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दक्षिण कोरिया के एयरपोर्ट पर विमान में आग लग गयी, 176 यात्री थे onboard

दक्षिण कोरियाई एयरपोर्ट पर यात्री विमान में आग लग गई है। विमान में सवार सभी 176 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। यहां के प्रमुख समाचार एजेंसी योनहाप ने बताया कि मंगलवार को दक्षिण कोरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर के एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री विमान की पिछली सीट में आग लग गई, जिसके कारण विमान में सवार 176 लोगों को बाहर निकालना पड़ा। समाचार एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बुसान के गिम्हे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हांगकांग के लिए रवाना हुए एयर बुसान के विमान में स्थानीय समयानुसार रात करीब 10.30 बजे (1330 GMT) आग लग गई।

योनहाप ने कहा कि कुल 169 यात्रियों और सात फ्लाइट अटेंडेंट को इन्फ्लेटेबल स्लाइड्स से बाहर निकाला गया, हालांकि आग लगने के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसने कहा कि एक व्यक्ति घायल हुआ है, लेकिन कोई अन्य विवरण नहीं दिया।

आग के गोले में बदला विमान

बता दें कि दक्षिण कोरिया में पिछले महीने सबसे भयानक विमानन दुर्घटना हुई थी। 29 दिसंबर को थाईलैंड से मुआन के लिए उड़ान भरने वाला जेजू एयर बोइंग 737-800 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और कंक्रीट अवरोधक से टकराने के बाद आग के गोले में बदल गया था। उस दुर्घटना में विमान में सवार 181 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से 179 की मौत हो गई थी।

Latest Bollywood News :अजय देवगन ने स्वीकार की ‘सिंघम अगेन’ की कमियां, बोले- ‘घुस-घुस के मारने वाला…’

रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी ‘सिंघम अगेन’ 2024 में दिवाली के मौके पर रिलीज हुई। रोहित शेट्टी और फिल्म के कलाकारों ने इसके प्रमोशन में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। अजय देवगन के फैंस को इस फिल्म से बड़ी उम्मीदें थीं। फिल्म में अजय देवगन और करीना कपूर के अलावा अक्षय कुमार, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और टाइगर श्रॉफ जैसे कलाकारों की भी टोली थी। लेकिन, जब ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो दर्शक कुछ खास खुश नहीं हुए। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। दर्शकों को ‘सिंघम अगेन’ सिंघम फ्रेंचाइजी की अन्य दो फिल्मों की तुलना में फीकी लगी। जिस पर अब अजय देवगन ने खुलकर बात की है।

सिंघम अगेन की आलोचना पर अजय देवगन ने कही ये बात

अजय देवगन ने हाल ही में जी रियल हीरोज अवॉर्ड 2025 में हिस्सा लिया, जहां उनसे सिंघम अगेन को दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया। इस पर रिएक्ट करते हुए अजय देवगन ने कहा- ‘मुझे लगता है ये रिएक्शन मुझे काफी लोगों से मिला है। तो आगे से ध्यान रखेंगे कि वो जो सिंघम का फील था, घुस-घुस के मारने का, वो आगे जरूर रहेगा।’

दर्शकों को सिंघम अगेन से थीं खासी उम्मीदें

जब रोहित शेट्टी की ओर से ‘सिंघम अगेन’ का ऐलान किया गया था तो फैंस काफी एक्साइटेड हो गए थे। क्योंकि, इसमें अजय देवगन के अलावा करीना कपूर, दीपिका पादुकोण, अक्षय कुमार, रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ और अर्जुन कपूर जैसे कलाकारों की टोली थी। लेकिन, जब फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों को थिएटर में वो अनुभव नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। लेकिन, धीरे-धीरे ही सही, सिंघम अगेन ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ का कलेक्शन कर ही लिया। हालांकि, फिल्म का बजट भी काफी ज्यादा था।

इस फिल्म से मिली थी सिंघम अगेन को टक्कर

अजय देवगन और करीना कपूर स्टारर ‘सिंघम अगेन’ बॉक्स ऑफिस पर कार्तिक आर्यन, विद्या बालन, माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी स्टारर ‘भूल भुलैया 3’ से टकराई थी, जिसने इसके कलेक्शन को काफी प्रभावित किया। सिंघम अगेन ने ओपनिंग डे पर 43.5 करोड़ का तगड़ा कलेक्शन किया था। मगर शो देखकर निकले दर्शकों ने इसे कुछ खास पसंद नहीं किया।

तिब्बत:भूकंप के झटकों से दहशत में आए लोग, रिक्टर स्केल पर इतनी तीव्रता मापी गई

 तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के एक बयान में कहा गया है कि तिब्बत में रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। सोमवार को यह भूकंप 29.10 N अक्षांश और 87.66 E देशांतर पर 5 किमी की गहराई पर आया था। हालांकि भूकंप से किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

21 और 22 जनवरी को भी आया था भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, तिब्बत में 22 जनवरी को भी रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। वहीं, 21 जनवरी की सुबह भी तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दोनों भूकंप जमीन से 10 किमी की गहराई पर आए थे। इस भूकंप से भी किसी की मौत नहीं हुई थी। हालांकि बार-बार भूकंप आने से यहां के लोगों की टेंशन जरूर बढ़ गई है।

खतरनाक होते हैं इस तरह के भूकंप

इस तरह के भूकंप आमतौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उथले भूकंप सतह के करीब अधिक ऊर्जा छोड़ते हैं, जिससे अधिक तीव्र कंपन और क्षति होती है। यह क्षेत्र हाल ही में भूकंप और झटकों से त्रस्त रहा है, 24 जनवरी को इस क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का एक और भूकंप आया था।

8 जनवरी भूकंप से हुई थी 126 लोगों की मौत

इससे पहले तिब्बतके शिगाजे के डिंगरी काउंटी में भी 13 जनवरी को भूकंप आया था। स्थानीय समयानुसार रात 8:58 बजे पवित्र शहर शिगाज़े के आसपास के क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसी क्षेत्र में आठ जनवरी को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 126 लोग मारे गए थे और 188 अन्य घायल हो गए थे। आठ जनवरी के भूकंप के बाद, इस क्षेत्र में 640 से अधिक झटके महसूस किए गए।

इस्लामाबाद:पाकिस्तान में खतरे में अभिव्यक्ति की आज़ादी, सोशल मीडिया पर छोटी सी गलती भी भारी पड़ेगी, मिलेगी सख्त सजा

 पाकिस्तान की संसद के ऊपरी सदन ने मंगलवार को एक विवादास्पद विधेयक पारित कर दिया है। इस विधेयक को लेकर आलोचकों का कहना है कि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए बनाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण (संशोधन) विधेयक 2025 या पेका कानून को उद्योग और उत्पादन मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने पेश किया। विधेयक सरकार को गलत सूचना फैलाने के लिए सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर भारी जुर्माना लगाने और उन्हें जेल भेजने के व्यापक अधिकार प्रदान करता है।

राष्ट्रपति करेंगे हस्ताक्षर

मंगलवार को सीनेट की ओर से मंजूरी दिए जाने से विधेयक के मार्ग में आखिरी बाधा भी दूर हो गई है। अब इसे राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास भेजा जाएगा, जिनके जल्द ही इस पर हस्ताक्षर कर देने की उम्मीद है। इस विधेयक के तहत, अधिकारी एक एजेंसी डिजिटल अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (डीआरपीए) बनाएंगे, जिसके पास सोशल मीडिया पर “गैरकानूनी और आपत्तिजनक” समझी जाने वाली सामग्री को तत्काल ब्लॉक करने का आदेश देने की शक्ति होगी।

गलत सूचना फैलाने पर मिलेगी सजा

न्यायाधीशों, सशस्त्र बलों, संसद या प्रांतीय विधानसभाओं की आलोचना करने वाली सामग्री को भी ब्लॉक किया जा सकेगा। जो लोग इसका पालन करने में विफल रहेंगे, उन्हें अस्थायी या स्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। कानून में गलत सूचना फैलाना भी एक आपराधिक कृत्य माना गया है, जिसके लिए तीन साल की जेल और 20 लाख रुपये (7,150 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

इमरान खान की पार्टी ने किया विरोध

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा कि उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (PTI) इस विधेयक को अदालत में चुनौती देगी। उन्होंने एक बयान में कहा, “फर्जी खबरों से निपटने के बहाने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित किया गया है और कोई भी लोकतंत्र-पसंद व्यक्ति इसका समर्थन नहीं कर सकता।”

नई दिल्ली: ‘किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे’, मछुआरों के घायल होने पर भारत ने श्रीलंका को दी कड़ी चेतावनी

डेल्फ़्ट द्वीप के पास मंगलवार सुबह श्रीलंकाई नौसेना की ओर से की गई गोलीबारी में पांच भारतीय मछुआरे घायल हो गए। इस घटना को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नई दिल्ली में श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया और कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। अपनी प्रतिक्रिया में भारत ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग ‘स्वीकार्य’ नहीं है।

मछुआरों पर नौसेना ने की फायरिंग 

मंत्रालय ने कहा, “डेल्फ़्ट द्वीप के पास 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना ने गोलीबारी की। मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार 13 मछुआरों में से दो को गंभीर चोटें आई हैं और उनका फिलहाल जाफना टीचिंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।” इसमें कहा गया है कि तीन अन्य मछुआरों को मामूली चोटें आईं हैं और उनका उपचार किया गया है। जाफना स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल मछुआरों से अस्पताल में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। मछुआरों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।

‘सहमति का सख्ती से हो पालन’

विदेश मंत्रालय ने कहा, “नई दिल्ली स्थित श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।” कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी यह मामला श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है। भारतीय वक्तव्य में कहा गया है, “भारत सरकार ने हमेशा मछुआरों से संबंधित मुद्दों को उनकी आजीविका की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मानवीय तरीके से निपटाने की आवश्यकता पर बल दिया है।” विदेश मंत्रालय ने कहा, “किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। इस संबंध में दोनों सरकारों के बीच मौजूदा सहमति का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।”