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आज के दौर में विज्ञान, गणित तकनीकी बहुत उपयोगी: जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार

  • जिलाधिकारी ने जीजीआईसी में किया स्टेम इनोवेशन एंड लर्निंग सेंटर का उद्घाटन
  • अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट एवं एचसीएल फाउंडेशन की पहल पर शुरू हुआ स्टेम इनोवेशन एंड लर्निंग सेंटर का

लखनऊ, 17 दिसम्बर 2024: राजधानी लखनऊ के विकास नगर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में शिक्षा विभाग के तत्वावधान तथा एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से मंगलवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसके तहत जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने स्टेम (साइंस, टेक्नोलोजी, इंजीनियरिंग मेथ्स) इनोवेशन एंड लर्निंग सेंटर (एसआईएलसी) का उद्घाटन किया।

सेंटर का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में एसआईएलसी अहम भूमिका निभाएगा। आज के दौर में विज्ञान, गणित तकनीकी की उपयोगिता बहुत है। हर क्षेत्र में इनकी जरूरत है, इंजीनियरिंग में यह सभी शामिल हैं।

स्टेम, जिसमें साइंस, टेक्नोलोजी, इंजीनियरिंग मेथ्स सभी विधाएं हैं। इनके लगातार उपयोग से तर्क क्षमता और सोचने समझने की शक्ति में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों को जब शुरू से ही इसकी जानकारी जाएगी तो आगे चलकर इसको लेकर उन्हें दिक्कतें नहीं आएँगी और भविष्य में उन्हें क्या करना है इसके प्रति उनकी सोच स्पष्ट होगी।

जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षा अहम भूमिका निभाती है, बेहतर भविष्य के लिए हमें पाठ्यक्रम में एसटीईएम को शामिल करने की जरूरत है।

ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट एवं निदेशक एचसीएल फाउंडेशन , डॉ. निधी पुढ़ीर ने कहा कि एसआईएलसी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी के आधुनिक तकनीकियों का प्रशिक्षण देना तथा शिक्षकों की तकनीकी-शिक्षाशास्त्र पद्धतियों का उपयोग करने की क्षमता में सुधार करना है।

क्षेत्रीय निदेशक, उत्तर भारत, अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट मनीषा ने बताया कि यह अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट की एक पहल है जो कि साल 2023 से जनपद के 10 सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है, जिससे कुल 4024 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं, जिसमें 1384 छात्र एवं 2820 छात्राएं हैं | इसके साथ ही 69 शिक्षक भी इससे लाभ ले रहे हैं |

इस मौके पर जीजीआईसी की प्रधानाचार्या डा. अमिता सिंह, कालेज के शिक्षक, कमर्चारी व बड़ी संख्या पर विद्यार्थी मौजूद रहे |

कौशाम्बी में ओवरलोड डंपर बना मौत का सबब: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, रामनगर बालू घाट से हो रही ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह, ग्रामीणों में आक्रोश

कौशाम्बी/फ़तेहपुर, 17 दिसम्बर 2024: महेवाघाट थाना क्षेत्र के टिकरा गांव में मंगलवार की सुबह ओवरलोड डंपर की टक्कर से मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।

घटना का विवरण

टिकरा गांव निवासी नीरज पांडेय (25) अपनी मां जयंती उर्फ रानी पांडेय (44) को बाइक पर लेकर मंझनपुर जिला अस्पताल इलाज के लिए जा रहे थे। हिनौता मोड़ के पास पीछे से तेज रफ्तार और अनियंत्रित ओवरलोड डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटे दोनों सड़क पर गिर गए और डंपर के पहिए के नीचे कुचले गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रशासन की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और ओवरलोडिंग व प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

महेवा घाट पुलिस ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से इनकार कर दिया, जिसके कारण आक्रोश और बढ़ गया। बाद में, फतेहपुर जिले के धाता थाना क्षेत्र का मामला होने पर धाता पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

ओवरलोडिंग पर रोक लगाने में प्रशासन विफल

रामनगर बालू घाट से लगातार हो रही ओवरलोडिंग का मामला पहले से ही विवादों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिले में ओवरलोडिंग पर कोई अंकुश नहीं लग पाया है। प्रशासनिक अनदेखी और अवैध खनन के कारण राहगीरों को जान का खतरा बना हुआ है।

मां-बेटे की मौत से परिवार में मातम

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

प्रश्नचिन्ह प्रशासन पर

महेवाघाट थानाक्षेत्र के रामनगर बालू घाट में लगातार हो रही ओवरलोडिंग और प्रशासन की उदासीनता ने इस दुखद हादसे को जन्म दिया। यह सवाल उठता है कि जिम्मेदार कौन है, और क्या ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी? जबकि स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध खनन व ओवरलोडिंग के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं लेकिन यहाँ अभी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

भारत की जीडीपी में महिलाओं की भागीदारी 22% इसे 45% के वैश्विक स्तर तक लाने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • अधिकाँश परीक्षा परिणामों में बढ रही लड़कियों की भागीदारी, बेटियाँ हर क्षेत्र में बना रहीं स्वर्णिम भविष्य – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • बदलेगी केकेवी गर्ल्स इंटर कॉलेज की सूरत : जीर्णोद्धार के लिए डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिए 10 लाख
  • बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में पहुंचे डॉ. राजेश्वर सिंह: की महत्वपूर्ण घोषणाएँ
  • केकेवी गर्ल्स कॉलेज की बेटियों के लिए सुलभ होगी डिजिटल शिक्षा, डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिए 5 कंप्यूटर
  • डिजिटल अभियान : अब केकेवी गर्ल्स कॉलेज में भी मिलेगी डिजिटल कोर्सों की फ्री ट्रेनिंग और करियर काउंसलिंग, डॉ. राजेश्वर सिंह दिलाएंगे संसाधन

लखनऊ, 17 दिसम्बर 2024: मंगलवार को सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह चारबाग स्थित, बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल (केकेवी) गर्ल्स इंटर कॉलेज, के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान डॉ. सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक समारोह की शुरुआत की। उपस्थिति छात्राओं, विद्यालय स्टाफ और अभिभावकों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने बेटियों के विद्यालयों में जाना उन्हें प्रेरित, प्रोत्साहित करने और युवाओं का मार्गदर्शन करने की अपनी प्राथमिकता बताई।

सरोजनीनगर विधायक ने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि, वैश्विक स्तर पर GDP में मातृशक्ति का योगदान 45% है, जबकि भारत की GDP में मातृशक्ति का योगदान अभी केवल 22% ही है। विधायक ने आगे जोड़ा यह आंकड़ा प्रमाण है कि, हमें अपनी बेटियों को प्रेरित, प्रोत्साहित और अधिक अवसर प्रदान किए जाने की आवश्यकता है। भारत में लड़कियों की प्रगति के आंकड़े गिनाते हुए डॉ. सिंह ने आगे कहा, “आज, भारत की बेटियां समर्पण, सामर्थ्य, दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम के बल पर प्रगति के नए शिखर छूने को आगे बढ़ रही हैं। यूपीएससी-2022 परीक्षा परिणाम में टॉप 10 में 6 बेटियाँ थीं, वहीं यूपीपीएससी 2022 में भी टॉप 10 में 8 बेटियाँ थीं, पीसीएस (जे)-2022 में टॉप 20 चयनित अभ्यार्थियों में से 15 बेटियों का होना, प्रमाण हैं कि बेटियाँ हर क्षेत्र में अपने भविष्य को स्वर्णिम बना रही हैं।

साथ ही सरोजनीनगर विधायक ने कॉलेज में सुविधाओं के प्रसार के लिए अनेक घोषणाएं भी कीं। डॉ. सिंह ने सीएसआर फंड के माध्यम से विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख की बड़ी राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया। डिजिटल शिक्षा को भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. सिंह ने 5 कंप्यूटर प्रदान कर विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी और डिजिटल एम्पावरमेंट सेंटर की स्थापना का आश्वासन दिया। डिजिटल एम्पावरमेंट केन्द्रों की स्थापना सरोजनी नगर विधायक का माइलस्टोन प्रोजेक्ट है। इन केन्द्रों पर युवाओं को फ्री डिजिटल लाइब्रेरी, कैरियर काउंसलिंग, डिजिटल कोर्सेज का प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। लड़कियों के लिए बैंकिंग, वित्त और अकाउंटेंसी को सबसे लोकप्रिय क्षेत्र बताते हुए कॉलेज प्रबंधन की मांग पर सरोजनीनगर विधायक ने सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत कॉमर्स कोर्स की मान्यता दिलाए जाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कॉलेज को वर्ष 1957 से निरंतर लखनऊ में शिक्षा की ज्योति जला रहे ‘बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज, के रूप में उल्लेखित करते हुए वार्षिकोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के शुभारंभ को अपने लिए विशेष सम्मान बताया। डॉ. सिंह ने बेटियों के मार्गदर्शन का अवसर प्रदान करने के लिए कॉलेज के अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ मिश्रा, प्रबंधिका डॉ. सौम्या शुक्ला, प्राचार्या कीर्ति वर्मा एवं समस्त विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।

विधानसभा में सीएम योगी: हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में 1.60 लाख से अधिक भर्तियां कीं

  • मुख्यमंत्री ने शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी रखा सरकार का पक्ष
  • मुख्यमंत्री ने सपा सदस्यों को दिखाया आईना
  • पिछली सरकार की बदनीयती के कारण नहीं भरी जा सकी थीं भर्तियांः योगी
  • आरक्षण के नियमों का हो रहा अक्षरशः पालनः मुख्यमंत्री
  • उप्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग विभिन्न विभागों से अधियाचन मांगकर नियुक्ति की प्रक्रिया को बढ़ा रहा आगेः सीएम

लखनऊ, 17 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों को रखा। उन्होंने सपा विधायक मनोज कुमार पारस, पूजा, पंकज पटेल के मुद्दे को महत्वपूर्ण व संवेदनशील बताया, लेकिन नसीहत दी कि सदस्यों को सदन की गरिमा व मर्यादा को ध्यान में रखकर तथ्यपरक बातें रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। हमारी सरकार ने 1.60 लाख से अधिक भर्तियां शिक्षा विभाग में की हैं।

विभिन्न विभागों से अधियाचन मांगकर नियुक्ति प्रक्रिया को बढ़ा रहा उप्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा (बेसिक, माध्यमिक, उच्च, तकनीकी, व्यावसायिक, चिकित्सा शिक्षा) को लेकर नया चयन बोर्ड (उप्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग) बनकर तैयार है। वह विभिन्न विभागों से अधियाचन मांगकर नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। हमारी सरकार ने अकेले शिक्षा विभाग में ही 1.60 लाख से अधिक भर्तियां की हैं। यह वे भर्तियां हैं, जो पिछली सरकार की बदनीयती के कारण भरी नहीं जा सकी थीं।

आरक्षण के नियमों का हो रहा अक्षरशः पालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी देश, दुनिया व उत्तर प्रदेश के सामने चुनौती है। उत्तर प्रदेश दुनिया के अंदर सबसे युवा राज्य है। 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 56 से 60 फीसदी आबादी वर्किंग फोर्स-युवा है। हमारी सरकार ने राज्य के युवाओं को ध्यान में रखकर अनेक कार्य किए हैं। पिछले सत्र में हमारी सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा व अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम -2024 को पारित किया। प्रदेश के युवाओं को ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त हो रही हैं। इसमें आरक्षण के नियमों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।

सदस्यों द्वारा रखे गए आंकड़े तथ्यपरक नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर सदस्यों द्वारा रखे गए आंकड़े तथ्यपरक नहीं हैं। यदि उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की भर्तियों की प्रक्रिया को पूर्ण करने की बात है तो 69000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं, वे सभी चार वर्षों से स्कूलों में पढ़ा भी रहे हैं। उससे पहले 68500 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को संपन्न किया गया, क्योंकि उस समय बीएड को एनसीटीई ने उस परीक्षा के योग्य नहीं माना था और उस समय बीटीसी के इतने अभ्यर्थी हमारे पास नहीं थे। इसमें केवल 42 हजार शिक्षकों की भर्ती हो पाई थी, जो आज बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। इन सभी को नियुक्ति पत्र जारी हुआ।

पिछली सरकारों ने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया था
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया था। शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में भर्ती किया था। माननीय उच्चतम न्यायालय ने उन्हें खारिज करके सेवाओं को समाप्त करने का आदेश किया था, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें निश्चित मानदेय पर रखा है। वे सभी शिक्षामित्र भी यथावत कार्य कर रहे हैं। उन्हें वेटेज देकर भर्ती प्रक्रिया से जोड़ा गया था। माननीय उच्चतम न्यायालय की मंशा के अनुरूप कदम उठाए गए थे। 44,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग बोर्ड व उच्चतर शिक्षा चयन आयोग बोर्ड के द्वारा संपन्न की जा चुकी है।

सीएम ने कराया हकीकत से वाकिफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी विनम्रता से कहूंगा कि पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर 18 हजार पद आरक्षित होते हैं और पिछड़ी जाति के उसमें 32,200 से अधिक नौजवान भर्ती हुए हैं। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की सीमा 21 फीसदी है, जिसमें 12 हजार पद उनके लिए आरक्षित होते हैं, लेकिन भर्ती हुई है 14 हजार से अधिक की। ये चीजें दिखाती हैं कि अपनी योग्यता और मेरिट से जो लोग आगे बढ़े हैं, उन्हें जनरल कैटेगरी का भी लाभ दिया गया है। जनरल के जो 34,500 पद थे, उसमें भर्ती हुई है मात्र 20 हजार। यह उन सबके लिए आंखें खोलने वाला होना चाहिए, जो इनके नाम पर राजनीति करके समाज में बंटवारे की खाई को चौड़ा करना चाहते हैं।

योगी सरकार ने सदन में प्रस्तुत किया 17,865 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट

  • उत्तर प्रदेश में बाधारहित विकास को अनवरत जारी रखने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 का दूसरा अनुपूरक बजट प्रस्तुत
  • 17,865.72 करोड़ रुपए के द्वितीय अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव किए गए हैं सम्मिलित
  • मूल बजट का 2.42 प्रतिशत है अनुपूरक बजट, इस वित्तीय वर्ष में दूसरी बार प्रस्तुत किया गया है अनुपूरक बजट
  • मूल बजट के साथ दोनों अनुपूरक बजट मिलाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,66,513.36 करोड़ रुपए पहुंचा कुल बजट
  • अनुपूरक बजट में ऊर्जा विभाग को 8587 करोड़ रुपए तो वित्त विभाग को 2438 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित
  • परिवार कल्याण विभाग को 1592 करोड़, पशुधन के लिए 1001 करोड़ और पीडब्ल्यूडी के लिए 805 करोड़ रुपए

लखनऊ, 17 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश में बाधारहित विकास को अनवरत जारी रखने के लिए योगी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। 17,865.72 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव सम्मिलित किए गए हैं। यह योगी सरकार का इस वित्तीय वर्ष का द्वितीय अनुपूरक बजट है, जो मूल बजट (7 लाख 36 हजार 437.71 करोड़ रुपए) का 2.42 प्रतिशत है। इससे पूर्व योगी सरकार 12,209.93 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत कर चुकी है। दोनों अनुपूरक बजट को मिलाकर योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2024-25 का कुल बजट अब 7 लाख 66 हजार 513.36 करोड़ रुपए का हो गया है।

केंद्रीय योजनाओं के साथ ही आकस्मिक खर्चों का भी प्रस्ताव शामिल
योगी सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि द्वितीय अनुपूरक बजट का आकार 17,865.72 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि यह सरकार विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार है और जब भी आवश्यकता होती है तब संवैधानिक तरीके से सदन के माध्यम से अनुपूरक बजट लाने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव सम्मिलित किए गए हैं। साथ ही इसमें केंद्रीय योजनाओं में 422.56 करोड़ रुपए के केंद्रांश की राशि भी अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, कंटिजेंसी से जो 30 करोड़ 48 लाख रुपए का पैसा लिया गया था, उसकी भी प्रतिपूर्ति का भी प्रस्ताव इसमें शामिल है।

विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं की होगी पूर्ति
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अनुपूरक बजट में विभिन्न विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप बजट जारी किया जाएगा। इसमें ऊर्जा विभाग को 8587.27 करोड़ रुपए, वित्त विभाग को 2438.63 करोड़ रुपए, परिवार कल्याण विभाग को 1592.28 करोड़ रुपए, पशुधन विभाग के लिए 1001 करोड़ रुपए, लोकनिर्माण विभाग के लिए 805 करोड़ रुपए, प्राथमिक शिक्षा विभाग के लिए 515 करोड़ रुपए, सूचना विभाग के लिए 505 करोड़ रुपए, पंचायती राज विभाग के लिए 454.01 करोड़ रुपए और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के लिए 354.54 करोड़ रुपए का बजट प्राविधानित किया गया है।

30 जुलाई को प्रस्तुत किया गया था पहला अनुपूरक बजट
योगी सरकार ने इसी वर्ष फरवरी महीने में मूल बजट किया था, जो 7.36 लाख करोड़ रुपए से अधिक का था। इसके बाद योगी सरकार ने 30 जुलाई को 12,209.93 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसके 5 माह के बाद एक बार फिर योगी सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यकता के अनुरूप द्वितीय अनुपूरक बजट लेकर आई है। इस बजट को मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत कर लिया गया।

इसलिए प्रस्तुत किया जाता है अनुपूरक बजट
अनुपूरक बजट एक ऐसा वित्तीय दस्तावेज है जिसे सरकार किसी वित्तीय वर्ष के दौरान तब प्रस्तुत करती है. जब उसे अपने पहले से स्वीकृत बजट में अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होती है। यह बजट उन खर्चों को कवर करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है, जिनको अनुमानित बजट में शामिल नहीं किया गया था, या जो नई परिस्थितियों के कारण आवश्यक हो गए हैं। यह बजट वित्त वर्ष के बीच में किसी विभाग या मंत्रालय की किसी योजना में अतिरिक्त राशि खर्च करने के लिए लाया जाता है। यह खर्च के अनुमान के साथ पेश किया जाता है।