तीव्र और सुलभ बनाने में योगदान दिया। यह प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि दोनों पक्षों को विवादों के त्वरित और पारस्परिक समाधान का अवसर भी प्रदान करती है।

    कुशल प्रबंधन और समर्पण का उदाहरण

    लोक अदालत का सफल आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) के कुशल प्रबंधन और समर्पण का परिणाम है। वर्चुअल बैठक और समयबद्ध निर्देशों के माध्यम से प्रशासनिक और न्यायिक सहयोग ने इसे सफल बनाया।

    लोक अदालत के माध्यम से सामाजिक न्याय का संदेश

    राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करती है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की भावना को भी मजबूत करती है। यह पहल लोगों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करने से बचाती है और उनके विश्वास को मजबूत करती है।

    महाकुंभ 2025 के निमंत्रण हेतु बेंगलुरु में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की भेंट

    महाकुंभ 2025 के निमंत्रण हेतु बेंगलुरु में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की भेंट
    महाकुंभ 2025 के निमंत्रण हेतु बेंगलुरु में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की भेंट
    महाकुंभ 2025 के निमंत्रण हेतु बेंगलुरु में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की भेंट
    • उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 के निमंत्रण हेतु देशभर में विशेष अभियान शुरू किया।
    • बेंगलुरु में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को निमंत्रण पत्र, कुम्भ कलश और प्रतीक चिह्न भेंट किया गया।
    • महाकुंभ के आयोजन को ‘दिव्य, भव्य और डिजिटल’ बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
    • 45 करोड़ तीर्थयात्रियों के आगमन की संभावना और 10 हजार से अधिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित।
    • यूनेस्को ने महाकुंभ को विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया।

    महाकुम्भ नगर/प्रयागराज, 14 दिसम्बर 2024: प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित महाकुंभ के निमंत्रण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार ने देशभर में विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बेंगलुरु में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ का निमंत्रण पत्र, कुम्भ कलश और प्रतीक चिह्न भेंट कर कर्नाटकवासियों को महाकुंभ में भाग लेने का न्योता दिया।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया न्योता

    भेंट के बाद दोनों मंत्रियों ने बेंगलुरु स्थित पेरिस परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें कर्नाटक के निवासियों को महाकुंभ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। सुरेश कुमार खन्ना ने इसे एक ऐसा पर्व बताया जो सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।

    नरेंद्र कश्यप ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ को नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज का त्रिवेणी संगम धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रतीक है और यह आयोजन कर्नाटकवासियों के लिए एक अद्वितीय अनुभव होगा।

    महाकुंभ 2025: संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकता का संगम

    वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने डी.के. शिवकुमार से बातचीत के दौरान महाकुंभ की पौराणिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाकुंभ केवल स्नान और पूजन तक सीमित नहीं है। यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का जीवंत उदाहरण है। इस बार का आयोजन स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ और भी भव्य और सुव्यवस्थित होगा।

    राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि महाकुंभ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय सभ्यता की दिव्यता को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करता है।

    भव्यता और सुविधाएं: महाकुंभ 2025 के विशेष प्रबंध

    उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ को ‘दिव्य, भव्य और डिजिटल’ बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

    • डेढ़ लाख शौचालय, 5000 यूरिनल, और 350 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।
    • 3 लाख पौधों का रोपण और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
    • श्रद्धालुओं के लिए क्यूआर कोड आधारित पास, विशेष ऐप और बहुभाषी डिजिटल साइनेज जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
    • प्रयागराज को 2750 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सात स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा।
    • आयोजन में 10 हजार से अधिक संस्थाएं भाग लेंगी और 45 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है।

    आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर

    वित्त मंत्री खन्ना ने रामचरितमानस की चौपाई उद्धृत करते हुए कहा, “चार पदारथ भरा भंडारू, पुण्य प्रदेश देश अति चारू”, जो प्रयागराज की महिमा को दर्शाता है। उन्होंने कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति का वैश्विक संदेश है।

    विश्व मंच पर महाकुंभ की मान्यता

    मंत्रियों ने बताया कि यूनेस्को ने महाकुंभ को विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को सशक्त करना है।

    लखनऊ: भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अधिवेशन का भव्य शुभारंभ

    लखनऊ: भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अधिवेशन का भव्य शुभारंभ
    लखनऊ: भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अधिवेशन का भव्य शुभारंभ
    लखनऊ: भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अधिवेशन का भव्य शुभारंभ
    • भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश अधिवेशन का शुभारंभ लखनऊ के कुँवर्स ग्लोबल स्कूल में हुआ।
    • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रामलाल जी ने अधिवेशन में किसानों को संबोधित करते हुए पंच परिवर्तन कार्यक्रम की घोषणा की।
    • संघ का उद्देश्य नशा मुक्ति, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण, और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
    • अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    • भारतीय किसान संघ अन्य किसान संगठनों से भिन्न, राष्ट्रहित और किसान हित के समग्र विकास के लिए कार्यरत है।

    लखनऊ, 14 दिसंबर 2024: लखनऊ स्थित कुँवर्स ग्लोबल स्कूल में शनिवार को भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अधिवेशन का शुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के 800 से अधिक किसान कार्यकर्ता उपस्थित हुए। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी ने किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संघ के उद्देश्यों और कार्यों पर प्रकाश डाला।

    भारतीय किसान संघ: राष्ट्रहित और किसान हित में समर्पित

    अपने संबोधन में रामलाल जी ने बताया कि भारतीय किसान संघ “राष्ट्रहित की चौखट पर किसान हित” के सिद्धांत पर कार्य करता है। यह संगठन अन्य किसान संगठनों से पूरी तरह भिन्न है और किसानों के जमीनी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन करके किसानों को सशक्त बनाने का कार्य करता है। रामलाल जी ने यह भी कहा कि जब तक किसान का विकास नहीं होगा, तब तक देश का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।

    पंच परिवर्तन कार्यक्रम की घोषणा: रामलाल जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पंच परिवर्तन कार्यक्रम की घोषणा की। इस कार्यक्रम में पांच प्रमुख बिंदु शामिल किए गए हैं।

    1. सामाजिक समरसता
    2. कुटुम्ब प्रबोधन
    3. पर्यावरण जागरूकता
    4. स्वत्व पर जोर
    5. नागरिक कर्तव्यों पर ध्यान

    उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए सभी स्वयंसेवकों को “एक मंदिर, एक श्मशान, एक जल स्रोत” के सिद्धांत को अपनाना होगा।

    महामंत्री राज सिंह चौहान के विचार

    भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री राज सिंह चौहान ने बताया कि संघ न केवल किसानों के हितों के लिए काम करता है, बल्कि समाज सुधार के लिए भी कई अभियान चलाता है। नशा मुक्ति, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण जैसे मुद्दे संघ के प्रमुख लक्ष्य हैं। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, और कई समाजसेवी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें संघ के कार्यों और उद्देश्यों का उल्लेख किया गया है।

    उत्तरप्रदेश: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा, ‘हासिल करें ऐसी उपलब्धि, जो अगले पांच वर्ष में छोटी दिखने लगे’

    उत्तरप्रदेश: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा, 'हासिल करें ऐसी उपलब्धि, जो अगले पांच वर्ष में छोटी दिखने लगे'
    उत्तरप्रदेश: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा, 'हासिल करें ऐसी उपलब्धि, जो अगले पांच वर्ष में छोटी दिखने लगे'
    उत्तरप्रदेश: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा, 'हासिल करें ऐसी उपलब्धि, जो अगले पांच वर्ष में छोटी दिखने लगे'

    शिक्षा में उत्कृष्टता को मिली पहचान, मंत्री संदीप सिंह ने किया सम्मान

    • राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: 10 छात्रों को उनके नवाचारी मॉडल्स के लिए सम्मानित किया गया।
    • खेल में योगदान: राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर 29 KGBV छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान मिला।
    • निपुण भारत मिशन: 75 प्रधानाध्यापक और 76 खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
    • डिजिटलीकरण: पंजिकाओं का डिजिटलीकरण करने वाले 10 अधिकारियों को मान्यता दी गई।
    • सीएसआर योगदान: शिक्षा के कायाकल्प में योगदान देने वाली 5 सीएसआर संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

    लखनऊ, 14 दिसंबर2024: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में 14 दिसंबर को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों, शिक्षकों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शिक्षकों और छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में ऐसी उपलब्धियां हासिल की जाएं, जो आज की उपलब्धियों को छोटी बना दें।

    कार्यक्रम का उद्देश्य एवं मुख्य झलकियां

    यह समारोह शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता सुधार और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इसमें राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, निपुण भारत मिशन और पंजिकाओं के डिजिटलीकरण में योगदान देने वाले व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने आभार व्यक्त किया। बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शन्मुगा सुंदरम ने आगामी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा को सुदृढ़ करने वाले पांच प्रमुख योजनाओं का लोकार्पण और एससीईआरटी द्वारा तैयार दो पुस्तकों का विमोचन किया गया।

    सम्मानित हुए प्रतिभागी

    1. राष्ट्रीय आविष्कार अभियान: 10 विद्यार्थियों को उनके नवाचारी मॉडल्स के लिए सम्मानित किया गया। इनमें खेरी की आर्या, लखनऊ के राजकरण, रायबरेली के आशु और अन्य छात्र शामिल रहे।
      • आर्या ने अपनी ऊर्जा बचत योजना का प्रदर्शन किया, जबकि राजकरण ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किया।
    2. खेल में उपलब्धियां: राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली KGBV की 29 छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। ये छात्राएं लखनऊ, श्रावस्ती, बागपत और मुरादाबाद जिलों से थीं।
      • इनमें लखनऊ की नैंसी ने बैडमिंटन में और श्रावस्ती की अंशिका ने एथलेटिक्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
    3. निपुण भारत मिशन: 75 प्रधानाध्यापक और 76 खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें मुरादाबाद, वाराणसी और लखनऊ के शिक्षकों का विशेष योगदान शामिल रहा।
      • मुरादाबाद के प्रधानाध्यापक ने विशेष शिक्षण विधियों का उपयोग करते हुए बच्चों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
    4. पंजिकाओं का डिजिटलीकरण: 5 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और 5 खंड शिक्षा अधिकारियों को पंजिकाओं के डिजिटलीकरण में योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया। इनमें भदोही, प्रयागराज और सीतापुर के अधिकारी शामिल थे।
      • प्रयागराज के बीएसए ने डिजिटलीकरण के माध्यम से डेटा प्रबंधन को सरल और प्रभावी बनाया।
    5. आरटीई में योगदान: आरटीई के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इनमें बुलंदशहर, संत कबीर नगर और लखनऊ के अधिकारी शामिल रहे।
      • लखनऊ के बीएसए राम प्रवेश ने आरटीई के तहत अधिकतम नामांकन सुनिश्चित किया।

    सीएसआर संस्थाओं को भी मिली मान्यता

    शिक्षा के कायाकल्प में योगदान देने वाली एचसीएल फाउंडेशन, एमसीसी कॉरपोरेशन और एनटीपीसी जैसी सीएसआर संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। एचसीएल फाउंडेशन ने परिषदीय विद्यालयों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किया।

    मंत्री संदीप सिंह का संबोधन

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना एक चुनौती है, लेकिन विभाग ने इसे अपने सामूहिक प्रयास से संभव बनाया है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से ही परिषदीय विद्यालयों के छात्र आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, उन्होंने अपील की कि शिक्षक और अधिकारी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहें।

    इस सम्मान समारोह ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को पहचान दिलाई और प्रेरणा का माहौल बनाया। यह आयोजन शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षकों, छात्रों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और भविष्य में और अधिक सफलताओं की नींव रखेगा।