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सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट: महराजगंज और बहराइच ने विकास और राजस्व मामलों में हासिल की शीर्ष रैंकिंग

महराजगंज ने 89.20% अंकों के साथ नवंबर 2024 की सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट में पहला स्थान प्राप्त किया।
बहराइच ने प्रशासनिक सुधार और योजनाओं के क्रियान्वयन में 89.10% अंक हासिल कर दूसरा स्थान पाया।
हमीरपुर, अम्बेडकर नगर, और बुलंदशहर क्रमशः तीसरे, चौथे, और पांचवें स्थान पर रहे।
योगी सरकार की योजनाओं की प्रगति और राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण रिपोर्ट का मुख्य फोकस है।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से हर महीने 75 जिलों के प्रदर्शन की निगरानी की जाती है।

लखनऊ, 15 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा विकास कार्यों और राजस्व मामलों के निस्तारण की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए बनाए गए सीएम डैशबोर्ड की नवंबर माह की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। इस रिपोर्ट में महराजगंज ने 89.20 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि बहराइच 89.10 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

राज्य सरकार द्वारा जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन हर महीने किया जाता है, जिसमें विकास कार्यों की प्रगति, राजस्व मामलों के निस्तारण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जाता है। महराजगंज और बहराइच की उपलब्धियों ने प्रदेश के अन्य जिलों के लिए मिसाल पेश की है।

महराजगंज: निरंतर प्रदर्शन से हासिल की शीर्ष रैंकिंग

महराजगंज के जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। 5 साल से अधिक पुराने राजस्व मामलों को सुलझाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह प्रयास रंग लाया है, और जिले ने 89.20 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।

डीएम ने बताया कि महराजगंज पिछले पांच महीने से सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में शीर्ष पांच जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। यह प्रदर्शन प्रशासनिक टीम के प्रयासों और योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

बहराइच: योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावशाली प्रदर्शन

बहराइच की जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि जिले ने 89.10 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा राजस्व मामलों का तेजी से निस्तारण, किसानों और छोटे व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के प्रयासों ने यह उपलब्धि हासिल करने में अहम भूमिका निभाई।

बहराइच में योगी सरकार की योजनाओं को लागू करने और प्रशासनिक सुधारों के लिए लगातार काम हो रहा है, जिससे जिले की प्रगति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

अन्य जिलों का प्रदर्शन

सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में अन्य जिलों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
• हमीरपुर: 88.80 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान
• अम्बेडकर नगर और बुलंदशहर: 88.30 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथा स्थान
• कुशीनगर: 88.20 प्रतिशत अंक, छठा स्थान
• संभल: 88 प्रतिशत अंक, सातवां स्थान
• शामली: 87.80 प्रतिशत अंक, आठवां स्थान
• बस्ती: 87.70 प्रतिशत अंक, नौवां स्थान
• बांदा: 87.10 प्रतिशत अंक, दसवां स्थान

सीएम डैशबोर्ड: एक प्रभावी मॉनीटरिंग टूल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों के प्रदर्शन पर नजर रखने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सीएम डैशबोर्ड की स्थापना की। यह हर महीने 75 जिलों की रिपोर्ट जारी करता है।
डैशबोर्ड के जरिए मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया जाता है:
1. विकास परियोजनाओं की प्रगति।
2. राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण।
3. लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का पहुंचना।
4. डिजिटलीकरण और प्रशासनिक सुधार।

योगी सरकार के प्रयास और योजनाएं

राजस्व विभाग की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने में योगी सरकार लगातार प्रयासरत है। इनमें विशेष रूप से शामिल हैं:
• किसानों की भूमि विवादों का निस्तारण।
• राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण।
• गरीबों और किसानों को सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाना।

46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिलीः योगी

किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन: सीएम योगी
किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन: सीएम योगी
किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही नवाचारों को मिलेगा प्रोत्साहन: सीएम योगी
  • संभल में इतना प्राचीन मंदिर, बजरंग बली की प्राचीन मूर्ति व ज्योतिर्लिंग रातों रात नहीं आई, इस मंदिर ने वास्तविकता को सबके सामने रख दियाः मुख्यमंत्री
  • सीएम योगी बोले-भारत की विरासत के प्रति बोलने वालों को मिलती है धमकी
  • परिवार विशेष की बपौती समझने वालों को हो रही परेशानी, किसान के बेटे को उपराष्ट्रपति पद पर देखना नहीं हो रहा हजमः मुख्यमंत्री
  • दुनिया में बहुसंख्यक समाज जो कहता है, व्यवस्था वैसे ही संचालित होती हैः योगी
  • माननीय न्यायमूर्ति ने समान नागरिक संहिता की कही बात तो इन लोगों ने दी नोटिसः सीएम
  • सच बोलने वालों को दिखाते हैं धौंस, ऐसे लोगों को करना चाहिए नंगाः मुख्यमंत्री

लखनऊ, 15 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की नीतियों को आईना दिखाया। शनिवार को मुंबई और रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री इन दलों पर हमलावर रहे। सीएम ने संभल, उपराष्ट्रपति व माननीय न्यायमूर्ति को लेकर विपक्ष के मुद्दों को जनता के समक्ष रखते हुए कहा कि भारत की विरासत के प्रति बोलने वालों को धमकी दी जाती है। सीएम ने सच को दबाने वाले, संविधान का गला घोंटने वाले ऐसे दलों के लोगों की मानसिकता को उजागर करने की अपील की। सीएम ने बेबाकी से कहा कि 46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिली।

संभल में जिस मंदिर को बंद कर दिया गया था, वह फिर से सबके सामने आ गया

सीएम योगी ने कहा कि कल संसद में चर्चा संविधान पर हो रही थी और मुद्दा संभल का उठ रहा था। विपक्षियों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं के समय में 46 वर्ष पहले संभल में जिस मंदिर को बंद कर दिया गया, वह मंदिर फिर से सबके सामने आ गया और इनकी वास्तविकता को प्रस्तुत कर दिया। संभल में इतना प्राचीन मंदिर, बजरंग बली की प्राचीन मूर्ति व ज्योतिर्लिंग रातों रात तो नहीं आया होगा। उन्होंने कहा कि 46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया था, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिली। संभल में जिनकी निर्मम हत्या हुई, उन निर्दोषों का क्या कसूर था। जो भी सच बोलेगा, उसे धमकी दी जाएगी, मुंह बंद कराने का प्रयास होगा।

भारत की विरासत के प्रति बोलने वालों को मिलती है धमकी

सीएम ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि जो लोग भारत का ठेका लेकर घूमते हैं और डिस्कवरी ऑफ इंडिया को भारत का सबसे प्राचीन ग्रंथ मानते हैं। वे संविधान के नाम पर पाखंड कर रहे हैं। 9 नवंबर 2019को उच्चतम न्यायालय ने श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित फैसला दिया, लेकिन ऐसे लोग आज भी जज को धमकी देते हैं। राज्यसभा के सभापति (उप राष्ट्रपति) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। सभापति ने कर्तव्यों के निर्वहन की बात की और कहा कि सदन चलना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दे सदन में रखे जाने चाहिए। इस पर इन लोगों (विपक्षियों) ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी।

सच को दबाने वाले लोगों को नंगा करना चाहिए

सीएम योगी ने कहा कि उपराष्ट्रपति अपनी योग्यता व क्षमता के बल पर संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए उच्च सदन का संचालन कर रहे हैं। विरोधियों को चिंता है वे कर्तव्यों का निर्वहन न कर सकें, कि किसान का पुत्र कैसे वहां तक चला गया। यह परिवार विशेष की बपौती हुआ करती थी। न्यायमूर्ति एक नागरिक के रूप में सच्चाई को रखते हैं तो उन्हें धौंस दी जाती है। यह लोग सच बोलने वाले को महाभियोग का धौंस देकर उसके मुंह को बंद करने का प्रयास करेंगे, फिर भी संविधान की दुहाई देंगे। यह दोहरा चरित्र नहीं चलेगा। सच को दबाने वाले ऐसे लोगों को नंगा करना चाहिए।

माननीय न्यायमूर्ति ने समान नागरिक संहिता की कही बात तो इन लोगों ने दी नोटिस

सीएम योगी ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति ने समान नागरिक संहिता की बात कही। दुनिया में बहुसंख्यक समाज की भावना का सम्मान हर हाल में होता है। भारत में बहुसंख्यक समाज के हितों की चर्चा हुई, सच्चाई बोलना अपराध नहीं है। राज्यसभा में इन लोगों ने माननीय न्यायमूर्ति के खिलाफ महाभियोग की नोटिस दी है। यह खुद को लोकतांत्रिक कहते हैं। संविधान की पुस्तक साथ लेकर चलते हैं, लेकिन इन्हें शर्म नहीं है। यह संविधान का गला घोंटने वाले लोग हैं।

दुनिया में बहुसंख्यक समाज जो कहता है, व्यवस्था वैसे ही संचालित होती है

सीएम योगी ने कहा कि देश में हर हाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) होना चाहिए। दुनिया में बहुसंख्यक समाज जो कहता है, व्यवस्था वैसे संचालित होती है। भारत कह रहा है कि अल्पसंख्यक व बहुसंख्यक का भेद समाप्त होना चाहिए। सब लोगों पर समान कानून लागू होना चाहिए। बहुसंख्यक समाज कह रहा है कि अल्पसंख्यक व बहुसंख्यक का भेद समाप्त होना चाहिए, लेकिन यह लोग धौंस दे रहे हैं। संविधान का गला घोंटकर जबरन अपने दम पर देश की व्यवस्था चलाना चाहते हैं। देश तमाशा देख रहा है। अपनी दबंगई से सच को दबाने की कोशिश करने वालों को एक्सपोज किए जाने की आवश्यकता है।

लौहपुरुष सरदार पटेल के सपनों का भारत: सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

  • सीएम योगी ने सरदार पटेल को भारत के एकीकरण का शिल्पकार बताते हुए उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर एकीकृत भारत का निर्माण किया।
  • सहकारिता आंदोलन और किसानों के उत्थान के लिए उनके योगदान को रेखांकित किया गया।
  • सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण और धारा-370 हटाने के संदर्भ में उनकी दृष्टि को याद किया गया।
  • कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

लखनऊ, 15 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल को भारत के एकीकरण का शिल्पकार बताते हुए उनके योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल 563 रियासतों को एकजुट कर भारत गणराज्य का निर्माण किया, बल्कि सहकारिता आंदोलन और किसानों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरदार पटेल की संकल्पनाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान

मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र और भारत मां के चरणों में समर्पित था। 1946 में संविधान सभा के सदस्य और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश को एकीकृत करने का अभियान चलाया। उनका परिश्रम आज के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘सुरक्षित भारत’ की नींव है।

सहकारिता आंदोलन के प्रेरणा स्रोत

गुजरात के एक छोटे से गांव में जन्मे सरदार पटेल ने इंग्लैंड से लॉ की पढ़ाई की और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने सहकारिता आंदोलन को बढ़ावा देकर किसानों को समृद्धि के नए आयाम दिए। उन्होंने चंपारण आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और किसानों के उत्थान के लिए कई अभियान चलाए।

सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण का नेतृत्व

मुख्यमंत्री योगी ने सरदार पटेल द्वारा सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी सांस्कृतिक दृष्टि और राष्ट्रवादी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल होते तो कश्मीर में धारा-370 कभी लागू नहीं होती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 में धारा-370 हटाकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मार्ग की बाधा को समाप्त किया गया।

राम मंदिर: सांस्कृतिक भारत का प्रतीक

सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल का सपना था कि भारत सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बने। अयोध्या में राम मंदिर इसी दिशा में एक कदम है, जिसका शुभारंभ सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर से किया था।

समारोह में प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक शशांक वर्मा, अमरेश कुमार, आशीष सिंह ‘आशु’, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिल्ली में आयोजित हुआ ‘हिंदी सेवा सम्मान 2024’ समारोह, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रमेश ठाकुर हुए सम्मानित

  • दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रभासाक्षी समाचार एजेंसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘हिंदी सेवा सम्मान 2024’ का वितरण किया गया।
  • देशभर से चयनित 21 कलमकारों में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रमेश ठाकुर को हिंदी लेखन और प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • यह सम्मान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी दुबे, विधायक पुनाकन बरूआ और संपादक नीरज दुबे ने प्रदान किया।
  • डॉ. रमेश ठाकुर वर्तमान में केंद्र सरकार की ‘निपसिड’ समिति के सदस्य हैं और उन्हें हिंदी अकादमी सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
  • कार्यक्रम में किसान नेता राकेश टिकैत और अन्य गणमान्य लोगों ने हिंदी भाषा के महत्व और पत्रकारिता के भविष्य पर चर्चा की।

नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी प्रभासाक्षी द्वारा हर साल दिए जाने वाले ‘हिंदी सेवा सम्मान 2024’ का आयोजन इस बार दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके विकास में योगदान देने वाले देशभर के 21 कलमकारों को सम्मानित किया गया। इस सूची में वरिष्ठ पत्रकार और हिंदी के लिए समर्पित लेखक डॉ. रमेश ठाकुर का नाम प्रमुखता से शामिल रहा।

डॉ. रमेश ठाकुर को यह सम्मान हिंदी पत्रकारिता में उनके दो दशकों से भी अधिक के योगदान और टीवी माध्यमों पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया। उन्होंने न केवल लेखन में बल्कि हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

पुरस्कार वितरण समारोह की झलकियां

इस सम्मान समारोह में देश की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी दुबे, असम गण परिषद के विधायक पुनाकन बरूआ, और प्रभासाक्षी के संपादक नीरज दुबे ने संयुक्त रूप से यह सम्मान प्रदान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित किसान नेता राकेश टिकैत, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और साहित्यकारों ने हिंदी भाषा के महत्व और पत्रकारिता के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।

डॉ. रमेश ठाकुर का योगदान

डॉ. रमेश ठाकुर हिंदी पत्रकारिता और लेखन में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह पिछले 20 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें हिंदी भाषा के विकास में निरंतर प्रयास के लिए इससे पहले भी हिंदी अकादमी और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

वर्तमान में वह केंद्र सरकार की ‘निपसिड’ समिति के सदस्य हैं, जहां वह अपने अनुभव और विशेषज्ञता से नीतिगत स्तर पर योगदान दे रहे हैं।

प्रभासाक्षी का वार्षिक सम्मान समारोह

प्रभासाक्षी समाचार एजेंसी हर साल ‘हिंदी सेवा सम्मान’ के माध्यम से उन पत्रकारों, लेखकों और साहित्यकारों को सम्मानित करती है, जिन्होंने हिंदी भाषा के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। इस बार के आयोजन में 21 ऐसे कलमकारों का चयन किया गया, जिन्होंने हिंदी को समाज और मीडिया के विभिन्न माध्यमों से मजबूत बनाने का काम किया है।

इस अवसर पर हिंदी भाषा के भविष्य, डिजिटल युग में इसके प्रसार और पत्रकारिता में इसके बढ़ते महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई।

डॉ. रमेश ठाकुर को मिला यह सम्मान क्यों खास है?

डॉ. रमेश ठाकुर का यह सम्मान विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी हिंदी भाषा के प्रति प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट लेखन क्षमता को पहचान देता है। वह टीवी माध्यमों के जरिए हिंदी के प्रसार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके लेख न केवल पाठकों को जोड़ते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता लाने का भी कार्य करते हैं।

यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि हिंदी भाषा के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उनके प्रयासों को एक नई प्रेरणा भी प्रदान करता है।

‘हिंदी सेवा सम्मान 2024’ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि हिंदी भाषा को समर्पित व्यक्तित्वों का योगदान देश में बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. रमेश ठाकुर जैसे पत्रकार और लेखक अपनी मेहनत और समर्पण से हिंदी को ऊंचाइयों पर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इस तरह के आयोजनों से हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।

गैंगरेप पीड़िता की मदद के लिए दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के मजबूत प्रयास

नई दिल्ली (संवादसूत्र- संजीव कुमार): ओडिशा की एक 34 वर्षीय महिला, जो सराय काले खां के पास बीती 11 अक्टूबर को गैंगरेप का शिकार हुई थी, बीते काफी वक्त से गंभीर मानसिक आघात, आर्थिक तंगी और अपने गुम हुए दस्तावेजों को लेकर परेशान थी। इस कठिन हालातों में दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (DSLSA) ने उसकी मदद के लिए कदम उठाया और पुनर्वास के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, DSLSA ने महिला के चोरी हुए शैक्षणिक दस्तावेज़ों को दोबारा प्राप्त करने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराने में मदद की।

अभिनव पांडे, सचिव (लीगल ), DSLSA के निर्देशन में, साउथ ईस्ट जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अभिनव सिंह के नेतृत्व में पीड़िता को व्यापक सहायता प्रदान की गई।

साउथ ईस्ट जिला पीड़ित मुआवजा समिति ने 2.5 लाख रुपए की अंतरिम राहत को मंजूरी दी, जिसे सदस्य सचिव राजीव बंसल और विशेष सचिव नवीन कुमार गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया।

राजीव बंसल की शानदार लीडरशिप और मैनेजमेंट के चलते इस फाइनेंनशियल सहायता को समय पर प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई, जो DSLSA की न्याय और सहायता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आर्थिक सहायता के अलावा, DSLSA ने पीड़िता की भावनात्मक चिकित्सा और मेंटल रिहेबलिटेशन की आवश्यकता को भी पहचाना।

यही नहीं प्रीतम यादव, जो कि एक बेहद समर्पित मनोवैज्ञानिक काउंसलर हैं, उन्होंने पीड़ित महिला की मानसिक स्थिति को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी करुणामय दृष्टिकोण और विशेषज्ञता के माध्यम से प्रीतम यादव ने कई बार अस्पताल का दौरा किया और पीडि़त महिला की काउंसलिंग की, जिससे न केवल पीड़िता को आत्मविश्वास प्राप्त हुआ बल्कि मुआवजे का लाभ उठाने और भविष्य में रोजगार के अवसरों की खोज करने के लिए प्रेरणा भी मिली

पीड़िता ने सहायता से प्रेरित होकर अपनी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने के बाद लाभकारी रोजगार प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की। DSLSA ने इस दिशा में अपनी सहायता जारी रखने और पीड़िता के समग्र पुनर्वास को सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।

DSLSA का यह हस्तक्षेप गंभीर अपराधों के पीड़ितों को समय पर और व्यापक कानूनी और भावनात्मक सहायता प्रदान करने की उसकी अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करता है।