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मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना में संशोधनों बैठक की अध्यक्षता मंत्री राकेश सचान ने की, मंत्री ने बुनकरों से योजना का लाभ उठाने का किया आह्वान

min rakesh sachan
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  • योजना का उद्देश्य पावरलूम बुनकरों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है
  • संशोधनों में यूपीनेडा के अलावा अन्य आपूर्तिकर्ताओं से भी सोलर प्लांट लगवाने की सुविधा और 1 किलोवाट क्षमता वाले प्लांट पर वित्तीय सहायता मिलेगी
  • योजना का प्रारंभिक क्रियान्वयन चार क्षेत्रों में पायलट प्रोग्राम के रूप में होगा।

लखनऊ, 16 दिसम्बर 2024: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में लखनऊ के खादी भवन में मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को लेकर बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजना के तहत पावरलूम बुनकरों को सौर ऊर्जा का लाभ प्रदान करने और उनके समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में योजना को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्ताव रखे गए।

मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना का उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना का उद्देश्य पावरलूम बुनकरों को परंपरागत ऊर्जा स्रोत, विशेषकर विद्युत पर निर्भरता को कम करके सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत बुनकरों को सब्सिडी पर सोलर पावर प्लांट प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी लागत में कमी आएगी और वे अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बन सकेंगे।

योजना के दिशा-निर्देशों में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, पावरलूम बुनकर अब यूपीनेडा के माध्यम से या यूपीनेडा में पंजीकृत किसी अन्य आपूर्तिकर्ता से सोलर पावर प्लांट स्थापित करवा सकते हैं। शर्त यह है कि बुनकर द्वारा चयनित संस्था की दर यूपीनेडा की तुलना में कम होनी चाहिए। यदि दोनों की दर समान है, तो बुनकर को यूपीनेडा का ही चयन करना होगा। इससे बुनकरों को अधिक लचीलापन मिलेगा और उन्हें सस्ती दरों पर सोलर पावर प्लांट उपलब्ध हो सकेगा।

पहले केवल 5 किलोवाट या उससे अधिक के सोलर संयंत्रों पर ही वित्तीय सहायता उपलब्ध थी। अब संशोधन के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर भी वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस कदम से छोटे बुनकर भी योजना का लाभ उठा सकेंगे, और अधिक से अधिक बुनकर समुदाय को योजना के दायरे में लाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना का प्रारंभिक क्रियान्वयन चार जोनों में पायलट प्रोग्राम के रूप में किया जाएगा। इस पायलट प्रोग्राम के तहत योजना की सफलता और प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा, ताकि भविष्य में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके।

बैठक में मंत्री राकेश सचान ने बुनकर समुदाय से अपील की कि वे इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा संयंत्र से न केवल उनकी उत्पादन लागत कम होगी, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकेंगे। इसके अलावा, बुनकर ओटीएस योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना में संशोधन बुनकरों की समस्याओं के समाधान और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल बुनकरों को ऊर्जा संकट से राहत देगी, बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने और आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। प्रस्तावित संशोधनों और पायलट प्रोग्राम के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के बुनकर समुदाय को नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त होगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आलोक कुमार, सचिव प्रांजल यादव, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, आयुक्त एवं निदेशक के. विजयेंद्र पांडियन सहित अन्य अधिकारी और बुनकर उपस्थित रहें।

के.जी.एम.यू. के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को मुंबई के ग्लेनमार्क फाउंडेशन से 100 नेबुलाइजर का दान मिला- डॉ. सूर्यकांत

के.जी.एम.यू. के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को ग्लेनमार्क फाउंडेशन से 100 नेबुलाइजर का दान
के.जी.एम.यू. के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को ग्लेनमार्क फाउंडेशन से 100 नेबुलाइजर का दान
के.जी.एम.यू. के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को ग्लेनमार्क फाउंडेशन से 100 नेबुलाइजर का दान
  • 100 नेबुलाइजर गरीब मरीजों के लिए दान किए गए।
  • केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने विभाग के प्रयासों की सराहना की।
  • डॉ. सूर्यकांत ने सीएसआर योजना के माध्यम से इस पहल को मूर्त रूप दिया।
  • ग्लेनमार्क फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम को समाजसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
  • विभाग पहले भी सीएसआर योजना के तहत पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेंटर और हर्बल पार्क जैसी पहल कर चुका है।

लखनऊ, 16 दिसम्बर 2024: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (के.जी.एम.यू.) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को गरीब मरीजों की सेवा के उद्देश्य से ग्लेनमार्क फाउंडेशन, मुंबई द्वारा 100 नेबुलाइजर दान किए गए। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी’ (सीएसआर) के तहत आयोजित हुआ, जो बड़े कॉर्पोरेट घरानों को समाज कल्याण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पहल से असमर्थ मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.सूर्यकांत ने बताया कि नेबुलाइजर एक जीवनरक्षक उपकरण है, जो सांस की दवाइयों को सीधे फेफड़ों तक पहुँचाने का काम करता है। यह उपकरण न केवल इमरजेंसी में बल्कि घर पर भी उपयोगी होता है। यह बलगम को पतला करने, सूजन कम करने और सांस की नलियों को खोलने में मदद करता है।

गरीब मरीजों के लिए वरदान

डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि विभाग में अधिकतर मरीज गरीब तबके से आते हैं। जब इन्हें नेबुलाइजर खरीदने की सलाह दी जाती है, तो कई मरीज इसे खरीदने में असमर्थ रहते हैं। इसी समस्या को देखते हुए, विभाग ने सीएसआर योजना के तहत ग्लेनमार्क फाउंडेशन से सहयोग का अनुरोध किया। फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री हरिशंकर यादव और उनकी टीम ने इस नेक कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने विभाग की सराहना करते हुए कहा कि रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग समाजिक सरोकार के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग को भविष्य में और भी बड़े प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उल्लेखनीय उपलब्धियाँ और योजनाएँ

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने पहले भी सीएसआर योजना के तहत कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। 2022 में सिप्ला फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश का पहला पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित किया गया, जो निःशुल्क सेवाएँ प्रदान करता है। इसके अलावा, रोटरी क्लब ऑफ लखनऊ के सहयोग से ‘रोटरी रेस्पिरेटरी हर्बल पार्क’ की स्थापना की गई। इस पार्क में औषधीय पौधों के साथ-साथ खूबसूरत पेड़-पौधे लगाए गए हैं।

डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि विभाग भविष्य में भी सीएसआर योजना के तहत संस्थाओं से जुड़कर गरीब मरीजों को और अधिक लाभ पहुँचाने का प्रयास करेगा। उन्होंने ग्लेनमार्क फाउंडेशन और इस कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

महाकुंभ-2025: प्रयागराज में जियो ट्यूब तकनीक से होंगे सभी अनटैप्ड नाले ट्रीट

महाकुंभ-2025: प्रयागराज में जियो ट्यूब तकनीक से होंगे सभी अनटैप्ड नाले ट्रीट
महाकुंभ-2025: प्रयागराज में जियो ट्यूब तकनीक से होंगे सभी अनटैप्ड नाले ट्रीट
महाकुंभ-2025: प्रयागराज में जियो ट्यूब तकनीक से होंगे सभी अनटैप्ड नाले ट्रीट
  • गंगा की स्वच्छता: प्रयागराज के सभी 22 अनटैप्ड नालों को जियो ट्यूब तकनीक से ट्रीट किया जाएगा, ताकि गंगा में किसी भी अनट्रीटेड पानी का प्रवाह न हो।
  • उन्नत तकनीक: 55 करोड़ रुपये की लागत से सलोरी में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट आधुनिक जियो ट्यूब तकनीक पर आधारित है।
  • पर्यावरण संरक्षण: ओजोनाइजेशन प्रक्रिया से जलीय जीवन को बिना नुकसान पहुंचाए फीकल बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म किया जाता है।
  • सीएम योगी का निरीक्षण: मुख्यमंत्री ने ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर महाकुंभ के दौरान सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
  • 24×7 मॉनिटरिंग: ट्रीटमेंट प्लांट में ओसीईएमएस तकनीक से चौबीसों घंटे पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जाती है।

महाकुंभ नगर/प्रयागराज, 16 दिसम्बर 2024: महाकुंभ-2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में होने जा रहा है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय समागम माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से इसे दिव्य-भव्य, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार गंगा नदी में किसी भी अनट्रीटेड नाले का पानी नहीं जाने देने के लिए अत्याधुनिक जियो ट्यूब तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यूपी जल निगम, नगरीय ने प्रयागराज के सलोरी में 55 करोड़ रुपये की लागत से जियो ट्यूब आधारित ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया है, जो शहर के सभी 22 अनटैप्ड नालों के अपशिष्ट जल को ट्रीट करेगा।

सलोरी में 55 करोड़ रुपये की लागत से बना ट्रीटमेंट प्लांट

महाकुंभ में हर साल करोड़ों श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान के लिए आते हैं। 2019 से पहले, माघ और कुंभ मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को दूषित जल में स्नान करना पड़ता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशानुसार, इस बार किसी भी नाले का अनट्रीटेड पानी गंगा में नहीं जाने दिया जाएगा। जल निगम के अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार के अनुसार, सलोरी में बनाया गया यह अत्याधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट 55 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया गया है। इसका ट्रायल रन जारी है और 1 जनवरी से यह पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर देगा।

जियो ट्यूब तकनीक: सीवेज ट्रीटमेंट की आधुनिक प्रणाली

जियो ट्यूब तकनीक सीवेज ट्रीटमेंट की एक आधुनिक प्रणाली है, जो जलीय जीवन को सुरक्षित रखते हुए अपशिष्ट जल को ट्रीट करती है। अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि जियो ट्यूब में सीवेज वाटर का 40-50% बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और लगभग 80% टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) ट्रीट किया जाता है। इसके बाद इस पानी को हाइड्रोजन पेरॉक्साइड से शोधित कर ओजोनाइजेशन किया जाता है।

ओजोनाइजेशन की प्रक्रिया क्लोरीनाइजेशन की तुलना में अधिक सुरक्षित है, क्योंकि यह ट्रीटेड पानी में क्लोरीन की उच्च मात्रा से बचाती है, जो जलीय जीवन के लिए हानिकारक हो सकती है। ओजोनाइजेशन फीकल बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म कर देता है, जिसके बाद यह पानी नदी में छोड़ा जा सकता है।

24×7 ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा

इस ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की गुणवत्ता की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए ओसीईएमएस (OCEMS) तकनीक का उपयोग किया गया है। 12 दिसंबर को प्रयागराज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्लांट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाकुंभ के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

महाकुंभ-2025: स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा की नई मिसाल

महाकुंभ-2025 में प्रयागराज की पवित्र नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए उठाए गए इन कदमों से न केवल श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध होगा, बल्कि यह जलवायु संरक्षण का भी एक अनूठा उदाहरण बनेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र में रखा सरकार का पक्ष: योगी बोले- संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की हत्या हुई, 2017 से सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक आई कमी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र में रखा सरकार का पक्ष, योगी बोले- संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की हत्या हुई, 2017 से सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक आई कमी,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र में रखा सरकार का पक्ष, योगी बोले- संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की हत्या हुई, 2017 से सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक आई कमी,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र में रखा सरकार का पक्ष, योगी बोले- संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की हत्या हुई, 2017 से सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक आई कमी,
  • 1947 से अब तक संभल में 209 हिंदुओं की हुई हत्याः योगी
  • सीएम ने सपा और विपक्ष को दिखाया आईना- 2 012 से 2017 (सपा कार्यकाल) तक प्रदेश में 815 सांप्रदायिक दंगे और 192 लोगों की मौत हुई
  • 2007 से 2011 के बीच 616 सांप्रदायिक घटनाएं हुईं, इसमें 121 लोगों की मौत हुईः योगी
  • वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रही देशी-विदेशी मुसलमानों की आपसी भिड़ंत हैः सीएम
  • जुमे की नमाज के पहले और दौरान जिस प्रकार की तकरीरें दी गईं, उसके बाद खराब हुआ माहौलः योगी
  • योगी ने सदन को बताई संभल की हकीकत, बोले-1947 से लगातार माहौल खराब किया गया

लखनऊ, 16 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अपनी बातें रखते हुए विपक्ष को आईना दिखाया। मुख्यमंत्री ने एनसीआरबी डेटा के आंकड़ों के मुताबिक बताया कि 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक की कमी आई है। 2017 से अब तक यूपी में दंगे नहीं हुए हैं, जबकि 2012 से 2017 (सपा कार्यकाल) तक प्रदेश में 815 सांप्रदायिक दंगे और 192 लोगों की मौत हुई। 2007 से 2011 के बीच 616 सांप्रदायिक घटनाएं हुईं, इसमें 121 लोगों की मौत हुई।

सीएम योगी ने कहाकि आखिर तथ्यों को छिपाकर कब तक जनता को गुमराह करेंगे। संभल में माननीय न्यायालय के आदेश पर सर्वे हो रहा था। जयश्रीराम सांप्रदायिक संबोधन नहीं है। राम के बिना हमारा कोई काम ही नहीं है। यदि जयश्रीराम बोलने पर उत्तेजना से नीयत सभी लोग समझ सकते हैं।

सीएम ने कहा कि कुंदरकी की जीत वोट की लूट कहना सदस्य का अपमान है। वहां सपा के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। आज डिजिटल मीडिया का समय है। वहां का पठान और शेख कह रहा है कि हमारे पूर्वज हिंदू थे। आपके पूर्वज भी हिंदू थे। यह देशी-विदेशी मुसलमानों की आपसी भिड़ंत है, जो वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रही है। सपा पर हमलावर योगी ने कहा कि सच पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सूर्य, चांद और सत्य को बहुत देर तक कोई छिपा नहीं सकता, सत्य जल्द सामने आएगा।

पुराण भी कहता है कि श्री हरिविष्णु का दसवां अवतार संभल में होगा
सीएम ने नेता प्रतिपश्र के बयान पर कहा कि बाबर नामा भी कहता है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर ढांचा खड़ा किया गया। पुराण भी कहता है कि श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार संभल में होगा। माननीय न्यायालय के निर्देश पर डीएम व एसपी शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे को संपन्न कराते हैं। 19 नवंबर, 21 नवंबर व 24 नवंबर को सर्वे कार्य चल रहा था। सर्वे के दौरान पहले दो दिन शांतिभंग नहीं हुई। 23 नवंबर को जुमे की नमाज के पहले और दौरान जिस प्रकार की तकरीरें दी गईं, उसके बाद माहौल खराब हुआ, उसके बाद की स्थितियां सबके सामने हैं। हमारी सरकार ने पहले ही कहा है कि हम ज्यूडिशियल एक्ट बनाएंगे, जो एक्ट के अंदर बना है। सदन में उसकी रिपोर्ट आएगी, तब दूध का दूध, पानी का पानी होगा।

संभल में 1947 से लगातार माहौल खराब किया गया
सीएम ने कहाकि संभल में माहौल खराब किया गया। 1947 से अनवरत दंगे प्रारंभ हुए। 1947 में एक मौत और 1948 में छह लोग मारे जाते हैं। 1958-1962 में दंगा, 1976 में पांच लोगों की मौत हुई थी। 1978 में 184 हिंदुओं को सामूहिक रूप से जला दिया गया था। अनवरत कई महीनों तक कर्फ्यू लगा। 1980-1982 में दंगा और एक-एक की मौत हुई। 1986 में चार लोग मारे गए।1990-1992 में पांच, 1996 में दो मौत हुई। लगातार यह सिलसिला चलता रहा।

निर्दोष हिंदुओं के लिए दो शब्द तक इनके मुंह से नहीं निकले
सीएम ने कहा कि 1947 से अब तक संभल में 209 हिंदुओं की हत्या हुई और एक भी बार निर्दोष हिंदुओं के लिए दो शब्द नहीं कहे। घड़ियाली आंसू बहाने वाले लोग निर्दोष हिंदुओं केबारे में दो शब्द नहीं कहे। 1978 में जो दंगा हुआ, एक वैश्य ने सबको पैसा उधार दे रखा था। दंगा होने केबाद हिंदू उनके घर में एकत्र होते हैं, उन्हें घेर लिया जाता है और उनसे कहा जाता है कि इन हाथों से पैसा मांगोगे, इसलिए पहले हाथ, फिर पैर, फिर गला काट दिया जाता है। सौहार्द की बात करने पर इन्हें शर्म नहीं आती है।

पत्थरबाजी व माहौल खराब करने वालों में से एक भी बचने वाला नहीं
सीएम ने कहा कि बजरंग बली का जो मंदिर आज निकल रहा है। 1978 से उस मंदिर को इन लोगों ने खुलने नहीं दिया। 22 कुएं किसने बंद किए थे। इन लोगों ने तनावपूर्ण माहौल बनाया। पत्थरबाजी की होगी, माहौल खराब किया होगा, उसमें से एक भी बचने वाला नहीं है।

IND-W vs WI-W: भारत ने वेस्टइंडीज को दी मात, इन दो खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

IND-W vs WI-W: भारत की महिला टीम और वेस्टइंडीज की महिला टीम के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज के पहले मुकाबले को टीम इंडिया ने जीत लिया है। इस मैच में भारतीय टीम ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और वेस्टइंडीज की टीम को इस मैच में 49 रनों से हरा दिया। टीम इंडिया की जीत में दो खिलाड़ियों का रोल काफी अहम रहा। जिसके कारण उन्होंने इस मुकाबले को जीता। यह दो प्लेयर सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स हैं।

इन दो खिलाड़ियों ने खेली शानदार पारी

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने शानदार बल्लेबाजी की। इन दोनों बल्लेबाजों के कारण टीम इंडिया ने मैच की पहली पारी में एक बड़ा स्कोर बनाया और मेहमान टीम को पहली ही पारी में दबाव में डाल दिया। दोनों ही बल्लेबाजों ने इस मैच में अर्धशतक जड़ा है। गेंदबाजी में भी टीम इंडिया ने पूरा दबाव बनाए रखा। भारत की ओर से तितास साधु, राधा यादव और दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में कमाल का प्रदर्शन किया।

कैसा रहा मैच का हाल

दोनों टीमों के बीच खेले गए इस मुकाबले के बारे में बात करें तो, वेस्टइंडीज की कप्तान ने इस मुकाबले में टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। इसके बाद टीम इंडिया ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए। इस दौरान टीम इंडिया की ओर से स्मृति मंधाना ने 33 गेंदों पर 54 रन और जेमिमा रोड्रिग्स ने 35 गेंदों पर 73 रन की पारी खेली।

टीम इंडिया द्वारा दिए गए 196 रन के टारगेट का पीछा करने के लिए मैच की दूसरी पारी में मैदान पर उतरी वेस्टइंडीज का टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 146 रन ही बना सकी और टीम इंडिया ने 49 रन से इस मैच को जीत लिया। दूसरी पारी में तितास साधु सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 37 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं दीप्ति शर्मा और राधा यादव ने दो-दो विकेट झटके। सीरीज का अगला मुकाबला 17 दिसंबर को इसी वेन्यू पर खेला जाएगा। जहां टीम इंडिया जीत के साथ सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करना चाहेगी।