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अन्नपूर्णा भवन: योगी सरकार का बड़ा कदम, खाद्यान्न आपूर्ति और जन सुविधाओं में सुधार

3213 भवन तैयार, 1630 पर कार्य प्रगतिशील: ग्रामीण और शहरी विकास की नई पहल

लखनऊ, 17 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और स्थायी बनाने के लिए अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण तेज गति से शुरू किया है। अब तक 3,213 भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 1,630 भवनों का काम प्रगति पर है। इन भवनों का उद्देश्य उचित दर की दुकानों को स्थायी आधारभूत संरचना प्रदान करना है, जिससे राशन वितरण प्रणाली में सुधार के साथ लोगों की अन्य जरूरतें भी पूरी की जा सकें।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में बहुउद्देश्यीय केंद्र बनेंगे अन्नपूर्णा भवन

अन्नपूर्णा भवन न केवल खाद्यान्न भंडारण और वितरण के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, बल्कि इन्हें ग्रामीण और शहरी इलाकों में बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन भवनों में निम्न सुविधाएं शामिल होंगी:
• कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): जहां जाति, आय, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
• जनरल स्टोर: रोजमर्रा की वस्तुएं, सस्ती जेनरिक दवाएं, और अन्य आवश्यक सामान।
• बिजली बिल भुगतान सुविधा: स्थानीय निवासियों के लिए बिल जमा करने की सुविधा।
• ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सेवाएं: जिससे डिजिटल सेवाओं का प्रसार हो सके।
• सीसीटीवी कैमरे: सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए।

मनरेगा के तहत किया जा रहा निर्माण कार्य

अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण मनरेगा योजना के अंतर्गत किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। ये भवन ग्राम पंचायतों की सरकारी भूमि पर बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक हॉल, प्रतीक्षालय, और अन्य बुनियादी ढांचे की व्यवस्था होगी।

2024-25 के वित्तीय वर्ष में 2,800 से अधिक नए भवनों का निर्माण शुरू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की सभी 80,000 उचित दर की दुकानों को अन्नपूर्णा भवनों के रूप में स्थायी और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाए।

खाद्यान्न वितरण में सुधार: जनता को होगी अधिक सुविधा

पहले उचित दर की दुकानें संकरी गलियों में स्थित होती थीं, जिससे खाद्यान्न आपूर्ति वाहन और ग्राहकों को परेशानी होती थी। अन्नपूर्णा भवन बनने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। इन भवनों के माध्यम से राशन वितरण में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। कोटेदार बदलने की स्थिति में भी भवन की स्थिरता बनी रहेगी, जिससे खाद्यान्न आपूर्ति बाधित नहीं होगी।

भविष्य के लिए सरकार का बड़ा लक्ष्य

योगी सरकार का उद्देश्य है कि इन भवनों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति को कुशल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। सभी पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि उपयुक्त भूमि का चयन तेजी से करें ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।

इन भवनों में उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं जैसे सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट कनेक्टिविटी, और आधुनिक स्टोरेज सिस्टम का समावेश किया जा रहा है।

योगी सरकार के अन्नपूर्णा भवन प्रदेश की खाद्यान्न आपूर्ति प्रणाली में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। इन भवनों से न केवल लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी बल्कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी होगा।

लद्दाख सीमा पर समझौते के बाद NSA अजीत डोभाल करेंगे चीन का दौरा, जानें इस यात्रा की अहम बातें।

Ajit Doval China Visit: भारत और चीन के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ हाल के दिनों पिघलती हुई नजर आई है। सीमा विवाद को लेकर बीते दिनों दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ नरमी भी देखने को मिली है। देपसांग और डेमचोक के फ्रिक्शन प्वाइंट पर डिसइंगेजमेंट के बाद दोनों देशों में बातचीत का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। इस बीच जल्द ही भारत के सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल  चीन की यात्रा करने वाले हैं। इस दौरान वह अपने समकक्ष और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर सकते हैं।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी ने लिया था फैसला

चीन यात्रा के दौरान अजीत डोभाल सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता के नए संस्करण में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह वार्ता करीब पांच साल के अंतराल के बाद होगी। इससे पहले विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की वार्ता दिसंबर 2019 में नई दिल्ली में हुई थी। वार्ता के इस तंत्र को बहाल करने का निर्णय 23 अक्टूबर को कजान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में लिया गया था।

पांच साल में नहीं हुई है विशेष प्रतिनिधि वार्ता

एक सूत्र ने बताया कि एसआर वार्ता इस महीने के अंत में या जनवरी की शुरुआत में हो सकती है। अभी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि एसआर वार्ता किस जगह पर होगी। भारत और चीन ने पांच दिसंबर को अपनी कूटनीतिक वार्ता में विशेष प्रतिनिधि वार्ता की तैयारी की थी। वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल हैं, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री वांग यी कर रहे हैं। पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के कारण पिछले पांच साल में कोई विशेष प्रतिनिधि वार्ता नहीं हुई।

भारत-चीन के रिश्ते हो गए थे तनावपूर्ण

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था और उस वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़प के परिणामस्वरूप दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। यह गतिरोध एक समझौते के तहत देपसांग और डेमचोक से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समाप्त हुआ था। सैनिकों की वापसी के समझौते को 21 अक्टूबर को अंतिम रूप दिया गया था। समझौते पर हस्ताक्षर होने के दो दिन बाद मोदी और शी ने रूस के कजान शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत की थी। बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता सहित कई वार्ता तंत्रों को बहाल करने पर सहमति व्यक्त की थी।

Year Ender 2024: साल 2024 की ये घटनाएं बनीं दुनिया में बदलाव की वजह

Year Ender 2024: साल 2024 जाने वाला है और दुनिया नए साल का स्वागत करने के लिए तैयार है। साल 2024 के आखिरी कुछ दिन बचे हैं ऐसे में यह वक्त है इस साल की घटनाओं पर नजर डालने का है। साल 2024 में दुनिया ने कई गंभीर संकटों का सामना किया। विश्वभर में कई महत्वपूर्ण घटनाएं और हादसे हुए हैं। ये घटनाएं ना केवल प्रभावित करने वाली रहीं, बल्कि इनका असर लंबे समय तक देखने को मिलेगा। प्राकृतिक रही हों या मानवीय चलिए 2024 की प्रमुख घटनाओं पर एक नजर डालते हैं।

प्राकृतिक आपदाएं

भूकंप: साल 2024 में कई स्थानों को कुदरत का कहर झेलना पड़ा। जनवरी 2024 में, टोक्यो में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया और कई इमारतें ध्वस्त हो गईं। हजारों लोग बेघर हो गए और सैकड़ों की जान चली गई। भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। जापान ही नहीं अमेरिका से लेकर अफगानिस्तान तक दुनिया के तमाम हिस्सों में भूकंप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी।

मानवीय त्रासदी

युद्ध और संघर्ष: 2024 में कई देशों में युद्ध और संघर्ष जारी रहे। यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष में हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग विस्थापित हुए। इसी तरह, मिडिल ईस्ट में भी संघर्ष जारी रहे, जिसमें सीरिया और यमन प्रमुख रहे। इजरायल और हमास के बीच युद्ध अब भी जारी है। एक समय तो ऐसा भी आया जब दुनिया को लगा कि इजरायल और ईरान के बीच जंग बढ़ सकती है।

प्रवासी संकट: अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में जारी संघर्ष और अस्थिरता के कारण प्रवासी संकट गहराता गया। यूरोप और अन्य विकसित देशों में शरणार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई। कई बार इस तरह के हादसे भी देखने को मिले जब प्रवासियों से भरी नाव समंदर में ही डूब गई और सैकड़ों का संख्या में लोग मारे गए।

स्वास्थ्य संबंधी आपदाएं

महामारी का प्रसार: कोविड-19 के नए वेरिएंट्स के साथ ही, 2024 में एक अन्य घातक महामारी ने दस्तक दी। इस महामारी ने अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों को अपनी चपेट में लिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 12 जून, 2024 तक दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 97,281 मामले दर्ज किए गए थे। इतना ही नहीं, दुनिया में मंकीपॉक्स के कारण 208 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी भी घोषित किया था।

स्वास्थ्य संकट: अफ्रीका के कई हिस्सों में इबोला और अन्य संक्रामक रोगों का प्रकोप जारी रहा, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। अफ्रीका के बाद इसका एक मामला फिली‍पींस में भी पाया गया। इस बीमारी की शुरुआत गिनी के दूर दराज वाले इलाके जेरेकोर में हुई थी लेकिन इसने लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था।

पर्यावरण से संबंधित चुनौतियां

वातावरण प्रदूषण: 2024 में विश्वभर में प्रदूषण का स्तर बढ़ता गया। चीन, भारत और अन्य विकासशील देशों में प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ी हैं। यूनीसेफ और ‘हेल्थ इफैक्ट्स इंस्टीट्यूट’ (एचईआई) की जारी हुई साझा रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ द ग्लोबल एयर-2024’ में बताया गया था कि पूरी दुनिया में 2021 में वायु प्रदूषण के कारण कुल 81 लाख लोग मौत के मुंह में समा गए और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन 81 लाख लोगों में से दूषित वायु के कारण मरने वालों में 7.09 लाख बच्चे 5 वर्ष से भी कम आयु के थे।

जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों का पिघलना, समुद्र स्तर में वृद्धि और अधिकाधिक प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। जलवायु परिवर्तन पर हुए एक नए विश्लेषणात्मक अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर ग्लोबल वर्मिंग का स्तर 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है तो अगली एक सदी में एक अरब लोग मारे जाएंगे।

16 साल में तैयार हुई इस फिल्म में हीरो ने घटाए 31 किलो वजन, IMDb पर मिली बेहतरीन रेटिंग

साल 2024 में एक फिल्म की हर जगह बेहद चर्चा हुई। फिल्म की इमोशनल कहानी ने सिनेमाघरों में दर्शकों को इमोशनल दिया। अहम बात ये है, कि  इस फिल्म के एक्टर ने अपने किरदार में ढलने के लिए 10-20 नहीं 31 किलो वजन काम किया था। फिल्म को पूरा करने में लगभग 16 साल का लंबा वक्त भी लगा। लेकिन, जब फिल्म रिलीज हुई तो मेकर्स और कलाकारों को एहसास हुआ की मेहनत रंग लाई। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और आईएमडीबी पर भी जबरदस्त रेटिंग हासिल की। कुछ फिल्मों की कहानियां ऐसी होती हैं, जो दर्शकों के दिलों में बस जाती हैं। 2024 में थिएटर्स में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। हम जिस शानदार फिल्म के बारे में बात कर रहे हैं उस फिल्म का नाम है ‘आडुजीवितम- द गोट लाइफ’। जिसमें पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आए थे और इसके लिए उन्होंने 31 किलो वजन कम किया था।

एक्टर ने कम किया था 31 किलो वजन

पृथ्वीराज सुकुमारन खुद भी ‘आडुजीवितम-द गोट लाइफ’ फिल्म के लिए अपने ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में बता चुके हैं। उन्होंने अपने ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में बात करते हुए बताया था कि उन्होंने फास्ट रखकर अपना 31 किलो वजन कम किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये मुझसे हो पाएगा। ट्रांसफॉर्मेशन के लिए सबसे कठिन भूख थी, क्योंकि इसमें डाइटिंग शामिल नहीं होती थी, बल्कि खाना नहीं खाना था। मेरा 31 किलो वजन कम मुख्य तौर से फास्ट पर आधारित था। कई बार तो ऐसा हुआ जब मैंने 3 दिनों के तक कुछ नहीं खाया था।’

फिल्म को बनाने में लगे 16 साल

आपको ये जानकर बेहद हैरानी होगी कि इस फिल्म को बनने में 16 साल का वक्त लगा। इस फिल्म के बारे में साल 2008 में पहली बार ब्लेसी डायरेक्टर ने सोचा था और उसी साल सुकुमारन ने मुख्य रोल निभाने के लिए अपनी हामी कर दी थी, लेकिन फिल्म को बनने में 16 साल का समय लग गया। ये फिल्म मार्च 2024 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई और धमाल मचा दिया। इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विनर ब्लेसी ने डारेक्ट किया है। इसमें पृथ्वीराज के अलावा फ्रेंच कलाकार जिमी जीन लुइस, अरब कलाकार तालिब अल बलुशी, अमाला पॉल और आरके गोकुल जैसे एक्टर मुख्य किरदार में नजर आए। ये साल 2024 की मशहुर फिल्मों में से एक है।

इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है फिल्म

आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, पृथ्वीराज की फिल्म ‘आडुजीवितम-द गोट लाइफ’लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत में बनी। इस फिल्म ने लगभग  98।8 करोड़ रुपये कि बेहद शानदार कमाई की। वहीं, दुनियाभर में फिल्म की शानदार कमाई लगभग 158।2 करोड़ रुपये थी। फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही। अगर अभी तक आपने ये फिल्म ‘आडुजीवितम-द गोट लाइफ’ नहीं देखी है तो आप इस फिल्म को ओटीटी पर देख सकते हैं। इन दिनों पृथ्वीराज की ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर हिंदी ही नहीं तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषा में है। इस फिल्म कि आईएमडीबी रेटिंग 10 में से 7।1 है।

जॉर्जिया में 11 भारतीय नागरिकों की मौत, दूतावास ने जारी किया आधिकारिक बयान

जॉर्जिया से भारत के लिए बुरी खबर सामने आई है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जॉर्जिया के गुडौरी में स्थित एक पहाड़ी रिसॉर्ट में 11 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। पूर्व सोवियत देश की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 11 भारतीय लोगों की मौत संभवतः जहरीले कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई है।

भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान

जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी में स्थित भारतीय दूतावास ने गुडौरी में ग्यारह भारतीय नागरिकों के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बारे में जानकर दुख प्रकट किया है। दूतावास ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। भारतीय दूतावास ने कहा- “दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि शवों को शीघ्र स्वदेश भेजा जा सके। जॉर्जिया में भारतीय मिशन ने 16 दिसंबर को एक बयान में कहा, “हम शोक संतप्त परिवारों के भी संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

शारीरिक चोट के कोई निशान नहीं

जॉर्जिया के गुडौरी के पहाड़ी रिसॉर्ट में कुल 12 लोग मृत पाए गए थे जिनमें से 11 लोग भारतीय थे। जानकारी के मुताबिक, जॉर्जिया के आंतरिक मामलों के मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है कि किसी भी पीड़ित पर हिंसा या शारीरिक चोट के कोई निशान नहीं थे। मृत्यु का सटीक कारण पता करने के लिए एक फोरेंसिक टेस्ट भी किया गया है।

रेस्ट एरिया में पाए गए शव

जानकारी के मुताबिक, भारतीय नागरिकों के शव रेस्तरां की दूसरी मंजिल पर रेस्ट एरिया में पाए गए हैं। सभी लोग वहीं पर कार्यरत थे। आपको बता दें कि गुडौरी जॉर्जिया में ग्रेटर काकेशस पर्वत श्रृंखला पर स्थित एक लोकप्रिय स्की रिसॉर्ट है। इस मामले में जांच की कार्रवाई की जा रही है।