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दक्षिण कोरिया(सियोल): राष्ट्रपति यून सुक येओल से गिरफ्तारी के बाद 10 घंटे तक पूछताछ चली

महाभियोग का सामना कर रहे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल से बुधवार को जांच एजेंसियों ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। देश की राजधानी सियोल के निकट एक हिरासत केंद्र में ले जाया गया। इससे पहले, उनसे पिछले महीने मार्शल लॉ लगाने के संबंध में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की।

यून को उनके राष्ट्रपति निवास पर हिरासत में लेने के बाद देश की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की। यून ने भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के मुख्यालय में ले जाए जाने से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इस देश में कानून का शासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है’’।

मार्शल ला लगाने पर करना पड़ा महाभियोग का सामना

वह राजधानी सियोल में हन्नाम-डोंग आवास में कई सप्ताह तक छिपे रहे थे और उन्होंने सत्ता से उन्हें हटाने के प्रयासों के खिलाफ ‘‘अंत तक लड़ने’’ का संकल्प व्यक्त किया था। राष्ट्रपति ने पिछले वर्ष तीन दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा की थी। राष्ट्रपति के इस कदम ने पूरे देश को हैरत में डाल दिया था। हालांकि मार्शल लॉ कुछ ही घंटों से समाप्त हो गया था लेकिन इसके बाद देश में राष्ट्रपति के खिलाफ असंतोष की भावना फैल गई थी और विपक्षी दल उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई करने की मांग करने लगे थे।

ढाका: बांग्लादेश की अदालत ने दिखाया उल्फा नेता पर रहम, “भारत के मोस्ट वांटेड” को दी गयी राहत

 बांग्लादेश की अदालत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के आरोपों में बरी करने के बाद अब उल्फा नेता पर भी मेहरबान हो गई।  उच्च न्यायालय ने देश के शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में उल्फा नेता परेश बरुआ की उम्रकैद की सजा को 14 साल की कैद में बदल दिया है, जबकि कई अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। जबकि खालिदा जिया को सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों में बरी करते हुए 10 साल की सजा को खत्म कर दिया। अटॉर्नी जनरल के ब्यूरो के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया, “दो न्यायाधीशों की पीठ ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के फरार सैन्य कमांडर परेश बरुआ और चार बांग्लादेशियों की उम्रकैद की सजा में कटौती की है।”

बरुआ और बांग्लादेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री लुतफुज्जमां बाबर, कई पूर्व सैन्य अधिकारियों, नागरिक अधिकारियों और निजी नागरिकों को असम में उल्फा के गुप्त ठिकानों पर 10 ट्रक हथियारों की तस्करी के कथित प्रयास से जुड़े दो आरोपों में 2014 में दोषी ठहराया गया था। बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने पिछले साल 18 दिसंबर को मामले में बरुआ की मौत की सजा को कम कर उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। बरुआ के बारे में माना जाता है कि वह अभी चीन में रह रहा है। उसे 2014 में उसकी गैरमौजूदगी में चलाए गए एक मुकदमे में मौत की सजा सुनाई गई थी।

भारत की मोस्ट वांटेड सूची में है बरुआ का नाम

भारत में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के ‘मोस्ट वांटेड’ व्यक्तियों की सूची में बरुआ का नाम भी शामिल है। अप्रैल 2004 में चट्टोग्राम (अब चटगांव) के रास्ते पूर्वोत्तर भारत में उल्फा के ठिकानों तक 10 ट्रक हथियार पहुंचाने के कुछ ‘प्रभावशाली हलकों’ के कथित प्रयासों को नाकाम कर दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने इन ट्रक पर लदे हथियार जब्त कर लिए थे, जिनमें 27,000 से अधिक ग्रेनेड, 150 रॉकेट लॉन्चर, 11 लाख से अधिक गोला-बारूद, 1,100 सब मशीन गन और 1.14 करोड़ गोलियां शामिल थीं। हथियारों की तस्करी के लिए विशेष शक्तियां अधिनियम 1974 के तहत एक मामला और अवैध रूप से हथियार रखने के लिए शस्त्र अधिनियम के तहत दूसरा मामला दर्ज किया गया था।

अरूषा: कोरोना और HMPV को पीछे छोड़ते हुए “मारबर्ग” वायरस बना नई चुनौती, अब तक 8 लोगों की हुई मौत

 अभी तक कोरोना और एचएमपीवी संक्रमण के चलते दुनिया भर में हाहाकार था। मगर अब एक और नया वायरस आने से हड़कंप मच गया है। इस वायरस का नाम मारबर्ग बताया जा रहा है, जिसकी वजह से तंजानिया में 8 लोगों की मौत हो गई है। इन मौतों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सतर्क हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को कहा कि उत्तरी तंजानिया के सुदूर हिस्से में संदिग्ध मारबर्ग के प्रकोप से आठ लोगों की मौत हो गई है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने एक बयान में कहा, “हमें तंजानिया में मारबर्ग वायरसे से संक्रमित 9 मामलों की जानकारी अब तक मिली है, जिनमें 8 लोगों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार इबोला की तरह मारबर्ग वायरस फलों, चमगादड़ों से उत्पन्न होता है और संक्रमित व्यक्तियों के शारीरिक तरल पदार्थ या दूषित चादर जैसी सतहों के निकट संपर्क के माध्यम से अन्य लोगों के बीच फैलता है।

88 फीसदी लोगों के लिए घातक है मारबर्ग

डब्ल्यूएचओ के अनुसार अगर उपचार नहीं कराया गया तो मारबर्ग के प्रकोप से बीमार पड़ने वाले 88 प्रतिशत लोगों के लिए यह घातक हो सकता है। इसके लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, दस्त, उल्टी और कुछ मामलों में अत्यधिक रक्त हानि से मौत होना भी शामिल है। फिलहाल मारबर्ग के लिए कोई अधिकृत उपचार या टीका या उपलब्ध नहीं है।डब्ल्यूएचओ ने कहा कि तंजानिया में संदिग्ध प्रकोप के लिए उसका जोखिम मूल्यांकन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अधिक है, लेकिन वैश्विक स्तर पर कम है। तंजानिया के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।

रवांडा में मिला था मारबर्ग का पहला मामला

पहली बार 27 सितंबर को रवांडा में मारबर्ग का प्रकोप  रिपोर्ट किया गया था। इसकी घोषणा 20 दिसंबर को की गई थी। रवांडा के अधिकारियों ने इसके प्रकोप से कुल 15 मौतों और 66 मामलों की सूचना दी थी। इनमें से अधिकांश प्रभावित मरीज वो स्वास्थ्यकर्मी थे, जिन्होंने पहले रोगियों की देखभाल की थी। रवांडा के साथ सीमा साझा करने वाले कागेरा के मारबर्ग में 2023 में फैलने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।

Health Tips :एक्ट्रेस अनन्या पांडे अपनी दिनचर्या की शुरुआत जीरा पानी पीकर करती हैं, जानें इसके सेहत के लिए अद्भुत फायदे।

बॉलीवुड की फिटनेस फ्रीक एक्ट्रेस अनन्या पांडे अपनी हेल्थ और फिटनेस का काफी ख्याल रखती हैं। इसके साथ ही अभिनेत्री नियमित रुप से पिलेट्स क्लास में भाग लेती है। इतना ही नहीं, अनन्या संतुलित आहार का सेवन भी करती है, वह अपने दिन की शुरुआत एक स्वस्थ तरीके से करती हैं।  अनन्या दिन की शुरुआत रोजाना एक आयुर्वेदिक ड्रिंक से करती हैं, जो शरीर के चयापचय को बढ़ावा देता है और शरीर को हाइड्रेट भी रखता है। एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपनी लाइफस्टाइल के बारे में बताया। अनन्या ने कहा कि वह अपने दिन की शुरुआथ कैफीन से नहीं बल्कि हेल्दी ड्रिंक से करती हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपने दिन की शुरुआत जीरा पानी से करती हूं।” आयुर्वेदिक ड्रिंक न केवल बनाने में आसान है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। यह पोटैशियम, मैंगनीज, आयरन और फाइबर से भरपूर है।

जीरा पानी पीने के फायदे

पाचन में सुधार

जीरा पाचन एंजाइमों के उत्पादन को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है, जो समग्र पाचन में सुधार, सूजन को कम करने और अपच या कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है।

मेटाबॉलिज्म को बढ़वा देता है

जीरे का पानी चयापचय को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे बेहतर कैलोरी बर्न करने और वजन प्रबंधन में सहायता मिलती है।

टॉक्सिन  को बाहर निकालता 

शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना जीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं, यकृत के कार्य को समर्थन देते हैं और समग्र विषहरण को बढ़ावा देते हैं।

 रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

जीरे में जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुण होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है

जीरे का पानी पीने से रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद मिल सकती है, जिससे यह मधुमेह वाले लोगों या पूरे दिन स्थिर ऊर्जा स्तर बनाए रखने के इच्छुक लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार

जीरे के पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं, जो उम्र बढ़ने के संकेतों को कम कर सकते हैं और स्पष्ट, स्वस्थ त्वचा को बढ़ावा दे सकते हैं।

वजन घटाने में सहायक

जीरे का पानी पाचन को बढ़ावा देकर, चयापचय में सुधार करके और भूख को कम करके वजन घटाने में सहायता कर सकता है, जिससे आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद मिलती है।

जीरे का पानी कैसे बनाएं?

-एक लीटर पानी में 1-2 चम्मच जीरा डालें।

-इसे रात भर भीगने दें।

– पानी को छानकर उसमें से जीरा निकाल दें और सुबह खाली पेट इसे पी लें।

बॉलीवुड न्यूज़ :नील नितिन मुकेश के नामकरण की कहानी बेहद दिलचस्प है,जाने लता मंगेशकर ने उन्हें यह नाम क्यों दिया?

बॉलीवुड अभिनेता नील नितिन मुकेश आज 43 साल के हो गए हैं। फिल्मों में अपनी नकारात्मक भूमिकाओं के लिए मशहूर अभिनेता आज अपना 43वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। नील ने श्रीराम राघवन की 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘जॉनी गद्दार’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि फिल्म ने अच्छी कमाई नहीं की, लेकिन नील नितिन मुकेश के अभिनय को खूब सराहा गया। आज नील नितिन मुकेश के जन्मदिन पर आपको उनके बारे में दिलचस्प बातें बताते हैं।

चाइल्ड एक्टर के तौर पर किया था डेब्यू

नील नितिन मुकेश बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक नामी खानदान से आते हैं। वो दिग्गज सिंगर मुकेश के पोते और सिंगर नितिन मुकेश के बेटे हैं। नील खुद अपने नाम के आगे पिता और दादा का नाम लगाते हैं। उन्होंने बतौर चाइल्ड एक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की फिल्म से अपना करियर शुरू किया था। इस फिल्म में ऋषि कपूर, अनिल कपूर, अनुपम खेर, हेमा मालिनी और मीनाक्षी शेषाद्रि जैसे कलाकार भी नजर आए थे।

किसके नाम पर रखा गया नील नितिन मुकेश का नाम?

क्या आप जानते हैं कि नील नितिन मुकेश को उनका नाम चांद पर उतरने वाले पहले व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग के नाम पर मिला है? दिलचस्प बात यह है कि उनका नाम स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने रखा था, जो अक्सर नील के गायक दादा मुकेश के साथ काम करती थीं। अभिनेता ने 2017 में रुक्मिणी सहाय के साथ शादी की और बेटी नूरवी का स्वागत किया। अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के बीच, अभिनेता अपने प्रियजनों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना कभी नहीं भूलते।

असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया

सिर्फ चाइल्ड आर्टिस्ट ही नहीं, नील नितिन मुकेश ने अपने करियर में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया। नील नितिन ने अपने करियर में 11 फ्लॉप और 3 सफल फिल्में दी हैं। अब वह गिनी-चुनी फिल्मों में ही नजर आते हैं,लेकिन इसके बाद भी वह लग्जरी लाइफ जीते हैं। लग्जरी के मामले में वह बॉलीवुड के किसी सफल स्टार से पीछे नहीं हैं। उनकी अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो अब वह ‘हिसाब बराबर’ में नजर आएंगे, जो 2025 में रिलीज होगी। हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई नई अपडेट सामने नहीं आई है।

इन फिल्मों में निभाई विलेन की भूमिका

नील नितिन मुकेश ने 2007 में बतौर लीड एक्टर अपना डेब्यू किया। वह ‘जॉनी गद्दार’ में बतौर लीड एक्टर नजर आए, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद वह ‘प्लेयर्स’, ‘वजीर’, ‘गोलमाल अगेन’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसी फिल्मों में अपनी खलनायक की भूमिकाओं से दर्शकों के दिल जीते। नील अगली बार प्रभास स्टारर ‘साहो’ में भी नजर आए और एक बार फिर खलनायक के रोल से दर्शकों को हैरान किया।