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Health Tips: Harvard Health ने बताया कि कैसे मामूली बदलाव आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ावा दे सकते हैं

मेटाबॉलिज्म शरीर के सबसे मूलभूत कार्यों के लिए आवश्यक है, लेकिन उम्र बढ़ने से इसका प्रभाव पड़ता है। मेटाबॉलिज्म उम्र बढ़ने के साथ धीमा होने लगता है। इसका मतलब है कि हमारा शरीर कैलोरी को धीमी गति से जलाएगा। जितनी धीमी गति से कैलोरी जलाई जाएगी, उतनी ही अधिक चर्बी शरीर में जमा होगी और इसका सीधा प्रभाव वजन पर पड़ेगा। वजन बढ़ेगा और लोग इसे कम करने में परेशानी का सामना करेंगे। ऐसे में वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों को अपनी दिनचर्चा में मेटाबॉलिज्म करने वाले खाद्य पदार्थों और अन्य चीजों को शामिल करना चाहिए, न कि सिर्फ डाइटिंग पर ध्यान देना चाहिए।

हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, एक छोटे से बदलाव से समय के साथ सुस्त हो चुके मेटाबॉलिज्म को तेज करना संभव है। ये बदलाव आपको अधिक कैलोरी जलाने में मदद कर सकते हैं।

गति बढ़ाने से मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा: हार्वर्ड हेल्थ ने लोगों को अपनी दिनचर्या में हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज को शामिल करने की सलाह दी है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि ट्रेडमिल पर चलते समय या जॉगिंग करते समय लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर में अपनी गति बढ़ानी चाहिए और फिर सामान्य गति पर आ जाना चाहिए। इससे पूरे दिन मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अपने आहार में प्रोटीन शामिल करें और वेट ट्रेनिंग करें: प्रोटीन का मेटाबॉलिज्म पर कितना असर होता है, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। लेकिन कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोटीन लेने और फिर वेट ट्रेनिंग करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ सकता है।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए ग्रीन टी पिएं: हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट नामक यौगिक होता है। यह कैलोरी और वसा को जलाने की क्षमता को बढ़ा सकता है। ओबेसिटी रिव्यू में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि लगभग 250 मिलीग्राम एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (लगभग तीन कप ग्रीन टी में मौजूद मात्रा) का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म को इतना बढ़ावा मिलता है कि एक दिन में औसतन 100 अतिरिक्त कैलोरी बर्न हो जाती है।

पर्याप्त नींद जरूरी है: खराब नींद से यह प्रभावित हो सकता है कि आपको व्यायाम करने और स्वस्थ भोजन पकाने के लिए कितनी ऊर्जा की आवश्यकता है। पर्याप्त नींद लेने से इंसुलिन का स्तर कम होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है।

Latest News: ISRO की शतकीय उपलब्धि, श्रीहरिकोटा से 100वां रॉकेट लॉन्च, NVS-02 मिशन हुआ सफल प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। ISRO ने आज लॉन्च की सेंचुरी लगा दी। आज सुबह ठीक 6 बजकर 23 मिनट पर इसरो श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपना 100वां मिशन लॉन्च किया। इस ऐतिहासिक मिशन के तहत GSLV-F15 रॉकेट को लॉन्च किया गया, जिसने नेविगेशन सेटेलाइट NVS-02 उपग्रह को सफलतापूर्वक जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया।

आज से तकरीबन 4 दशक पहले इसरो के वैज्ञानिकों ने वो दौर भी देखा जब रॉकेट के हिस्सों को बैलगाड़ी और साइकिल के पीछे बांधकर मिशन लॉन्च के लिए ले जाया जाता था, लेकिन आज इसरो ने अंतरिक्ष की दुनिया में खुद को स्थापित कर दिया है।

क्या है NVS-02 मिशन?

    • इसरो की 100वीं उड़ान जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट की मदद से की गई।
    • ये जीएसएलवी श्रृंखला की 17वीं उड़ान थी और यह स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण की 11वीं उड़ान थी।
    • इस रॉकेट के साथ एक खास नेविगेशन सेटेलाइट को लॉन्च किया गया है, जो आम इंसान के लिए स्वदेशी GPS सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा।
    • इसे एनवीएस-02 उपग्रह का नाम दिया गया है। ये  भारतीय नेविगेशन प्रणाली (एनएवीआईसी) का हिस्सा है जो दूसरी पीढ़ी का उपग्रह है।
    • इसका उद्देश्य भारत और इसके आस-पास 1500 किलोमीटर की दूरी तक सटीक स्थिति, वेग और समय सेवाएं प्रदान करना है।

क्या है इसकी खासियत?

    • एनवीएस-02 उपग्रह तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है।
    • इसका वजन 2,250 किलोग्राम है और यह 3 किलोवाट तक की पावर संभाल सकता है।
    • इसमें नेविगेशन के लिए एल1, एल5 और एस बैंड पेलोड शामिल हैं, जो इसकी सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे।
    • इसके अलावा, यह उपग्रह एल1 फ्रीक्वेंसी बैंड को सपोर्ट करता है, जिससे इसकी विश्वसनीयता में भी वृद्धि होगी।

एनएवीआईसी प्रणाली दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करेगी-

    • पहली, मानक पोजिशनिंग सेवा (एसपीएस) जो 20 मीटर से बेहतर स्थिति सटीकता और 40 नैनोसेकंड से बेहतर समय सटीकता देगी।
    • दूसरी प्रतिबंधित सेवा (आरएस) जो केवल विशेष उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।

46 वर्षों में 100वें मिशन का सफर

इस मिशन की सफलता इसरो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 10 अगस्त 1979 को श्रीहरिकोटा से पहले सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएलवी) मिशन के बाद 46 वर्षों में इसरो 100 मिशनों का एक बड़ा सफर तय किया है। जीएसएलवी-एफ15 और एनवीएस-02 उपग्रह के साथ भारत की नेविगेशन प्रणाली को और मजबूत बनाया जाएगा।

Latest Sports News: कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार यादव का बल्ला नहीं चला, औसत में आई बड़ी गिरावट

भारतीय टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल में रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद सूर्यकुमार यादव को इस फॉर्मेट में टीम इंडिया की नियमित कप्तानी करने का मौका मिला। सूर्या की गिनती टी20 फॉर्मेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में की जाती है, जिसमें उनके रिकॉर्ड इसकी गवाही देते हैं। हालांकि कप्तानी संभालने के बाद से उनका बल्ला कुछ खास बोलते हुए दिखाई नहीं दिया है, जिसमें इसका असर उनके बल्लेबाजी औसत पर देखने को मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले तीन मुकाबलों में भी सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश ही देखने को मिला है।

कप्तान के तौर पर सूर्या का औसत सिर्फ 29.26 का

सूर्यकुमार यादव ने बतौर कप्तान अब तक टी20 इंटरनेशनल में कुल 20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्हें 19 पारियों में बल्लेबाजी करने का मौका मिला है, जिसमें सूर्या ने 29.26 के औसत से 556 रन बनाए हैं। इस दौरान सूर्यकुमार यादव ने जहां एक शतकीय पारी खेली है तो वहीं सिर्फ 4 अर्धशतकीय पारी खेलने में कामयाब हो सके। सूर्या बतौर कप्तान एक बार बिना खाता खोले भी पवेलियन लौट चुके हैं। हालांकि बतौर कप्तान उनका स्ट्राइक रेट अधिक नहीं गिरा है, जिसमें वह 165.97 का है।

सूर्या का बतौर प्लेयर है 39.33 का औसत

टी20 इंटरनेशनल में सूर्यकुमार यादव का बतौर प्लेयर बल्ले से रिकॉर्ड देखा जाए तो वह काफी बेहतर देखने को मिलता है, जिसमें उन्होंने 81 मैचों की 77 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 39.33 के औसत से 2596 रन बनाने में कामयाब हुए। जिसमें उनके बल्ले से 4 शतकीय और 21 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली। वहीं उनका स्ट्राइक रेट 167.70 का रहा। सूर्यकुमार यादव की गिनती एक मैच विनर प्लेयर के तौर पर की जाती है, जो किसी भी परिस्थिति में रन बनाने में माहिर हैं, लेकिन कप्तानी संभालने के बाद से उनका अब तक बल्ले से वैसा अंदाज फैंस को मैदान पर देखने को नहीं मिला है।

Latest Bollywood News: अर्चना पूरन सिंह के शूटिंग सेट पर हुआ हादसा, मां की चोट देखकर बेटा हुआ भावुक और रोने लगा

अर्चना पूरन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक नया व्लॉग साझा किया, जिसमें उनका हाल देखने के बाद उनके फैंस हैरान रह गई। इस व्लॉग में अर्चना पूरन सिंह अस्पताल के बेड में नजर आईं और उन्होंने अपनी दर्दनाक चोट के बारे में बताया। दिग्गज अभिनेत्री बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव के साथ एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अर्चना फिसल गईं और उनकी कलाई टूट गई। गिरने के बाद उनके चेहरे पर भी चोटें आईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ दिनों के बाद वह ठीक हो गईं और अब वह वापस अपने घर आ गई हैं।

मां की चोट पर भावुक हुआ अर्चना का बेटा

उन्होंने वीडियो में कहा कि उन्होंने राजकुमार को फोन किया और प्रोडक्शन में देरी के लिए माफी मांगी और कहा कि वह जल्द से जल्द फिर से काम पर लौट आएंगी, क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि उन्हें और परेशानी हो। व्लॉग की शुरुआत सुबह-सुबह अर्चना के गिरने और घायल होने के वास्तविक फुटेज से हुई। तुरंत क्रू मेंबर्स उसके आसपास इकट्ठा हो गए और उसे अस्पताल ले गए। उनके पति परमीत सेठी को सूचना दी गई। उनके बेटों ने खबर पर अपनी प्रतिक्रिया का एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इसी दौरान उनका बेटा मां का हाल देखकर इमोशनल हो गया और रोने लगा।

परमीत ने उड़ाया मजाक

अर्चना ने कहा कि पहले दिन उन्होंने अपने बेटों को उनका वीडियो बनाने की इजाजत नहीं दी क्योंकि वह बहुत ज्यादा कांप रही थीं, लेकिन बाद में वह रिकॉर्डिंग के लिए राजी हो गईं। परमीत ने मजाक में कहा, ‘वह बहुत शोर मचा रही है। इसका मतलब है कि वह अब ठीक हैं।’ व्लॉग में अर्चना ने अस्पताल के कमरे के बाहर के मुंबई के नजारे की तारीफ की और कहा कि वह इतनी प्रभावित हुईं कि वह यहां लंबे समय तक रह सकती थीं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकीं, क्योंकि अर्चना का काम अधूरा था

अर्चना जल्द ही शूटिंग पर लौटेंगी

अर्चना ने आगे कहा, “मैंने राजकुमार राव को फोन किया और उन्हें बताया कि मैं शूटिंग छोड़ने से बहुत परेशान हूं, इसलिए आज मैं शूटिंग पूरी करने के लिए विरार लौट रही हूं, क्योंकि उन बेचारों को एक्स्ट्रा पे पड़ेगा। मैंने पूरे कपड़े पहने हैं। मैंने फुल स्लीव्स के कपड़े पहने हैं और वे मुझे ऐसे एंगल से गोली मारेंगे जहां आप नहीं बता सकते कि मैं घायल हूं। उन्होंने मुझसे कहा है कि उन्हें बस कुछ घंटों के लिए मेरी जरूरत है।”

इस्लामाबाद: ट्रंप ने पाकिस्तान पर आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक कर विदेशी सहायता पर रोक लगाई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालते ही पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप के एक शासकीय आदेश के बाद पाकिस्तान को दी जाने वाली विदेशी सहायता तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। इसे पाकिस्तान पर अमेरिका की बड़ी आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है। पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी तरह की सहायताओं का अब पुन: मूल्यांकन कराया जा रहा है। मंगलवार को एक खबर में यह जानकारी दी गई।

पाकिस्तान के जियो न्यूज की खबर के अनुसार ट्रंप के इस कदम से पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की ओर से तत्काल सहायता रोके जाने से पाकिस्तान में ‘संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी’ (यूएसएआईडी) की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं तत्काल रुक गई हैं, जिनमें सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राजदूत कोष (एएफसीपी) भी शामिल है, जो सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रमुख कार्यक्रम है।

ट्रंप ने किया पाकिस्तान पर आर्थिक कुठाराघात

राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान पर आर्थिक कुठाराघात करते हुए उसे दी जाने वाली सारी सहायताओं को रोक दिया है।  खबर में कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका ने ट्रंप द्वारा जारी एक शासकीय आदेश के अनुरूप पाकिस्तान को दी जाने वाली विदेशी सहायता को पुन: मूल्यांकन के लिए रोक लिया है। अपने पहले कार्यकाल में भी ट्रंप ने पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के चलते उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में डाल दिया था।