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डबलिन: आयरलैंड में सियासी हलचल हुई तेज, माइकल मार्टिन दूसरी बार संभालेंगे प्रधानमंत्री पद

आयरलैंड में बड़ी सियासी हलचल देखने को मिली है। सांसदों की ओर से गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान किए जाने के बाद बुधवार को माइकल मार्टिन दूसरी बार आयरलैंड के प्रधानमंत्री बनेंगे। चुनाव में मार्टिन की ‘फियाना फेल’ पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन उसे इतनी सीट नहीं मिली थी कि वह अपने बलबूते सरकार बना सके।

इस बात पर बनी है सहमति

कई सप्ताह की बातचीत के बाद, लंबे समय से प्रभावी दक्षिणपंथी पार्टियां ‘फियाना फेल’ और ‘फाइन गाएल’ कई निर्दलीय सांसदों के समर्थन से गठबंधन बनाने पर सहमत हो गईं। समझौते के तहत, मार्टिन (64) तीन साल के लिए प्रधानमंत्री होंगे, जबकि ‘फाइन गाएल’ के साइमन हैरिस उपप्रधानमंत्री होंगे। इसके बाद दोनों नेता शेष दो वर्ष के कार्यकाल के लिए अपने-अपने पद बदलेंगे।

29 नवंबर को हुए थे चुनाव

दोनों दलों के सदस्यों ने सरकार के समझौते की पुष्टि कर दी है और अब संसद के निचले सदन ‘डेल’ के सदस्यों द्वारा मार्टिन के नाम की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से इस पद पर नियुक्त किया जाएगा। आयरलैंड में 29 नवंबर को हुए चुनाव में ‘फियाना फेल’ ने 174 सीट में से 48 और ‘फाइन गाएल’ ने 38 सीट पर जीत दर्ज की थी।

वाशिंगटन:अमेरिका के 22 राज्यों ने बर्थ राइट सिटीजनशिप के मुद्दे पर ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर किया

 अमेरिका के 22 प्रांतों के अटॉर्नी जनरल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस शासकीय आदेश के खिलाफ मुकदमा दायर किया है जिसके तहत देश में जन्म लेने पर किसी भी व्यक्ति को स्वत: नागरिकता मिल जाने के 100 साल पुराने आव्रजन नियम को खत्म करने के लिए कदम उठाया गया है। इस नियम के तहत यदि किसी व्यक्ति का जन्म अमेरिका में हुआ है तो जन्म के आधार पर उसे अमेरिकी नागरिकता मिल जाती थी, भले ही उनके माता-पिता किसी और देश के हों।

लंबी चलने वाली है कानूनी लड़ाई

सोमवार को जारी ट्रंप का लगभग 700 शब्दों का कार्यकारी आदेश, राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उनके द्वारा किए गए वादे को पूरा करना है। लेकिन, यह निश्चित नहीं है कि ट्रंप का यह कदम सफल होगा या नहीं, क्योंकि राष्ट्रपति की आव्रजन नीतियों और नागरिकता के संवैधानिक अधिकार पर कानूनी लड़ाई लंबी चलने वाली है। डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल और प्रवासियों के अधिकारों के पैरोकारों का कहना है कि जन्मजात नागरिकता को लेकर स्थापित कानून है और यद्यपि राष्ट्रपतियों के पास व्यापक अधिकार होते हैं, लेकिन वो राजा नहीं होते।

व्हाइट हाउस का स्पष्ट रुख

न्यूजर्सी के अटॉर्नी जनरल मैट प्लैटकिन ने कहा कि राष्ट्रपति अपने आदेश के जरिए इस व्यवस्था को समाप्त नहीं कर सकते। व्हाइट हाउस (राष्ट्रपति निवास एवं कार्यालय) ने कहा कि वह अदालत में प्रांतों का सामना करने के लिए तैयार है और ये मुकदमे ‘वामपंथियों के प्रतिरोध से ज्यादा कुछ नहीं’ हैं। व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव हैरिसन फील्ड्स ने कहा, ‘‘कट्टरपंथी वामपंथी धारा के विपरीत जा सकते हैं और लोगों की प्रबल इच्छा को अस्वीकार करने का विकल्प चुन सकते हैं, या फिर वो राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।’’

‘अमेरिका में पैदा हुए तो अमेरिकी हैं’

कनेक्टिकट के अटॉर्नी जनरल विलियम टोंग ने कहा कि यह मुकदमा उनके लिए व्यक्तिगत है। वह जन्मजात अधिकार से अमेरिकी नागरिक और देश के पहले चीनी-अमेरिकी निर्वाचित अटॉर्नी जनरल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘14वां संशोधन वही कहता है जो इसका मतलब है, और इसका मतलब वही है जो यह कहता है- यदि आप अमेरिकी धरती पर पैदा हुए हैं, तो आप अमेरिकी हैं। बस।’’

Hezbollah Leader Sheikh Muhammad Ali Hamadi Killed: लेबनान में हिजबुल्लाह के शीर्ष नेता की हत्या, अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर किया हमला

हिजबुल्लाह के एक टॉप लीडर शेख मुहम्मद अली हमादी की हत्या कर दी गई है। हमादी की हत्या लेबनान के पश्चिमी बेका क्षेत्र में की गई है। दो वाहनों पर आए बंदूकधारियों ने शेख मोहम्मद हमादी पर उस समय गोलियां चलाईं, जब वह अपने घर के बाहर खड़ा था। इस हमले में हमादी को कई गोलियां लगी थीं।

स्थानीय प्रशासन कर रहा है जांच

घायल हालत में हमादी को तुरंत ही पास के शहर सोहमोर के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अज्ञात हमलावर गोलीबारी के बाद फरार हो गए, स्थानीय प्रशासन घटना की जांच कर रहा है। अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कुछ रिपोर्ट्स में इस हत्या के पीछे इजरायल का हाथ बताया जा रहा है तो कोई इसे पारिवारिक झगड़े से जोड़कर देख रहा है।

एफबीआई को थी हमादी की तलाश

शेख हमादी की हत्या के बाद लेबनानी सेना इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों की तलाश में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमादी की हत्या ऐसे समय हुई है जब इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम चल रहा है। एफबीआई को भी हमादी की तलाश थी। वह 1985 में वेस्ट जर्मन प्लेन को हाइजैक करने के मामले में वॉन्टेड था।

डॉ.राजेश्वर सिंह ने की नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कदमों के लिए केंद्र सरकार की प्रशंसा, बोले- 2026 तक नक्सल मुक्त भारत का केंद्र सरकार का ऐतिहासिक लक्ष्य, 24 वर्षों में 77% की गिरावट

  • देश में केवल 45 नक्सल प्रभावित जिले शेष, 40 वर्षों में पहली बार मौत का आंकड़ा 100 से नीचे – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • मोदी-शाह के संतुलित नेतृत्व और निर्णायक अभियानों ने नक्सलवाद की कमर तोड़ी – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • विकास ही है समाधान’: मोदी-शाह की नीति से लाल गलियारे बन रहे हरित विकास के केंद्र – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ, 22 जनवरी 2025: मंगलवार को नक्सलवाद के विरुद्ध चलाये गए ऑपरेशन में छतीसगढ़ के गरियाबंद में 1 करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर चलपति सहित 20 नक्सली मारे। इस बीच सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ट्वीट कर केन्द्रीय नेतृत्व की प्रशंसा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, ”माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में असाधारण सफलता हासिल की है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास सुनिश्चित हुआ है। उनके संतुलित दृष्टिकोण, निर्णायक सशत्र अभियानों और जमीनी विकास पहलों के संयोजन ने हाल के वर्षों में नक्सली उग्रवाद को काफी हद तक कमजोर किया है।”

डॉ. सिंह ने नक्सली घटनाओं में तेज़ी से गिरावट के आंकड़े प्रस्तुतु करते हुए आगे लिखा,” वामपंथी उग्रवाद (LWE) की घटनाओं में 2010 से 77% की कमी आई है, जहां 2009 में 2,258 घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं 2023 में यह संख्या घटकर सिर्फ 531 रह गई। 2024 में ही 287 नक्सलियों को निष्प्रभावी किया गया, जिनमें 14 शीर्ष पोलित ब्यूरो नेता शामिल थे, और 992 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। यह सुरक्षा बलों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।” विधायक ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, 40 वर्षों में पहली बार, वामपंथी उग्रवाद से संबंधित मौतों की संख्या 100 से कम हो गई, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नक्सलवाद का भौगोलिक प्रभाव काफी घट गया है, पीआईबी डाटा के अनुसार प्रभावित जिलों की संख्या 2010 में 96 से घटकर 2024 में सिर्फ 45 रह गई है।

नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए विधायक ने आगे लिखा, ”वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए बजट 2024 में बढ़कर ₹3,006 करोड़ हो गया, जो पहले के वर्षों की तुलना में लगभग तीन गुना है। 2014 से अब तक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 11,000 किमी से अधिक सड़कें बनाई गई हैं, जिससे कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिला है। 2024 में, प्रधानमंत्री मोदी जी ने इन क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास को बढ़ावा देने के लिए 15,000 मकानों के निर्माण को मंजूरी दी। 2014 से अब तक 22,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें से कई को छत्तीसगढ़ समर्पण नीति जैसी पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से समाज में फिर से शामिल किया गया है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों की प्रशंसा करते हुए डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा,” गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सली हिंसा के पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, सरकारी सहायता प्रदान की और प्रभावित समुदायों को ठीक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 2025 की शुरुआत ने इस संकल्प को और मजबूत किया है, जिसमें हमारे सुरक्षा बलों ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर 14 नक्सलियों को निष्प्रभावी किया। यह हमारे 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को और दृढ़ करता है। विधायक ने आगे जोड़ा,”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “उग्रवाद का समाधान विकास” के मंत्र और गृह मंत्री अमित शाह की प्रभावी सुरक्षा रणनीतियों के तहत, लाल गलियारा धीरे-धीरे हरित विकास गलियारे में बदल रहा है। इन सतत प्रयासों ने पहले प्रभावित क्षेत्रों में शांति और समृद्धि लाई है, जिससे एक मजबूत, सुरक्षित और एकीकृत नए भारत का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

Latest Sports News: सूर्यकुमार का प्लान, टीम की गीली गेंद से करेंगे प्रैक्टिस, क्या Playing 11 में खेलेंगे 2 स्पिनर ?

India vs England 1st T20: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी20 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 22 जनवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाएगा। लेकिन इस मुकाबले से पहले ही भारतीय टीम ने गीली गेंद से प्रैक्टिस की है। ऐसी परिस्थितियों में मेजबान टीम दो स्पिनरों के साथ उतर सकती है। ईडन गार्डन्स में साल के इस समय ओस एक स्थायी चिंता का विषय है। ओस के कारण गेंद को पकड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए तीसरे स्पिनर को मैदान पर उतारना महंगा साबित हो सकता है। इसी वजह से भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में वरुण चक्रवर्ती और उप कप्तान अक्षर पटेल को मौका मिल सकता है।

वरुण के पास है कोलकाता में खेलने का अनुभव

वरुण चक्रवर्ती आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलते हैं और केकेआर का होम ग्राउंड कोलकाता है। वह यहां के हर कोने से अच्छे से वाकिफ हैं और उन्हें पता है कि गेंद किस तरह से हरकत करती है। वरुण ने अभी तक भारतीय टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 19 विकेट हासिल किए हैं। दूसरी तरफ अक्षर पटेल गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाजी से भी योगदान देने में माहिर हैं और ऐसा हम टी20 वर्ल्ड कप 2024 में देख चुके हैं। अक्षर ने भारत के लिए T20I क्रिकेट में 65 विकेट हासिल किए हैं। वहीं बल्ले से 498 रन बनाए हैं।

नीतिश रेड्डी को मिल सकता है मौका

ओस जैसी परिस्थितियों में ऑलराउंडर नीतिश कुमार रेड्डी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है जिन्होंने हाल के ऑस्ट्रेलिया दौरे में शानदार प्रदर्शन किया था। उनके शामिल होने से भारत का बल्लेबाजी क्रम और मजबूत होगा। इस तरह से देखा जाए तो भारत का बल्लेबाजी क्रम लगभग तय हो चुका है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन पारी की शुरुआत कर सकते हैं। उनके बाद तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह और अक्षर पटेल बल्लेबाजी के लिए आ सकते हैं।

ओस के लिए सूर्या ने कही ये बात

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अगर हमें पता है कि ओस पड़ने वाली है, तो आप गीली गेंद से तैयारी शुरू कर देते हैं। आप प्रैक्टिस सेशन के दौरान गीली गेंद से गेंदबाजी करना शुरू कर देते हैं। आप गीली गेंद से फील्डिंग करते हैं। ये चीजें हैं जो आपके कंट्रोल में हैं।