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“क्षितिज 2025” खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर किया प्रेरित

"क्षितिज 2025" खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर किया प्रेरित
"क्षितिज 2025" खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर किया प्रेरित
"क्षितिज 2025" खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ: विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर किया प्रेरित
  • “क्षितिज 2025” खेल महोत्सव का भव्य उद्घाटन।
  • खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन।
  • भारत की अंतरिक्ष, रक्षा और फार्मा क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियों का उल्लेख।
  • मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा।
  • युवाओं को बदलते भविष्य की नौकरियों के लिए नवाचार और तकनीकी शिक्षा अपनाने की सलाह।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा – “खेल अनुशासन, संकल्प और विकास का आधार है”

लखनऊ, बीकेटी: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अंबकेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (AGI) में “क्षितिज 2025” खेल महोत्सव का उद्घाटन करते हुए युवाओं को डिजिटल शिक्षा एवं तकनीकी उन्नति के प्रति प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित कर डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

खेलों से अनुशासन, नेतृत्व और विकास का निर्माण

डॉ. राजेश्वर सिंह ने खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि –

  • खेल न केवल शारीरिक और मानसिक मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि अनुशासन, संकल्प और विकास का आधार भी होते हैं।
  • स्पोर्ट्स से लीडरशिप, टीम वर्क और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित होते हैं।
  • नियमित खेलों से मानसिक संतुलन बना रहता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है।

टैबलेट वितरण: डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा

डॉ. सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए तकनीकी शिक्षा की अनिवार्यता पर बल दिया और कहा कि –

  • 2030 तक 85 प्रतिशत नई नौकरियां अलग प्रकार की होंगी, इसलिए छात्रों को तकनीकी शिक्षा, नवाचार और रचनात्मकता को अपनाने की जरूरत है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में टैबलेट वितरण योजना युवाओं के ज्ञान और तकनीकी विकास का प्रवेश द्वार है।
  • डिजिटल लर्निंग से छात्रों की पढ़ाई आसान होगी, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।

युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए छात्रों से कहा कि –

  • “सपना वह नहीं जो आप सोते समय देखते हैं, बल्कि वह है जो आपको सोने नहीं देता।”
  • सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करना और उस दिशा में निरंतर मेहनत करना आवश्यक है।
  • आज भारत तकनीक, रक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसमें युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर चर्चा

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारत की वैश्विक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि –

  • 98 प्रतिशत चंद्रयान और मंगलयान इंजीनियर छोटे शहरों और क्षेत्रीय कॉलेजों से आए थे, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी ही भारत का भविष्य गढ़ रही है।
  • तेज गति वाली ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण में लखनऊ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
  • भारत का फार्मा सेक्टर आज दुनिया में अग्रणी बन चुका है, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा हुआ है।

उल्लेखनीय व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए राघवेन्द्र प्रताप, स्वीटी मिश्रा, जितेन्द्र मिश्रा, अंजलि पांडे, करुणेश तिवारी, विप्लव, अजय वर्मा, अमरीश वर्मा और अनुराग दवे समेत पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही एजीआई के निदेशक डॉ. आर.पी. पांडे, लखनऊ चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, अंबालिका ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष अंबिका मिश्रा समेत अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल छात्रों के बौद्धिक और तकनीकी विकास में सहायक होगा, बल्कि उन्हें अपने सपनों को साकार करने की दिशा में प्रेरित भी करेगा।

सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने अन्दपुर ग्रामसभा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापना एवं पार्क निर्माण की घोषणा

सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने अन्दपुर ग्रामसभा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापना एवं पार्क निर्माण की घोषणा
सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने अन्दपुर ग्रामसभा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापना एवं पार्क निर्माण की घोषणा
सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने अन्दपुर ग्रामसभा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापना एवं पार्क निर्माण की घोषणा

गांव के विकास को बढ़ावा देने के लिए सोलर लाइट, खेल मैदान और जरूरतमंदों को सहायता देने की पहल

  • अन्दपुर देव में उनकी स्मृति को संजोने के लिए प्रतिमा लगाई जाएगी।
  • क्षेत्रवासियों को मनोरंजन और प्रेरणा देने के लिए उनके नाम पर एक पार्क का निर्माण किया जाएगा।
  • विधायक निधि से 10 सोलर लाइट और खेल मैदान के लिए ₹50,000 की घोषणा।
  • ठंड को देखते हुए गरीबों और वंचितों के बीच कंबल वितरित किए गए।
  • ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से वरिष्ठजनों और महिलाओं को अगले महीने अयोध्या दर्शन करवाने की योजना।

लखनऊ, सरोजनीनगर: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अन्दपुर देव में शुक्रवार को श्री गणेश बाबा मंदिर में आयोजित कथा एवं पूजन कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गांववासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की तथा गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा एवं पार्क निर्माण की घोषणा

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए अन्दपुर देव में उनकी प्रतिमा की स्थापना एवं उनके नाम पर एक पार्क के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान और पराक्रम सदियों तक समाज को प्रेरित करता रहेगा। उनके नाम से बनने वाला यह पार्क गांव के युवाओं और बच्चों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगा तथा ग्रामीणों को एक सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र प्रदान करेगा।

गांव के विकास को लेकर विधायक की बड़ी घोषणाएं

ग्रामवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने विधायक निधि से 10 सोलर लाइट लगाने और खेल मैदान के लिए ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जरूरतमंदों को कंबल वितरण एवं अयोध्या दर्शन का आश्वासन

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ठंड को देखते हुए जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर में निरंतर संचालित ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से अगले महीने अन्दपुर के वरिष्ठजनों और महिलाओं को श्रीराम लला के दर्शन करवाया जाएगा। यह योजना उन बुजुर्गों और महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से अयोध्या नहीं जा सकते।

सरोजनीनगर के विकास को लेकर डॉ. राजेश्वर सिंह का संकल्प

विधायक ने कहा कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने और ऐतिहासिक विरासतों को संरक्षित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जैसी महान विभूतियों की स्मृति को जीवंत बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है और इस दिशा में यह स्मारक और पार्क एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल सरोजनीनगर के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सामाजिक कल्याण को एक नई दिशा देने का कार्य करेगी।

लखनऊ: विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर के परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा, बच्चों की स्कूल में रुचि बढ़ाने के लिए अब तक 60 विद्यालयों में 5 प्रकार के झूले लगाए गए, जल्द ही सभी स्कूलों में उपलब्ध होंगे

Dr. Rajeshwar Singh
Dr. Rajeshwar Singh
Dr. Rajeshwar Singh
  • विधायक निधि से परिषदीय विद्यालयों के आधारभूत ढांचे और सुविधाओं के विकास के लिए सहायता।
  • पहाड़पुर, अमौसी और लतीफनगर के विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब, स्टेम लैब, प्लेनेटोरियम और डिजिटल क्लासरूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गईं।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पहल से परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदल रही है, नामांकन दर 66.8% तक पहुंची।
  • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए 50% से अधिक बच्चे स्मार्टफोन से पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे तकनीकी दक्षता को बल मिलेगा।

शिक्षा के विकास में नया अध्याय, परिषदीय विद्यालयों में झूले, डिजिटल क्लासरूम और स्मार्ट सुविधाओं का विस्तार

लखनऊ, सरोजनीनगर: शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के 193 परिषदीय विद्यालयों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विस्तार के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही, प्राथमिक विद्यालय, भटगांव के नव-निर्मित गेट का उद्घाटन भी किया।

परिषदीय विद्यालयों के विकास को लेकर विधायक की प्रतिबद्धता

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता की आधारशिला है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में चल रहे मिशन प्रेरणा और मिशन कायाकल्प की सराहना करते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है।

विधायक ने आंकड़ों के आधार पर बताया कि प्रदेश के 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन अनुपात बढ़कर 66.8% तक पहुंच गया है। साथ ही, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के कक्षा 1 में पढ़ने की प्रवृत्ति में कमी आई है, जो अब 16.7% के न्यूनतम स्तर पर है। इसके अलावा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा में भी प्रगति दर्ज की गई है, जहां 79.3% बच्चे अब स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

विद्यालयों में झूले और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

शिक्षा के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए अब तक सरोजनीनगर के 60 परिषदीय विद्यालयों में 5 प्रकार के झूले लगाए गए हैं। विधायक ने घोषणा की कि जल्द ही सभी परिषदीय विद्यालयों में झूले उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों में स्कूल जाने की प्रेरणा बढ़ेगी।

डिजिटल शिक्षा और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर के पहाड़पुर, अमौसी और लतीफनगर के बेसिक स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब, स्टेम लैब, प्लेनेटोरियम, डिजिटल क्लासरूम और मल्टी प्ले स्टेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

डिजिटल साक्षरता की ओर बढ़ता कदम

भविष्य में डिजिटल साक्षरता की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विधायक ने बताया कि 14 से 16 वर्ष के 50% से अधिक बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के डिजिटलीकरण से न केवल छात्रों को नई तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है, बल्कि उन्हें आधुनिक नौकरियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य व्यक्ति

इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में ग्राम प्रधानों, स्थानीय प्राधिकरणों, प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में BEO आर. पी. यादव, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रंजीत रावत, मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत, राजेश सिंह चौहान, भटगांव ग्राम प्रधान तारा, प्रधान प्रतिनिधि विपिन कुमार पीनू, पार्षद गीता, पार्षद के. एन. सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम विलास, रमा शंकर त्रिपाठी, कृपा शंकर शुक्ला, गंगा राम भारती, जिला मंत्री रेनू सिंह, पूर्व प्रधान नटकुर पवन सिंह, पूर्व प्रधान बिजनौर सोनू माली, नगर पंचायत सभासद हुकुम सिंह, आशीष गौतम, अतुल रावत, हंशराज रावत, श्रीकृष्ण रावत, सौरभ पासी, ADO समाज कल्याण शिव कुमार वर्मा, ADO पंचायत कौशल कुमार, अधिवक्ता महेंद्र रावत, राम बाबू, शिव कुमार ‘चच्चू’, संचालक प्रकाश चन्द्र तिवारी, प्रधानाचार्या पुष्पा यादव, उप-प्रधानाचार्य राजकुमार गौतम समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सरोजनीनगर में शिक्षा क्षेत्र में निरंतर विकास

सरोजनीनगर में परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और छात्रों को डिजिटल युग के लिए तैयार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है। इस दिशा में मिशन प्रेरणा और मिशन कायाकल्प जैसी योजनाओं के माध्यम से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

यह पहल सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, छात्रों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने और डिजिटल युग की आवश्यकताओं को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

Latest Cricket Update: मुंबई इंडियंस को बड़ी सफलता, अब इंग्लैंड की लीग में भी होगी उनकी अपनी टीम

मुंबई इंडियंस के मालिक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) गुरुवार दोपहर ओवल इनविंसिबल्स में 49% हिस्सेदारी खरीदने के लिए तैयार हो गए, यह सौदा वर्चुअल नीलामी के बाद हुआ। आरआईएल अब सरे, ईसीबी और उनके वित्तीय सलाहकारों के साथ समझौते पर बातचीत करेंगे, जिससे खरीदारी प्रक्रिया पूरी होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, बर्मिंघम फीनिक्स के लिए नाइटहेड कैपिटल ने बोली जीत ली है। यह अमेरिका स्थित हेज फंड बर्मिंघम सिटी फुटबॉल क्लब के नए मालिक भी हैं और अब क्रिकेट में भी कदम रख रहे हैं।

कितने में हुई डील

आरआईएल की 49% हिस्सेदारी के लिए लगभग £60 मिलियन की बोली लगी है, क्योंकि इनविंसिबल्स का कुल मूल्य £123 मिलियन है। ईसीबी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है, और यह उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह तक अंतिम बोली और इवेलुएशन की पुष्टि होगी।

MI के पास अब 6 टीमें

आरआईएल ने सिलिकॉन वैली के टेक कंसोर्टियम (जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, और एडोब शामिल हैं) और सीवीसी जैसे निजी इक्विटी फर्मों को पीछे छोड़ दिया। इस सौदे से मुंबई इंडियंस और सरे क्लबों के बीच एक मजबूत साझेदारी बनेगी। मुंबई इंडियंस पहले से आईपीएल, डब्ल्यूपीएल, एमआई न्यूयॉर्क, एमआई केप टाउन और अन्य लीगों में शामिल है, और अब ओवल इनविंसिबल्स भी इसके अंतर्गत आएगा। यह आरआईएल की छठी टीम होगी, जिससे उसकी क्रिकेट फ्रैंचाइज़ी की ताकत और बढ़ेगी।

ईसीबी ने इस डील को काउंटी क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित करने का कदम बताया है, और उम्मीद जताई जा रही है कि यह निवेश अगले 20-25 सालों में काउंटी क्रिकेट को मजबूत बनाएगा। बिक्री से प्राप्त राजस्व को 18 फर्स्ट क्साल काउंटियों, एमसीसी और इंग्लैंड और वेल्स में मनोरंजक खेल के बीच विभाजित किया जाएगा। इस बीच, अन्य टीमों के लिए भी हिस्सेदारी की बिक्री प्रक्रिया जारी है, जिसमें लंदन स्पिरिट और वेल्श फायर जैसी टीमें शामिल हैं। सीवीसी और अन्य प्रमुख निवेशक भी इसमें भाग ले रहे हैं, जो इंग्लिश क्रिकेट के भविष्य में अहम भूमिका निभाएंगे।

हेल्थ टिप्स: कमर में खुजली और सूजन हो सकती है पेटीकोट कैंसर का संकेत, जानें इसके इलाज और बचाव के उपाय

अधिकतर भारतीय महिलाएं साड़ी पहनती हैं। लेकिन क्या आपको बता है कि साड़ी पहनने से कैंसर हो सकता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार, पारंपरिक साड़ी में टाइट नाड़े वाले पेटीकोट पहना जाता है। जिसके वजह से स्किन कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह जोखिम पेटीकोट की वजह से होता है। इसलिए इसको पेटीकोट कैंसर का नाम दिया गया है। इस कैंसर का खतरा गांव की महिलाओं में ज्यादा होता है। क्योंकि वह साड़ियां ही पहनती हैं। पेटीकोट का नाड़ा अधिक टाइट होने की वजह से कमर पर लगातार दबाव पड़ता है और नाड़े की रगड़ भी पड़ती है। जिसकी वजह से रेयर स्किन कैंसर ‘मार्जोलिन अल्सर’ हो जाता है।

मार्जोलिन अल्सर एक रेयर और अग्रेसिव स्किन कैंसर है। यह कैंसर तेज रगड़ की वजह या फिर जलने के बाद ठीक न होने वाले घावों या निशानों की वजह से होता है। यह बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन समय के साथ यह लिवर, किडनी, ब्रेन या लंग्स सहित पूरे शरीर के सभी अंगों में फैल सकता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पेटीकोट कैंसर के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि इसके लक्षण क्या हैं और बचाव या इलाज के तरीके क्या हैं।

पेटीकोट कैंसर

शरीर के किसी भी हिस्से पर अधिक प्रेशर पड़ने की वजह से खून की आवाजाही पर असर पड़ता है। अगर यह दबाव रोजाना पड़ता है, तो उस जगह की त्वचा में बदलाव आ सकता है और इससे सूजन, निशान या फिर घाव हो सकता है। वहीं यह मार्जोलिन अल्सर में भी बदल सकता है। अगर यह स्थिति पेटीकोट के टाइट नाड़े की वजह से होती है, तो इसको पेटीकोट कैंसर कहा जाता है। पेटीकोट कैंसर का मतलब रेयर स्किन कैंसर मार्जोलिन अल्सर है। मार्जोलिन अल्सर के अधिकतर लक्षण ही पेटीकोट कैंसर के भी संकेत हैं।

मार्जोलिन अल्सर होने पर स्किन में पपड़ीनुमा उभार दिखाई देता है। जिसकी वजह से त्वचा में जलन, खुजली और छाले भी हो सकते हैं। फिर यह पपड़ीनुमा उभार घाव जैसे दिखने लगते हैं। इसके आसपास कई कठोर गांठें बन जाती हैं और कई मामलों में त्वचा का रंग भी बदल जाता है।

प्रेशर सोर

जब एक ही जगह पर लगातार नाड़े का दबाव पड़ता है, तो वहां की त्वचा डैमेज होने लगती है। यह तब विकसित होते हैं, जब कोई लंबे समय तक बिस्तर पर रहता है। जब वह सही से हिल-डुल नहीं पाता है। तब हड्डियों के करीब घाव विकसित होने लगते हैं। कमर की हड्डियों के पास यह घाव विकसित होते हैं।

क्रोनिक वेनस अल्सर

बता दें कि कमर के आसपास की नसों में लगातार दबाव पड़ने से क्रोनिक वेनस अल्सर विकसित हो जाते हैं। इसमें आपको दर्द, खुजली और सूजन आदि की समस्या देखने को मिल सकती है।

अल्सर

अल्सर आम घाव की तरह होता है। इसमें त्वचा की ऊपरी सतह पर दरारें या टूटन सी नजर आने लगती है।

स्कार्स

इसमें स्किन पर टिश्यू ग्रोथ दिखती है। इसके निशान बिलकुल चोट के निशान की तरह दिखते हैं।

अगर आपको नाड़ा बांधने की जगह पर कुछ ऐसा समझ आ रहा है, तो आपको इसकी फौरन जांच करवानी चाहिए।

डॉक्टर पेटीकोट अल्सर के डाइग्नोसिस के लिए सबसे पहले मेडिकल हिस्ट्री और घाव की वजह पूछ सकते हैं। वहीं अगर डॉक्टर को कैंसर का जोखिम नजर आता है, तो वह आपको कुछ टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

बायोप्सी

त्वचा के डैमेज्ड हिस्से को बायोप्सी के लिए भी भेजा जा सकता है। वहीं कमर के आसपास की डैमेज त्वचा के हिस्से को हटा दिया जाता है और इवैल्युएशन के लिए लैब में भेजा जाता है।

MRI या CT-SCAN

अगर लैब टेस्ट में यह पता चल जाता है, तो मार्जोलिन अल्सर है तो यह अगले टेस्ट में पता लगाया जाता है। इससे पता चलता है कि शरीर में कितने हिस्से तक कैंसर फैला है। इसकी जांच के लिए डॉक्टर MRI या CT SCAN के टेस्ट के लिए कह सकते हैं।

पेटीकोट कैंसर का इलाज

आमतौर पर यह कैंसर होने पर मोह्स सर्जरी की जाती है। इसमें डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से स्किन से कैंसर सेल्स को हटा दिया जाता है। यह सर्जरी कई स्टेज में की जाती है। हर सर्जरी के पूरा होने के बाद डॉक्टर त्वचा की जांच करते हैं। अगर इस दौरान डॉक्टर को कैंसर सेल्स दिखती हैं, तो फिर से सर्जरी की जाती है। यह प्रोसेस तब तक चलता रहता है, जब तक कैंसर सेल्स खत्म नहीं हो जाता है।

सर्जरी कंप्लीट होने के बाद डॉक्टर डैमेज्ड सेल्स के हिस्से को स्किन ग्राफ्ट से ढके रहने की सलाह दे सकते हैं।

कीमोथेरेपी

यह एक तरह का ड्रग ट्रीटमेंट है। कीमोथेरेपी के जरिए शरीर के अंदर तेजी से बढ़ रही और डिवाइस हो रही सेल्स को मारने के लिए पावरफुल केमिकल्स का उपयोग किया जाता है।

रेडिएशन थेरेपी

यह थेरेपी कैंसर पेशेंट को दी जाती है। इसमें कैंसर सेल्स को मारने के लिए इंटेंस एनर्जी की किरणों का इस्तेमाल किया जाता है।

एम्पुटेशन

एम्पुटेशन में सर्जरी के माध्यम से संक्रमित अंग हटा दिया जाता है।

बता दें कि पेटीकोट कैंसर का यह मतलब नहीं है कि यह सिर्फ उन महिलाओं को हो सकता है, जो पेटीकोट पहनती हैं। दरअसल, यह मार्जोलिन अल्सर है, जो बॉडी के किसी भी हिस्से की त्वचा पर हो सकता है।

जानिए बचाव का तरीका

आप जो भी कपड़े पहन रहे हैं, उसका बेल्ट, नाड़े या इलास्टिक रबर बहुत ज्यादा टाइट न हो।

अधिक टाइट जींस या पैंट पहनने से बचना चाहिए।

आप जो भी कपड़ा पहनें, वह हल्का बांधें जिससे स्किन पर अधिक दबाव न पड़े।

कभी भी बहुत ज्यादा टाइट कपड़े नहीं पहनना चाहिए। खासतौर पर ध्यान रखें कि अंडरगारमेंट्स टाइट न हों।

अगर कमर पर लंबे समय से घाव है, तो फौरन डॉक्टर से कंसल्ट करें।

वहीं अगर स्किन के रंग में कोई बदलाव दिख रहा है या फिर गांठ महसूस हो रही है तब भी डॉक्टर से संपर्क करें।