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स्वास्थ्य बेनिफिट्स : तिल के बीज में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम होता है, सही तरीके से सेवन करने पर मिलेंगे जीवनभर के फायदे

तिल के बीज खाना हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। डाइटिशियन से लेकर आयुर्वेद तक इन्हें ठंड में खाने की सलाह देते हैं। तिल के बीज की तासीर गर्म होती है और यह हमारे शरीर को बीमारियों से बचाने का काम करता है। लेकिन बहुत सारे लोगों को इस बात की जानकारी नहीं हैं कि मुट्ठी भर तिल में एक गिलास दूध से 5 गुना ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। तिल का सही तरीके से सेवन करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं और मुट्ठीभर तिल में पालक और डार्क चॉकलेट के प्रमुख फायदे भी पाए जाते हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, तिल के बीज का अगर आप 2 तरीकों से सेवन करते हैं, तो आपको उम्र भर इसके फायदे मिलते रहेंगे। अगर आपके दांत कमजोर हो गए हैं या आपको पायरिया की समस्या है, तो यह उसे भी ठीक करने में मदद कर सकते हैं। वहीं इसका सही तरीके से सेवन करने से बाल भी वक्त से पहले सफेद होने बंद हो जाएंगे। तो आइए जानते हैं तिल के बीज के इस्तेमाल के सही तरीके के बारे में…

हड्डियों को मिलेगी ताकत

बोन्स को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है। तिल के बीज दूध से 5 गुना अधिक कैल्शियम देते हैं। वहीं मिनरल हड्डियों को मोटा बनाता है और हड्डियों को कमजोर होने से बचाता है। इसके साथ ही इन छोटे-छोटे बीजों में प्रोटीन, फाइबर और ढेर सारे एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

मौजूद होते हैं पालक और डार्क चॉकलेट के गुण

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो मुट्ठी भर तिल के बीज में पालक जितना 100 ग्राम आयरन होता है। वहीं काफी सारी डार्क चॉकेलट जितना मैग्नीशियम पाया जाता है। जहां आयरन खून बनाने के लिए जरूरी होता है, तो वहीं मैग्नीशियम का काम दिमाग, दिल, हड्डी और नींद को सही रखना होता है।

इन चीजों के साथ करें तिल का सेवन

सूखा नारियल, कद्दू के बीज, काला तिल, अलसी के बीज, आंवला पाउडर, धागे वाली मिश्री साथ में मिलाकर पाउडर बनाकर रखें। इसका 1-1 चम्मच दिन में 2-3 बार महीने भर तक खाएं। इसका सेवन करने से आपके बालों को नया जीवन मिलेगा और बालों का झड़ना-टूटना व समय से पहले सफेद होने की समस्या खत्म हो जाएगी।

ओरल हेल्थ होगी बेहतर

ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए तिल के तेल को मुंह में रखकर 5 से 10 मिनट के लिए मुंह में रखकर कुल्ली करें। इस उपाय से पायरिया की समस्या, मुंह से बदबू आने, मसूड़ों का फूलना और दांतों का हिलना सिर्फ सप्ताह भर में सही कर देगा। यह नुस्खे ओरल हेल्थ को सुधारकर दांतों को काली-पीली गंदगी से बचाया है।

बांग्लादेश की युनूस सरकार का आया बड़ा बयान- किसी भी कीमत पर भारत से शेख हसीना को लाएंगे वापस

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना अभी भारत में रह रही हैं और उनको भारत से वापस बांग्लादेश लाने के सभी प्रयास जारी रहेंगे। ऐसा बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने ऐलान किया है। इसके साथ ही कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो शेख हसीना को वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की भी मांग की जाएगी। ढाका से प्रकाशित ‘डेली स्टार’ अखबार की खबर के मुताबिक युनूस सरकार में कानूनी मामलों के सलाहकार आसिफ नजरूल ने सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि अगर भारत हसीना को वापस भेजने से इनकार करता है तो यह बांग्लादेश और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन होगा।

भारत में रह रही हैं शेख हसीना

बता दें कि बांग्लादेश की अपदस्थ पीएम 77 वर्षीय शेख हसीना पिछले साल पांच अगस्त से भारत में ही रह रही हैं। वह देश में छात्रों के आंदोलन के दबाव में अवामी लीग (एएल) की 16 साल पुरानी सरकार गिर जाने के बाद इस्तीफा देकर वापस भारत चली गई थीं। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने ‘‘मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार’’ के लिए हसीना और कई पूर्व कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, सैन्य और असैन्य अधिकारियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बांग्लादेश ने पिछले साल हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को एक राजनयिक नोट भेजा था।

पहले से रेड अलर्ट जारी है

आसिफ नजरूल ने कहा, ‘‘हमने शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए एक पत्र लिखा है और अगर भारत शेख हसीना का प्रत्यर्पण नहीं करता है, तो यह बांग्लादेश और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि का स्पष्ट उल्लंघन होगा।’’ उन्होंने कहा कि उस स्थिति में विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष मामले को उठाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। विधि सलाहकार ने कहा कि विदेश मंत्रालय भी प्रयास कर रहा है और ‘रेड अलर्ट’ पहले ही जारी किया जा चुका है। हम वह सब कुछ कर रहे हैं जो हम कर सकते हैं। सरकार शेख हसीना को वापस लाने के लिए सभी प्रयास जारी रखेगी। अगर जरूरी हुआ तो अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगा जाएगा।

भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि के प्रावधानों के मुताबिक यदि अपराध ‘राजनीतिक चरित्र’ के हैं तो प्रत्यर्पण से इनकार किया जा सकता है। एक अन्य प्रावधान के मुताबिक व्यक्ति को तब तक प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता जब तक कि उस व्यक्ति को चार महीने या उससे अधिक की अवधि के लिए कारावास या अन्य प्रकार की हिरासत की सजा न हो गई हो।

अमेरिका ने खुद को WHO से अलग किया, ट्रंप के फैसले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी प्रतिक्रिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस विश्व संस्था से अमेरिका के अलग होने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा पर खेद व्यक्त किया है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा और साझेदारी को बनाए रखने के लिए रचनात्मक बातचीत में शामिल होगा।

शपथ लेने के तुंरत बाद ट्रंप ने लिया ये फैसला

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अमेरिका को डब्ल्यूएचओ से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू करने वाले एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए। पांच साल से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने वैश्विक निकाय से हटने का आदेश दिया है।

ट्रंप WHO की करते रहे हैं आलोचना

ट्रंप लंबे समय से डब्ल्यूएचओ की आलोचना करते रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका को इस वैश्विक स्वास्थ्य संस्था से अलग करने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उनके उत्तराधिकारी जो बाइडेन ने इस योजना को रोक दिया था। ट्रंप ने एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र महासचिव को एक पत्र भेज रहे हैं, जिसमें उन्हें औपचारिक रूप से अमेरिका की वापसी की योजना के बारे में सूचित किया जाएगा।

अमेरिका इस पर पुनर्विचार करेगा-WHO

डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन इस घोषणा पर खेद व्यक्त करता है कि अमेरिका संगठन से हटना चाहता है। हमें उम्मीद है कि अमेरिका इस पर पुनर्विचार करेगा और हम पूरी दुनिया में लाखों लोगों की सेहत और भलाई के लिए अमेरिका तथा डब्ल्यूएचओ के बीच साझेदारी बनाए रखने के वास्ते रचनात्मक बातचीत में संलग्न होने के लिए तत्पर हैं।’

WHO इन चीजों पर करता है काम

बयान में कहा गया कि डब्ल्यूएचओ बीमारियों के मूल में जाकर, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों का निर्माण करके और अक्सर खतरनाक स्थानों पर बीमारी के प्रकोप सहित स्वास्थ्य आपात स्थितियों का पता लगाने, रोकने और उनका जवाब देकर अमेरिकियों सहित दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जहां अन्य लोग नहीं जा सकते।

संस्थापक सदस्यों में रहा है अमेरिका

बयान में कहा गया है कि अमेरिका 1948 में डब्ल्यूएचओ का संस्थापक सदस्य था और तब से इस वैश्विक स्वास्थ्य इकाई और इसके कार्यकारी बोर्ड में अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से 193 अन्य सदस्य देशों के साथ इसके कार्यों को आकार देने और संचालित करने में भाग लेता रहा है।

India vs England 1st T20:पहले T20 में बल्लेबाज हावी होंगे या गेंदबाज? जानें आंकड़ों से लेकर पिच रिपोर्ट तक की पूरी जानकारी

 भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 जनवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास स्टार खिलाड़ियों की फौज है, जो चंद गेंदों में ही मैच का रुख बदल सकते हैं। इन दोनों टीमों के बीच पिछला टी20 मैच टी20 वर्ल्ड कप 2024 में हुआ था। तब भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 68 रनों से पटखनी दी थी। अब दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कोलकाता के ग्राउंड की पिच किसे मदद कर सकती है।

बल्लेबाजों को मिल सकती है मदद

ईडन गार्डन्स की पिच हमेशा से ही बल्लेबाजों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां बल्ले पर गेंद उछाल के साथ आती है। इसी वजह से इस ग्राउंड पर बैटिंग करना आसान हो जाता है और खूब चौके-छक्के देखने को मिलते हैं। अगर मैच में ओस आई, तो गेंदबाजों के लिए परेशानी आ सकती है। इसी वजह से भारतीय टीम प्लेइंग इलेवन में 2 स्पिनर और तीन फास्ट बॉलर के साथ उतर सकती है। कोलकाता की पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है।

टॉस का रोल हो सकता है अहम

कोलकाता के ईडन गार्डन्स के मैदान पर अभी तक कुल 12 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से 5 में पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। वहीं 7 मैचों में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। ऐसे में टॉस का रोल अहम हो सकता है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन और दूसरी पारी का औसत स्कोर 137 रन रहा है।

पाकिस्तानी टीम ने बनाया था हाईएस्ट टोटल

इस मैदान पर T20I में सबसे बड़ा टोटल बनाने का रिकॉर्ड पाकिस्तानी टीम के नाम है। टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ साल 2016 में T20I मैच में 201 रन बनाए थे। वहीं सबसे छोटा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम है। बांग्लादेश ने साल 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I मैच में 70 रन बनाए थे।

भारतीय टीम के नाम ही कोलकाता के मैदान पर हाईएस्ट स्कोर चेज करने और सबसे कम स्कोर डिफेंड करने का रिकॉर्ड है। भारत ने 162 रनों का स्कोर साल 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I मैच में चेज किया था।

टी20 सीरीज के लिए दोनों टीमों का स्क्वाड: 

भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल (उपकप्तान), हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई , वाशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर)।

इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, जेमी स्मिथ, लियाम लिविंगस्टोन, आदिल राशिद, साकिब महमूद, फिल साल्ट, मार्क वुड।

आसमान में देखने को होगा अद्भुत दृश्य, 6 ग्रह एक साथ करेंगे परेड, जानें इसे कैसे देख सकते हैं?

अंतरिक्ष में आज यानी मंगलवार की रात एक अहम खगोलीय घटना घटेगी, जिसमें एकसाथ 6 ग्रहों को सीधी लाइन में देखा जा सकेगा यानी छह ग्रह एक साथ परेड करेंगे। इनमें से चार ग्रहों को आप बिना टेलीस्‍कोप के यानी नग्‍न आंखों से देख सकेंगे। तो रहिए तैयार आप घर बैठे अंतरिक्ष में इन चार ग्रहों को खुली आंखों से निहार पाएंगे। रिपोर्टों के अनुसार, प्लैनेटरी परेड यानी ग्रहों की परेड 21 जनवरी से शुरू हो रही है और ग्रहों की परेड का यह नजारा भारत समेत पूरी दुनिया में दिखाई देगा।

कब देख सकते हैं ग्रहों की परेड

भारत में आज रात लगभग 8:30 बजे से ग्रहों की यह परेड देखी जा सकेगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह परेड देखने का सबसे बेस्‍ट टाइम रात 8 बजे से रात 11 बजे के बीच रहेगा। इसके बाद आठ मार्च को यह परेड एक बार फिर आप देख सकेंगे।

कैसे देख सकेंगे प्लानेटरी परेड

प्लानेटरी परेड ग्रहों की एक खास स्थिति होती है जब पृथ्वी समेत कई ग्रह सूर्य के एक तरफ, एक सीध में आ जाते हैं और आसमान में इनकी एक सीधी लाइन सी दिखाई देती है, जिसे प्लेनेटरी अलाइनमेंट कहते हैं। 2025 में यह घटना दो बार होने वाली है। पहली बार आज शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, वरुण (नेप्च्यून), और अरुण (यूरेनस) एकसाथ एक सीधी लाइन में दिखने लगेंगे। NASA के अनुसार, आप इनमें से शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि को बिना टेलीस्कोप के देख सकते हैं। लेकिन नेप्च्यून और यूरेनस को देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत होगी।

अंतरिक्ष में होने वाली ग्रहों की इस परेड को साफ साफ देखने के लिए मौसम का साफ रहना जरूरी होगा, तभी आसमान में आप ये अद्भुत नजारा देख सकेंगे और इसे साफ देखने के लिए ऐसी जगह को चुनें जहां घना अंधेरा हो, रौशनी ज्‍यादा ना हो।