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पिता ने नौकरी छोड़ी, तब गुकेश बने विश्व चैंपियन: अब अनुष्का शर्मा ने भी किया समर्थन

भारतीय शतरंज के खिलाड़ी डी गुकेश ने 18 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बनकर इतिहास रचा। भारतीय ग्रैंडमास्टर ने निर्णायक गेम 14 में गत चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर खिताब जीता। इस मौके पर डी गुकेश के पिता ने अपने त्याग को लेकर बात की है। जिसको लेकर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अनुष्का शर्मा ने डी गुकेश के पिता के त्याग का सम्मान करते हुए उनकी तारीफ की है।

अनुष्का शर्मा ने शेयर किया वीडियो

अनुष्का ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गुकेश के पिता डॉ. रजनीकांत कहते नजर आ रहे हैं, ‘बलिदान एक बड़ा शब्द है। अगर बच्चे किसी चीज में प्रतिभाशाली हैं तो उन्हें कुछ देना माता-पिता का कर्तव्य है। जब वह हमसे मतलब रखता था। जब उसने शुरुआती चरण में शतरंज करियर शुरू किया तो मैं अपने करियर और पेशे पर काम कर सकता था और सप्ताहांत में मैं जाता था और उसे सप्ताहांत टूर्नामेंट या कुछ और के लिए ले जाता था। एक बार जब वह रेटिंग और ताकत हासिल करने लगा तो हमें विदेश यात्रा करनी पड़ी। हममें से किसी एक को, मुझे या मेरी पत्नी को, टूर्नामेंट के लिए उनके साथ जाने का सचेत निर्णय लेना था और किसी को अभ्यास जारी रखना था। मैंने उसके साथ यात्रा करने का निर्णय लिया और मेरी पत्नी ने परिवार को आर्थिक रूप से समर्थन देने का निर्णय लिया। यह स्वाभाविक है, कोई भी माता-पिता अपने बच्चों के लिए ऐसा करेंगे। यह हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है।’ इस वीडियो को लेकर अनुष्का शर्मा ने लिखा, ‘एक चैंपियन माता-पिता के खूबसूरत शब्द।’

खेलों के प्रति अनुष्का शर्मा की दीवानगी

अनुष्का शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और स्टार खिलाड़ी विराट कोहली से शादी की है। दोनों अब पेरेंट्स भी बन गए हैं। अनुष्का शर्मा और विराट कोहली के 2 बच्चे हैं। अनुष्का शर्मा भी खेलों की दुनिया में काफी सक्रिय रहती हैं। अनुष्का खुद भी कई बार क्रिकेट खेलती नजर आती हैं। जिसके वीडियो अनुष्का अपने इंस्टाग्राम पर शेयर करती रहती हैं।

Year Ender 2024: मंकीपॉक्स से जीका वायरस तक, इन बीमारियों ने 2024 में फैलाई दहशत

Dangerous Diseases in 2024: साल 2024 का आखिरी महीना चल रहा है। कुछ ही दिनों में दुनिया नए साल का स्वागत करेगी। अब जब साल 2024 के आखिरी कुछ दिन बचे हैं, तब वक्त है इस साल की घटनाओं और स्वास्थ्य संकटों पर नजर डालने का है। 2024 में दुनिया ने कई गंभीर बीमारियों का सामना किया। इन बीमारियों ने ना केवल लाखों लोगों को प्रभावित किया, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव भी डाला है। चो चलिए आपको उन बीमारियों के बारे में बताते हैं जिन्होंने 2024 में सबसे अधिक तबाही मचाई।

कोविड-19 का XBB वेरिएंट

2024 में कोरोना वायरस का कहर एक एक बार फिर देखने को मिला। इस साल कोरोना के नए वेरिएंट XBB ने दुनिया भर में तबाही मचाई। कोविड-19 का XBB वेरिएंट ने ना सिर्फ वैक्सीन की प्रभावशीलता को कम किया है, बल्कि कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। कोरोना का यह वेरिएंट तेजी से फैलने वाला था और बच्चों व बुजुर्गों पर अधिक प्रभाव डाल रहा था

मंकीपॉक्स

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 12 जून, 2024 तक दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 97,281 मामले दर्ज किए गए थे। इतना ही नहीं, दुनिया में मंकीपॉक्स के कारण 208 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी भी घोषित किया था। अफ्रीका के कई देशों को अपनी चपेट में लेने के बाद यह बीमारी यूरोप और एशिया तक फैल ग थी।

डेंगू

2024 में डेंगू बुखार ने एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित किया। एशियाई देशों में होने वाली बारिश के कारण डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 30 अप्रैल 2024 तक 7.6 मिलियन से अधिक डेंगू के मामले दर्ज किए गए थे। साल 2024 में डेंगू की वजह से 3000 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

निपाह वायरस

भारत के दक्षिणी राज्य केरल में 2024 में निपाह वायरस का प्रकोप देखने को मिला। निपाह वायरस चमगादड़ों और सूअरों से फैलता है। कोरोना की तरह की निपाह भी एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है। निपाह वायरस की चपेट में आने से केरल में कई लोगों की मौत हुई है।

गरीबी के दिनों में ट्रेन के फर्श पर सोकर किया सफर, आगे चलकर बने तबला सम्राट

लगातार 3 बार समेत कुल 5 बार ग्रैमी,  पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सम्मानों के सरतार जाकिर हुसैन की हालत रविवार को गंभीर हो गई। जाकिर हुसैन को अमेरिका के शहर सैन फ्रेंसिस्को के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज के दौरान सोमवार सुबह निधन हो गया है। 9 मार्च 1951 को मुंबई में जन्मे जाकिर हुसैन बचपन से ही जहीन दिमाग और कला प्रेमी रहे हैं। जाकिर हुसैन ने अपनी स्कूलिंग सेंट मिचेल हाई स्कूल माहिम से पूरी की। बचपन से ही संगीत की दुनिया में नाम कमाने वाले जाकिर हुसैन ने कम उम्र से ही तबला बजाना शुरू कर दिया था। साल 1973 में जाकिर हुसैन ने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम में अपने संगीत का जादू दिखाया था। यहां से जाकिर हुसैन की संगीत की यात्रा पूरी दुनिया में सफर के लिए निकली।

अमेरिका से की थी म्यूजिक की पढ़ाई

जाकिर ने वाशिंगटन विश्वविद्यालय से संगीत में डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1991 में प्लैनेट ड्रम के लिए ड्रमर मिकी हार्ट के साथ एल्बम में काम किया। इस एल्बम के लिए जाकिर हुसैन को ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया। हुसैन ने कई फिल्मों के साउंडट्रैक में भी अपना जादू पिरोया है। जाकिर हुसैन को 1991 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह अटलांटा में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के लिए संगीत तैयार करने वाली टीम का भी हिस्सा थे। वह पहले भारतीय संगीतकार भी हैं जिन्हें 2016 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा ऑल-स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट में भाग लेने के लिए व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया गया था। जाकिर हुसैन को भारत सरकार द्वारा 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

पैसों की किल्लत झेल चुनी म्यूजिक की जर्नी

जाकिर हुसैन ने बचपन में काफी संघर्ष भी किया है। अपने करियर के शुरुआती दिनों में जाकिर हुसैन को काफी आर्थिक दिक्कतों का सामना पड़ा था। पैसों की कमी के चलते जाकिर हुसैन ट्रेन में जनरल कोच में यात्रा करते थे। इतना ही नहीं सीट नहीं मिलने पर ट्रेन कोच के जमीन पर ही अखबार बिछाकर सो जाया करते थे। लेकिन आगे जाकर जाकिर हुसैन ने अपने संगीत से दुनिया में नाम कमाया। जाकिर हुसैन संगीत की दुनिया के साथ फिल्मों से भी जुड़े रहे। इतना ही नहीं जाकिर हुसैन ने हॉलीवुड फिल्म में भी एक्टिंग की है। जाकिर हुसैन को 1983 में ब्रिटिश फिल्म हीट एंड डस्ट में भी काम करने का मौका मिला था। इस फिल्म में जाकिर हुसैन के साथ शशि कपूर भी अहम किरदार में नजर आए थे।

बांग्लादेश मे प्रधानमंत्री शेख हसीना पर लग रहा लोगों को गायब करने का आरोप, जानें पूरी घटना

ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा गठित एक जांच आयोग ने कहा है कि उसे लोगों को कथित रूप से गायब किए जाने की घटनाओं में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके शासन के शीर्ष सैन्य एवं पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। इस पांच सदस्यीय आयोग ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को शनिवार को ‘सत्य का खुलासा’ शीर्षक से अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी जिसके बाद यह बयान जारी किया गया। लोगों के लापता होने की घटनाओं की जांच के लिए गठित आयोग ने अनुमान लगाया है कि ऐसे मामलों की संख्या 3,500 से अधिक है।

शामिल पाए गए कई अधिकारी

मुख्य सलाहकार के कार्यालय की प्रेस शाखा ने एक बयान में कहा, ‘‘आयोग को इस बात के सबूत मिले हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के निर्देश पर लोगों को गायब किया गया।’’ इसमें कहा गया है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) तारिक अहमद सिद्दीकी, राष्ट्रीय दूरसंचार निगरानी केंद्र के पूर्व महानिदेशक और बर्खास्त मेजर जनरल जियाउल अहसन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोनिरुल इस्लाम एवं मोहम्मद हारुन-ओर-रशीद और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इन घटनाओं में शामिल पाए गए। सेना और पुलिस के ये सभी पूर्व अधिकारी फरार हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वे छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पांच अगस्त को हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद देश से बाहर से चले गए थे।

‘सेना, नौसेना, वायु सेना और पुलिस के लोग शामिल’

बयान के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मैनुल इस्लाम चौधरी ने यूनुस को बताया कि जांच के दौरान उन्हें अहम चीजों के बारे में पता चला। चौधरी ने कहा, ”लोगों को गायब करने या हत्या करने वाले व्यक्तियों को भी पीड़ितों की जानकारी नहीं होती थी।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस की विशिष्ट अपराध-विरोधी ‘रैपिड एक्शन बटालियन’ (आरएबी) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी ने लोगों को जबरन ले जाने, उन्हें प्रताड़ित करने और हिरासत में रखने की घटनाओं को अंजाम देने के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम किया। आरएबी में सेना, नौसेना, वायु सेना और पुलिस के लोग शामिल होते हैं।

758 मामलों की हुई जांच

आयोग ने आतंकवाद रोधी अधिनियम, 2009 को खत्म करने या उसमें व्यापक संशोधन करने के साथ-साथ आरएबी को खत्म करने का प्रस्ताव भी रखा। मानवाधिकार कार्यकर्ता और आयोग के सदस्य सज्जाद हुसैन ने कहा कि उन्होंने इस तरह की घटनाओं के कारण लोगों के लापता होने की 1,676 शिकायतें दर्ज की हैं और अब तक उनमें से 758 मामलों की जांच की है। इनमें से 200 लोग या 27 प्रतिशत पीड़ित कभी वापस नहीं लौटे और जो वापस लौटे, उनमें से अधिकतर को रिकॉर्ड में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के तौर पर दिखाया गया है। आयोग में अध्यक्ष के अलावा न्यायमूर्ति फरीद अहमद शिबली, मानवाधिकार कार्यकर्ता नूर खान, निजी बीआरएसी विश्वविद्यालय की शिक्षिका नबीला इदरीस और मानवाधिकार कार्यकर्ता सज्जाद हुसैन भी शामिल हैं।

‘मिले गुप्त हिरासत केंद्र’

इससे पहले, आयोग ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि उसे ढाका और उसके बाहरी इलाकों में आठ गुप्त हिरासत केंद्र मिले हैं। आयोग के अध्यक्ष ने यूनुस को बताया कि वह मार्च में एक और अंतरिम रिपोर्ट पेश करेंगे। सभी आरोपों की जांच पूरी करने के लिए उन्हें कम से कम एक और वर्ष लगेगा। यूनुस ने कहा, ‘‘आप वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। हम आपको हर तरह की सहायता देने के लिए तैयार हैं।’’

गुप्त हिरासत केंद्रों का दौरा करेंगे यूनुस 

टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर उन पीड़ितों के इंटरव्यू प्रसारित किए गए जिन्हें कथित रूप से गायब किया गया था। इन पीड़ितों में हसीना के शासन का सक्रिय रूप से विरोध करने वाले विपक्ष के कार्यकर्ता और पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हैं। यूनुस ने रिपोर्ट प्राप्त करते समय कहा कि वह कुछ संयुक्त पूछताछ कक्षों और गुप्त हिरासत केंद्रों का दौरा करेंगे क्योंकि वह पीड़ितों की पीड़ा के बारे में सीधे उन्हीं से जानकारी लेना चाहते हैं। रिपोर्ट में लोगों को गायब किए जाने की घटनाओं को अपराध घोषित करने के लिए एक नया कानून बनाने की मांग की गई है।

क्रूज टूर का अनुभव लेना चाहते हैं ? इस तरह से IRCTC से बुक करें यह स्पेशल टूर पैकेज

वैसे कहीं घूमने जाने के लिए टूर पैकेज एकदम बढ़िया होते हैं। कई बार टूर पैकेज जरिए ट्रैवलिंग करना बेहद फायदेमंद होता है। ग्रुप बुकिंग करने पर कम कीमत पर बेहतर सुविधाए प्रदान होती है। चाहे प्राइवेट कंपनी का टूर पैकेज हो या फिर भारतीय रेवले का टूर पैकेज सभी लोग ग्राहकों काफी सुविधाएं प्रदान करवाते हैं। आप ने भारतीय रेलवे का टूर पैकेज के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं IRCTC क्रूज टूर पैकेज भी प्रदान करती है। अगर आप इस बारे में जानना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं। आईआरसीटीसी का क्रूज टूर पैकेज के बारे में , इसे कैसे बुक किया जाता है।

कैसे बुक करें क्रूज टूर पैकेज

  • सबसे पहले आप गूगल पर भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट  irctctourism.com को सर्च करें।
  • इसके बाद आपको सबसे पहले ऊपर लोकेशन के हिसाब से अलग-अगल पैकेज के नाम जरुर आएंगे।
  • यहां पर आपको होटल, फ्लाइट, पैकेज और क्रूज जैसे टिकट बुकिंग का आइकन देखने को मिलेगा।
  • फिर आप यहां पर क्रूज टूर पैकेज बुक करना है, इसलिए आप क्रूज के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • अब आप देखेंगे की सामने 2 तरह के पैकेज ऑप्शन खुल जाएंगे। इसमें आपको डोमेस्टिक और इंटरनेशनल टूर पैकेज बुक करने का ऑप्शन नजर आएगा।
  • यहां आपको डोमेस्टिक रिवर क्रूज के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • यहां आपको अलग-अलग लोकेशन से चलाए जाने वाले क्रूज पैकेज के ऑप्शन दिख जाएंगे।
  • बता दें कि, क्रूज टूर पैकेज को बुक करने से पहले इंक्वायरी फॉर्म भरना होता है।

जब आप अपनी ईमेल आईडी, अपना फोन नंबर, कितने लोग यात्रा करने वाले हैं और साथ में कितने बच्चे हैं, इन सब की जानकारी देनी होगी। इसके बाद आप पास मेल पर Reference No. दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे की तरफ से कॉल आएगी। फिर आप टूर पैकेज बुक कर पाएंगे।