Home Blog Page 996

महाकुम्भ 2025: गंगा पंडाल में “संस्कृति का संगम”, शंकर महादेवन ने “चलो कुंभ चले” गीत से किया मंत्रमुग्ध

महाकुम्भ 2025: गंगा पंडाल में "संस्कृति का संगम", शंकर महादेवन ने "चलो कुंभ चले" गीत से किया मंत्रमुग्ध
महाकुम्भ 2025: गंगा पंडाल में "संस्कृति का संगम", शंकर महादेवन ने "चलो कुंभ चले" गीत से किया मंत्रमुग्ध
महाकुम्भ 2025: गंगा पंडाल में "संस्कृति का संगम", शंकर महादेवन ने "चलो कुंभ चले" गीत से किया मंत्रमुग्ध
  • कैलाश खेर, हरिहरन, कविता कृष्णमूर्ति समेत दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुति
  • गंगा किनारे अब 24 फरवरी तक बहेगी सुरों की गंगा

महाकुंभनगर, 16 जनवरी 2025: महाकुम्भ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों का एक अद्भुत संगम है। गंगा पंडाल में संस्कृति विभाग के विशेष कार्यक्रम “संस्कृति का संगम” में प्रसिद्ध गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने अपने गीतों से गंगा पंडाल को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महाकुम्भ के भव्य आयोजन के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का किया आभार
मशहूर संगीतकार शंकर महादेवन ने महाकुम्भ जैसे पवित्र आयोजन का हिस्सा बनने को अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने “चलो कुंभ चले” गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने गणेश वंदना गाकर पूरे पंडाल को गुंजायमान कर दिया

संगम तट पर झंकृत होगी संगीत और कला की दिव्य धारा
गंगा पंडाल में 24 फरवरी तक प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। इसमें देशभर के प्रतिष्ठित गायक, संगीतकार और नृत्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। महाकुंभ के इस अलौकिक आयोजन में कैलाश खेर, कविता सेठ, नितिन मुकेश, सुरेश वाडेकर, हरिहरन, कविता कृष्णमूर्ति समेत कई नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

आस्था, संस्कृति और परंपरा का महासंगम
महाकुम्भ का अद्भुत रात्रि दृश्य आस्था की रोशनी से जगमगाता है, जहां लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान कर अपनी आत्मशुद्धि का अनुभव करते हैं। यह आयोजन न केवल भारतीय संस्कृति की भव्यता को दर्शाता है, बल्कि एकता और सद्भाव का संदेश भी देता है। महाकुंभ भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्म का एक भव्य मंच है, जहां लोक संगीत, शास्त्रीय नृत्य और नाट्य कलाएं श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था की अद्भुत अनुभूति कराएंगी। इस अवसर पर महापौर गणेश शंकर केसरवानी, विधायक पूजा पाल समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस द्वारा प्लेजेस ऑफ वर्शिप एक्ट के बचाव पर किया तीखा प्रहार, बोले- कांग्रेस ने हलफनामा देकर राम सेतु के अस्तित्व को भी नकारा था

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस द्वारा प्लेजेस ऑफ वर्शिप एक्ट के बचाव पर किया तीखा प्रहार, बोले- कांग्रेस ने हलफनामा देकर राम सेतु के अस्तित्व को भी नकारा था
लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस द्वारा प्लेजेस ऑफ वर्शिप एक्ट के बचाव पर किया तीखा प्रहार, बोले- कांग्रेस ने हलफनामा देकर राम सेतु के अस्तित्व को भी नकारा था
लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस द्वारा प्लेजेस ऑफ वर्शिप एक्ट के बचाव पर किया तीखा प्रहार, बोले- कांग्रेस ने हलफनामा देकर राम सेतु के अस्तित्व को भी नकारा था
  • डॉ. राजेश्वर सिंह का आरोप: कांग्रेस पार्टी ने हिंदुओं को उनके पवित्र स्थलों को पुनः प्राप्त करने के अधिकार से वंचित किया है।
  • इतिहास का हवाला: 7वीं से 16वीं शताब्दी के बीच 1,000 से अधिक हिंदू, जैन और बौद्ध मंदिरों को तोड़ा गया था।
  • कानूनी अवरोध: पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को हटाने की आवश्यकता है ताकि ऐतिहासिक गलतियों को ठीक किया जा सके।
  • कांग्रेस की नीतियों पर प्रहार: डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस की नीतियों को हिंदू विरोधी करार दिया और कहा कि यह पार्टी तुष्टीकरण की राजनीति करती है।
  • राम सेतु विवाद: कांग्रेस ने 2008 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर राम सेतु के अस्तित्व को नकारा, जिसे डॉ. राजेश्वर सिंह ने हिंदू मान्यताओं का अपमान बताया।

लखनऊ: कांग्रेस पार्टी द्वारा प्लेजेस ऑफ वर्शिप एक्ट का बचाव, हिंदुओं की आस्था को अवरुद्ध करने का प्रयास है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के इस कदम को हिंदुओं और उनकी विरासत के खिलाफ पूर्वाग्रह बताया।

डॉ. राजेश्वर सिंह का बयान:

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “कांग्रेस का हिंदुओं और उनकी विरासत के खिलाफ पूर्वाग्रह एक बार फिर विवादास्पद पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के बचाव के साथ सामने आया है। यह कानून न केवल हिंदुओं को आक्रमणकारियों द्वारा अपवित्र किए गए पवित्र स्थलों को पुनः प्राप्त करने के उनके वैध अधिकार से वंचित करता है, बल्कि एक गंभीर ऐतिहासिक अन्याय को भी कायम रखता है।”

उन्होंने जोड़ा, “इतिहास 7वीं से 16वीं शताब्दी तक हजारों हिंदू, जैन और बौद्ध मंदिरों के विनाश का गवाह है। आक्रमणकारियों ने लंबे समय तक अधीनता के दौरान संपत्ति लूटी, पवित्र स्थलों को नष्ट किया और मंदिरों की भूमि को मस्जिदों और चर्चों में बदल दिया। इन ऐतिहासिक गलतियों को संबोधित करने के बजाय, कांग्रेस पार्टी ने पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के माध्यम से किसी भी संभावित पुनः प्राप्ति को अवरुद्ध करना चुना।”

कांग्रेस की नीतियों पर आरोप:

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस की हिंदू विरोधी नीतियों का रिकॉर्ड नया नहीं है। यह नेहरूवादी युग से जुड़ा है: 1955-56 में, नेहरू की सरकार ने हिंदू कोड बिल पारित किया, जिसमें विशेष रूप से हिंदू धार्मिक प्रथाओं में हस्तक्षेप किया गया, जबकि अल्पसंख्यक धर्मों को अछूता छोड़ दिया गया।”

शाह बानो मामला और सच्चर समिति रिपोर्ट:

विधायक ने शाह बानो मामले (1985) और सच्चर समिति की रिपोर्ट (2006) का उदाहरण देते हुए कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए अन्य समुदायों की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज किया।

राम सेतु विवाद:

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “2008 में, कांग्रेस ने राम सेतु के अस्तित्व को नकारते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया, इसे एक मिथक करार दिया और हिंदू मान्यताओं का खुलेआम अपमान किया।”

सांस्कृतिक विरूपण का आरोप:

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पर सांस्कृतिक उपेक्षा और इतिहास के विरूपण का आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने हिंदू धर्म की समृद्ध विरासत को दबाते हुए आक्रमणकारियों का महिमामंडन किया है।”

विधायक डॉ. सिंह ने कांग्रेस के कपटपूर्ण आख्यान को समझने और पवित्र परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी भारतीयों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “इस पार्टी को अस्वीकार करने का समय आ गया है जिसने भारत की समृद्ध विरासत का लगातार अपमान किया है और उसे नष्ट किया है।”

महाकुम्भ 2025: माघ मेले की तैयारियों पर परिवहन निगम के एमडी ने की समीक्षा बैठक

माघ मेले की तैयारियों पर परिवहन निगम के एमडी ने की समीक्षा बैठक
माघ मेले की तैयारियों पर परिवहन निगम के एमडी ने की समीक्षा बैठक
माघ मेले की तैयारियों पर परिवहन निगम के एमडी ने की समीक्षा बैठक
  • माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
  • अस्थाई बस स्टेशनों पर टॉयलेट और पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  • एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को व्यवधानों का शीघ्र समाधान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • मेला ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
  • जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर महाकुंभ 2025 की सफलता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

लखनऊ, 16 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी क्षेत्रीय एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ माघ मेले में अगले स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में 14 जनवरी 2025 को प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के प्रथम शाही स्नान के दौरान उत्पन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक के निर्देश:

अस्थाई बस स्टेशनों पर सुविधाएं:

मासूम अली सरवर ने निर्देश दिए कि सभी अस्थाई बस स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए टॉयलेट और पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इन सुविधाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समस्याओं का शीघ्र समाधान:

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार के व्यवधान को तुरंत हल किया जाए। एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे समस्याओं को शीघ्रता से ठीक कराएं ताकि मेला के दौरान यातायात व्यवस्था में कोई बाधा न आए।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई:

प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि मेला ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों में लापरवाही करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बसों की उपलब्धता:

मेला में तैनात सभी बसों को संबंधित क्षेत्रों से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में बसों या अधिकारियों की कमी न हो। सभी बसें यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से तैयार होनी चाहिए।

जिला प्रशासन से समन्वय:

प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाकुंभ 2025 की सफलता में परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करें। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।”

महाकुंभ 2025 की परिवहन व्यवस्था का महत्व:

मासूम अली सरवर ने बताया कि महाकुंभ 2025 में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे, और उनकी सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था का दुरुस्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी जिम्मेदारी और सजगता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

उन्होंने यह भी कहा कि बस अड्डों पर स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं।

बैठक के अंत में प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में यात्रियों के लिए सर्वोत्तम सुविधाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन की सफलता में परिवहन निगम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे सफल बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

इजरायल और हमास ने अंततः युद्धविराम पर सहमति जताई, बंधकों की रिहाई का वादा किया

इजरायल और हमास के अगले छह हफ्ते तक युद्ध नहीं होगा। इजरायल और हमास ने सीजफायर पर सहमति प्रदान कर दी है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारी का कहना है कि हमास के साथ गाजा युद्धविराम वार्ता में आखिरी समय में रुकावट आ गई, जिससे समझौता रुक गया था। हमास के अधिकारी ने कहा था कि समूह ने गाजा युद्धविराम के लिए इजरायल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और बातचीत जारी है। फिर क़तर और हमास के अधिकारियों ने कहा कि इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम वार्ता में आखिरी मिनट का विवाद सुलझ गया है। उसके बाद इजरायल और हमास के अधिकारियों ने बताया कि गाजा में इजरायल के युद्ध को रोकने और दर्जनों बंधकों को रिहा करने के लिए युद्धविराम पर सहमति बन गई है।

कतर ने की मध्यस्थता, तभी बनी बात

कतर के प्रधान मंत्री, जो वार्ता में मध्यस्थता कर रहे हैं, ने हमास और इजरायली प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग मुलाकात की, और कुछ ही समय बाद, विवाद सुलझ गया, कतर के अधिकारी ने एपी को बताया। बता दें कि युद्धविराम समझौता इजरायल और हमास के बीच 15 महीने से चल रहे संघर्ष के अंत का प्रतीक है।

अमेरिका, मिस्र और कतर ने पिछले साल अक्टूबर 2023 में इज़राइल पर हमास के हमले से उत्पन्न युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता की थी। महीनों तक चली बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने पहले कहा था कि वे केवल अंतिम क्षणों में बाधाओं को दूर करने के लिए युद्धविराम के करीब थे।

एएफपी टैली के अनुसार, हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर अब तक का सबसे घातक हमला करने के बाद गाजा पर युद्ध छिड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप 1,210 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। हमास ने हमले के दौरान इज़राइल के 251 लोगों को भी बंधक बना लिया, जिनमें से 94 को अभी भी गाजा में रखा जा रहा है, जिनमें से 34 को इज़राइली सेना ने मृत घोषित कर दिया है।

हेल्थ टिप्स:Iron Deficiency, इन 3 खाद्य पदार्थों से शरीर में आयरन की कमी को दूर करें, आज से ही सेवन शुरू करें

आयरन की कमी से शरीर में कई सारी बीमारियां देखने को मिलती हैं। अगर बॉडी में आयरन की कमी हो जाए तो हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो जाता है। खून की कमी से चक्कर आना, बेचैनी, कमजोरी और चेहरा पीला पड़ जाता है। डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में आयरन सबसे ज्यादा कॉमन न्यूट्रिशनल डिफिसिएंसी है। जिसे पूरा करना सबसे ज्यादा जरुरी है। आयुर्वेद में ऐसे फूड्स बताए गए हैं जो शरीर में खून की कमी पूरी करते हैं जिससे आयरन लेवल बढ़ता है। आइए आपको बताते हैं किन फूड्स का सेवन करना जरुरी है।

काला तिल

आयरन की कमी को पूरा करने के लिए सबसे अच्छा सोर्स काले तिल हैं। जो न केवल शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है बल्कि कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, सेलेनियम और विटामिन बी 6, ई और फोलेट होता है। प्रतिदिन काले तिल के बीज को भूनकर खाने से पोषण मिलता है।

गुड़ और चना

शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए आप गुड़ और चना खा सकते हैं। गुड़ में आयरन का सबसे अच्छी मात्रा होती है। चना प्रोटीन, फाइबर और मैंगनीज के साथ ही आयरन का रिच सोर्स है। इन दोनों को मिलाकर खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने में मदद करता है।

शहद और आंवला का मिक्सचर

शहद और आंवले के सेवन से करने से आयरन की कमी दूर होती है। आंवला इम्यूनिटी बूस्ट करने का सबसे अच्छा सोर्स है। इसे आप शहद और काली मिर्च के साथ मिलाकर खा सकते हैं। यह ना केवल डाइजेशन में हेल्प करता है और आयरन, विटामिन की कमी को भी शरीर में पूरा करता है।