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नई दिल्ली: अब दुश्मन देशों के लिए बढ़ेगा खतरा, नौसेना की शक्ति में होगा इजाफा, जल्द फाइनल होगी ये बड़ी डील

भारत की सीमा पर निगाहें गड़ाए दुश्मन मुल्कों को सचेत हो जाना चाहिए।  भारत अपनी नौसेना की शक्ति बढ़ाने के लिए फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट के 26 नौसैनिक संस्करण और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद पर अगले कुछ हफ्ते में मुहर लगा सकता है। मामले से वाकिफ लोगों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

फ्रांस का दौरा करेंगे पीएम मोदी

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राफेल-एम और स्कॉर्पीन की खरीद संबंधी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी पेरिस यात्रा के दौरान की जाएगी या नहीं। मोदी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 10-11 फरवरी को पेरिस की यात्रा करेंगे। शिखर सम्मेलन से इतर उनके फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता करने की संभावना है।

जुलाई 2023 में खरीद को मिली थी मंजूरी

मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि दोनों समझौते अंतिम चरण में हैं और सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) को इन पर विचार करना होगा। जुलाई 2023 में रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 22 राफेल (एम) जेट की खरीद को मंजूरी दी थी, मुख्य रूप से स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिए। मंत्रालय ने फ्रांस से तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद को भी स्वीकृति दे दी थी।

6 स्कॉर्पीन पनडुब्बी का निर्माण

भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) भारत में छह स्कॉर्पीन पनडुब्बी का निर्माण पहले ही कर चुका है। राफेल-एम जेट के साथ-साथ हथियार प्रणालियों और कलपुर्जों सहित संबंधित सहायक उपकरणों की खरीद एक अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर आधारित होगी। भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान उड़ने लायक स्थिति में खरीदे थे। वायुसेना का मानना है कि उसे राफेल जेट के कम से कम दो और बेड़े की खरीद करनी चाहिए।

USA(वाशिंगटन): टक्कर के बाद पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी में डूबे विमान और हेलीकॉप्टर,जिससे ट्रंप बोले- कोई जीवित नहीं बचा

 अमेरिका में बुधवार की रात भीषण हवाई हादसे में टक्कर के बाद प्लेन और हेलीकॉप्टर पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी में डूब गए थे। इसमें कोई भी जिंदा नहीं बच सका। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सेना के एक हेलीकॉप्टर और अमेरिकन एयरलाइंस के विमान की टक्कर होने की दुर्घटना में सभी 64 लोगों की मौत हो गई है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोनों वायुयान दुर्घटनाग्रस्त होकर पोटोमैक के बर्फीले पानी में डूब गए। यह एक बड़ी त्रासदी है।

ट्रंप ने कहा कि दुर्घटना के बाद रात भर बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें हमारे पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल किया गया। दुख की बात है कि कोई भी जीवित नहीं बचा है।’’ उन्होंने बताया कि यह घटना बुधवार रात 9 बजे से ठीक पहले हुई। ट्रंप ने कहा, ‘‘रूस सहित अन्य देशों के नागरिक भी इस दुर्घटना में मारे गए हैं। कुछ और भी लोग थे। हम लगभग एक घंटे में इसकी घोषणा करने जा रहे हैं। हम देशों को फोन कर उनसे संपर्क कर रहे हैं।’’

मिला ब्लैक बॉक्स

अधिकारियों ने पोटोमैक नदी से उड़ान संख्या AA5342 से ‘ब्लैक बॉक्स’ रिकॉर्डर में से एक को बरामद किया है। इस उपकरण में उड़ान डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि हादसा क्यों हुआ। यह हादसे का एक महत्वपूर्ण साक्ष्य होगा। पहले दिन 28 शवों को बर्फीले पानी से निकाला गया था। बाद में सभी लोगों की मौत की घोषणा की गई। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्राप्त फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, टक्कर होने पर हेलीकॉप्टर यातायात और आने और जाने वाले विमानों के समन्वय के लिए एक एयर कंट्रोलर जिम्मेदार था।

अमेरिका के 25 साल के इतिहास में सबसे बड़ा हादसा

इस दुर्घटना को अमेरिका के गत 25 साल के इतिहास का सबसे भीषण विमान हादसा माना जा रहा है। इससे पहले दिन में अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात को पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी से कम से कम 28 शव निकाले गए। वाशिंगटन के निकट रोनाल्ड रीगन राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय एक यात्री विमान सेना के एक हेलीकॉप्टर से टकरा गया, जिसके बाद निकटवर्ती पोटोमैक नदी में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया था।

विमानन कंपनी ‘अमेरिकन एयरलाइंस’ के अनुसार विमान में 60 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने बताया कि यह टक्कर पूर्वी मानक समयानुसार रात लगभग नौ बजे हुई, जब कंसास के विचिटा से उड़ान भरने वाला एक क्षेत्रीय विमान हवाई अड्डे के रनवे पर पहुंचते समय एक सैन्य ‘ब्लैकहॉक’ हेलीकॉप्टर से टकरा गया।

खान यूनिस:हमास ने कबूला, इजरायल के हमले में मारा गया उसका मिलिट्री चीफ मोहम्मद डेफ ,जाने पूरी खबर

 फलस्तीन के आतंकी समूह हमास ने अपनी सैन्य शाखा के प्रमुख रहे मोहम्मद डेफ की मौत की पुष्टि की है, जबकि इजरायल ने छह महीने पहले ही उसकी मौत का ऐलान कर दिया था। हमास ने डेफ के बारे में पहली बार यह बयान जारी किया है जबकि इजरायली सेना ने पिछले साल अगस्त में घोषणा की थी कि एक महीने पहले दक्षिणी गाजा में हुए हवाई हमले में डेफ मारा गया है।

इजरायल पर हमले का था मुख्य साजिशकर्ता

हमास द्वारा बृहस्पतिवार को डेफ की मौत की पुष्टि कर देने से उसकी स्थिति के बारे में महीनों से जारी सभी अटकलों पर विराम लग गया। डेफ, हमास द्वारा इजरायल पर सात अक्टूबर को किए गए हमले का कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता था। इस हमले के कारण गाजा में युद्ध छिड़ा था। मोहम्मद डेफ कई वर्षों तक इजरायल की सर्वाधिक वांछित लोगों की सूची में शीर्ष पर रहा था।

इजरायल ने की थी बमबारी

इजरायली सेना ने बीते साल डेफ को मारने के प्रयास में गाजा के तटीय क्षेत्र में भारी बमबारी की थी। हमले में कई लोग मारे गए। इजरायल की सेना ने कहा था कि उसने हमले में डेफ को मार गिराया है। हालांकि, हमास ने ना तो मौत की पुष्टि की थी और ना ही इनकार किया था। 2014 में इजरायली हवाई हमले में डेफ की पत्नी और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई थी।

गणतंत्र दिवस परेड: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पाया पहला स्थान

गणतंत्र दिवस परेड: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पाया पहला स्थान
गणतंत्र दिवस परेड: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पाया पहला स्थान
गणतंत्र दिवस परेड: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पाया पहला स्थान
  • महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर निकली थी यूपी की झांकी
  • केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रदान की ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र

नई दिल्ली, 30 जनवरी 2025: गणतंत्र दिवस पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पहला स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय रंगशाला नई दिल्ली में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर थी यूपी की झांकी
गणतंत्र दिवस परेड पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली यूपी की झांकी इस बार ‘महाकुम्भ’ पर थी। उत्तर प्रदेश की झांकी भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रतिष्ठित “महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास को प्रदर्शित कर रही थी। यह झांकी प्रयागराज में पवित्र गंगा, अविरल यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर हो रहे महाकुम्भ के दिव्य स्वरूप को दर्शा रही थी, जो पृथ्वी पर मानवता का सबसे बड़ा समागम है।

अध्यात्म, धरोहर, विकास व डिजिटल क्रांति का संगम
2025 का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन महाकुम्भ अध्यात्म, धरोहर, विकास और डिजिटल प्रगति का संगम है। इस झांकी के केंद्र में भी यही रहा। ट्रैक्टर के आगे ‘अमृत कलश’ की आगे झुकी हुई भव्य प्रतिकृति दर्शाई गई, जिससे अमृतधारा प्रवाहित हो रही थी। साथ ही शंखनाद, आचमन और साधना करते साधु-संत और संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालुओं ने महाकुम्भ की आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत किया। योगी सरकार के नेतृत्व में हो रहे अभूतपूर्व आयोजन का दीदार देश-विदेश से आए आगंतुकों ने भी किया।

समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से भी हुए अवगत
ट्रेलर के पैनल पर अमृत (शाही) स्नान के लिए जाते अखाड़ों-श्रद्धालुओं को म्यूरल एवं एलईडी स्क्रीन के द्वारा दर्शाया गया। ट्रेलर के प्लेटफार्म पर समुद्र मंथन की पौराणिक कथा को चित्रित किया गया, जिसने महाकुम्भ के महत्व और इसकी ऐतिहासिकता को रेखांकित किया। इसके पिछले हिस्से में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को दर्शाया गया था।

सुरक्षा व क्राउड मैनेजमेंट को आईसीसीसी के माध्यम से प्रमुखता से दिखाया गया
झांकी के माध्यम से ‘महाकुम्भ 2025’ के आयोजन में अपनाई जा रही टेक्नोलॉजी, प्रबंधन और डिजिटलीकरण को भी दर्शाया गया। इसके लिए हाईटेक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को प्रमुखता से दिखाया गया, जो सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही एलईडी के माध्यम से महाकुम्भ पर्व स्नान को जाते अखाड़ों के जुलूस को प्रसारित किया गया।

महाकुम्भ 2025: रेल प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन 364 आउटवर्ड गाड़ियों का किया गया परिचालन

महाकुम्भ 2025: रेल प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन 364 आउटवर्ड गाड़ियों का किया गया परिचालन
महाकुम्भ 2025: रेल प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन 364 आउटवर्ड गाड़ियों का किया गया परिचालन
महाकुम्भ 2025: रेल प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन 364 आउटवर्ड गाड़ियों का किया गया परिचालन
  • यात्रियों की सुविधा हेतु पिछले 42 घंटे में 335 मेला स्पेशल गाड़ियों का संचालन
  • महाकुंभ मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर रेल प्रशासन की चिकित्सा टीम ने 9285 श्रद्धालुओं को दिया प्राथमिक उपचार

महाकुम्भ नगर, 30 जनवरी 2025: ज्ञात हो की महाकुंभ-2025 में आने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे सुविधाओं का सुखद अनुभव देने के लिए रेलवे प्रशासन, सिविल प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर रहा है । रेल प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन संगम में स्नान कर घर वापसी करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों से 364 आउटवर्ड गाड़ियों का परिचालन किया गया। इस अवधि में रेलवे द्वारा 77 इंवर्ड गाड़ियों का परिचालन भी किया गया। आउटवर्ड गाड़ियों में 142 नियमित और 222 महाकुंभ मेला विशेष गाड़ियां शामिल रहीं।

इसी क्रम में दिनांक 29 जनवरी 2025 एवं आज दिनांक 30 जनवरी को 18 बजे तक को महाकुंभ में मौनी अमावस्या के महापर्व के अवसर पर महाकुंभ-2025 में आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज के सभी स्टेशनों से रिकार्ड 335 ट्रेनो का परिचालन किया गया। दिनांक 29 जनवरी 2025 को 222 विशेष गाड़ियों का परिचालन किया गया। इसमें प्रयागराज जंक्शन से 104, प्रयागराज छिवकी से 23, नैनी से 17, सूबेदारगंज से 13, प्रयाग से 23, फाफामऊ से 5, प्रयागराज रामबाग से 9 एवं झूसी से 28 गाड़ियों का परिचालन किया गया। इसी क्रम में आज प्रयागराज के सभी स्टेशनों से रिकार्ड 113 विशेष गाड़ियों का परिचालन किया गया। इसमें प्रयागराज जंक्शन से 57, प्रयागराज छिवकी से 03, नैनी से 06, सूबेदारगंज से 05, प्रयाग से 11, फाफामऊ से 5, प्रयागराज रामबाग से 7 एवं झूसी से 19 सहित यात्रियों की सुविधा हेतु पिछले 24+18 घंटे में 335 मेला स्पेशल गाड़ियों का परिचालन किया गया।

मेला की पूर्ण अवधि में रेलवे द्वारा लगभग 13,450 गाड़ियों के परिचालन की योजना बनाई गई है जिसमें 10,028 नियमित गाड़ियां और 3400 से अधिक विशेष गाड़ियों का परिचालन शामिल है। अब तक 2000 से अधिक विशेष गाड़ियों का परिचालन किया जा चुका है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सारी गाड़ियों का परिचालन योजनानुसार किया जा रहा है। पूर्व दी गई सूचना के आलोक में कुछ गाड़ियों को मार्ग परिवर्तित करके चलाया जा रहा है जबकि कुछ गाड़ियों का टर्मिनल स्टेशन प्रयागराज की जगह सूबेदारगंज किया गया है।
इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे के चिकित्सा विभाग ने महाकुंभ -2025 के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करते हुए मौनी अमावस्या स्नान के दिन 9285 श्रद्धालुओं सहित 11 जनवरी, 2025 से 29 जनवरी, 2025 तक 70000 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा प्रदान की। इस दौरान विभिन्न स्टेशनो पर बनाए गए आबाजर्वेशन रूम में भी गंभीर स्थित में लाये गए श्रद्धालुओं का भी इलाज किया गया एवं स्थिति सामान्य होने के उपरांत अग्रिम इलाज हेतु रेलवे अस्पताल एवं शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया, यात्रियों की सुविधा हेतु प्रयागराज स्टेशन से सभी दिशाओं के लिए आवश्यकतानुसार गाड़ियों का लगातार संचालन किया जा रहा है। महाप्रबंधक उपेन्द्र चन्द्र जोशी वॉर रूम से तथा मंडल रेल प्रबंधक हिमांशु बडोनी कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति की मोनिटरिंग कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या जैसे ही बढ़नी शुरू हुई उत्तर मध्य रेलवे ने खुसरोबाग में स्थित होल्डिंग पॉइंट को ओपरेट कर दिया। भीड़ की स्थिति उत्पन्न न हो इसलिए खुसरोबाग से लोगों को होल्ड कर गाइडेड तरीके से प्रयागराज स्टेशन ला कर उनके गंतव्य स्टेशन की गाड़ियों में बोर्ड कराया गया।