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Latest Bollywood News : यह सीरीज ओटीटी पर अचानक से ट्रेंड करने लगी, सस्पेंस ऐसा कि पलक झपकते ही छूट जाएगा

ओटीटी पर कई क्राइम थ्रिलर सीरीज हैं जो आपकी फॉरएवर फेवरेट रहने वाली हैं। इन सीरीज में क्राइम और थ्रिलर के साथ-साथ शानदार स्टोरी का जबरदस्त तड़का भी लगाया गया है। अगर आप भी खतरनाक और धांसू क्राइम थ्रिलर देखने के शौकीन हैं तो आज हम आपको OTT पर मौजूद एक ऐसी ही बेहतरीन सीरीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका हर रोंगटे खड़े कर देने वाला सीन में जबरदस्त ट्विस्ट  के सात देखने को मिलेंगे। 5 साल बाद एक धामकेदार सीरीज एक बार फिर से ओटीटी पर ट्रेंड करने लगी है। इसे आईएमडीबी पर सीरीज को 8.1 रेटिंग मिली है।

नजर हटी तो मिस हो जाएगा सस्पेंस

इस सीरीज की कहानी इतनी बेहतरीन है कि अगर आपकी एक पल के लिए भी स्क्रीन से नजर हटी तो  सस्पेंस मिस कर बैठेंगे। इसका पहला एपिसोड देखने के बाद आप खुद को इसके बाकी के एपिसोड्स को देखने से रोक नहीं पाएंगे। साल 2020 में रिलीज हुई इस क्राइम-थ्रिलर सीरीज का काफी बोलबाला रहा है। एक बार फिर यह सीरीज ओटीटी पर ट्रेंड करने लगी है। हम जिस सीरीज की बात कर रहे हैं उसका नाम ‘पाताल लोक’ है। इस सीरीज में जयदीप अहलावत, नीरज काबी, अभिषेक बनर्जी जैसे दमदार कलाकार हैं। आप इस सीरीज को अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

खून खराबा देखकर कांपने लगेगा शरीर

‘पाताल लोक’ में एक पुलिस अधिकारी को एक हाई-प्रोफाइल केस मिलता है। ये केस उसे अंडरवर्ल्ड की दुनिया की गहराइयों से जोड़ता है। सीरीज में दिखाया गया है कि जर्नलिस्ट संजीव मेहरा की हत्या की साजिश रची जाती है। दिलचस्प बात यह है कि संजीव मेहरा की हत्या से पहले ही चारों आरोपियों को पुलिस पकड़ लेती है। ‘पाताल लोक’ के निर्माता सुदीप शर्मा है। इसे प्रोसित रॉय और अविनाश अरुण ने डायरेक्ट किया था। खास बात यह है कि अब ‘पाताल लोक’ का दूसरा सीजन आने वाला है। इसमें जयदीप अहलावत एक बार फिर हाथी राम चौधरी के रोल में कई खतरनाक केस सुलझाते हुए नजर आएंगे। ‘पाताल लोक 2’ 17 जनवरी को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होने को तैयार है।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर 7 महीने से फंसी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपना आठवां ‘स्पेसवॉक’ किया

अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर फंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने गुरुवार को स्पेसवॉक की। वह दूसरे अंतरिक्ष यात्री निक हेग के साथ बाहर निकलीं और मरम्मत से जुड़े कुछ जरूरी काम किए। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता सात महीने से अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई हैं और वह मार्च के अंत या अप्रैल महीने की शुरुआत में धरती पर लौट सकती हैं। जून 2024 में अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद यह सुनीता की पहली स्पेसवॉक थी।

स्टेशन कमांडर सुनीता विलियम्स पिछले साल जून के महीने में बुच विल्मोर के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। इन दोनों को एक सप्ताह के बाद वापस लौटना था। दोनों बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के टेस्ट के लिए गए थे, लेकिन इसमें खराबी आने के बाद दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन पर ही रुक गए और काली कैप्सूल वापस लाया गया। इसके बाद से दोनों वहीं फंसे हुए हैं।

अप्रैल तक लौटेंगे घर

सुनीता और विल्मोर को वापस लाने के लिए जो कैप्सूल भेजा जाना था, उसमें भी देरी की गई। इस वजह से दोनों इस साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में ही घर लौट पाएंगे। इसका मतलब है कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों लगभग 10 महीने तक स्पेस स्टेशन में रहेंगे। इन दोनों को वापस लाने के लिए ‘ड्रैगन’ नाम का कैप्सूल भेजा गया है। इसे पिछले साल सितंबर में भेजा गया था। इस कैप्सूल के साथ नासा के निक हेग और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के एलेक्जेंडर गोर्बूनोव को भी भेजा गया है। ये दोनों भी अभी स्पेस स्टेशन में हैं। ड्रैगन में चार अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जगह है और यह चारों यात्रियों को लेकर मार्च या अप्रैल में वापस आ सकता है।

सुनीता की आठवीं स्पेसवॉक

नासा ने पिछले साल गर्मियों में अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक रोक दी थी। इस घटना के बाद पहली बार किसी यात्री ने स्पेसवॉक की है। अंतरिक्ष यात्री के सूट के कूलिंग लूप से एयरलॉक में पानी लीक होने के बाद स्पेसवॉक रोक दी गई थी। नासा ने कहा कि समस्या को ठीक कर दिया गया है। विलियम्स के लिए यह आठवीं स्पेसवॉक थी। वह इससे पहले भी अंतरिक्ष स्टेशन पर रह चुकी हैं और सात स्पेसवॉक कर चुकी हैं।

नई दिल्लीः दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी जाने वाली वंदे भारत ट्रेन 50 दिनों के लिए हुई रद्द

दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को करीब डेढ़ महीने के लिए कैंसिल कर दिया गया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली से माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली वंदे भारत को 50 दिन के लिए कैंसिल किया है। वंदे भारत 16 जनवरी से 6 मार्च तक दिल्ली से कटरा नहीं जाएगी।

50 दिन तक रद्द रहेगी वंदे भारत ट्रेन

रेलवे की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, सेमी हाई स्पीड ट्रेन 50 दिन तक सेवा में नहीं रहेगी। जम्मू तवी यार्ड के यार्ड रीमॉडलिंग के कारण ट्रेन को रद्द किया गया है। ट्रेन के रद्द होने से वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ सकती है। ट्रेन कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को अन्य ट्रेनों और बसों का सहारा लेना पड़ सकता है।

यह वंदे भारत रद्द रहेगी

जानकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे ने राष्ट्रीय राजधानी को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाली देश की दूसरी ट्रेन नई दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। ट्रेन संख्या (22439/22440) नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलती है। जिसे कैंसिल किया गया है। हालांकि, श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली चलने वाली दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस (22477/22478) नियमित रूप से चलती रहेगी।

बता दें कि जम्मू यार्ड में नवीनीकरण कार्य के मद्देनजर यह जम्मू रेलवे स्टेशन से रद्द की गई 65 अन्य ट्रेनों का हिस्सा है। जम्मू स्टेशन पुनर्विकास परियोजना में सिग्नल प्रणाली को नया स्वरूप देना, प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार करना और बहुत कुछ शामिल है।

दिल्ली से कटरा जाने में लगते हैं 8 घंटे

नई दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली और कटरा के बीच 655 किमी की दूरी 8 घंटे और 5 मिनट में तय करती है। यह ट्रेन अंबाला छावनी, लुधियाना जंक्शन, पठानकोट छावनी और जम्मू तवी में रुकती है। इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा विकसित किया गया था और 3 अक्टूबर, 2019 को इसका उद्घाटन किया गया था।

तेल अवीव: संघर्ष विराम की चर्चा के बीच इजराइल ने गाजा में बरपाया कहर; 72 लोगों की हुई मौत

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि युद्ध विराम समझौते की घोषणा के बाद से इजरायली हमलों में कम से कम 72 लोग मारे गए हैं। पिछले संघर्षों में, दोनों पक्षों ने अपनी ताकत दिखाने के लिए युद्ध विराम लागू होने से पहले अंतिम घंटों में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी थी।

अधिक है मृतकों की संख्या

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बृहस्पतिवार को हमलों के बाद ये आंकड़े केवल गाजा शहर के दो अस्पतालों में लाए गए शवों की है, वास्तविक संख्या इससे अधिक है। मंत्रालय के पंजीकरण विभाग के प्रमुख जहीर अल-वहीदी ने कहा, ‘‘कल खूनी दिन था और आज और भी खूनी है।’’

पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि उनकी कैबिनेट संघर्ष विराम समझौते पर मुहर लगाने के लिए तब तक बैठक नहीं करेगी जब तक हमास ‘आखिरी समय में पैदा किए गए संकट’ की स्थिति को समाप्त नहीं कर देता।

अस्थिर है मध्य पूर्व

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रमुख मध्यस्थ कतर की ओर से इस समझौते पर पहुंचने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद नेतन्याहू ने संकेत देना शुरू कर दिया कि इस समझौते में कुछ समस्याएं हैं। बुधवार को घोषित इस समझौते से उम्मीद है कि गाजा में बंधक बनाए गए अनेक लोगों को रिहा किया जाएगा, जंग थम जाएगी। 15 महीने से चल रहा युद्ध समाप्त हो जाएगा। इस युद्ध ने मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है।

सरोजनीनगर की चर्चित ताराशक्ति रसोई: 19 महीनों से 4000 जरूरतमंदों को हर दिन भोजन, समाजसेवा की अनोखी मिसाल

सरोजनीनगर की चर्चित ताराशक्ति रसोई: 19 महीनों से 4000 जरूरतमंदों को हर दिन भोजन, समाजसेवा की अनोखी मिसाल
सरोजनीनगर की चर्चित ताराशक्ति रसोई: 19 महीनों से 4000 जरूरतमंदों को हर दिन भोजन, समाजसेवा की अनोखी मिसाल
सरोजनीनगर की चर्चित ताराशक्ति रसोई: 19 महीनों से 4000 जरूरतमंदों को हर दिन भोजन, समाजसेवा की अनोखी मिसाल
  • ताराशक्ति रसोई योजना हर दिन 4000 से अधिक जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराती है।
  • सरोजनीनगर में लोकबन्धु अस्पताल, विधायक कार्यालय, और बरबिरवा चौराहा से भोजन वितरित किया जाता है।
  • ताराशक्ति रसोई में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है, और मेन्यू रोजाना बदलता है।
  • यह योजना प्रगति प्रयास फाउंडेशन के सहयोग से संचालित होती है, जो गरीबों के आत्मसम्मान को बनाए रखने में सहायक है।
  • ताराशक्ति रसोई मानवता और सेवा का प्रतीक बन चुकी है, जो सरोजनीनगर के लिए प्रेरणा स्रोत है।

लखनऊ, 15 जनवरी 2025: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई ताराशक्ति रसोई योजना ने समाजसेवा में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस योजना के तहत हर दिन 4000 से अधिक जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन प्रदान किया जा रहा है। पिछले 19 महीनों में यह सेवा कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है। ताराशक्ति रसोई का यह प्रयास समाज में सेवा, सम्मान, और समर्पण की अनोखी मिसाल पेश कर रहा है।

तीन स्थानों से हज़ारों चेहरों पर मुस्कान

सरोजनीनगर के तीन प्रमुख स्थानों—लोकबन्धु अस्पताल, विधायक कार्यालय (पराग चौराहा), और बरबिरवा चौराहा—से सुबह और शाम जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन वितरित किया जाता है। 18 जुलाई 2023 से शुरू हुई यह सेवा अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है।

स्वच्छता और विविधता के साथ पौष्टिक भोजन

ताराशक्ति रसोई में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हर दिन का मेन्यू बदलता है, ताकि लोगों को ताजा और विविधतापूर्ण भोजन मिले। इस योजना का संचालन प्रगति प्रयास फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गरीबों को भूख से बचाना और उनके आत्मसम्मान को बनाए रखना है।

मां तारा सिंह जी की प्रेरणा से शुरू हुई सेवा

यह पहल मां तारा सिंह जी की प्रेरणा से शुरू की गई है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “ताराशक्ति रसोई मानवता की सेवा के प्रति समर्पित एक सशक्त प्रयास है।”

स्थानीय निवासियों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं

स्थानीय निवासियों ने इस पहल को आशा की किरण कहा है। उनका मानना है कि यह योजना समाज में सेवा और एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण है। जरूरतमंदों के जीवन में आए सुखद बदलाव और आत्मसम्मान की भावना को इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ताराशक्ति रसोई: प्रेरणा का प्रतीक

ताराशक्ति रसोई केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह भूख और बेबसी को खत्म करने का एक मानवीय संकल्प है। इस पहल ने सरोजनीनगर को पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया है, जहां हर जरूरतमंद सम्मान के साथ पेट भर भोजन प्राप्त करता है।