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National Games 2025: वेटलिफ्टिंग में जगदीश विश्वकर्मा ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि रजत पदक इस खिलाड़ी के नाम रहा

महाराष्ट्र के वेटलिफ्टर वैष्णव ठाकुर ने पुरुषों के 102 किग्रा वर्ग में स्नैच में नेशनल गेम्स में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लेकिन इसके बाद भी उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा क्योंकि कुल भार में उन्हें सेना के जगदीश विश्वकर्मा ने पछाड़ दिया। जगदीश ने अपना क्लीन-एंड-जर्क प्रयास सिर्फ एक पैर पर खड़े रहकर पूरा किया। वैष्णव ने स्नैच वर्ग में 160 किग्रा वजन उठाया और 157 किग्रा के पिछले नेशनल रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया जो कि जगदीश के नाम था। लेकिन 175 किग्रा के खराब क्लीन एवं जर्क प्रयास के कारण वैष्णव कुल भार (335 किग्रा) में दूसरे स्थान पर रहे।

जगदीश विश्वकर्मा ने जीता गोल्ड मेडल 

स्नैच में केवल 152 किग्रा वजन उठाने में सफल रहे जगदीश ने क्लीन एवं जर्क में 193 किग्रा वजन उठाकर कुल 345 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि हरियाणा के हर्षित सहरावत (329 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता। जगदीश ने पिछली बार तरह इस बार भी अपने क्लीन एवं जर्क प्रयास के बाद अपना बायां पैर उठाया और सेकंड के एक पल के लिए केवल एक पैर पर खड़े रहे। हालांकि तब तक वह वजन उठा चुके थे। नेशनल गेम्स में पदक सिर्फ कुल भार वर्ग पर दिए जाते हैं।

महिला वर्ग में वंशिता वर्मा ने किया कमाल

महिलाओं के 81 किग्रा वर्ग में चंडीगढ़ की वंशिता वर्मा ने कुल 208 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 93 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 115 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया। पंजाब के मनप्रीत ने कुल 197 किग्रा (85 किग्रा स्नैच, 112 किग्रा क्लीन एवं जर्क) के साथ रजत पदक जीता, जबकि केरल की अंजना श्रीजीत ने कुल 196 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता।

पुरुषों के 109 किग्रा वर्ग में जस्थान के हरचरण सिंह ने दबदबा बनाते हुए स्नैच में 160 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 187 किग्रा वजन उठाकर कुल 347 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। मोहम्मद जमीर हुसैन (सेना) ने कुल 337 किग्रा (150 किग्रा स्नैच, 187 किग्रा क्लीन एवं जर्क) के साथ रजत पदक जीता। हरियाणा के मनीष ने क्लीन एवं जर्क में 193 किग्रा का नेशनल रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे और कुल 331 किग्रा वजन उठाकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

जोहानिसबर्ग:दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र निर्माण में हिंदू समुदाय के योगदान की सराहना की

 दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति पॉल माशातिले ने बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण (बीएपीएस) संस्था के बहु-सांस्कृतिक केंद्र और मंदिर के प्रथम चरण का उद्घाटन किया है। इस दौरान माशातिले ने कहा कि बीएपीएस के सिद्धांत दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय लोकाचार उबुंटू से मिलते-जुलते हैं। माशातिले ने स्थानीय हिंदू समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमें राष्ट्र निर्माण में हिंदू समुदाय की भूमिका पर विचार करना चाहिए। इस समुदाय की सांस्कृतिक विरासत एवं मूल्य समृद्ध हैं और इसने हमारे विविधतापूर्ण समाज के सामाजिक ताने-बाने को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।”

‘बीएपीएस मानवीय सेवा के लिए जाना जाता है’

उद्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने बीएपीएस और दक्षिण अफ्रीकी लोकाचार के बीच समानताएं रेखांकित करने का प्रयास किया। माशातिले ने बीएपीएस की विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा, “धर्म, सेवा और एकता के बीएपीएस के सिद्धांत वास्तव में साझा मानवता और अंतर संबंध में विश्वास से जुड़े हमारे राष्ट्रीय लोकाचार उबुंटू से काफी मुलते-जुलते हैं।” उन्होंने इस परियोजना को “विश्वास, संस्कृति व एकता का प्रतीक” बताया और कहा कि बीएपीएस मानवीय सेवा, सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।

माशातिले ने बीएपीएस को मदद के लिए किया आमंत्रित

माशातिले ने कहा, “नया मंदिर ना केवल पूजा स्थल, बल्कि सभी पृष्ठभूमि के लोगों के लिए शांति, ज्ञान व आध्यात्मिक समृद्धि का अभयारण्य भी बनेगा।” माशातिले ने बीएपीएस को देश की चुनौतियों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा, मादक पदार्थों के सेवन और लिंग आधारित हिंसा से निपटने में सरकार की मदद करने के लिए भी आमंत्रित किया।

Latest Bollywood News: पंचायत-गुल्लक नहीं, यह सीरीज देख उड़ जाएगी टेंशन, दूसरे सीजन का बेसब्री से इंतजार!

अमेजन प्राइम पर पंचायत के 3 सीजन आ चुके हैं, जिसमें नीना गुप्ता, जितेंद्र कुमार और रघुबीर यादव जैसे बेहतरीन कलाकार हैं। वहीं मिश्रा परिवार की जिंदगी पर बेस्ड कॉमेडी-ड्रामा गुल्लक के 4 सीजन आ चुके हैं, जिसमें जमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी, वैभव राज गुप्ता, हर्ष मायर और सुनीता राजवर हैं। इन दोनों सीरीज के सारे सीजन हिट रहे थे। अब दर्शकों को ‘पंचायत 4’ और ‘गुल्लक 5’ की रिलीज का इंतजार है। वहीं अगर आप इसी तरह की कोई बेहतरीन और शानदार सीरीज देखने की सोच रहे हैं तो हम आपको एक ऐसी नेटफ्लिक्स कोर्ट ड्रामा कॉमेडी सीरीज के बारे में बताने वाले हैं, जिसे देख आप एक पल के लिए भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। इतना ही नहीं इसकी कहानी आपकी जिंदगी जीने का नजरिया भी बदल देंगी।

पंचायत-गुल्लक इस सीरीज के आगे फेल

आज के दौर में लोगों के बीच में वेब सीरीज देखने का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है। हर कोई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अच्छी वेब सीरीज की तलाश में घंटों-घंटों लगे रहे थे, लेकिन फिर भी कुछ खास नहीं मिल पाता है। ऐसे में कुछ दर्शकों के दिमाग सिर्फ ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी बेहतरीन सीरीज का नाम आता है, लेकिन आज हम आपको इसके अलावा पैन इंडिया सुपरस्टार रवि किशन की एक ऐसी सीरीज के बारे में बताने वाले हैं, जिसका नाम ‘मामला लीगल है’ है। ये कोर्ट ड्रामा देख आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। दिल्ली के पटपड़गंज कोर्ट में वकीलों की खट्टी-मीठी दलीलों की मजेदार कहानी को दिखाया गया, जिसके हिट होते ही दूसरे सीजन का लोगों को बेसब्री से इंतजार है।

मामला लीगल है देख बोरियत होगी छूमंतर

‘मामला लीगल है’ के हिट होते ही हाल ही में मेकर्स ने मामला लीगल है सीजन 2 का ऐलान किया था, जिसकी शूटिंग भी शुरू होने वाली है। ‘ओह माय गॉड’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों के अलावा अब ये सीरीज भी बेस्ट कोर्टरूम ड्रामा की लिस्ट में शामिल हो गई है। 8 एपिसोड वाली इस सीरीज में अजीब मुकदमों की गजब कहानी को दिखाया गया है जो आपको काफी एंटरटेन करेगी। यह सीरीज पहले एपिसोड से ही हमें पटपड़गंज जिला अदालत की अनोखी दुनिया में ले जाती है। सीरीज में रवि किशन के साथ यशपाल शर्मा, नैला ग्रेवाल, अनंत जोशी और निधि बिष्ट भी हैं। सीरीज में मजाकिया अंदाज में कई वन-लाइनर्स और चुटकुलें हैं जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे। दर्शकों को पहला सीजन इतना पसंद आया है कि वह अब ‘मामला लीगल है 2’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

Iran New Ballistic Missile: युद्ध की तैयारी! ईरान ने अपनी नई बैलिस्टिक मिसाइल का किया अनावरण, जानें इसकी विनाशकारी क्षमता

 भले ही पश्चिमी देश ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लेकर परेशान हैं और उस पर मध्य पूर्व को अस्थिर करने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, इसका ईरान पर कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। ईरान ने रविवार को एक नई बैलिस्टिक मिसाइल दुनिया के सामने रखी है। ईरान ने अपनी इस नई मिसाइल को लेकर कहा कि यह 1700 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मौजूदगी में आयोजित एक समारोह में इस मिसाइल का अनावरण किया गया है।

ईरान ने मिसाइल को ‘एतेमाद’ दिया नाम

सरकारी टेलीविजन ने मिसाइल की तस्वीरें प्रसारित की हैं, जिसे फारसी में एतेमाद या ‘ट्रस्ट’ कहा गया। बताया गया कि मिसाइल की अधिकतम सीमा 1700 किलोमीटर (1,056 मील) है और यह ईरानी रक्षा मंत्रालय की ओर से निर्मित सबसे हालिया बैलिस्टिक मिसाइल है। ईरान की मिसाइल जखीर में यह सबसे नई है और इजरायल तक मार करने में सक्षम है।

ईरान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक टेलीविजन संबोधन में कहा, “रक्षा क्षमताओं और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के विकास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी देश ईरानी क्षेत्र पर हमला करने की हिम्मत ना करे।” गौर करने वाली बात यह भी है कि तेहरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा का संकेत दिया है, जो दशकों से पश्चिमी देशों के साथ तनाव का विषय रहा है।

ईरान के पास है हथियारों का भंडार

एक वक्त था जब ईरान अपने अधिकांश सैन्य उपकरण अमेरिका से प्राप्त करता था लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हालात बदल गए। अमेरिका के साथ ईरान के संबंध खराब हो गए जिसके बाद उसे खुद हथियार विकसित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 1980 और 1988 के बीच इराक के साथ युद्ध के दौरान हथियारों पर प्रतिबंध लगा था। अब ईरान के पास मिसाइलों, वायु रक्षा प्रणालियों और ड्रोन सहित घरेलू रूप से विकसित हथियारों का पर्याप्त भंडार है।

सरोजनी नगर विधायक के नाम हुई एक और बड़ी उपलब्धि: आईआईटी धनबाद ने विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को “डायरेक्टर्स अवार्ड्स फॉर सर्विंग सोसाइटी” से किया सम्मानित

  • डॉ. राजेश्वर सिंह को ‘डायरेक्टर्स अवार्ड्स फॉर सर्विंग सोसाइटी’ से सम्मानित किया गया।
  • आईआईटी धनबाद ने उनकी समाज सेवा और प्रशासनिक योगदान को मान्यता दी।
  • उन्होंने साइबर इंटेलिजेंस और प्रवर्तन निदेशालय में उल्लेखनीय कार्य किए।
  • संस्थान के 100वीं वर्षगांठ समारोह (2026) के लिए 10 लाख रुपये का योगदान दिया।
  • सम्मान समारोह में प्रतिष्ठित शिक्षाविद, प्रशासक और एलुमनाई उपस्थित रहे।

धनबाद/लखनऊ, 02 फरवरी 2025: आईआईटी धनबाद (पूर्ववर्ती इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग) ने भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को उनके समाज सेवा, प्रशासनिक कौशल और विकास कार्यों के लिए ‘डायरेक्टर्स अवार्ड्स फॉर सर्विंग सोसाइटी’ से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा द्वारा बसंत-2025 एलुमनाई रीयूनियन के वार्षिक कार्यक्रम में प्रदान किया गया। इस विशेष अवसर पर उनकी धर्मपत्नी एवं नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और बेटी राजलक्ष्मी भी उपस्थित थीं।

यह सम्मान डॉ. राजेश्वर सिंह को उनके जनहितकारी कार्यों और विधानसभा सरोजनीनगर में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। वह आईआईटी धनबाद के 1996 बैच के पूर्व छात्र हैं और अपने प्रशासनिक व राजनीतिक जीवन में उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं।

संस्थान से जुड़ी गौरवशाली यादें

सम्मान समारोह के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने अल्मा मेटर आईआईटी धनबाद की उपलब्धियों को याद किया और कहा कि यह संस्थान 99 वर्षों से तकनीकी शिक्षा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा,
“आईआईटी धनबाद ने देश को कई कुशल इंजीनियर, प्रशासक, समाज सुधारक और उद्योग जगत के दिग्गज दिए हैं। यह संस्थान भारत के कई महारत्न और नवरत्न कंपनियों जैसे कोल इंडिया, गेल, सेल के नेतृत्वकर्ता प्रदान कर चुका है, जो राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।”

उन्होंने संस्थान के छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यहाँ की शिक्षा और वातावरण अद्वितीय और अनुकरणीय है।

इंजीनियर से पुलिस सेवा तक का सफर

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने करियर की यात्रा साझा करते हुए बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वे पुलिस सेवा में जाएं। उन्होंने अपने इंजीनियरिंग ज्ञान का उपयोग साइबर इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में किया। वे राष्ट्रपति गैलंट्री मेडल से सम्मानित हुए और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में काम करते हुए सफेदपोश अपराधों और आर्थिक घोटालों पर बड़ी कार्रवाई की।

उन्होंने कहा,
“आज राजनीति में रहते हुए भी मैं अपने इंजीनियरिंग बैकग्राउंड का उपयोग करता हूँ और डिजिटल साक्षरता, सतत विकास और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा हूँ।”

आईएसएम एलुमनाई का योगदान और साथ

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा, तब आईएसएम एलुमनाई के सैकड़ों सदस्यों ने एक परिवार की तरह उनके समर्थन में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा,
“यहाँ के छात्र और पूर्व छात्र समाज और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेरा सौभाग्य है कि मैं इस गौरवशाली संस्थान का हिस्सा रहा हूँ।”

संस्थान के विकास के लिए 10 लाख रुपये का योगदान

डॉ. राजेश्वर सिंह ने संस्थान के सेंटनेरियन वर्ष (100वीं वर्षगांठ) समारोह – 2026 की तैयारियों के लिए 10 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो. मिश्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में आईआईटी धनबाद जल्द ही भारत के शीर्ष 5 टेक्नोलॉजी संस्थानों में शामिल होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस सम्मान समारोह में कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद, प्रशासक और एलुमनाई उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • प्रो. प्रेमव्रत (संस्थान अध्यक्ष, बीओजी)
  • प्रो. सुकुमार मिश्रा (संस्थान निदेशक)
  • डीडी मिश्रा (पूर्व चेयरमैन)
  • प्रो. धीरज कुमार (उप निदेशक)
  • प्रो. आर. एम. भट्टाचार्जी (डीन)
  • प्रो. बिस्वजीत पॉल एवं नीलमणि (अलुमनाई एसोसिएशन उपाध्यक्ष)
  • प्रो. सहेन्द्र सिंह (संयोजक, बसंत-2025)

यह सम्मान डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्पण, प्रशासनिक दक्षता और समाज सेवा को दर्शाता है। आईआईटी धनबाद ने अपने इस गौरवशाली एलुमनाई को सम्मानित कर यह संदेश दिया कि सच्ची शिक्षा वही है, जो समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान दे।