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Health Benefits: कलमी साग के सेवन से कब्ज की समस्या दूर होगी और हड्डियों को मिलेगा मजबूती का संचार

हमारी सेहत के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां कितनी ज्यादा फायदेमंद होती हैं, यह हम सभी जानते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक के साग का नाम सबसे ऊपर आता है। आप सभी ने पालक तो जरूर खाई होगी। बहुत से लोगों की यह पसंदीदा सब्जी होती है। लेकिन क्या आपने पानी वाला साग यानी की कलमी साग खाई है। इसको हम अंग्रेजी में वाटर स्पिनेच के नाम से भी जानते हैं। दिखने में यह पालक की साग की तरह मिलता है। लेकिन यह पालक से काफी अलग होता है और इसके कई जबरदस्त फायदे भी होते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कलमी साग के दो फायदों से रूबरू करा रहे हैं।

जानिए कलगी साग खाने के फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो अगर आप कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं, कलमी साग को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। बता दें कलमी साग में फाइबर रिच मात्रा अधिक होती है। साथ ही यह अपने लैक्सेटिव गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह रेचक कठोर मल को मुलायम करने के लिए भी जाना जाता है। यह आंतों को उत्तेजित करता है और आप इसको नियमित रूप से मल त्याग करते हैं। इससे कब्ज की समस्या भी खत्म होगी।

अगर इसके अन्य फायदे की बात करें, तो हरी पत्तेदार सब्जी में विटामिन अच्छी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूती देना चाहते हैं, तो आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए। इसका सेवन करने से हमारे शरीर में कैल्शियम का अवशोषण को बढ़ावा मिलता है। इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द में भी राहत मिलती है। कलमी साग में मैग्नीशियम भी पाया जाता है, यह हड्डियों की संरचना को बनाए रखने में मदद करता है।

ऐसे करें इस सब्जी का सेवन

आप सूप के तौर पर इसको डाइट में शामिल कर सकते हैं।

आप कलगी कलमी की सब्जी बनाकर खा सकते हैं।

इसका आप पराठा तैयार करके भी खा सकते हैं।

आप इसको सलाद के तौर पर भी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

Gaza ceasefire: अंतिम क्षणों में इजरायल की कई शर्तों से हमास पीछे हटा, सीजफायर अधर में

तेल अवीव: गाजा युद्ध विराम को लेकर हमास आखिरी वक्त में इजरायल की कुछ शर्तों से पीछे हट गया है। इससे गाजा युद्ध विराम समझौता अधर में लटक गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि हमास “दोनों पक्षों के बीच बनी कुछ सहमतियों से आखिरी समय में पीछे हट गया”, जिसके चलते गाजा पट्टी में लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने और सैकड़ों बंधकों की रिहाई का रास्ता खोलने वाला बहुप्रतीक्षित संघर्ष-विराम समझौता लटक गया है।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रमुख मध्यस्थ कतर द्वारा इस समझौते के पूरा होने की घोषणा के तुरंत बाद नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी बयान से समझौते में जटिलताओं का संकेत मिला। नेतन्याहू के कार्यालय ने हमास पर अधिक रियायतें हासिल करने के लिए समझौते की कुछ शर्तों से मुकरने का आरोप लगाया। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू सरकार संघर्ष-विराम समझौते पर मुहर लगाने के लिए तब तक बैठक नहीं करेगी, जब तक हमास अपना अड़ियल रुख नहीं छोड़ता। कार्यालय ने कहा, ‘‘हमास समझौते से पीछे हट रहा है और अंतिम क्षण में संकट पैदा कर रहा है, जिससे समझौता नहीं हो पा रहा है।’’

कतर में युद्ध विराम को लेकर वार्ता जारी

इजरायल सरकार के प्रवक्ता डेविड मेन्सर ने कहा कि इजरायली वार्ताकारों का प्रतिनिधिमंडल कतर में है और ‘‘समाधान तक पहुंचने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।’’ वहीं, हमास के एक वरिष्ठ पदाधिकारी इज्जत अल-रश्क ने कहा कि उनका संगठन “मध्यस्थों द्वारा घोषित संघर्ष-विराम समझौते के लिए प्रतिबद्ध है।” अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और एक प्रमुख मध्यस्थ कतर ने बुधवार को इजरायल और हमास के बीच संघर्ष-विराम समझौते की घोषणा की थी, जिसकी शर्तों में हमास की ओर से इजराइली बंधकों की चरणबद्ध रिहाई, इजरायल में कैद सैकड़ों फिलस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाना, गाजा के हजारों विस्थापितों को वापस लौटने की अनुमति देना और क्षेत्र में जरूरी मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। नेतन्याहू के कार्यालय ने आरोप लगाया कि हमास पूर्व में बनी एक सहमति से मुकर गया है, जिससे बाद इजराइल को यह तय करने का अधिकार मिल गया है कि हत्या के जुर्म में सजायाफ्ता किन फिलस्तीनी कैदियों को इजरायली बंधकों के बदले में रिहा किया जाएगा।

बॉलीवुड न्यूज़ :कभी दर-दर भटकने को थे मजबूर, अब बने सबसे मशहूर गीतकार; क्लासिक हिट्स से बनाई अपनी बड़ी पहचान

मशहूर कवि, गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर साहब आज अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिंदी सिनेमा और साहित्य की दुनिया में जावेद अख्तर ने अपनी मेहनत से खूब नाम कमाया है। जावेद साहब का जन्म ग्वालियर में मशहूर शायर रहे जांनिसार अख्तर के घर हुआ। मशहूर शख्सियत के बेटे होने के बाद भी जावेद अख्तर को सिनेमा में अपनी पहचान बनाने के लिए खूब संघर्ष करना पड़ा। जावेद अख्तर साल 1964 में मुंबई आए थे। उस वक्त उन्हें कम ना मिलने पर दर-दर भटकना पड़ा था। उन्हें 1969 में पहला कामयाब ब्रेक मिला, जिसके बाद उनकी किस्मत बदल गई। सलीम खान और जावेद अख्तर भारत के सबसे लोकप्रिय लेखक जोड़ी के रूप में प्रसिद्ध थे, जिन्होंने साथ मिलकर ‘त्रिशूल’, ‘दीवार’, ‘काला पत्थर’, ‘डॉन’, ‘शोले’, ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी कई बेहतरीन हिट फिल्में दीं।

  • मशाल: 1984 की इस सुपरहिट फिल्म में अनिल कपूर, वहीदा रहमान, रति अग्निहोत्री और ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार थे। यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित क्लासिक फिल्म ‘मशाल’ है जो जावेद अख्तर द्वारा लिखी गई थी। फिल्म को आज भी दिलीप साहब के मशहूर डायलॉग “ऐ भाई” के लिए याद किया जाता है।
  • बेताब: 1983 की रोमांटिक ब्लॉकबस्टर, जिसमें सनी देओल ने अमृता सिंह के साथ डेब्यू किया था, ‘बेताब’ 80 के दशक की सबसे सनसनीखेज फिल्मों में से एक थी। जावेद अख्तर द्वारा लिखित, सनी देओल अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन राहुल रवैल ने किया था।
  • मेरी जंग: 1985 की हिट लीगल ड्रामा ‘मेरी जंग’ का निर्देशन सुभाष घई ने किया था, जिसमें अनिल कपूर, मीनाक्षी शेषाद्रि, नूतन, अमरीश पुरी और जावेद जाफरी थे। स्टार कास्ट के शानदार प्रदर्शन के अलावा, जावेद साहब द्वारा लिखा गया दमदार स्क्रीन प्ले फिल्म की जान थी। दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने के अलावा, ‘मेरी जंग’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित कई फिल्मफेयर श्रेणियों में भी नामांकित किया गया था।
  • अर्जुन: ‘बेताब’ की सफलता के बाद, निर्देशक राहुल रवैल और लेखक जावेद अख्तर ने मिलकर ‘अर्जुन’ नाम की एक और हिट फिल्म दी। 1985 की एक्शन फिल्म, जिसमें सनी देओल ने लीड रोल निभाया था। फिल्म ‘अर्जुन’ की दमदार कहानी का सारा श्रेय जावेद अख्तर को जाता है।
  • मैं आजाद हूं: अमिताभ बच्चन और शबाना आजमी की 1989 की यह हिट ड्रामा 1941 की अमेरिकी ड्रामा ‘मीट जॉन डो’ पर बेस्ड थी। यह बिग बी की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। कहानी के अलावा, जावेद अख्तर ने फिल्म के डायलॉग्स भी लिखे थे।

स्पेन जाते हुए पलटी नाव: 40 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों के डूबने की आशंका

पाकिस्तान से जुड़ी एक बड़े हादसे की दिल दहलाने वाली खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, एक प्रवासियों से भरी नौका स्पेन जाने की कोशिश में मोरक्को के पास समुद्र में पलट गई है। इस हादसे में 40 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जाहिर की जा रही है। अधिकारियों ने बीते गुरुवार को इस घटना के बारे में जानकारी दी है। आइए जानते हैं कैसे हुआ ये पूरा हादसा।

कैसे हुआ हादसा?

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, नौका में बैठे लोग स्पेन जाने की कोशिश कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस नौका में 80 प्रवासी बैठे हुए थे। जब ये नौका मोरक्को के पास पहुंची तो ये पलट गई। इस घटना में कम से कम 50 से ज्यादा लोगों की डूब कर मौत होने की आशंका जताई गई है। मरने वाले इन लोगों में 40 ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं।

एक दिन पहले भी हुआ हादसा

नौका पलटने की घटना से एक दिन पहले भी ऐसा ही हादसा देखने को मिला था। मोरक्को के अधिकारियों ने एक दिन पहले ही एक नौका से 36 लोगों को बचाया था। ये नाव बीते दो जनवरी को मॉरिटेनिया से 86 प्रवासियों को लेकर रवाना हुई थी। इन प्रवासियों में 66 पाकिस्तानी भी शामिल थे। वॉकिंग बॉर्डर्स की CEO ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि डूबने वाले लोगों में से 44 लोग पाकिस्तान के थे।

पाकिस्तान में आतंकी हमला भी

वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान के कुर्रम जिले में गुरुवार को  खाद्य और चिकित्सा सामग्री ले जा रहे 35 वाहनों के एक काफिले पर रॉकेटों से हमला किया गया है। इस हमले में एक सैनिक की मौत हो गई है। वहीं, 6 आतंकी भी मार गिराए गए हैं। हमले में चार सैनिक और 10 आतंकवादी घायल हो गए तथा काफिले के तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पाराचिनार में राहत सामग्री ले जा रहे कुछ वाहनों को भी जला दिया गया है।

Latest Sports News :BCCI ने लिया बड़ा फैसला, खिलाड़ियों के लिए जारी किए 10 नए सख्त नियम

भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद से लगातार कई प्लेयर्स के फॉर्म और उनकी अनुशासनहीनता को लेकर खबरें सामने आ रही थी। बीसीसीआई ने इस दौरे पर टीम के खराब प्रदर्शन का रिव्यू करने के बाद अब सख्त फैसला लेते हुए 10 नए नियम लागू किए हैं। इसमें जहां सभी प्लेयर्स के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य किया गया है तो वहीं कोई भी खिलाड़ी विदेशी दौरों पर अपने निजी स्टाफ को साथ नहीं लेकर जा सकेगा। बीसीसीआई ने इन नए नियमों को लेकर ये भी साफ कर दिया है कि यदि कोई खिलाड़ी इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा तो उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसमें उनके सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट की फीस में कटौती से लेकर आईपीएल में खेलने पर बैन भी शामिल है।

बीसीसीआई ने लागू किए प्लेयर्स को लेकर ये 10 नए नियम (भारतीय पुरुष टीम)

पत्नी या परिवार के लिए अब विदेशी दौरों पर सिर्फ 2 हफ्ते रुकने की मिलेगी छूट

भारतीय टीम के विदेशी दौरों पर प्लेयर्स के परिवार या पत्नी को टीम के साथ सिर्फ 2 हफ्ते ही रुकने की मंजूरी मिलेगी। इसके अलावा निजी स्टाफ को भी साथ लेकर जाने की छूट नहीं मिलेगी। ये नियम प्लेयर्स के साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ में शामिल सभी लोगों पर लागू होगा। इसके अलावा किसी भी प्लेयर को दौरों को दौरान अपने परिवार के साथ अलग से यात्रा करने की छूट नहीं मिलेगी। वह अभ्यास सत्र के साथ मैच के दिन भी टीम के साथ होटल से स्टेडियम जाएंगे। यदि किसी खिलाड़ी को इससे छूट चाहिए तो उसे चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच से मंजूरी लेनी होगी।

घरेलू मैचों में सभी प्लेयर्स के लिए खेलना अनिवार्य

बीसीसीआई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय टीम में चयन और केंद्रीय अनुबंध में बने रहने के लिए खिलाड़ियों के लिए घरेलू मैचों में भाग लेना अनिवार्य होगा। इससे सभी खिलाड़ी अपनी मैच फिटनेस बनाए रखें और अपने खेल को भी मजबूत कर सकेंगे। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों को भी उनसे काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। इस नियम से छूट सिर्फ कुछ विशेष कारणों में मिलेगी, जिसके लिए मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष से मंजूरी लेनी होगी।

प्रैक्टिस सेशन में सभी खिलाड़ियों को रहना होगा

प्रैक्टिस सेशन में अब सभी खिलाड़ियों को निर्धारित अभ्यास सत्र की पूरी समयसीमा तक के लिए रुकना होगा। इस नियम के तहत अब कोई भी खिलाड़ी अपनी प्रैक्टिस पूरी होने के बाद मैदान छोड़कर बाहर नहीं जा सकता।

अतिरिक्त सामान ले जाने की नहीं मिलेगी छूट

विदेशी दौरों और देश में होने वाली सीरीज में अब सभी खिलाड़ियों को अतिरिक्त सामान लेकर जाने की छूट नहीं मिलेगी जिसमें उन्हें बीसीसीआई की तरफ से निर्धारित सीमा का पालन करना होगा। यदि कोई खिलाड़ी अतिरिक्त सामान लेकर जाता है तो उसे अपना खर्चा खुद उठाना पड़ेगा।

निजी स्टाफ को लेकर जाने पर लगा प्रतिबंध

टीम इंडिया के कुछ प्लेयर्स को लेकर ये खबरें सामने आई थी कि वह अपना निजी स्टाफ साथ लेकर चलते हैं, इसपर भी अब बीसीसीआई ने पूरी तरह से रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने निजी मैनेजर, शेफ, सहायक और निजी सुरक्षाकर्मियों को लेकर जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुछ भी भेजने से पहले प्लेयर्स को टीम मैनेजमेंट को सूचना देनी होगी

प्लेयर्स को अब बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अलग से बैग भेजना या फिर किसी तरह के उपकरणों और व्यक्तिगत वस्तुओं को भेजने से पहले इसके बारे में टीम मैनेजमेंट को बताना होगा।  अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण होने वाली कोई भी अतिरिक्त लागत खिलाड़ी की जिम्मेदारी होगी।

सीरीज के दौरान प्लेयर्स नहीं कर सकेंगे विज्ञापन की शूटिंग

अब किसी भी सीरीज के बीच भारतीय टीम का कोई खिलाड़ी विज्ञापन की शूटिंग नहीं कर सकेगा। इसको लेकर भी बीसीसीआई ने अपने नए नियम के साथ साफ कर दिया है। इस नियम के पीछे प्लेयर्स का ध्यान सिर्फ उस सीरीज या दौरे पर रहे इस वजह से लागू किया गया है।

परिवार के साथ ट्रैवल प्लान पॉलिसी

प्लेयर्स के लिए परिवार के साथ ट्रैवल प्लान पॉलिसी को लागू किया गया है, जिसमें प्लेयर्स के और टीम प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन सुनिश्चित करना है।

बीसीसीआई के आधिकारिक इवेंट में शामिल होना अनिवार्य

अब सभी खिलाड़ियों को बीसीसीआई के आधिकारिक शूट और इवेंट्स में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। हितधारकों के प्रति बीसीसीआई की प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने और खेल को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए ये भागीदारी आवश्यक है।

खिलाड़ियों को सीरीज खत्म होने पर ही घर लौटने की मिलेगी मंजूरी

अब कोई भी खिलाड़ी नए नियमों के तहत किसी मैच या सीरीज के खत्म होने पर जल्दी घर लौटने की मंजूरी नहीं मिलेगी, उन्हें दौरा पूरा खत्म होने के बाद लौटना होगा, भले ही मुकाबला तय समय से पहले ही क्यों ना खत्म हो जाए।