दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की मुश्किलें और अधिक बढ़ने वाली हैं। उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर हो गया है। बता दें कि अभियोजकों ने पिछले महीने सैन्य शासन लागू करने के लिए महाभियोग के माध्यम से राष्ट्रपति पद से हटाए गए यून सुक येओल के खिलाफ रविवार को यह आरोप पत्र दायर किया।
योनहाप समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार सियोल मध्य जिला अभियोजन कार्यालय ने यून पर तीन दिसंबर को दिए गए एक आदेश के संबंध में विद्रोह का आरोप लगाया है, जिससे देश में भारी राजनीतिक उथल-पुथल मच गई थी। दक्षिण कोरिया के दूसरे मीडिया संस्थानों ने भी ऐसी ही खबरें प्रकाशित की हैं। इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए कई बार अभियोजकों से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
महाभियोग के जरिये यून सुक को राष्ट्रपति पद से हटाया गया था
सैन्य शासन लागू करने का आदेश देने के लिए यून को महाभियोग के जरिये राष्ट्रपति पद से हटाए जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। संवैधानिक अदालत अलग से इस मामले पर विचार कर रही है कि यून को राष्ट्रपति पद से आधिकारिक रूप से बर्खास्त किया जाए या फिर बहाल किया जाए। कंजरवेटिव नेता यून ने हालांकि खुद पर लगे आरोपों को दृढ़ता के साथ खारिज किया है। यून ने सैन्य शासन लागू करने का आदेश जारी करते हुए नेशनल असेंबली को “गुंडों का अड्डा” करार दिया था। साथ ही उन्होंने “उत्तर कोरिया के समर्थकों और राष्ट्रविरोधी ताकतों” को खत्म करने का संकल्प लिया था।
भोजपुरी गानों का अपना ही क्रेज है। इनके बिना शादी-पार्टी अधूरी लगती हैं। इनके लीरिक्स जितने शानदार होते हैं, उतना ही दमदार इनका म्यूजिक होता है, जिसके चलते उनकी डिमांड दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका की नोंकझोंक और रोमांस इन गानों का लोकप्रिय विषय है। कुछ दिनों पहले दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे की फिल्म ‘फसल’ का एक गाना ‘मरून कलर सड़िया’ खूब चर्चा में रहा, जिसमें पत्नी अपने पति से साड़ी लाने के लिए कह रही है। निरहुआ और आम्रपाली के इस भोजपुरी गाने को एक और साड़ी वाला गाना टक्कर दे रहा है।
फैंस के बीच छाया ‘सौतनिया के सड़िया’
हम बात कर रहे हैं भोजपुरी स्टार राकेश मिश्रा और श्यामली श्री के भोजपुरी गाना “सौतिनिया के सड़िया”। ये गाना रिलीज के साथ वायरल हो गया था और अब भी भोजपुरिया फैंस के बीच छाया हुआ है। इस गाने में राकेश मिश्रा और श्यामली श्री की शानदार केमेस्ट्री देखने को मिल रही है, जो फैंस को और भी आकर्षित कर रहा है। ये भोजपुरी गाना, जितना शानदार है इसकी प्रस्तुति भी उतनी ही मनमोहक है।
कमाल की है भोजपुरी गाने की धुन
इस भोजपुरी गाने को देखकर राकेश मिश्रा और श्यामली श्री के फैंस भी अपना रिएक्शन दिए बिना नहीं रह पाए। कई ने कमेंट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। इस भोजपुरी गाने को धुन बजा भोजपुरी नाम के यूट्यूब चैनल द्वारा जारी किया गया है और देसी लोटा एंटरटेनमेंट एंड शूट सॉल्यूशन द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इस भोजपुरी गाने की धुन वाकई कमाल का है, जिस पर श्यामली श्री जमकर थिरकतीं और अपने लटके-झटके दिखाती नजर आ रही हैं।
दक्षिणी नाइजीरिया में एक गैसोलीन टैंकर में विस्फोट होने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नाइजीरिया के संघीय सड़क सुरक्षा कोर ने शनिवार शाम एक बयान में कहा कि यह दुर्घटना दक्षिण-पूर्वी राज्य एनुगु में एनुगु-ओनित्शा एक्सप्रेसवे पर हुई, जब गैसोलीन से लदा टैंकर नियंत्रण खो बैठा और 17 वाहनों से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गया।
सुरक्षा कोर बचाव दल के प्रवक्ता ओलुसेगुन ओगुंगबेमाइड ने कहा, जो लोग मारे गए वे जल जाने के कारण “पहचान से परे थे। 10 घायलों के अलावा, बचावकर्मियों ने तीन अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।माल परिवहन के लिए एक कुशल रेलवे प्रणाली के अभाव के कारण, अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया की अधिकांश प्रमुख सड़कों पर घातक ट्रक दुर्घटनाएँ आम हैं।
कुछ दिन पहले भी हुआ था ब्लास्ट
एक ऐसा ही ब्लास्ट इस महीने की शुरुआत में, उत्तर-मध्य नाइजीरिया में नाइजर राज्य के सुलेजा क्षेत्र के पास हुआ था। जहां एक गैसोलीन टैंकर विस्फोट में 98 लोग मारे गए थे। यह दुर्घटना गैसोलीन को एक टैंक से दूसरे टैंक में भरने के दौरान हुई थी। उस दौरान घटनास्थल पर गैसोलीन निकालने के लिए काफी मजदूर व अन्य लोग मौजूद थे। तभी यह ब्लास्ट हो गया था। इसके बाद अधिकारियों ने गिरे हुए टैंकरों से गैसोलीन निकालने और मौत का कारण बनने वाली अन्य प्रथाओं के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। सरकारी नीति को संप्रेषित करने वाली संस्था नेशनल ओरिएंटेशन एजेंसी के महानिदेशक लैनरे इस्सा-ओनिलू ने शनिवार को सुलेजा क्षेत्र के करीब एक कार्यक्रम में कहा, “गैसोलीन टैंकर दुर्घटनाओं से लोगों की जान नहीं जाती।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश के खिलाफ सबसे बड़ा एक्शन लिया है। ट्रंप ने बांग्लादेश को दी जाने वाली सभी तरह की मदद को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। ट्र्ंप के कार्यकारी आदेश में बांग्लादेश को दी जाने वाली सभी प्रकार की सहायता को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है।
इस आदेश में बांग्लादेश को दी जाने वाली मदद रोकने के साथ ही सभी प्रकार के प्रोजेक्ट पर भी स्टे लगा दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि बांग्लादेश में चल रहे सभी कार्यों को भी तत्काल प्रभाव से रोका जा रहा है। USAID ने एक पत्र जारी करके यह जानकारी दी है। इसमें अनुदान, अनुबंध समेत सभी तरह के सहायता कार्यक्रम को तत्काल रोकने की बात कही गई है।
एस जयशंकर ने उठाया था मुद्दा
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे जुर्म का मुद्दा उठाया था और ट्रंप प्रशासन से बांग्लादेश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके कुछ ही दिनों में अमेरिका ने बांग्लादेश के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई की है। हालांकि यूएसएस ने बांग्लादेश के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई वजह नहीं बताई है। मगर ट्रंप का यह फैसला बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यूएसएड अमेरिकी एजेंसी है। जो विभिन्न देशों को स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आपदा और मानवीय सहायता जैसे मद में अरबों डॉलर की सहायता देती है। अमेरिका के इस कदम से बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 के पद्म पुरस्कारों के लिए चयनित विभूतियों को दी शुभकामनाएं, सीएम योगी ने कहा – "विभूतियों की उपलब्धियों ने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया"
पद्म भूषण: राम बहादुर राय और साध्वी ऋतम्भरा।
पद्मश्री: साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला और चिकित्सा जैसे विविध क्षेत्रों से 8 महानुभावों को सम्मानित किया जाएगा।
मरणोपरांत पद्मश्री: स्वर्गीय श्री नारायण (भुलई भाई) को सार्वजनिक कार्यों के लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुरस्कार विजेताओं से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
पद्म पुरस्कार समाज में एकता, समरसता और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं।
लखनऊ, 25 जनवरी, 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 के पद्म पुरस्कारों के लिए चयनित सभी महानुभावों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से न केवल अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर सम्मानित स्थान दिलाने में भी सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश से चयनित विभूतियों को विशेष रूप से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्यों ने प्रदेश को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों की जीवन यात्रा और उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
उत्तर प्रदेश के पद्म पुरस्कार विजेता
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश से कई महान विभूतियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और कार्यों के लिए पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए पहचाने गए हैं।
पद्म भूषण से सम्मानित विभूतियां:
राम बहादुर राय (साहित्य एवं शिक्षा – पत्रकारिता): साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में अनमोल योगदान के लिए सम्मानित। उनकी रचनाएं और विचार समाज को नई दिशा देने वाले हैं।
साध्वी ऋतम्भरा (सामाजिक कार्य): सामाजिक सेवा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए उनका योगदान सराहनीय है। उन्होंने सेवा और समर्पण के माध्यम से हजारों लोगों को प्रेरित किया।
पद्मश्री से सम्मानित विभूतियां:
हृदय नारायण दीक्षित (साहित्य एवं शिक्षा): साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाएं अद्वितीय हैं। उनकी रचनाएं समाज को नई दृष्टि देती हैं।
गणेश्वर शास्त्री द्रविण (साहित्य एवं शिक्षा): साहित्य और शिक्षा में उनके योगदान ने समाज को एक नई दिशा दी है।
सैय्यद ऐनुल हसन (साहित्य एवं शिक्षा): साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्य समाज को जागरूक करने में सहायक रहे हैं।
आशुतोष शर्मा (विज्ञान और इंजीनियरिंग): विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके शोध और नवाचार ने देश की तकनीकी क्षमता को मजबूती प्रदान की है।
सत्यपाल सिंह (खेल): खेल जगत में उनके योगदान ने देश का नाम रोशन किया है।
श्याम बिहारी अग्रवाल (कला): कला के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां समाज को प्रेरणा देती हैं।
सोनिया नित्यानंद (चिकित्सा): चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान ने समाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित विभूति:
स्वर्गीय श्री नारायण (भुलई भाई) – सार्वजनिक कार्य (पब्लिक अफेयर्स): मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री नारायण (भुलई भाई) को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनकी सेवाओं को पद्मश्री सम्मान के माध्यम से मान्यता दी गई है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों को गर्व महसूस होगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन विभूतियों की उपलब्धियां समाज के हर वर्ग को प्रेरणा देंगी। उन्होंने कहा कि ये सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की पहचान है, बल्कि यह देश और समाज में उनके योगदान की सराहना भी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित होने वाले स्वर्गीय नारायण जी जैसे महानुभावों की सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पुरस्कार न केवल सम्मानित व्यक्तियों के लिए प्रेरणा होते हैं, बल्कि यह समाज को सशक्त बनाने और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा का काम करते हैं। उन्होंने इन विभूतियों की सराहना करते हुए कहा कि इनके कार्यों से देश और प्रदेश दोनों को गौरव प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश और देश की इन विभूतियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इन महान व्यक्तित्वों ने प्रदेश का मान बढ़ाया है और उनकी यह सफलता समाज के लिए प्रेरणादायक है।